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छत्तीसगढ़ में अंधड़ के साथ हल्की बारिश की संभावना, जानें अगले सात दिनों का मौसम हाल

  • रायपुर, 12 अप्रैल 2025 – छत्तीसगढ़ में इन दिनों मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। जहां एक ओर दिन में तेज धूप और गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, वहीं शाम के समय मौसम अचानक करवट ले रहा है। तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और हल्की बारिश प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिल रही है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में अगले सात दिनों तक कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं और हल्की बारिश होने की संभावना है। खासतौर पर 14 अप्रैल से मेघ-गर्जन की गतिविधियों में और इजाफा हो सकता है।

मौसम में बदलाव का कारण

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य क्षेत्र में समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसी के प्रभाव से प्रदेश में मौसम परिवर्तन हो रहा है।

कहाँ-कहाँ हुई बारिश?

बीते कुछ दिनों में छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान तेज हवाएं भी चलीं, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली।

तापमान की स्थिति

प्रदेश का सबसे गर्म जिला राजनांदगांव रहा, जहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे ठंडा अंबिकापुर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

क्या करें आम नागरिक?

मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम के अचानक बदलने की संभावना को देखते हुए सतर्क रहें। खासकर शाम के समय बाहर निकलते वक्त सावधानी बरतें और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें।

Bhilai News: हनुमान जयंती पर भिलाई पहुंचे द ग्रेट खली, बोले: ‘एक रहेंगे अनेक रहेंगे, बटेंगे तो कटेंगे

द ग्रेट खली ने भिलाई में हनुमान जयंती पर दिया एकता का संदेश

भिलाई, 12 अप्रैल 2025: WWE के प्रसिद्ध रेसलर द ग्रेट खली ने हनुमान जयंती के अवसर पर भिलाई के सेक्टर-9 स्थित हनुमान मंदिर में दर्शन किए और भव्य आरती में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “एक रहेंगे अनेक रहेंगे, बटेंगे तो कटेंगे,” जो सामाजिक एकता और अखंडता का संदेश है।

इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन वैशाली नगर के बीजेपी विधायक रिकेश सेन द्वारा किया गया था। हनुमान जयंती के इस पावन अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

द ग्रेट खली ने मंदिर में पूजा-अर्चना की और हनुमान जी की भव्य आरती में शामिल हुए। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और उपस्थित लोगों में उत्साह का संचार किया।

मीडिया से बातचीत में जब उनसे सनातन धर्म और हिंदू राष्ट्र के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने उपरोक्त संदेश देकर सामाजिक एकता की आवश्यकता पर बल दिया।

इस कार्यक्रम की झलकियाँ और द ग्रेट खली की उपस्थिति के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिससे लोगों में इस आयोजन के प्रति उत्साह देखा जा सकता है।

हनुमान जयंती के इस अवसर पर भिलाई में आयोजित कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का संदेश दिया, जिसमें द ग्रेट खली की उपस्थिति ने विशेष महत्व जोड़ा।

दुर्ग रेलवे स्टेशन में जनदर्शन कार्यक्रम: यात्रियों की समस्याएं सुनी गईं, नई सुविधाओं की घोषणा

दुर्ग, छत्तीसगढ़ — यात्रियों की समस्याओं को सुनने और रेलवे सेवाओं को और अधिक प्रभावशाली बनाने के उद्देश्य से 11 अप्रैल 2025 को दुर्ग रेलवे स्टेशन में जनदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी सहित अन्य रेलवे अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान यात्रियों, वेंडर्स, कुलियों, पार्सल लीज होल्डर्स ने अपनी शिकायतें और सुझाव अधिकारियों के समक्ष रखे। प्रमुख मुद्दों में स्टेशन पर कुछ रिजर्वेशन काउंटरों के बंद होने की शिकायत, वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग काउंटर की मांग, पार्सल ऑफिस में ऑनलाइन भुगतान की समस्याएं, ट्रेनों में आरपीएफ और जीआरपी की गश्त बढ़ाने की आवश्यकता, और टीटीई स्टाफ को चोरी की घटनाओं के प्रति सतर्क रहने के निर्देश शामिल थे। 

