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छत्तीसगढ़ में वक्फ संपत्तियों की जांच के लिए केंद्रीय टीम रायपुर पहुंची

छत्तीसगढ़ में वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर केंद्र सरकार की सख्त कार्रवाई 

रायपुर — वक्फ संशोधन अधिनियम के लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ में वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। दिल्ली से 10 सदस्यीय केंद्रीय टीम रायपुर पहुंची है, जो राज्य में वक्फ संपत्तियों की जांच और निरीक्षण कर रही है। इस टीम में छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज भी शामिल हैं।

शुक्रवार को टीम ने रायपुर के टिकरापारा स्थित फतेह शाह मार्केट सहित अन्य वक्फ संपत्तियों का निरीक्षण किया। डॉ. सलीम राज ने बताया कि छत्तीसगढ़ में वक्फ बोर्ड के पास लगभग 5,000 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जिसमें से 85% से अधिक पर अवैध कब्जा है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज के कुछ वरिष्ठ लोग और तथाकथित ठेकेदार इन संपत्तियों पर कब्जा जमाए हुए हैं।

वक्फ बोर्ड ने अवैध कब्जों को हटाने के लिए कलेक्टर और पंजीयन रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर फर्जी रजिस्ट्रियों को शून्य घोषित करने की मांग की है। डॉ. सलीम राज ने कहा कि वक्फ संपत्तियों को भूमाफियाओं से मुक्त कराकर मुस्लिम समाज के कल्याण के लिए उपयोग में लाया जाएगा।

विधायक अनुज शर्मा ने वक्फ संशोधन अधिनियम को ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि इससे वक्फ संपत्तियों पर पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि अब वक्फ ट्रिब्यूनल के निर्णयों को न्यायालय में चुनौती दी जा सकेगी, जो पहले संभव नहीं था।

केंद्र सरकार की यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में वक्फ संपत्तियों पर पारदर्शिता लाने और अवैध कब्जों को हटाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

रेलवे का बड़ा कदम: छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र को 240 किमी डबल लाइन परियोजना की सौगात

केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के रेल नेटवर्क को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के गोंदिया-बल्लारशाह सेक्शन में रेल लाइन के दोहरीकरण की परियोजना को मंजूरी दे दी गई है। यह 240 किलोमीटर लंबी डबल लाइन परियोजना अब आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस महत्वाकांक्षी परियोजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना पर करीब 4,819 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके तहत छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र का तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से रेल संपर्क बेहतर होगा, जिससे क्षेत्रीय और अंतर्राज्यीय आवागमन को नई गति मिलेगी।

परियोजना से जुड़े लाभों की चर्चा करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि यह डबल लाइन योजना माल और यात्री परिवहन की गति और सुविधा में वृद्धि लाएगी। ट्रेनों की रफ्तार बढ़ने से यात्रा समय में कमी आएगी और भीड़भाड़ की समस्या से भी राहत मिलेगी।

इसके अलावा, इस दोहरीकरण परियोजना को क्षेत्रीय विकास के लिए भी महत्वपूर्ण बताया गया है। रेल संपर्क बेहतर होने से औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

यह परियोजना न केवल रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में सहायक होगी, बल्कि देश के समग्र विकास एजेंडे को भी आगे बढ़ाएगी।

छत्तीसगढ़ जेलों में भीड़ पर हाईकोर्ट सख्त, बेमेतरा में मई तक शुरू होगी ओपन जेल, जून 2025 तक मांगा विस्तृत जवाब

बिलासपुर।

प्रदेश की जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों की भीड़ और अमानवीय जीवन परिस्थितियों को लेकर दायर जनहित याचिका पर शुक्रवार को बिलासपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य शासन ने कोर्ट को जानकारी दी कि बेमेतरा में 500 कैदियों की क्षमता वाली ओपन जेल का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और इसे मई 2025 के अंत तक शुरू किया जाएगा।

