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रायपुर सेंट्रल जेल में सुरक्षा व्यवस्था चौपट: चाकूबाजी, गैंगवार के बाद अब संदिग्ध हालात में बंदी की मौत

रायपुर: रायपुर सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। जेल के भीतर मर्डर, चाकूबाजी, रंगदारी और गैंगवार जैसी घटनाओं के बाद अब खुदकुशी के मामले भी सामने आने लगे हैं। ताजा मामला बैरक नंबर 21 का है, जहां बंदी ओम प्रकाश निषाद संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे से लटका मिला।

जेल प्रबंधन ने इसे खुदकुशी का मामला बताते हुए गंज थाने में सूचना दी है। पुलिस के अनुसार, ओम प्रकाश निषाद के गले में नायलॉन की रस्सी का फंदा पाया गया। वहीं सूत्रों की मानें तो जेल के भीतर वसूली का बड़ा खेल भी चल रहा है। आरोप है कि जो बंदी जेल अधिकारियों को पैसा देता है, उसे विशेष सुविधा और सुरक्षा मुहैया कराई जाती है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही एक विदेशी नागरिक ने भी जेल में आत्महत्या कर ली थी, जिसका मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था। लगातार हो रही इन घटनाओं ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं जेल प्रशासन ने भी आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं।

छत्तीसगढ़: धमतरी जिले में माओवादियों के ठिकानों से नौ आईईडी बरामद, बड़े नक्सल विरोधी अभियान की शुरुआत

धमतरी, 27 अप्रैल 2025:

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के घने जंगलों में माओवादियों के दो ठिकानों से सुरक्षाबलों ने नौ इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) और अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) की संयुक्त टीम ने शनिवार को खल्लारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत चमेंडा और साल्हेभाट गांवों के जंगल में यह कार्रवाई की।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए इस अभियान में सुरक्षाबलों ने जंगल में दो अलग-अलग स्थानों पर छिपाए गए प्लास्टिक के ड्रमों से तीन कुकर बम, दूध पाउडर के डिब्बों में रखे तीन आईईडी, दो पाइप बम और एक टिफिन बम बरामद किए। इन विस्फोटकों का वजन 2 से 5 किलोग्राम के बीच था। इसके अलावा, वॉकी-टॉकी, दवाइयां, बर्तन, राशन और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री भी जब्त की गई।

पुलिस के अनुसार, माओवादी गश्त के दौरान सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाने के लिए जंगलों और कच्ची सड़कों के किनारे आईईडी लगाते रहे हैं।

इसी दौरान, बीजापुर जिले में चल रहे एक अन्य बड़े नक्सल विरोधी अभियान के तहत शनिवार को दो सुरक्षाकर्मी मामूली रूप से घायल हो गए। 24 अप्रैल को एक एसटीएफ जवान और 26 अप्रैल को एक डीआरजी जवान आईईडी विस्फोट में चोटिल हुए। दोनों की हालत स्थिर बताई गई है और उनका इलाज जारी है।

बीजापुर में करीब 10,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ नक्सल विरोधी इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और तेलंगाना के संयुक्त बल करेगुट्टा पहाड़ी और आसपास के जंगलों में सक्रिय शीर्ष नक्सली नेताओं जैसे हिडमा, दामोदर और देवा की घेराबंदी कर रहे हैं। अभियान के पहले दिन सुरक्षाबलों ने तीन नक्सलियों के शव और हथियार बरामद किए थे। सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ों में कई अन्य नक्सलियों के भी मारे जाने और घायल होने के संकेत मिले हैं।

बताया गया कि यह अभियान लंबा चलेगा और इसका लक्ष्य न केवल पीएलजीए बटालियन-1 की सैन्य ताकत को खत्म करना है, बल्कि दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी और तेलंगाना स्टेट कमेटी जैसे नक्सल थिंक टैंकों को भी कमजोर करना है।

छत्तीसगढ़ में दिसंबर 2023 में भाजपा सरकार के गठन के बाद से अब तक सुरक्षा बलों ने 365 नक्सलियों को मार गिराया है और 1382 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत 2306 नक्सलियों ने समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। 2025 के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 144 नक्सली मारे जा चुके हैं, 367 गिरफ्तार हुए हैं और 476 ने आत्मसमर्पण किया है।

