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IED Blast in Chhattisgarh: डीआरजी जवान घायल, बीजापुर में इलाज जारी, कर्रेगुट्टा में ऑपरेशन तेज

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी ब्लास्ट में डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) का एक जवान घायल हो गया है। यह घटना तब हुई जब डीआरजी की टीम गलगम से कर्रेगुट्टा पहाड़ी की ओर बड़े ऑपरेशन के तहत आगे बढ़ रही थी। घायल जवान को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हेलीकॉप्टर के जरिए बीजापुर लाया गया है।

पिछले पांच दिनों से कर्रेगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बलों का अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन जारी है। इसी दौरान नक्सलियों के लगाए आईईडी विस्फोटक की चपेट में डीआरजी जवान आ गया, जिससे उसके पैर में गंभीर चोटें आईं। पहले जवान को नजदीकी गलगम स्थित सीआरपीएफ कैंप में इलाज के लिए पहुंचाया गया, फिर बीजापुर रेफर किया गया।

कर्रेगुट्टा मुठभेड़ पर सस्पेंस बरकरार
इस ऑपरेशन को लेकर सुरक्षा बलों की ओर से फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। बस्तर पुलिस के अधिकतर अधिकारी इन दिनों तेलंगाना में कैंप कर रहे हैं और मुठभेड़ की प्रगति को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं।
ऐसा माना जा रहा है कि फोर्स अगले 15 दिनों तक कर्रेगुट्टा क्षेत्र में ऑपरेशन को जारी रखने की रणनीति पर काम कर रही है।

Bharatmala Project Scam: बड़ी कार्रवाई, EOW ने 4 अधिकारियों को किया गिरफ्तार, 20 ठिकानों पर मारी थी रेड

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना में हुए घोटाले के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण विभाग (EOW) ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। शुक्रवार को की गई 20 ठिकानों पर छापेमारी के बाद यह गिरफ्तारी हुई है, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

सूत्रों के अनुसार, यह घोटाला भारतमाला सड़क परियोजना के लिए अभनपुर के तारखेल क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के दौरान किया गया था। आरोप है कि राजस्व विभाग के अधिकारियों ने प्रॉपर्टी डीलरों और अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा किया। एक ही जमीन को 6-6 लोगों के नाम पर दर्ज कर सरकार से करोड़ों रुपए का मुआवजा हासिल किया गया। जिनके पास जमीन नहीं थी, उन्हें भी फर्जी दस्तावेजों के जरिये भू-स्वामी दर्शाकर मुआवजा बांटा गया।

इस घोटाले की जांच का आदेश राज्य सरकार ने विधानसभा में हंगामे के बाद कैबिनेट बैठक में लिया था। जांच के बाद EOW ने एफआईआर दर्ज कर शुक्रवार को व्यापक स्तर पर रेड की थी।

जिन अधिकारियों और अन्य लोगों के ठिकानों पर दबिश दी गई:

  • एसडीएम (अटल नगर, नवा रायपुर व कांकेर)

  • तहसीलदार (कटघोरा, बिलासपुर, माना बस्ती, अभनपुर)

  • पटवारी (सेजबहार, अभनपुर, माना बस्ती)

  • आरआई (कचना रायपुर)

  • आईसीआईसीआई बैंक कर्मी (दुर्ग)

  • ठेकेदार और जमीन कारोबारी (रायपुर, दुर्ग, महासमुंद)

मुख्य आरोपी:
निर्भय कुमार साहू, लखेश्वर प्रसाद किरण, शशिकांत कुर्रे, लेखराम देवांगन समेत कई अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं।

कैसे हुआ घोटाला:
पूर्व एसडीएम अभनपुर और राजस्व अधिकारियों ने सिंडिकेट बनाकर दस्तावेजों में हेराफेरी की। शासन की अर्जित भूमि को फिर से शासन को बेचने की स्कीम रची गई, गलत व्यक्तियों को मुआवजा बांटा गया और निजी जमीनों के खसरों व रकबा में भी गड़बड़ी की गई।

बताया जा रहा है कि अब तक जो घोटाले का आंकड़ा सामने आया है, वह शुरुआती है। भविष्य में पूरी रिपोर्ट आने के बाद घोटाले की राशि कई गुना बढ़ सकती है।

छत्तीसगढ़: CGMSC घोटाले में 6 आरोपियों के खिलाफ 18,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, अगली सुनवाई 10 जून को

रायरपु। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉर्पोरेशन (CGMSC) में 550 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच में बड़ी कार्रवाई हुई है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने शनिवार को विशेष न्यायालय में इस मामले में 18,000 पन्नों की चार्जशीट पेश की है। इस चालान में 25 पृष्ठों की समरी भी शामिल है, जिसमें अधिकारियों की मिलीभगत से हुए फर्जीवाड़े का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है।