शासन ने अदालत को बताया कि रायपुर और बिलासपुर में नई विशेष जेलों का निर्माण भी जारी है। रायपुर में 4000 और बिलासपुर में 1500 बंदियों की क्षमता वाली जेल बनाई जा रही है। कोर्ट ने रायपुर और बिलासपुर में जेल विस्तार कार्य की प्रगति रिपोर्ट भी मांगी है।

हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने अगली सुनवाई जून 2025 के लिए तय करते हुए निर्देश दिया कि शासन इस मामले में विस्तृत प्रगति रिपोर्ट पेश करे। अदालत ने स्पष्ट किया कि जेलों में भीड़भाड़ की समस्या को लेकर सरकार को गंभीर और प्रभावी कदम उठाने होंगे।

यह याचिका प्रदेश की जेलों में बदतर स्थिति, ओवरक्राउडिंग और कैदियों के मूलभूत अधिकारों के उल्लंघन को लेकर दायर की गई थी। मामले की अगली सुनवाई तक हाईकोर्ट ने शासन को सभी संबंधित योजनाओं की अद्यतन स्थिति और भावी योजनाओं की जानकारी देने को कहा है।

दलित युवक को नग्न कर पीटा गया, वीडियो वायरल: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से शर्मनाक घटना

सक्ती, छत्तीसगढ़ | 11 अप्रैल 2025 —

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जहां एक दलित युवक को नग्न कर सार्वजनिक रूप से पीटा गया। यह अमानवीय घटना मालखरौदा थाना क्षेत्र के ग्राम बड़े रबेली की है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

मामला 9 अप्रैल की रात का है, जब युवक अपनी प्रेमिका से मिलने गांव पहुंचा था। लड़की नाबालिग बताई जा रही है। ग्रामीणों ने युवक को देख लिया और उसे पकड़कर पहले जमकर पीटा और फिर अगली सुबह गांव के बीच चौराहे पर नग्न कर बेरहमी से पिटाई की।

युवक के साथ क्रूरता की हदें पार

पीड़ित युवक पानी के लिए गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन किसी ने उसे पीने का पानी तक नहीं दिया। मारपीट से युवक के सिर, आंख और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। उसे गंभीर हालत में रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

गांव बना मूकदर्शक

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मारपीट के समय गांव के अधिकांश लोग मूकदर्शक बने रहे। कुछ लोगों ने जब युवक को बचाने की कोशिश की, तो उन्हें भी वहां से हटा दिया गया।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

सक्ती एसडीओपी मनीष कुंवर ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। पीड़ित का बयान लिया जा रहा है और नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर आक्रोश

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग कर रहे हैं।

यह घटना समाज में फैले जातीय भेदभाव और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त  कार्रवाई की जाएगी।

दिव्यांगों के लिए रायपुर में नि:शुल्क शिविर – 13 अप्रैल को होगा आयोजन

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राजधानी रायपुर के एमजी रोड स्थित जैन दादा बाड़ी में 13 अप्रैल, रविवार को दिव्यांगजनों के लिए एक विशेष नि:शुल्क शिविर आयोजित किया जा रहा है। यह शिविर प्रातः 8 बजे से सायं 5 बजे तक चलेगा। राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त नारायण सेवा संस्थान के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में दिव्यांगजनों की जांच विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा की जाएगी। शिविर में भाग लेने के लिए दिव्यांगजनों को आधार कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, और दो पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाना अनिवार्य है। अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नम्बर 70235-09999 पर संपर्क किया जा सकता है।

