Home Blog Page 217

रायपुर-बिरगांव समाचार: कुत्ता खरीदने के पैसे नहीं देने पर बेटे ने बुजुर्ग मां की हत्या की

रायपुर के बिरगांव स्थित उरला इलाके में एक बेटे ने अपनी मां की हत्या कर दी, क्योंकि वह उसे 200 रुपए नहीं दे सकी। आरोपी ने अपनी मां को महज इस कारण से मार डाला कि वह उसे जर्मन शैफर्ड कुत्ता खरीदने के लिए 200 रुपए देने से इंकार कर दी थी। आरोपी ने हथौड़ी से बुजुर्ग मां पर कई बार वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के दौरान बचाव करने आई पत्नी भी आरोपी के हमले से गंभीर रूप से घायल हो गई। आरोपी ने घटना के बाद फरार होने से पहले अपनी मां की हत्या की और पत्नी को घायल किया।

घटना की जानकारी

पुलिस के अनुसार, नागेश्वर नगर निवासी प्रदीप देवांगन (45) एक ई-रिक्शा चालक है। गुरुवार रात घर नहीं लौटने के बाद, वह शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे घर आया और अपनी 70 वर्षीय मां गणेशी देवांगन से 200 रुपए मांगे। प्रदीप ने बताया कि वह जर्मन शैफर्ड कुत्ता खरीदना चाहता है, जिसके लिए उसे 800 रुपए चाहिए थे, लेकिन उसके पास 600 रुपए थे और 200 रुपए की और जरूरत थी। जब मां ने पैसे देने से मना कर दिया, तो गुस्से में आकर प्रदीप ने लोहे की हथौड़ी से अपनी मां पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

जब पत्नी रामेश्वरी ने बचाव करने की कोशिश की, तो प्रदीप ने उन पर भी कई वार किए। उनका 15 साल का बेटा यह देखकर डर गया और मोहल्ले वालों को बुलाया। जब मोहल्ले वाले पहुंचे, तो प्रदीप मां की हत्या कर भाग चुका था। घायल बहू और मृतका को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने गणेशी को मृत घोषित कर दिया।

आरोपी का बैकग्राउंड

आरोपी प्रदीप देवांगन की सनकी प्रवृत्ति थी। उसे नगर निगम में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी, लेकिन सही तरीके से काम न करने के कारण उसे नौकरी से निकाल दिया गया। इसके बाद वह कभी-कभी ई-रिक्शा चलाता था और अक्सर नशा करता था। मृतका गणेशी को पेंशन मिलती थी, जिससे घर चल रहा था। हत्या के बाद आरोपी फरार हो गया है, और उरला पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।

रायपुर न्यूज़: छत्तीसगढ़ में 33 माओवादी आत्मसमर्पण, अमित शाह ने शेष नक्सलियों से हथियार डालने की अपील की

रायपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर जिलों में शुक्रवार को कुल 33 माओवादियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण किया। इन माओवादियों पर कुल मिलाकर 50 लाख रुपये से अधिक का इनाम था। इस दौरान, 22 माओवादी, जिनमें 9 महिलाएं भी शामिल थीं, पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किए। बाद में, 11 अन्य माओवादी, जिनमें दो महिलाएं भी थीं, पुलिस अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिए।

पुलिस ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को राज्य सरकार की नई पुनर्वास नीति के तहत 50,000 रुपये मिलेंगे, साथ ही वे अपने द्वारा लिए गए इनाम की राशि भी प्राप्त करेंगे।

सुकमा के एसपी किरण चौहान ने बताया, “इनमें से 11 माओवादी सुकमा के बडेसत्ती गांव से हैं। इन आत्मसमर्पणों के बाद, इस गांव के ग्राम पंचायत ने खुद को नक्सल-मुक्त घोषित किया है। अब इसे नक्सल-मुक्त घोषित करने के बाद सरकार के फैसले के तहत 1 करोड़ रुपये का विकास कार्य मिलेगा।”