EOW की जांच में सामने आया कि CGMSC के अफसरों ने एक सिंडिकेट बनाकर निविदा प्रक्रियाओं में हेराफेरी की और अपने करीबी मोक्षित मेडिकेयर प्राइवेट लिमिटेड के संचालक शशांक चोपड़ा को मेडिकल उपकरण और रीजेंट्स की आपूर्ति के लिए लाभ पहुंचाया। इसके एवज में 0.2% से 0.5% तक कमीशन लिया गया।

इस घोटाले में बसंत कुमार कौशिक, क्षिरोद्र रौतिया, डॉ. अनिल परसाई, कमलकांत पाटनवार और दीपक कुमार बंधे के साथ-साथ शशांक चोपड़ा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। छापेमारी के दौरान अधिकारियों के ठिकानों से बड़ी संख्या में लेन-देन के दस्तावेज, 9 मोबाइल फोन, 2 पेन ड्राइव और निविदा से संबंधित कई फाइलें जब्त की गईं।

विशेष न्यायालय ने अगली सुनवाई की तारीख 10 जून तय की है। उम्मीद है कि इस सुनवाई में आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे और आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

रायपुर सेंट्रल जेल में कैदी ने की आत्महत्या, सुरक्षा पर उठे सवाल

रायपुर। राजधानी रायपुर के सेंट्रल जेल से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक कैदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक कैदी की पहचान ओमप्रकाश के रूप में हुई है। वह अपने बैरक में फंदे से लटका हुआ मिला। घटना के सामने आते ही जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। फिलहाल पुलिस और जेल प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं। आत्महत्या के पीछे के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है।

इस घटना ने एक बार फिर जेल के भीतर की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कैदी के पास फांसी लगाने के लिए सामग्री कैसे पहुंची, यह भी जांच का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि ओमप्रकाश पहले से किसी मानसिक तनाव या परेशानी में था, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

यह कोई पहली घटना नहीं है जब रायपुर सेंट्रल जेल में ऐसी चूक सामने आई हो। इससे पहले जनवरी 2025 में एक अफ्रीकी ड्रग्स डीलर ने भी अपने बैरक में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वह 2021 में गिरफ्तार किया गया था।

इतना ही नहीं, नवंबर 2024 में जेल परिसर में फायरिंग की घटना भी हुई थी, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ था। इन घटनाओं ने जेल की आंतरिक व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गहरी चिंता पैदा कर दी है।

फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच तेज कर दी है और आत्महत्या के कारणों की गहनता से पड़ताल की जा रही है।

जोमैटो में संकट: कर्मचारी के वायरल पोस्ट पर सीईओ दीपेंद्र गोयल ने दी सफाई

जोमैटो एक वायरल पोस्ट के कारण विवादों के घेरे में आ गया है, जिसमें कंपनी के आंतरिक माहौल और गिरते मार्केट शेयर के बारे में चिंता जताई गई है। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई, जिसमें दावा किया गया कि जोमैटो को बढ़ती प्रतिस्पर्धा, खासकर Zepto Cafe और Swiggy जैसी कंपनियों से नुकसान हो रहा है।

पोस्ट में कर्मचारी ने यह आरोप लगाया कि कंपनी अपने कर्मचारियों को हर महीने कम से कम सात ऑर्डर जोमैटो से करने के लिए कह रही है, और ऑफिस में स्विग्गी जैसे प्रतियोगियों से ऑर्डर करने पर पाबंदी लगा दी गई है। कर्मचारी ने यह भी कहा कि कंपनी के आंतरिक माहौल में असंतोष है और जोमैटो के फूड डिलीवरी डिवीजन के सीईओ राकेश रंजन को अचानक हटा दिया गया, जिसके बाद कर्मचारियों के बीच और भी निराशा फैल गई।

कर्मचारी ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी का नेतृत्व केवल तात्कालिक लाभ की ओर अधिक ध्यान दे रहा है और दीर्घकालिक विकास पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे कई कर्मचारी Zepto जैसी कंपनियों में जा रहे हैं। इसके अलावा, पोस्ट में यह भी कहा गया कि कस्टमर्स, राइडर्स और रेस्टोरेंट पार्टनर्स सभी परेशान हैं। कर्मचारी ने यह दावा किया कि बाहरी रूप से जोमैटो अच्छा दिख सकता है, लेकिन अंदर से यह कंपनी टूट रही है।

इन आरोपों के जवाब में, जोमैटो के सीईओ दीपेंद्र गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया। गोयल ने इन दावों को पूरी तरह से नकारते हुए कहा, “यह सब बकवास है। न तो हम अपना मार्केट शेयर खो रहे हैं और न ही हम कभी अपने कर्मचारियों को जोमैटो से ऑर्डर करने के लिए मजबूर करेंगे। हम पसंद की आज़ादी में विश्वास करते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले का जवाब देना शर्मनाक है, लेकिन जब उनसे सवाल पूछे गए, तो वह सफाई दे रहे हैं।