विशेषज्ञों की टीम द्वारा जांच और माप प्रक्रिया

नारायण सेवा संस्थान द्वारा आयोजित यह शिविर ‘कुआं प्यासे के पास’ योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया है, जिसमें अनुभवी ऑर्थोटिस्ट एवं प्रॉस्थेटिक डॉक्टर्स की टीम दिव्यांगजनों की जांच करेगी। जिन लोगों ने किसी हादसे या बीमारी के कारण हाथ-पैर गंवाए हैं या पुराने भारी कृत्रिम अंगों के कारण तकलीफ झेल रहे हैं, उन्हें यहां मॉड्यूलर और हल्के कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जाएंगे। शिविर में दिव्यांगों के लिए कास्टिंग और माप प्रक्रिया कराई जाएगी, और लगभग दो माह बाद एक अलग शिविर में उन्हें उनके नाप के अनुरूप नि:शुल्क कृत्रिम अंग फिट किए जाएंगे।

नि:शुल्क भोजन और सुविधाएं

शिविर में आने वाले सभी दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क भोजन, चाय व अल्पाहार की व्यवस्था की गई है। शिविर का उद्देश्य है दिव्यांगों को आत्मनिर्भर और सशक्त जीवन की ओर अग्रसर करना।

40 वर्षों से मानव सेवा में समर्पित संस्थान

1985 से स्थापित नारायण सेवा संस्थान मानवता और दिव्यांग सेवा के क्षेत्र में पिछले 40 वर्षों से कार्यरत है। संस्थान के संस्थापक पद्मश्री कैलाश मानव जी की प्रेरणा से यह संस्था हजारों दिव्यांगों के जीवन में रोशनी ला चुकी है। संस्थान के अध्यक्ष प्रशान्त अग्रवाल ने मेडिकल, शिक्षा, कौशल विकास और खेल अकादमी के माध्यम से लाखों दिव्यांगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा है। संस्थान अब तक 40,000 से अधिक कृत्रिम अंगों का वितरण कर चुका है और छत्तीसगढ़ के दिव्यांगजनों को भी इसका लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

रायपुर थाने में हंगामा: ढाबे वाले से विवाद के बाद थाने पहुंचे युवकों ने ASI का कॉलर पकड़ा, FIR दर्ज

रायपुर। शहर के आमानाका थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। गुरुवार देर रात करीब 12 से 1 बजे के बीच थाने में जमकर हंगामा हुआ। ढाबे वाले से विवाद के बाद आधा दर्जन युवक थाने पहुंचे और वहां ड्यूटी पर तैनात एएसआई (ASI) और नाइट पेट्रोलिंग स्टाफ से भिड़ गए। इस दौरान आरोपियों ने एएसआई का कॉलर पकड़ लिया, जिससे वह धक्का लगने के कारण जमीन पर गिर गए।

ढाबे पर हुआ विवाद बना हंगामे की वजह

पुलिस सूत्रों के अनुसार, हर्षदीप, आकाश जांगड़े, राधे यदु और अन्य युवक आमानाका क्षेत्र के एक ढाबे में खाना खाने गए थे। वहां किसी बात को लेकर ढाबा संचालक से कहासुनी हो गई। मामला इतना बढ़ा कि ढाबा संचालक थाने पहुंच गया। उसके पीछे-पीछे सभी युवक भी थाने आ धमके।

थाने में की बदसलूकी, पुलिस पर किया हमला

थाने में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत की। पुलिस जब मामले की जांच कर रही थी, तब आरोपी युवक आक्रोशित हो गए और उन्होंने थाने में मौजूद एएसआई रमेश चंद्र यादव व अन्य स्टाफ के साथ अभद्रता शुरू कर दी। आरोप है कि युवकों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए एएसआई का कॉलर पकड़ लिया और धक्का-मुक्की की। इस झड़प में एएसआई यादव जमीन पर गिर गए।

पुलिस ने दर्ज की FIR, आरोपियों पर सख्त कार्रवाई

थाने में हुए इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हर्षदीप, आकाश जांगड़े, राधे यदु समेत अन्य युवकों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट और शासकीय कर्मचारी से दुर्व्यवहार की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच की जा रही है और आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: सरगुजा संभाग से 800 श्रद्धालु रवाना, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दिखाई हरी झंडी