आत्मसमर्पण करने वालों में कुछ प्रमुख नाम शामिल हैं, जिनमें मुचकी जोगा (33), जो PLGA (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) कंपनी नंबर 1 के डिप्टी कमांडर थे, और उनकी पत्नी मुचकी जोगी (28), जो उसी स्क्वाड की सदस्य थीं, जिनके ऊपर 8 लाख रुपये का इनाम था। इसके अलावा किकिड देव (30) और मनोज उर्फ डुधी बुधरा (28), जो माओवादी क्षेत्रीय समिति के सदस्य थे, पर 5 लाख रुपये का इनाम था।

कुल मिलाकर, 7 आत्मसमर्पित माओवादी ऐसे थे, जिनके ऊपर 2 लाख रुपये का इनाम था, जबकि एक अन्य नक्सली पर 50,000 रुपये का इनाम था।

केंद्र सरकार के गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ पुलिस और सुरक्षा बलों की इस सफलता की सराहना करते हुए X पर पोस्ट किया, “कोबरा कमांडो और छत्तीसगढ़ पुलिस ने बीजापुर जिले में विभिन्न ऑपरेशनों में 22 कुख्यात नक्सलियों को आधुनिक हथियारों और विस्फोटक सामग्रियों के साथ गिरफ्तार किया। इसके अलावा, 11 नक्सलियों ने सुकमा के बडेसत्ती पंचायत में आत्मसमर्पण किया, जिसके कारण यह पंचायत पूरी तरह से नक्सल-मुक्त हो गई।”

अमित शाह ने इस अवसर पर मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को समाप्त करने का संकल्प दोहराते हुए शेष नक्सलियों से हथियार डालने और मोदी सरकार की आत्मसमर्पण नीति अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा, “मैं छिपे हुए नक्सलियों से आग्रह करता हूं कि वे जल्द से जल्द हथियार डालें और मुख्यधारा में शामिल हों। हम 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद से भारत को मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

रायपुर न्यूज़: बीएड प्रशिक्षित बर्खास्त सहायक शिक्षकों का आंदोलन समाप्त, मुख्यमंत्री साय से मुलाकात के बाद बनी सहमति

रायपुर, छत्तीसगढ़: बीएड प्रशिक्षित बर्खास्त सहायक शिक्षकों का 126 दिनों से जारी आंदोलन शुक्रवार को समाप्त हो गया। यह निर्णय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात और सकारात्मक संवाद के बाद लिया गया।

आज शुक्रवार को बीएड प्रशिक्षित बर्खास्त सहायक शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के रायपुर स्थित निवास कार्यालय में उनसे मुलाकात की। इस दौरान एक आत्मीय और संवेदनशील चर्चा हुई, जिसके बाद शिक्षकों ने आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाते हुए कहा, “आप सब हमारे परिवार का हिस्सा हैं। आपकी समस्याएं हमारी अपनी हैं। सरकार इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक और गंभीरता से विचार कर रही है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शासन स्तर पर इस मामले के समाधान हेतु हरसंभव सकारात्मक प्रयास जारी हैं।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद प्रतिनिधिमंडल ने सरकार की संवेदनशीलता और आश्वासन को देखते हुए आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव पी. दयानंद, राहुल भगत, और डॉ. बसवराजु एस भी उपस्थित रहे।

इस निर्णय से राज्य में शिक्षा व्यवस्था के प्रभावित क्षेत्रों में स्थिरता आने की उम्मीद है, और सरकार व शिक्षकों के बीच संवाद और विश्वास का एक नया दौर शुरू हुआ है।

रायपुर न्यूज़: गर्मी में राहत – यातायात पुलिस को मिली छतरी, पानी की बोतल और इलेक्ट्रॉल पाउडर

रायपुर, छत्तीसगढ़: तेज गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए रायपुर पुलिस ने चौक-चौराहों पर तैनात यातायात पुलिसकर्मियों के लिए विशेष राहत योजना शुरू की है। इसके तहत पुलिसकर्मियों को छांव में ड्यूटी करने के लिए छतरियां उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही उन्हें पानी की बोतल और इलेक्ट्रॉल पाउडर भी वितरित किए गए हैं ताकि डिहाइड्रेशन से बचाव हो सके।

एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशानुसार यह पहल की गई है। उन्होंने सभी ट्रैफिक ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे ड्यूटी के दौरान हमेशा पानी की बोतल साथ रखें, नियमित रूप से इलेक्ट्रॉल पाउडर का सेवन करें और छतरी के नीचे खड़े रहकर कार्य करें।

उक्त निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) डॉ. प्रशांत शुक्ला, उप पुलिस अधीक्षक सतीश ठाकुर और गुरजीत सिंह की उपस्थिति में एक वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने खुद यातायात कर्मियों को पानी की बोतल, इलेक्ट्रॉल पाउडर और छतरियां सौंपीं।

एसएसपी ने यह भी कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम और सुरक्षित बनाए रखने के लिए सभी पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें।

इस पहल के लिए उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) गुरजीत सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की पहल से पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ता है और वे बेहतर सेवा देने के लिए प्रेरित होते हैं।

रायपुर न्यूज़: छत्तीसगढ़ में विदेशी गांजा जब्त, मुंबई से मंगवाया गया था रायपुर — दो तस्कर गिरफ्तार

रायपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विदेशी गांजे की बड़ी खेप जब्त की है और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पहली कार्रवाई रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र में हुई, जहां पुलिस ने भाठागांव बस स्टैंड के पास एक व्यक्ति को 15.25 ग्राम विदेशी गांजे के साथ रंगे हाथों पकड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान तेलीबांधा निवासी तुषाल मूलचंदानी के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, तुषाल बस स्टैंड के पास स्थित शुलभ शौचालय के पास अवैध रूप से गांजा बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि यह गांजा उसके दोस्त पंकज चावला (निवासी रायपुर) ने मुंबई से मंगवाकर उसे दिया था और वह इसे ग्राहक को सौंपने आया था।

वहीं दूसरी ओर, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट को गंज थाना क्षेत्र के नहरपारा रोड स्थित आत्मानंद स्कूल के पास एक संदिग्ध व्यक्ति की सूचना मिली। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर व्यक्ति को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम संदीप श्रीवास (निवासी मुंगेली) बताया।

पुलिस द्वारा की गई तलाशी में संदीप के थैले से 5 किलो 950 ग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत लगभग ₹60,000 आंकी गई है।

दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह मादक पदार्थ कहां से आ रहा है और इसमें और कौन-कौन शामिल हैं।

एक्शन में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े: विभागीय योजनाओं में लापरवाही पर जिला कार्यक्रम अधिकारी किशन टंडन निलंबित

बालोद, छत्तीसगढ़ — महिला एवं बाल विकास विभाग ने कर्तव्यों में घोर लापरवाही और विभागीय योजनाओं के संचालन में गंभीर अनियमितताओं के चलते बालोद जिले के जिला कार्यक्रम अधिकारी किशन टंडन क्रांति को निलंबित कर दिया है। विभाग की ओर से इस आशय का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है।

यह कार्रवाई महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के 15 अप्रैल को बालोद दौरे के बाद की गई है। दौरे के दौरान मंत्री ने विभिन्न शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर खामियां उजागर हुईं। निरीक्षण के समय जिला कार्यक्रम अधिकारी टंडन मुख्यालय से अनुपस्थित पाए गए, जबकि उनकी उपस्थिति अपेक्षित थी।

निरीक्षण के दौरान आंगनवाड़ी केंद्र पाररास (इंदिरा गांधी वार्ड क्रमांक 18/1) में फर्जी उपस्थिति दर्ज, पोषण ट्रैकर ऐप में अधूरी प्रविष्टियां, सखी वन स्टॉप सेंटर की निष्क्रियता और करकाभांठ केंद्र में साफ-सफाई की घोर कमी जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके अतिरिक्त, टंडन पर विभागीय बैठकों में नियमित अनुपस्थिति का आरोप भी लगाया गया है।