गोयल ने सभी को यह भरोसा दिलाया कि जोमैटो में सब कुछ ठीक है और कंपनी की स्थिति पहले जैसी मजबूत है।

Dongargarh News: बड़ा हादसा, डोंगरगढ़ में रोपवे का एक हिस्सा टूटकर गिरा, पूर्व गृहमंत्री सहित कई नेता घायल

राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें कई नेता गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे में पूर्व गृहमंत्री और भाजपा नेता रामसेवक पैकरा बाल-बाल बच गए, जबकि भाजपा नेता भरत वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसा उस समय हुआ जब ये नेता रोपवे में सवार होकर माता बम्लेश्वरी के दर्शन करने जा रहे थे। हादसे के समय रोपवे की एक ट्राली में कुल 6 लोग सवार थे, जिनमें रामसेवक पैकरा, भरत वर्मा, दया सिंह और मनोज अग्रवाल शामिल थे। अचानक रोपवे का एक हिस्सा टूटकर गिरने से यह दुर्घटना घटी।

भरत वर्मा को गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनकी स्थिति को गंभीर बताया गया है। उन्हें रायपुर रेफर करने की बात भी सामने आई है।

हादसा में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है, खासकर रोपवे के मेंटेनेंस में गड़बड़ी के कारण। इस मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हादसे की जानकारी ली और घायलों के स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “डोंगरगढ़ में रोपवे हादसे का समाचार मिला है। रोपवे में वरिष्ठ भाजपा नेता रामसेवक पैकरा, भाजपा के प्रदेश महामंत्री भरत वर्मा समेत अनेक लोग सवार थे। हादसे में भरत वर्मा आंशिक रूप से घायल हुए हैं। शेष सभी कुशल हैं।”

बम्लेश्वरी माता का मंदिर छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध शक्तिपीठ है, जो पहाड़ की चोटी पर स्थित है। हाल ही में नवरात्रि से पहले रोपवे का मेंटेनेंस किया गया था, लेकिन हादसे के बाद मामले में जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है|

CG Heat Alert: छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी, लू का अलर्ट जारी, अगले तीन दिन रहेंगे गर्म

छत्तीसगढ़ में इस समय मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल चुका है। राज्य में भयंकर गर्मी और लू के कारण लोग परेशान हो रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले तीन दिनों में किसी भी प्रकार के मौसम परिवर्तन की संभावना नहीं है और गर्मी के असर में कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

राज्य के विभिन्न जिलों में लू का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने 11 से अधिक जिलों में लू की चेतावनी दी है। खासकर दुर्ग, बिलासपुर, बलौदाबाजार, बेमेतरा, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, कबीरधाम, मुंगेली, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और रायगढ़ जिले में लू चलने की संभावना है।

राजधानी रायपुर में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच चुका है, जबकि बिलासपुर और दुर्ग में भी पारा 43 डिग्री को पार कर चुका है। यह गर्मी दिनभर लोगों के लिए मुश्किलें पैदा कर रही है। दिन में अधिकतम तापमान और रात में उमस से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। रायपुर में रात का तापमान 29 डिग्री के करीब रिकॉर्ड किया गया है।

मौसम विभाग ने आगामी दो से तीन दिनों में इन जिलों में तापमान में कोई खास बदलाव न होने की भविष्यवाणी की है। इस बीच, राज्य सरकार ने धूप से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। साथ ही, 25 अप्रैल से सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं ताकि बच्चे और शिक्षक गर्मी से बच सकें।

जिलों में बढ़ती गर्मी और लू के असर को देखते हुए सरकार और प्रशासन ने लोगों से जरूरी एहतियात बरतने की अपील की है, जैसे पानी का सेवन बढ़ाना, धूप से बचना और हल्के कपड़े पहनना।

चलती कार में लगी आग, कार सवारों की बाल-बाल बची जान

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में शुक्रवार को एक भयावह घटना घटित हुई, जब एक चलती कार में भीषण आग लग गई। यह घटना डिड़गा और रेंगाकठेरा के बीच हुई, जब करेला निवासी यशवंत कुमार शर्मा अपनी कार से पाटन जा रहे थे। गाड़ी में अचानक आग लग गई, जिससे कार पूरी तरह से जलकर खाक हो गई।

गर्मियों में तेज़ गर्मी के कारण यह आग लगी थी। जैसे ही कार में आग की भनक लगी, कार में सवार सभी लोग तुरंत कार से बाहर निकल गए और सुरक्षित स्थान पर पहुँच गए। आग इतनी तेज़ थी कि पूरी कार जलकर खाक हो गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं आई और सभी की जान बच गई।