राज्य और केंद्र सरकार के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों की संयुक्त कोशिश से यह अभियान एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है, जिससे छत्तीसगढ़ में शांति बहाल होने की उम्मीद मजबूत हुई है।

अग्निवीर भर्ती: बस्तर के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण, चयन प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भागीदारी

बस्तर। भारतीय वायुसेना में अग्निवीर बनने का सपना देख रहे बस्तर जिले के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर सामने आया है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में युवाओं को अग्निवीर भर्ती की तैयारी के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन जिला कलेक्टर हरीश एस, जिला बस्तर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, और जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल के मार्गदर्शन में किया गया।

विकासखंड स्तरीय कार्यशाला का आयोजन स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, तोकापाल में किया गया। इस कार्यशाला में दरभा और बास्तानार विकासखंड के प्रतिभागियों ने भी हिस्सा लिया। प्रमुख प्रशिक्षक के रूप में भोपाल से आए भारतीय सेवा के सुशांत सिंह और आनंद कुमार ने युवाओं को गहन प्रशिक्षण प्रदान किया।

सरल भाषा में दी गई महत्वपूर्ण जानकारियाँ

प्रशिक्षण सत्र में प्रतिभागियों को अग्निवीर भर्ती के लिए पात्रता, चयन प्रक्रिया, प्रशिक्षण पद्धति, वेतन और भत्ते, करियर ग्रोथ के अवसरों आदि के बारे में सरल और प्रभावी ढंग से बताया गया। प्रशिक्षकों ने जानकारी दी कि अग्निवीर भर्ती के लिए 17 से 21 वर्ष के युवाओं को पात्र माना जाता है और वर्तमान में चयन प्रक्रिया चल रही है, जिसमें इच्छुक युवा शामिल हो सकते हैं।

अधिकारियों ने किया छात्रों का उत्साहवर्धन

इस अवसर पर जिला रोजगार अधिकारी श्वेता वर्मा, दरभा विकासखंड के खंड शिक्षा अधिकारी जगदीश पात्र, बीआरसी अजय शर्मा और कार्यक्रम के नोडल अधिकारी मनीष अहीर समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य विधु शेखर झा और अन्य शिक्षकगण भी सम्मिलित हुए।

जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल ने उपस्थित छात्रों के जोश और उत्साह की सराहना करते हुए भरोसा जताया कि जल्द ही बस्तर के विद्यार्थी वायुसेना की वर्दी में नजर आएंगे। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी तोकापाल पूनम सलाम और विद्यालय के प्राचार्य के प्रयासों की भी सराहना की।

छात्रों में दिखा जबरदस्त उत्साह

प्रशिक्षण में शामिल छात्रों ने अग्निवीर भर्ती के विभिन्न पहलुओं को लेकर गहन जानकारी प्राप्त की और इस अवसर का भरपूर लाभ उठाया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने भविष्य में वायुसेना में अग्निवीर के रूप में सेवा देने के अपने सपनों को साझा किया।

CG Crime: बीएसपी से 1.32 लाख की चोरी, भाजपा पार्षद समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) से 1 लाख 32 हजार रुपए मूल्य के कॉपर वायर चोरी के मामले में नेवई बस्ती वार्ड-33 के भाजपा पार्षद परमेश्वर कुमार समेत चार आरोपियों को पुलिस ने सीआईएसएफ (CISF) की मदद से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से 220 किलोग्राम कॉपर वायर और चोरी में प्रयुक्त टाटा नैनो कार बरामद की गई है। पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 303(2), 319(2), 112 और छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 25 व 26 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

चेकिंग के दौरान हुआ खुलासा

भिलाई नगर भट्ठी थाना प्रभारी (TI) राजेश साहू ने बताया कि 24 अप्रैल को बीएसपी के मेन गेट पर वाहन चेकिंग के दौरान एक टाटा नैनो कार (सीजी 04 एलके 6448) को रोका गया। जांच के दौरान चालक, जो कि नेवई बस्ती वार्ड-33 का पार्षद परमेश्वर कुमार (37 वर्ष) निकला, से दस्तावेज मांगे गए। दस्तावेज मांगने पर आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन सीआईएसएफ जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया। तलाशी में कार के पिछले हिस्से से 220 किलोग्राम कॉपर केबल स्क्रैप बरामद हुआ।