इन खामियों को लेकर मंत्री राजवाड़े ने समीक्षा बैठक में कड़ी नाराज़गी जाहिर की और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके परिणामस्वरूप, किशन टंडन को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें बिलासपुर स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग में स्थानांतरित किया गया है, जहां उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

यह कार्रवाई महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक सख्त कदम माना जा रहा है।

Raipur Crime News: सूने मकानों को बना रहा था निशाना, छह घरों में चोरी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार

रायपुर, 19 अप्रैल: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शहर के गुढ़ियारी और खमतराई थाना क्षेत्रों में छह सूने मकानों को निशाना बनाने वाले शातिर चोर को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी की पहचान जागेश उर्फ जग्गू चौहान के रूप में हुई है, जो पूर्व में हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों में जेल जा चुका है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी एक्टिवा स्कूटर से विभिन्न कॉलोनियों में घूम-घूमकर सूने घरों की रेकी करता था और मौका पाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी के पास से चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवर, 8 गैस सिलेंडर, एक एलईडी टीवी, दो मोबाइल फोन, 1 टीन खाने का तेल और 900 रुपये नगद जब्त किए गए हैं। इसके अलावा चोरी में इस्तेमाल की गई एक्टिवा स्कूटर भी जब्त की गई है। कुल जब्त सामान की कीमत करीब 5.50 लाख रुपये आंकी गई है।

 

जांच के दौरान सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही थाना गुढ़ियारी में एक और थाना खमतराई में पांच चोरी के मामले दर्ज हैं। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उससे जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे घर छोड़ने से पहले सुरक्षा के उचित इंतजाम करें और पड़ोसियों को सूचित करें, ताकि इस तरह की वारदातों से बचा जा सके।

CG News: रायपुर को मिली 100 ई-सिटी बसें, सस्ती और स्वच्छ यातायात सेवा का रास्ता साफ

रायपुर, 19 अप्रैल: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जल्द ही सस्ती और प्रदूषण मुक्त यातायात सेवा की शुरुआत होने जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत 100 इलेक्ट्रिक सिटी बसों के संचालन का रास्ता अब साफ हो गया है। लंबे इंतजार के बाद चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड, अहमदाबाद को बस संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, 62.20 रुपए प्रति किलोमीटर की दर से ई-बसों का संचालन किया जाएगा। ये बसें न सिर्फ रायपुर शहर बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लिए भी चलाई जाएंगी। इससे राजधानी के 70 वार्डों समेत अन्य छोटे शहरों में यात्रा करना सस्ता और सुविधाजनक हो जाएगा।

इससे पहले सिटी बसों का ठेका मनीष ट्रेवल्स को दिया गया था, लेकिन 67 में से सिर्फ 25-30 बसें ही संचालित हो पाई थीं। वहीं, ई-बसों के संचालन से न केवल सार्वजनिक परिवहन सुलभ होगा, बल्कि प्रदूषण में भी काफी कमी आने की उम्मीद है।

हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बसें कब तक राजधानी में सड़कों पर दौड़ेंगी। निगम के कार्यपालन अभियंता प्रदीप यादव के अनुसार, डिपो निर्माण का कार्य अगले महीने शुरू होगा और तैयारियों में तेजी लाई जा रही है।

रायपुरवासियों को बीते दो वर्षों से ई-बसों की सुविधा देने का वादा किया गया था, जो अब धीरे-धीरे साकार होता दिख रहा है।

छत्तीसगढ़: महादेव सट्टा घोटाले में पूर्व IAS अनिल टुटेजा के घर CBI का छापा, कई दस्तावेज़ जब्त

रायपुर, 19 अप्रैल: छत्तीसगढ़ में जारी हाई-प्रोफाइल घोटालों की जांच के सिलसिले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार सुबह राजधानी रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा के आवास पर छापेमारी की। यह कार्रवाई महादेव ऑनलाइन सट्टा रैकेट, शराब घोटाला और कोयला घोटाले जैसे मामलों की गहराई से जांच के तहत की गई है।