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक त्रिवेदी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं के लिए बनाए गए ‘अक्षिता सेफ’ क्षेत्र में पुरुषों का प्रवेश वर्जित है और इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ट्रेनों की समयपालनता, थर्ड जेंडर की समस्याएं, स्टेशन एवं ट्रेनों में साफ-सफाई, पेयजल की व्यवस्था, और खानपान सेवाओं की गुणवत्ता जैसे विषयों पर भी चर्चा की।

त्रिवेदी ने यात्रियों को आश्वस्त किया कि उनकी शिकायतों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि रेलवे यात्रियों की संतुष्टि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस तरह के जनदर्शन कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।

मुख्य बिंदु:

  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग काउंटर की मांग।

  • पार्सल ऑफिस में ऑनलाइन भुगतान की समस्याएं।

  • ट्रेनों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए आरपीएफ और जीआरपी की गश्त बढ़ाने की आवश्यकता।

  • महिलाओं के लिए ‘अक्षिता सेफ’ क्षेत्र में पुरुषों का प्रवेश वर्जित।

  • ट्रेनों की समयपालनता, साफ-सफाई, पेयजल, और खानपान सेवाओं की गुणवत्ता पर चर्चा।

रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से प्राप्त फीडबैक को रेलवे सेवाओं में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण बताया और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की योजना बनाई।

ओडिशा से भिलाई तक गांजा तस्करी: 6.140 किलोग्राम मादक पदार्थ के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर में पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के एक मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 6.140 किलोग्राम मादक पदार्थ गांजा जब्त किया गया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20-बी के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

गिरफ्तार आरोपी:

  1. रूद्र किशोर बिशी उर्फ गोलु (28 वर्ष), पिता हिमांचल बिशी, जिला बलांगीर, ओडिशा

  2. बशिष्ठ महानंद (32 वर्ष), पिता अमर महानंद, ओडिशा

  3. मुकेश तांडी (29 वर्ष), पिता मुरारी तांडी, सेक्टर 6, भिलाई नगर

पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर इन तस्करों पर नजर रखी और उचित समय पर कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी ओडिशा से गांजा लाकर भिलाई में खपाने का प्रयास कर रहे थे। उनके पास से बरामद मादक पदार्थ को जब्त कर लिया गया है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20-बी के तहत मामला दर्ज किया है और उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई से स्पष्ट होता है कि पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है।

पुलिस विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इससे समाज में मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

इस मामले में आगे की जांच जारी है, और पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इन आरोपियों का संबंध किसी बड़े तस्करी गिरोह से है। पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ उनकी कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।

छत्तीसगढ़ में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) अनिवार्य: 16 अप्रैल से जुर्माना लागू

छत्तीसगढ़ में वाहन सुरक्षा बढ़ाने और पहचान में सुधार के लिए राज्य सरकार ने हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) को अनिवार्य कर दिया है। वाहन मालिकों को 15 अप्रैल 2025 तक अपनी गाड़ियों में HSRP लगवाने का समय दिया गया है। इसके बाद, 16 अप्रैल से बिना HSRP वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें ₹500 से ₹10,000 तक जुर्माना शामिल है।

मुख्य बिंदु:

  • अंतिम तिथि: 15 अप्रैल 2025 तक HSRP लगवाना अनिवार्य।

  • जुर्माना: निर्धारित तिथि के बाद बिना HSRP वाहन चलाने पर ₹500 से ₹10,000 तक जुर्माना।

  • लागत: HSRP लगाने की कीमत जुर्माने से कम; दोपहिया के लिए ₹365.80, तिपहिया के लिए ₹427.16, हल्के मोटर वाहनों के लिए ₹656.08, और यात्री कारों के लिए ₹705.64 शुल्क निर्धारित।

  • ऑटोमोबाइल डीलरों का शुल्क: प्रत्येक इंस्टॉलेशन के लिए अतिरिक्त ₹100 चार्ज।

HSRP की विशेषताएं:

  • सुरक्षा: टेम्पर-प्रूफ डिज़ाइन, जिससे चोरी और जालसाजी में कमी।

  • पहचान: यूनिक लेजर कोड और होलोग्राम के माध्यम से वाहन की पहचान में आसानी।

  • मानकीकरण: सभी वाहनों के लिए समान मानक, जिससे पहचान प्रक्रिया सरल।

नंबर प्लेट बदलवाने की प्रक्रिया:

  1. ऑनलाइन आवेदन: परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और वाहन के विवरण दर्ज करें।

  2. शुल्क भुगतान: निर्धारित शुल्क ऑनलाइन जमा करें।

  3. स्लॉट बुकिंग: प्लेट इंस्टॉलेशन के लिए समय स्लॉट चुनें।

  4. इंस्टॉलेशन: तय समय पर डीलर सेंटर पर जाकर या घर पर नई नंबर प्लेट लगवाएं।

नोट: वाहन मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे जल्द से जल्द HSRP लगवाएं ताकि जुर्माने से बचा जा सके और वाहन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

Raipur Crime News: चिकन के बंटवारे को लेकर दो भाइयों में चाकूबाजी, दोनों घायल

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी थाना क्षेत्र में एक विचित्र और चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां घर में बने चिकन के बंटवारे को लेकर दो सगे भाइयों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि बात चाकूबाजी तक पहुंच गई। इस हिंसक झगड़े में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 

घटना का विवरण

पुलिस के अनुसार, गुढ़ियारी निवासी अजय मिरी (बड़ा भाई) और साहिल मिरी (छोटा भाई) के बीच चिकन के बंटवारे को लेकर कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि अजय ने गुस्से में आकर साहिल पर चाकू से हमला कर दिया। घायल साहिल ने भी अजय को चाकू मार दिया। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस की कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। गुढ़ियारी थाना में इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों भाइयों के बीच पहले भी विवाद होते रहे हैं, लेकिन इस बार मामला जानलेवा हमला तक पहुंच गया। पुलिस मामले की सभी एंगल से जांच कर रही है।

सामाजिक चिंता

यह घटना न केवल पारिवारिक संबंधों में बढ़ती असहिष्णुता को दर्शाती है, बल्कि समाज में बढ़ती हिंसा की प्रवृत्ति पर भी सवाल उठाती है। छोटे-छोटे विवादों का हिंसक रूप लेना चिंता का विषय है और इसके लिए समाज में जागरूकता और सहिष्णुता बढ़ाने की आवश्यकता है।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोनों भाइयों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों भाइयों के बीच पहले भी विवाद होते रहे हैं, लेकिन इस बार मामला जानलेवा हमला तक पहुंच गया।

इस घटना ने एक बार फिर से यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कैसे पारिवारिक विवादों को समय रहते सुलझाया जाए ताकि ऐसे हिंसक घटनाओं से बचा जा सके।

रायपुर के डब्ल्यू आर एस केंद्रीय विद्यालय (1) की बदहाल स्थिति: पीएम श्री स्कूल योजना के बावजूद प्रबंधन की लापरवाही उजागर

रायपुर के रेलवे क्षेत्र में स्थित डब्ल्यू आर एस केंद्रीय विद्यालय (1), जिसे हाल ही में ‘पीएम श्री स्कूल’ योजना के अंतर्गत चुना गया है, वर्तमान में बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रबंधन की लापरवाही के कारण चर्चा में है।

पीएम श्री स्कूल योजना का उद्देश्य

‘पीएम श्री स्कूल’ योजना का उद्देश्य देशभर के चयनित विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना है, जिसमें स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, विज्ञान प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं और पर्यावरण के अनुकूल अवसंरचना शामिल हैं। इस योजना के तहत, डब्ल्यू आर एस केंद्रीय विद्यालय (1) को भी चुना गया है, जिससे छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और सुविधाएं प्रदान की जा सकें।