अंबिकापुर, छत्तीसगढ़ | 10 अप्रैल 2025:

छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत आज सरगुजा संभाग से लगभग 800 श्रद्धालु उज्जैन, ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर जैसे पवित्र तीर्थ स्थलों के दर्शन हेतु रवाना हुए। श्रद्धालुओं को अंबिकापुर रेलवे स्टेशन से भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन के माध्यम से रवाना किया गया।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर यात्रा का शुभारंभ किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह योजना केवल तीर्थ यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य नागरिकों को उनकी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना भी है।

मुख्यमंत्री की विशेष पहल:

मंत्री राजवाड़े ने अपने संबोधन में बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल पर शुरू की गई यह योजना बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, विधवा और परित्यक्ता महिलाओं के लिए आशा की एक नई किरण है।

मंत्री ने की श्रद्धालुओं के साथ यात्रा:

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े स्वयं भी ट्रेन में सवार होकर सूरजपुर तक श्रद्धालुओं के साथ यात्रा की। सूरजपुर स्टेशन से 288 तीर्थ यात्रियों को ट्रेन में सम्मिलित किया गया। इसके बाद बैकुंठपुर स्टेशन से कोरिया एवं मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिलों के श्रद्धालु भी यात्रा में शामिल हुए।

निःशुल्क सुविधाएं:

सरकार द्वारा तीर्थ यात्रा के दौरान भोजन, आवास, स्वास्थ्य सेवाएं समेत सभी आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जाती हैं। इस योजना से न सिर्फ वरिष्ठ नागरिकों को आध्यात्मिक लाभ मिल रहा है, बल्कि उनके मन को भी शांति और संतोष की अनुभूति हो रही है।

अब IG नहीं DG होंगे EOW के प्रमुख: छत्तीसगढ़ सरकार ने जारी की नई अधिसूचना, देखें 118 विभागों के HOD की लिस्ट 26 मार्च 2025 को जारी हुआ बड़ा प्रशासनिक फैसला

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य प्रशासन में एक बड़ा बदलाव करते हुए 118 विभागों के प्रमुखों की नई लिस्ट जारी की है। इसके तहत कई अधिकारियों को विभागाध्यक्ष (Head of Department) का दर्जा दिया गया है। खास बात यह है कि आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) के प्रमुख पद को लेकर बड़ा फेरबदल किया गया है।

अब तक IG रैंक के अधिकारी EOW का नेतृत्व कर रहे थे, लेकिन सरकार की नई अधिसूचना के अनुसार अब इस पद पर DG यानी महानिदेशक स्तर के अधिकारी तैनात होंगे। इस बदलाव का उद्देश्य आर्थिक अपराधों की जांच को और अधिक प्रभावी व सशक्त बनाना है।

118 HOD की नई लिस्ट जारी

राज्य सरकार की ओर से जारी इस आदेश में कुल 118 अधिकारियों के नाम शामिल हैं, जिन्हें विभागाध्यक्ष के रूप में अधिकृत किया गया है। इन सभी अधिकारियों को अब उनके-अपने विभागों में टॉप पोजिशन पर माना जाएगा और उनके पास अधिक अधिकार और जिम्मेदारियां होंगी।

आदेश की खास बातें:

यह आदेश छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त विभाग द्वारा 26 मार्च 2025 को जारी किया गया है।आदेश को राज्यपाल की मंजूरी के बाद लागू किया गया है।

अधिसूचना को अतिरिक्त सचिव ए.के. सिंह द्वारा राज्यपाल के नाम से नोटिफाई किया गया है।

यह आदेश पुराने नियमों को अपडेट करते हुए जारी किया गया है, जिसमें नए नामों को शामिल किया गया है।

 

इस आदेश की जरूरत क्यों पड़ी?