तीन अन्य आरोपी भी गिरफ्तार

पूछताछ में पार्षद परमेश्वर कुमार ऊर्फ पिंटू ने खुलासा किया कि चोरी की वारदात को उसने अपने तीन अन्य साथियों—ग्राम जोरातराई उतई निवासी लक्ष्मी तांडी (37 वर्ष), स्टेशन मरोदा निवासी हर्ष देशमुख ऊर्फ पुष्पेंद्र ऊर्फ चाकलेटी (22 वर्ष) और योगेश विश्वकर्मा (26 वर्ष)—के साथ मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने सभी तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उन्होंने चोरी की घटना स्वीकार की है।

गेट पास के जरिए हो रही थी चोरी

चोरी के लिए आरोपी बीएसपी के किसी संजय नामक कर्मचारी के गेट पास का इस्तेमाल कर संयंत्र परिसर में प्रवेश कर रहे थे। पुलिस अब उस बीएसपी कर्मचारी की तलाश कर रही है, जिसका गेट पास पार्षद के पास से मिला है। संदेह जताया जा रहा है कि संबंधित कर्मचारी की भी इस चोरी में मिलीभगत हो सकती है।

भाजपा जिला अध्यक्ष ने जताई चिंता

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए दुर्ग जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने कहा, “यदि ऐसा हुआ है तो यह बहुत गलत है। अभी कुछ नए लोग पार्टी में शामिल हुए हैं। हम इस मामले को गंभीरता से लेंगे और जांच कर पार्टी स्तर पर उचित कार्रवाई की जाएगी।”

भिलाई न्यूज़: निगम अधिकारियों पर फूटा गुस्सा, निजी संस्थान को बेचा जा रहा पानी

भिलाई: भिलाई नगर निगम के जलकार्य प्रभारी केशव चौबे ने नगर निगम अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि नेहरू नगर जोन-1 से हर दिन तीन टैंकर पानी दुर्ग नगर निगम क्षेत्र के एक निजी संस्थान को बेचा जा रहा है। चौबे ने बताया कि पिछले साल भी इस तरह की शिकायत मिली थी और चेतावनी दी गई थी, फिर भी सुधार नहीं हुआ।

वहीं, नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी का कहना है कि नियमानुसार शुल्क लेकर पानी आपूर्ति की जा रही है। इस बीच महापौर परिषद (MIC) के सदस्य केशव चौबे ने निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय से मांग की है कि संबंधित ठेका एजेंसी का कार्य तत्काल निरस्त किया जाए और उनके भुगतान पर रोक लगाई जाए।

आम जनता को नहीं मिल रही नियमित पानी आपूर्ति

नगर निगम भिलाई ने नेहरू नगर जोन के लिए तीन पानी टैंकर किराए पर लिए हैं, जिनके माध्यम से अलग-अलग वार्डों में पाइंट बनाकर पानी की आपूर्ति की जाती है। लेकिन शिकायतें आ रही हैं कि टैंकर चालक नियमित रूप से पानी नहीं पहुंचा रहे और निजी घरों व संस्थानों को पानी बेच रहे हैं। भीषण गर्मी में यह समस्या और गंभीर हो गई है।

ठेकेदार ने भी मानी गलती

केशव चौबे ने बताया कि जब उन्होंने ठेकेदार जितेंद्र से इस विषय में बात की तो उन्होंने स्वीकार किया कि प्रतिदिन पानी एक निजी संस्था को बेचा जा रहा है। चौबे ने कहा कि पहले भी इस काम को बंद करने के लिए ठेकेदार को समझाइश दी गई थी, लेकिन फिर वही गलती दोहराई जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, भिलाई नगर निगम और ठेका एजेंसी मिलकर दुर्ग के एक बड़े संस्थान को हर दिन तीन टैंकर पानी बेच रहे हैं। जैसे ही इस बात की जानकारी MIC सदस्य चौबे को मिली, उन्होंने तत्काल निगम के अधिकारियों से संपर्क किया। अधिकारियों के होश उड़ गए कि यह जानकारी सीधे परिषद सदस्य तक कैसे पहुंच गई।