यह घटना इस बात का संकेत है कि गर्मी के मौसम में वाहन चलाते समय अत्यधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, क्योंकि अचानक आग लगने की घटनाएँ बढ़ सकती हैं। गाड़ी में आग लगने के बाद जल्दी से बाहर निकलना और सहायता के लिए फोन करना बहुत महत्वपूर्ण होता है।

घटना के बाद, पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने घटनास्थल का दौरा किया और आवश्यक जांच शुरू कर दी। हालांकि, इस घटना में कोई जान-माल की हानि नहीं हुई, लेकिन यह निश्चित रूप से एक चेतावनी है कि इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए सभी को अपनी सुरक्षा के लिए जागरूक रहना चाहिए।

इस तरह की घटनाएं हमे हमेशा सतर्क रहने और गाड़ी की नियमित जांच करने की याद दिलाती हैं, खासकर गर्मी के मौसम में।

CG 5th Board Exam Result: इंतजार जारी, महासमुंद जिले में 5वीं के परिणाम अभी तक जारी नहीं, आत्मानंद स्कूल में आवेदन की अंतिम तिथि 5 मई

CG News: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में 5वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम का इंतजार अभी भी जारी है। छात्रों को 5वीं और 8वीं के परिणाम का बेसब्री से इंतजार है, क्योंकि ये परिणाम आत्मानंद स्कूलों में एडमिशन प्रक्रिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूलों में 5 मई तक कक्षा 6 में आवेदन की अंतिम तिथि है, लेकिन अब तक कक्षा 6 में एक भी आवेदन नहीं आया है। इसका कारण 5वीं और 8वीं के परिणाम का न आना बताया जा रहा है। इन परिणामों के बाद ही आवेदन प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है।

अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में सीटों की संख्या सीमित है, जबकि हिंदी माध्यम स्कूलों में इस बार सीटों की कोई सीमा नहीं है, जिससे छात्रों के लिए आवेदन प्रक्रिया थोड़ी सरल हो गई है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से हिंदी माध्यम स्कूलों के लिए छात्रों की रुचि में कमी आई है, और इस बार भी कक्षा 6 के लिए कोई आवेदन नहीं आए हैं।

आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल के प्राचार्य एचके आचार्य ने कहा कि रिजल्ट आने के बाद कक्षा 6 और 9 के लिए आवेदन प्रक्रिया में तेजी आएगी। वहीं, अंग्रेजी माध्यम में कक्षा 1 के लिए सीटों की कमी हो सकती है, जैसा कि पिछले साल हुआ था, जब 13 आत्मानंद स्कूलों में कक्षा 1 के लिए 95 छात्रों ने एडमिशन लिया था।

शहरी क्षेत्रों में आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में सबसे ज्यादा डिमांड रहती है, और नयापारा में तो 659 छात्र इस स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं।

Key Highlights:

  • महासमुंद जिले में 5वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम का इंतजार।

  • आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूलों में कक्षा 6 के लिए एक भी आवेदन नहीं आया।

  • 5 मई तक आवेदन की अंतिम तिथि।

  • हिंदी और अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के लिए अलग-अलग सीटिंग व्यवस्था।

: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी घोषणा, छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम का नाम होगा बदलकर छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम

रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने लोकेश कावड़िया को नए दायित्व के लिए बधाई दी और शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने इस समारोह में एक महत्वपूर्ण घोषणा की, जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम का नाम बदलकर छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम करने की बात कही। इस बदलाव का उद्देश्य दिव्यांग जनों के समग्र विकास को और अधिक प्राथमिकता देना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है और दिव्यांगों के व्यवसाय और स्टार्टअप के लिए ऋण प्रदान करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यह पहल दिव्यांग बच्चों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी।

समारोह में 15 दिव्यांग हितग्राहियों को ऋण, 11 दिव्यांग हितग्राहियों को ऋण अदायगी पर ब्याज सब्सिडी और श्रवण बाधित दिव्यांगों को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने दिव्यांग जनों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए सभी से मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने याद किया कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान दंतेवाड़ा जिले में आए थे, तो उन्होंने दिव्यांग जनों के प्रति अपना विशेष लगाव व्यक्त किया था।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि हमारी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प के साथ दिव्यांगों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने और उनके कौशल विकास पर जोर दे रही है।

पदभार ग्रहण समारोह में शासकीय दिव्यांग स्कूल माना के छात्रों द्वारा प्रस्तुत गीत और राजनांदगांव के दिव्यांग स्कूल के श्रवण बाधित छात्रों द्वारा देशभक्ति नृत्य ने समारोह को विशेष बना दिया।