सरकारी प्रशासन में स्पष्टता लाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह आदेश जारी किया गया है। इससे यह तय हो गया है कि किस विभाग का नेतृत्व कौन करेगा और किसके पास क्या अधिकार होंगे। इससे न केवल प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

​जम्मू-कश्मीर में 83,742 बाहरी लोगों को अधिवास प्रमाण पत्र जारी: क्या यह जनसांख्यिकीय परिवर्तन की शुरुआत?

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जम्मू और कश्मीर सरकार ने पिछले दो वर्षों में 83,742 गैर-स्थानीय निवासियों को अधिवास प्रमाण पत्र जारी किए हैं। राजस्व विभाग के अनुसार, इस अवधि में कुल 35,12,184 अधिवास प्रमाण पत्र जारी किए गए, जिनमें से 83,742 गैर-स्थानीय निवासियों को प्रदान किए गए हैं。

2019 में अनुच्छेद 370 के निरसन के बाद, मई 2020 में जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने ‘जम्मू और कश्मीर अधिवास प्रमाण पत्र (प्रक्रिया) नियम 2020’ अधिसूचित किया, जिसने केंद्र शासित प्रदेश में अधिवास प्रमाण पत्र जारी करने के नियमों को परिभाषित किया। इन नए नियमों के तहत, वे लोग जो जम्मू और कश्मीर में 15 वर्षों से रह रहे हैं या जिन्होंने यहाँ सात वर्षों तक अध्ययन किया है और 10वीं या 12वीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की है, अधिवास प्रमाण पत्र के लिए पात्र हैं।

पूर्व में, जम्मू और कश्मीर के संविधान के अनुसार, केवल स्थायी निवासियों को सरकारी नौकरियों और संपत्ति खरीदने का अधिकार था। हालांकि, नए नियमों के लागू होने के बाद, पश्चिमी पाकिस्तान के शरणार्थियों, सफाई कर्मचारियों और उन महिलाओं के बच्चों को अधिवास प्रमाण पत्र प्राप्त करने की अनुमति मिली, जिन्होंने जम्मू और कश्मीर के बाहर विवाह किया था।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के विधायक वहीद उर रहमान पारा ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की है और मांग की है कि इस प्रक्रिया की जांच की जाए। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि इसे पूरी तरह से रद्द किया जाए। चूंकि प्रमाण पत्र सरकारी नौकरियों के लिए एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है, यहाँ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी हैं जिन्हें अधिवास प्रमाण पत्र प्राप्त करने की आवश्यकता है।”

इन परिवर्तनों के परिणामस्वरूप, अब गैर-स्थानीय निवासी भी जम्मू और कश्मीर में सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन कर सकते हैं और संपत्ति खरीद सकते हैं, जो पहले संभव नहीं था।

क्या नवा रायपुर बनेगा नया इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी? छत्तीसगढ़ सरकार की बड़ी योजना आई सामने

छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रॉनिक्स और ईवी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर में अत्याधुनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना!

नवा रायपुर, अप्रैल 2025: छत्तीसगढ़ सरकार ने नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में अत्याधुनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) की स्थापना की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में शुरू की गई यह पहल राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण क्षेत्र को गति देगी।

3.23 एकड़ में फैले इस सेंटर में पीसीबी प्रोटोटाइपिंग, 3डी प्रिंटिंग, ईएमसी परीक्षण और विश्वसनीयता परीक्षण जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। यह सेंटर सेमीकंडक्टर, एलईडी लाइटिंग, सोलर चार्ज कंट्रोलर, ईवी कंपोनेंट्स, ऑटोमेशन सिस्टम और एससीएडीए पैनल निर्माण जैसी इकाइयों को सहयोग प्रदान करेगा।

108.43 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार की EMC 2.0 योजना के तहत वित्त पोषित किया गया है, जिसमें ₹75 करोड़ केंद्र से और ₹33.43 करोड़ राज्य सरकार से योगदान दिया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह सेंटर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएगा और तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करेगा। यह छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में देशभर में अग्रणी राज्य बनने की दिशा में ले जाएगा।