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पुलिस जवानों की फिटनेस पर एसएसपी ने लगाई क्लास, वज़न और तोंद वालों को दी चेतावनी

रायपुर।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) विजय अग्रवाल ने शुक्रवार सुबह 6:30 बजे पुलिस लाइन में समस्त पुलिस बल की जनरल परेड ली। इस दौरान उन्होंने जवानों की वेशभूषा, अनुशासन, उपस्थिति और फिटनेस का निरीक्षण किया। विशेष रूप से अधिक वजन और तोंद वाले जवानों पर नाराजगी जताते हुए उन्हें मेहनत कर फिट रहने के सख्त निर्देश दिए।

अनुशासन के साथ आत्मविश्वास भी जरूरी: एसएसपी
एसएसपी विजय अग्रवाल ने जवानों से कहा कि जनरल परेड का उद्देश्य केवल अनुशासन नहीं है, बल्कि समर्पण, सतर्कता और आत्मविश्वास को भी बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि एक पुलिसकर्मी की चुस्त-दुरुस्त वेशभूषा और फिटनेस जनता में भरोसा पैदा करती है। वजन बढ़ने से कई बीमारियां घेर लेती हैं और कार्यक्षमता भी प्रभावित होती है। इसलिए सभी जवानों को अपनी फिटनेस पर ध्यान देना चाहिए।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को मिला इनाम
परेड के दौरान बेहतर टर्नआउट (वेशभूषा) दिखाने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। एसएसपी ने आगामी कानून-व्यवस्था ड्यूटी के मद्देनजर सभी जवानों को सजग और तत्पर रहने के निर्देश भी दिए।

वाहनों की स्थिति पर भी दिया ध्यान
पुलिस लाइन और जिले के विभिन्न थानों-चौकियों के वाहनों का निरीक्षण भी किया गया। वाहनों की स्वच्छता, सही रखरखाव और उन पर पुलिस स्टीकर लगाने के आदेश दिए गए, ताकि दूर से ही उनकी पहचान की जा सके।

डॉग स्क्वायड ने भी दी सलामी
इस विशेष परेड में डॉग हैंडलर अपने पुलिस डॉग्स के साथ शामिल हुए। डॉग्स ने भी एसएसपी को सलामी दी, जो आकर्षण का केंद्र रहा।

वरिष्ठ अधिकारी भी रहे मौजूद
जनरल परेड में एएसपी सुखनंदन राठौर, एएसपी पद्मश्री तंवर, एएसपी ऋचा मिश्रा, आईपीएस राहुल बंसल, सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी, सीएसपी हरीश पाटिल, डीएसपी चंद्रप्रकाश तिवारी, रक्षित निरीक्षक नीलकंठ वर्मा सहित जिले के सभी थाना व चौकी प्रभारी और लगभग 211 पुलिस जवान उपस्थित रहे।

खुले में शराब पीने वालों पर पुलिस का एक्शन, 51 गिरफ्तार – 5 असमाजिक तत्वों पर भी कार्रवाई

रायपुर।
छत्तीसगढ़ में विजिबल पुलिसिंग अभियान के तहत पुलिस ने रात के समय चौक-चौराहों, गली-मोहल्लों में खुलेआम शराब पीने और अड्डेबाजी करने वालों पर बड़ी कार्रवाई की है। अभियान के दौरान 51 लोगों को आबकारी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया, जबकि 5 असमाजिक तत्वों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 170 के तहत कार्रवाई की गई है।

SSP विजय अग्रवाल ने दिए थे सख्त निर्देश
नए एसएसपी विजय अग्रवाल ने पदभार संभालते ही पुलिस अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक कर निर्देश दिए थे कि सभी थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी रखें और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों की कुंडली तैयार करें। साथ ही निर्देश दिया गया कि शहर और ग्रामीण इलाकों में खुलेआम शराब पीने और अड्डेबाजी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

ASP और CSP के नेतृत्व में चला अभियान
एएसपी सुखनंदन राठौर और ग्रामीण एएसपी अभिषेक झा के नेतृत्व में, सीएसपी और थानेदारों ने प्रतिदिन रात 8 बजे से 11:30 बजे तक सघन अभियान चलाया। इस दौरान खुले में शराब पीते हुए 51 लोग पकड़े गए, जिनके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। इसके अलावा 5 असामाजिक तत्वों पर भी बीएनएस की धारा 170 के तहत कार्रवाई की गई।

दुपहिया वाहनों पर भी कसा शिकंजा
थाना क्षेत्रों में दोपहिया वाहनों की भी सघन चेकिंग की गई। तीन सवारी चलाते हुए पकड़े गए 464 लापरवाह वाहन चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई की गई।

होटल और लॉज की भी हुई जांच
पुलिस ने संदिग्ध इलाकों और सुनसान जगहों के अलावा होटल व लॉज की चेकिंग कर वहाँ रुके व्यक्तियों का भौतिक सत्यापन किया। होटल के रजिस्टर और दस्तावेजों की भी गहनता से जांच की गई।

अभियान आगे भी रहेगा जारी
विजिबल पुलिसिंग के तहत अभियान को लगातार जारी रखा जाएगा। SSP विजय अग्रवाल ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कोई भी व्यक्ति अड्डेबाजी या खुले में शराब पीते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भारत या पाकिस्तान: अगर युद्ध हुआ तो कौन पड़ेगा भारी?