CBI की यह विशेष टीम दिल्ली से रायपुर पहुंची थी और सुबह-सवेरे टुटेजा के घर पर दबिश दी। छापे के दौरान टुटेजा की पत्नी, बेटे और परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ की गई। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने बड़ी मात्रा में दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की है, जो उनके कार्यकाल के दौरान वित्तीय अनियमितताओं और सत्ता के दुरुपयोग से संबंधित हो सकते हैं।

अनिल टुटेजा, जो शराब घोटाले के मामले में पिछले एक साल से अधिक समय से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत पाने में सफल रहे थे। हालांकि, आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा एक अन्य मामले में जारी गिरफ्तारी वारंट के चलते वे फिलहाल भी हिरासत में हैं।

यह छापेमारी छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार, आर्थिक अपराध और अवैध सिंडिकेट पर चल रही बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है, जिसमें कई वरिष्ठ नौकरशाहों और कारोबारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। CBI की कार्रवाई को राज्य में प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में एक बड़ी हलचल के रूप में देखा जा रहा है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि इन मामलों के पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था, जिसमें सत्ता का दुरुपयोग कर भारी मात्रा में अवैध लेन-देन किए गए। CBI की अगली कार्रवाई को लेकर सभी की निगाहें अब इस केस पर टिकी हैं।

मध्य प्रदेश: नाबालिग पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की, वीडियो कॉल पर दिखाया शव

इंदौर/बुरहानपुर – मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 25 वर्षीय युवक की हत्या उसकी 17 वर्षीय पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके दो साथियों (जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है) के साथ मिलकर कर दी। आरोपियों ने बीयर की टूटी बोतल और धारदार हथियार से उस पर 36 बार वार किया। हत्या के बाद नाबालिग पत्नी ने वीडियो कॉल कर अपने प्रेमी को शव दिखाया और कहा – “काम हो गया।”

एसपी देवेंद्र पाटीदार ने बताया कि 13 अप्रैल को पुलिस को इंदौर-इच्छापुर रोड पर आईटीआई कॉलेज के पास झाड़ियों में एक शव मिलने की सूचना मिली थी। शव की पहचान राहुल उर्फ गोल्डन (पुत्र रामचंद्र पांडे कुनबी पाटिल, निवासी शाहपुर) के रूप में हुई। शव पर कई गंभीर चोटों के निशान थे।

जांच में पता चला कि मृतक की पत्नी घटना के बाद से फरार थी और उसका युवराज नामक युवक से प्रेम संबंध था। जब युवराज को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने कबूल किया कि उसने राहुल की पत्नी और अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी।

हत्या 12 अप्रैल की रात करीब 8:00 से 8:30 बजे के बीच की गई। नाबालिग पत्नी ने राहुल को शॉपिंग के बहाने बाहर बुलाया और रास्ते में एक ढाबे पर खाना खाने के बाद जानबूझकर अपनी चप्पल गिरा दी। जैसे ही राहुल रुका, ललित और एक किशोर बाइक से पहुंचे और राहुल को झाड़ियों में घसीटकर उस पर हमला कर दिया। पहले बीयर की बोतल से सिर पर वार किया गया जिससे वह बेहोश हो गया, फिर धारदार हथियार और बोतलों से उस पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी गई।

हत्या के बाद लड़की ने वीडियो कॉल कर युवराज को राहुल का शव दिखाया और कहा, “काम हो गया है।” इसके बाद तीनों आरोपी रावेर स्टेशन से ट्रेन पकड़कर इटारसी होते हुए उज्जैन भाग गए।

गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने लड़की, ललित और किशोर आरोपी को सांवेर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने हत्या की पूरी साजिश कबूल की।

गिरफ्तार आरोपी:

भरत उर्फ युवराज (20), पिता कैलाश पाटिल, निवासी कोडरी शाहपुर, बुरहानपुर

ललित (20), पिता संतोष पाटिल, निवासी कोडरी शाहपुर, बुरहानपुर

मृतक की 17 वर्षीय नाबालिग पत्नी

एक अन्य नाबालिग लड़का

पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है।