चौबे ने सहायक अभियंता पुरुषोत्तम सिंह को याद दिलाया कि पहले भी उन्हें इस विषय में समझाइश दी गई थी कि निगम की प्राथमिकता आम नागरिकों को पानी उपलब्ध कराना है, न कि निजी संस्थानों को पानी बेचना।

कांकेर समाचार: तेंदुए ने 8 साल के बच्चे को गले से पकड़कर खींचा, बड़े भाई ने साहस दिखाकर बचाई जान

कांकेर: तेंदुए ने बच्चे के गले को पकड़ा और उसे खींचकर ले जाने लगा, लेकिन बड़े भाई के साहसिक प्रयास ने बच्चे की जान बचाई।

कांकेर जिले के दुधावा क्षेत्र में एक आठ साल के बच्चे की जान बड़े भाई ने तेंदुए के हमले से बचाई। 26 अप्रैल 2025 को हुई इस घटना में बच्चा घर के आंगन में खेल रहा था, तभी तेंदुए ने अचानक हमला कर उसे गले से पकड़ लिया और खींचकर ले जाने लगा। लेकिन बच्चे के बड़े भाई ने साहस का परिचय दिया और जोर-जोर से चिल्लाते हुए बच्चे को तेंदुए से छुड़ाया। तेंदुआ डरकर भाग गया और बच्चा बच गया।

यह घटना उस बढ़ते खतरे को उजागर करती है, जो दुधावा क्षेत्र में तेंदुए के हमले के रूप में सामने आ रहा है। पिछले छह महीनों में इस इलाके में तेंदुए ने चार बच्चों को अपना शिकार बनाया है, जिसमें एक बच्चे की मौत हो गई और एक बच्चा विकलांग हो गया। अब तक की सबसे हालिया घटना में 26 अप्रैल को एक और 8 वर्षीय बच्चे पर तेंदुए ने हमला किया था।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, दुधावा में भारतमाला सड़क परियोजना के तहत भारी विस्फोटक काम हो रहा है, जिसके कारण तेंदुए और अन्य जानवरों का आवास नष्ट हो रहा है और वे इंसानी बस्तियों की ओर रुख कर रहे हैं। पहले तेंदुए केवल पालतू जानवरों को अपना शिकार बनाते थे, लेकिन अब मानवों पर हमले बढ़ने लगे हैं।

दुधावा क्षेत्र में तेंदुए के लगातार हमले हो रहे हैं। 4 अगस्त 2024 को तेंदुए ने कोड़मुड़ से एक बच्चे को उठा लिया था, जिसका सिर ही मिला। 25 सितंबर 2024 को दुधावा के नया पारा में एक बच्ची पर हमला हुआ और 2 अक्टूबर 2024 को एक अन्य बच्चे पर तेंदुए ने हमला कर दिया। एक पालतू कुत्ते ने बच्चे को छुड़ा लिया, लेकिन वह बच्चा अब तेंदुए के हमले से विकलांग हो गया है।

ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुए के हमलों के कारण वे शाम होते ही अपने घरों के दरवाजे बंद कर देते हैं और बच्चे बाहर नहीं खेलने जाते। किसान भी डर के कारण खेतों में जाने से बच रहे हैं।

अधिकारियों ने इस समस्या को गंभीरता से लिया है और तेंदुए को पकड़ने के लिए योजना बनाई है। रायपुर से एक विशेषज्ञों की टीम कांकेर पहुंच रही है, जो तेंदुए को ट्रैक करने और उसे जंगल में सुरक्षित रूप से छोड़ने की योजना बना रही है।

यह घटना और तेंदुए के हमलों की बढ़ती संख्या क्षेत्र के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है, और प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वे त्वरित कदम उठाकर इस संकट का समाधान करेंगे।

Mann Ki Baat Live: पीएम मोदी बोले- पीड़ित परिवारों को मिलेगा न्याय, पहलगाम आतंकी हमले पर जताया गहरा दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” के दौरान जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को हुए इस हमले ने देश के हर नागरिक को दुखी कर दिया है और पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाएगा।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “जब मैं आपसे दिल की बात कर रहा हूं, तो मेरे दिल में गहरी पीड़ा है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने हर भारतीय को दुखी किया है। पूरा देश पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है और उन्हें न्याय दिलाकर रहेगा।”