वास्तविकता में सुविधाओं की कमी

हालांकि, विद्यालय की वर्तमान स्थिति योजना के उद्देश्यों के विपरीत है। गर्मी के मौसम में छात्रों को धूप में खड़े होकर पानी पीना पड़ता है, क्योंकि पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा, कक्षाओं के पास टूटे हुए फर्नीचर का ढेर लगा हुआ है, जिससे न केवल सौंदर्य बिगड़ता है, बल्कि यह सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक है।

प्रबंधन की उदासीनता

विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। छात्रों और अभिभावकों की शिकायतों के बावजूद, समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि प्राचार्य और अन्य संबंधित अधिकारी इन मुद्दों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे छात्रों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

अभिभावकों और छात्रों की चिंता

अभिभावक और छात्र विद्यालय की इस स्थिति से चिंतित हैं। उनका मानना है कि यदि ‘पीएम श्री स्कूल’ योजना के तहत चयनित विद्यालय की यह स्थिति है, तो अन्य विद्यालयों की स्थिति की कल्पना करना कठिन नहीं है। वे चाहते हैं कि संबंधित अधिकारी इस ओर ध्यान दें और आवश्यक सुधार करें।

आवश्यक कदम

इस स्थिति को सुधारने के लिए आवश्यक है कि शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारी विद्यालय का निरीक्षण करें और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएं। ‘पीएम श्री स्कूल’ योजना के उद्देश्यों की पूर्ति तभी संभव है जब विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं और प्रबंधन अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी से करे।

डब्ल्यू आर एस केंद्रीय विद्यालय (1) की वर्तमान स्थिति एक चेतावनी है कि योजनाएं तभी सफल हो सकती हैं जब उनका सही तरीके से क्रियान्वयन किया जाए। छात्रों के भविष्य के लिए आवश्यक है कि विद्यालयों में शिक्षा के साथ-साथ सुविधाओं पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाए।

जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ में मुठभेड़ के दौरान जैश कमांडर सैफुल्लाह समेत तीन पाकिस्तानी आतंकी ढेर

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जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। 9 अप्रैल से चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के टॉप कमांडर सैफुल्लाह समेत तीन पाकिस्तानी आतंकियों—फरमान और बाशा—को मार गिराया है। इन तीनों पर ₹5 लाख का इनाम घोषित था।

यह मुठभेड़ किश्तवाड़ के छात्रू क्षेत्र के नैदगाम जंगलों में हुई, जहां सेना की 2, 5 और 9 पैरा यूनिट्स, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। सुरक्षाबलों ने आतंकियों को पकड़ने के लिए हेलीकॉप्टर का भी इस्तेमाल किया। मुठभेड़ के बाद मौके से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक भी बरामद किए गए हैं 

इसके अलावा, उधमपुर और किश्तवाड़ जिलों में भी आतंकवादियों के खिलाफ एक और बड़ा ऑपरेशन चल रहा है। बताया जा रहा है कि ये आतंकी कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर के रास्ते अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ कर भारत में दाखिल हुए थे।

 

इस बीच, नियंत्रण रेखा (LoC) पर भी हालात तनावपूर्ण हैं। पाकिस्तानी सेना ने अखनूर के केरी बट्टल सेक्टर में सीजफायर का उल्लंघन किया, जिसमें भारतीय सेना के एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) कुलदीप सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई। भारतीय सेना ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तानी पोस्ट्स पर फायरिंग की।

सुरक्षाबलों का यह अभियान अभी भी जारी है, और अन्य आतंकियों की तलाश में सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के जवान जुटे हुए हैं।

छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार 2025 का प्रथम चरण संपन्न: 1.09 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त

“छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार 2025: प्रथम चरण में 1.09 लाख से अधिक आवेदन, मई में समाधान शिविर”

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित “सुशासन तिहार 2025” का प्रथम चरण 8 से 11 अप्रैल तक सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस चरण में राज्यभर से कुल 1,09,452 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1,06,421 आवेदन विभिन्न मांगों से संबंधित थे, जबकि 3,031 आवेदन शिकायतों के रूप में दर्ज किए गए।

प्रमुख मांगें और योजनाएं

प्रथम चरण में प्राप्त मांगों में निम्नलिखित योजनाओं के लिए सबसे अधिक आवेदन प्राप्त हुए:

  1. प्रधानमंत्री आवास योजना

  2. महतारी वंदन योजना

  3. राशन कार्ड निर्माण

  4. सड़क और नाली निर्माण

  5. शिक्षकों की नियुक्ति

  6. पेंशन योजनाएं

  7. आयुष्मान भारत कार्ड

  8. भूमिहीन किसान सहायता निधि

    आवेदन संग्रहण की प्रक्रिया

    राज्य सरकार ने समाधान पेटियों के माध्यम से ग्राम पंचायतों, नगर निगमों, जनपद पंचायतों, तहसील कार्यालयों और अन्य सरकारी संस्थानों में आवेदन एकत्र किए। इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन स्वीकार किए गए। रायपुर नगर निगम के 70 वार्डों में विशेष रूप से समाधान पेटियों की व्यवस्था की गई थी, जहां नागरिकों ने अपनी समस्याएं और मांगें दर्ज कीं।

    आगामी चरणों की योजना

    • द्वितीय चरण (12 अप्रैल – 4 मई 2025): इस चरण में प्राप्त आवेदनों का स्कैनिंग, सॉर्टिंग और संबंधित विभागों को अग्रेषण किया जाएगा।

    • तृतीय चरण (5 मई – 31 मई 2025): इस चरण में समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जहां नागरिकों को उनके आवेदनों के निवारण की जानकारी प्रदान की जाएगी और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ से अवगत कराया जाएगा।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल को जनता से सीधे संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक नागरिक सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं और उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

    सुशासन तिहार 2025 के अगले चरणों में भी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा की जा रही है, जिससे राज्य में सुशासन की दिशा में ठोस प्रगति हो सके।

बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर लापरवाही से गई जान, हाईकोर्ट ने उठाए सवाल

बिलासपुर (छत्तीसगढ़)। बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर एंबुलेंस सुविधा न मिलने के चलते एक कैंसर पीड़ित महिला की मौत के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इस गंभीर लापरवाही पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका के तहत सुनवाई शुरू की और राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के सचिव तथा रेलवे के डीआरएम से जवाब तलब किया है।

हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि सरकार की ओर से चलाई जा रही मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं कागजों तक सीमित हैं, जबकि ज़मीनी हकीकत यह है कि ज़रूरत के समय आम नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। कोर्ट ने पूछा है कि आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस सेवा क्यों नहीं उपलब्ध हो पा रही है, और अब तक इस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।

इस जनहित याचिका में बताया गया कि रायपुर से बिलासपुर पहुंची एक 62 वर्षीय कैंसर मरीज महिला रानी बाई की ट्रेन में मौत हो गई थी। स्टेशन पर एंबुलेंस ड्राइवर मौजूद नहीं था, और काफी देर बाद जब वह आया भी, तो शव को ले जाने से मना कर दिया। परिजनों को निजी प्रयास से दूसरी एंबुलेंस बुलानी पड़ी, जिससे करीब एक घंटे की देरी हुई।

दूसरी घटना दंतेवाड़ा जिले के गीदम की है, जहां एक गंभीर मरीज को 11 घंटे तक 108 एंबुलेंस सेवा नहीं मिल सकी। लगातार कॉल के बावजूद एंबुलेंस सुबह के बजाय रात में पहुंची, जिससे इलाज में देरी हुई और मरीज की जान चली गई।

इन घटनाओं को हाईकोर्ट ने बेहद गंभीर मानते हुए कहा कि यदि कैंसर मरीजों और आपातकालीन मामलों में भी एंबुलेंस नहीं मिल रही है, तो यह प्रशासनिक विफलता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि रेलवे के पास अपना अस्पताल होने के बावजूद एंबुलेंस सेवा उपलब्ध न होना और स्वास्थ्य विभाग की निष्क्रियता, दोनों ही जनता के जीवन को खतरे में डाल रहे हैं।

कोर्ट ने अगली सुनवाई से पहले विस्तृत जानकारी देने के निर्देश के साथ राज्य सरकार और रेलवे प्रशासन से लिखित जवाब मांगा है।