प्रधानमंत्री ने बताया कि इस आतंकी हमले के बाद भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में आक्रोश फैल गया है। दुनिया के कई नेताओं ने उन्हें फोन कर संवेदनाएं प्रकट की हैं। मोदी ने कहा, “Global leaders ने मुझे फोन किए हैं, पत्र लिखे हैं और संदेश भेजे हैं। इस जघन्य आतंकी हमले की कठोर शब्दों में निंदा की गई है।”

उन्होंने आगे कहा कि दुनिया भर से आ रही सहानुभूति और समर्थन भारत के खिलाफ आतंकवाद के खिलाफ एक वैश्विक एकजुटता को दर्शाती है। पीएम मोदी ने आश्वासन दिया कि सरकार आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी और निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

“मन की बात” कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश का हर नागरिक पीड़ित परिवारों के दुख में शामिल है। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में कभी पीछे नहीं हटेगा और ऐसे कृत्यों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता पर किसी भी तरह का हमला सफल नहीं हो सकता। उन्होंने देशवासियों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम इलाके में एक भीषण आतंकी हमला हुआ था, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। हमले के बाद से पूरे देश में शोक और आक्रोश का माहौल है।

CGPSC 2021 भर्ती घोटाला: 152 अधिकारियों का नियमितीकरण रोका, CBI जांच के बीच सरकार का बड़ा फैसला

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) 2021 भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं के खुलासे और सीबीआई जांच के बीच राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने चयनित अधिकारियों के नियमितीकरण (Regularization) पर रोक लगा दी है।

सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सभी विभाग प्रमुखों को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि CGPSC 2021 के तहत चयनित अधिकारी, जो वर्तमान में परिवीक्षा अवधि (Probation Period) में हैं, उनकी परिवीक्षा अवधि समाप्त नहीं की जाए और उन्हें बिना विभागीय अनुमति के नियमित न किया जाए।

152 अधिकारियों पर सीधा असर
सरकारी आदेश के बाद 152 अधिकारियों का नियमितीकरण फिलहाल के लिए रोक दिया गया है। जबकि इससे पहले 18 कैंडिडेट्स की नियुक्ति प्रक्रिया पर पहले ही रोक लगाई जा चुकी थी। गौरतलब है कि 11 मई 2023 को 170 पदों के लिए चयन सूची जारी की गई थी।

सीबीआई जांच के बीच कई गिरफ्तारियां
CGPSC 2021 भर्ती घोटाले में गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद कार्रवाई तेज हुई। अब तक आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, तत्कालीन सचिव, एक उद्योगपति और कुछ चयनित अभ्यर्थियों समेत कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

इन गिरफ्तारियों के बाद से ही चयनित उम्मीदवारों के सेवा स्थायीत्व (Permanent Service) को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई थी।

अधिकारियों को परिवीक्षा अवधि में ही रखा जाएगा
सरकार का मानना है कि यदि जांच पूरी होने से पहले अधिकारियों को नियमित कर दिया जाता है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई करना कानूनी रूप से कठिन हो सकता है। इसी कारण सभी चयनित अधिकारी परिवीक्षा अवधि में ही बने रहेंगे, जब तक कि सीबीआई जांच पूरी न हो जाए और मामले में अंतिम निष्कर्ष न आ जाए।

छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्री के साथ ही भूमि रिकॉर्ड होगा अपडेट: ओपी चौधरी ने बताया बड़ा बदलाव

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने भूमि पंजीयन और नामांतरण प्रक्रिया में ऐतिहासिक सुधार करते हुए पूरे देश के लिए एक नई मिसाल कायम की है। अब राज्य में जमीन की रजिस्ट्री पूरी होते ही ऑटोमेटिक नामांतरण (Auto Mutation) हो जाएगा और डिजिटल सिग्नेचरयुक्त प्रमाणित प्रति भी तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू इस क्रांतिकारी पहल की जानकारी वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी। उन्होंने कहा कि इस नई व्यवस्था से आम जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और भ्रष्टाचार से भी राहत मिलेगी।

पंजीयन और भुइयां सॉफ्टवेयर का तकनीकी इंटीग्रेशन
सरकार ने रजिस्ट्री प्रक्रिया को राजस्व रिकॉर्ड से जोड़ने के लिए पंजीयन सॉफ्टवेयर और भुइयां सॉफ्टवेयर का तकनीकी इंटीग्रेशन किया है। जैसे ही रजिस्ट्री होगी, नया मालिक राजस्व अभिलेखों में स्वतः दर्ज हो जाएगा। साथ ही डिजिटल सिग्नेचरयुक्त दस्तावेज व्हाट्सएप के माध्यम से खरीददार और विक्रेता दोनों को तुरंत भेजा जाएगा।

कानूनी संशोधन से बनी मजबूत व्यवस्था
राज्य सरकार ने इस प्रणाली को कानूनी मजबूती देने के लिए भू-राजस्व संहिता (Land Revenue Code) में भी आवश्यक संशोधन किए हैं। इससे रजिस्ट्री और नामांतरण अब तकनीकी रूप से पूरी तरह एकीकृत हो गए हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और तेज हो गई है।

जनता को मिलेंगे ये बड़े फायदे

  • पटवारी, आरआई और तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं।

  • भूमि विवादों और मुकदमों में भारी कमी आएगी।

  • संपत्ति की डुप्लीकेट बिक्री और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।

  • समय और पैसा बचेगा, जनता को भ्रष्टाचार से मुक्ति मिलेगी।

रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा
तेजी से होने वाले नामांतरण से रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश का माहौल बेहतर होगा। लंबित नामांतरण मामलों का तेजी से निपटारा भी होगा, जिससे जमीन से जुड़े सभी कार्य पहले से कहीं अधिक सरल और सुविधाजनक बन जाएंगे।

Dongargarh Ropeway Accident Update: बिजली सप्लाई में कोई फॉल्ट नहीं, उच्च स्तरीय जांच जारी

डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ के मां बलेश्वरी मंदिर प्रांगण में 25 अप्रैल को हुए रोप-वे हादसे को लेकर नया अपडेट सामने आया है। बिजली विभाग के अफसरों ने रोप-वे ऑपरेटर के उस बयान पर आपत्ति जताई है जिसमें सप्लाई फॉल्ट का हवाला दिया गया था। विभाग ने स्पष्ट किया है कि हादसे के समय बिजली सप्लाई लाइन में कोई खराबी नहीं थी। इस मामले में बिजली विभाग ने उच्च स्तर पर रिपोर्ट भेजने के साथ डोंगरगढ़ थाने में लिखित बयान भी दिया है।

हादसे के बाद ठेका कंपनी ने लो वोल्टेज की समस्या बताई थी, लेकिन बिजली कंपनी के कार्यपालन अभियंता एनके साहू ने स्पष्ट किया कि पूरे लाइन की जांच में कहीं भी फॉल्ट नहीं मिला। उन्होंने बताया कि रोप-वे के संचालन के लिए लगाया गया ट्रांसफॉर्मर संस्था का अपना है और उसका मेंटेनेंस भी संस्था की जिम्मेदारी है। अगर सप्लाई लाइन में गड़बड़ी होती तो रोप-वे की दूसरी ट्रॉली पर भी असर दिखता।

जांच के लिए जिला स्तरीय समिति गठित
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने हादसे की तकनीकी जांच के लिए जिला स्तरीय समिति बनाई है। समिति में राज्य विद्युत मंडल और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अभियंताओं को शामिल किया गया है। समिति को सात दिनों के भीतर स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

एफआईआर दर्ज, मौके का मुआयना जारी
हादसे के बाद डोंगरगढ़ एसडीओपी आशीष कुंजाम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और सीसीटीवी फुटेज समेत प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए। एसडीओपी ने बताया कि जिला स्तरीय कमेटी व तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

रोप-वे संचालन बंद, दर्शनार्थी परेशान
फिलहाल, रोप-वे का संचालन आगामी आदेश तक बंद कर दिया गया है। ठेका कंपनी ने अपने इंजीनियरों को तकनीकी जांच के लिए बुलाया है। इधर रोप-वे बंद होने से मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं, खासकर बुजुर्गों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।