भारत बनाम पाकिस्तान: पहलगाम हमले के बाद बढ़ा तनाव – किसकी सेना है ज़्यादा ताकतवर?

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत हो गई और 20 घायल हो गए। इस हमले की जिम्मेदारी “द रेसिस्टेंस फ्रंट” (TRF) ने ली है, जिसका संबंध लश्कर-ए-तैयबा से है। भारत ने पाकिस्तान पर आतंकियों को पनाह देने का आरोप लगाया है, जबकि पाकिस्तान ने हमले में शामिल होने से इनकार किया है।

भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए सिंधु जल समझौता रद्द कर दिया, पाकिस्तानियों के वीजा पर रोक लगा दी और देश में मौजूद पाकिस्तानियों को वापस लौटने का आदेश जारी किया। भारतीय नागरिकों को भी पाकिस्तान से लौटने के निर्देश दिए गए हैं। जवाब में पाकिस्तान ने शिमला समझौता रद्द करने और भारत के साथ सभी तरह के व्यापारिक संबंध तोड़ने का ऐलान किया है।

बॉर्डर पर बढ़ता तनाव, युद्ध का खतरा
एलओसी (LOC) पर भी तनाव बढ़ रहा है। पाकिस्तान लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है, जिसका भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है। पाकिस्तान को डर है कि भारत पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) पर हमला कर सकता है, इसी कारण उसकी आर्मी, एयरफोर्स और नेवी अलर्ट मोड पर हैं। सतह से सतह तक मार करने वाली मिसाइलों की टेस्टिंग भी हो रही है।

भारत ने भी कुछ मिसाइलों का सफल परीक्षण किया है और अपने स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत को अरब सागर में तैनात कर दिया है। दोनों देशों के बीच हालात युद्ध जैसे बनते जा रहे हैं, हालांकि फिलहाल युद्ध को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

भारत बनाम पाकिस्तान: किसकी सेना ज़्यादा ताकतवर?
तनाव के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि अगर युद्ध हुआ तो किस देश की सेना भारी पड़ेगी। आइए आंकड़ों पर नज़र डालते हैं:

कैटेगरी भारत पाकिस्तान
ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट 264 60
फाइटर जेट्स 606 387
कुल एयरक्राफ्ट 2,296 1,434
अटैक हेलीकॉप्टर्स 40 57
कुल हेलीकॉप्टर्स 869 352
एयरक्राफ्ट कैरियर 2 0
पनडुब्बियाँ 18 8
नेवी फ्लीट्स 294 114
मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम्स 702 602
तोपें 3,243 3,238
टैंक 4,614 3,742
बैलिस्टिक मिसाइलें 66 90
न्यूक्लियर बम 172 170
रिजर्व फोर्सेस 11,55,000 5,50,000
एक्टिव फोर्सेस 14,55,550 6,54,000

निष्कर्ष:
भारत ज़्यादातर सैन्य श्रेणियों में पाकिस्तान से आगे है, चाहे वह एयरफोर्स हो, नेवी हो या सेना की ताकत। पाकिस्तान के पास कुछ श्रेणियों में संख्या के हिसाब से बढ़त है, जैसे बैलिस्टिक मिसाइलों और अटैक हेलीकॉप्टरों में। दोनों देशों के पास न्यूक्लियर हथियार हैं, जिससे किसी भी संभावित युद्ध के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

युद्ध का परिणाम केवल सैन्य ताकत पर नहीं, बल्कि रणनीति, अंतरराष्ट्रीय समर्थन, आर्थिक स्थिति और जनता के मनोबल पर भी निर्भर करेगा। ऐसे में दोनों देशों के बीच शांति और बातचीत से ही समाधान निकलना सबसे बेहतर रहेगा।

CG News: बंद खदान के गड्ढे में डूबे 12 वर्षीय बालक की तीन दिन बाद मिली लाश, लापरवाही पर भड़का गुस्सा

मुड़पार (छत्तीसगढ़)। ग्राम मुड़पार में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। यहां एक बंद खदान के पानी से भरे गड्ढे में डूबने से 12 वर्षीय बालक हर्ष यादव पिता राजेश यादव की मौत हो गई। बच्चा तीन दिन से लापता था और शुक्रवार को उसका शव खदान के गड्ढे से बरामद हुआ।

जानकारी के अनुसार, हादसा उस खदान में हुआ जो लगभग 10 साल से बंद है, परंतु उसके गड्ढे को अब तक नहीं भरा गया था। खदान का स्वामित्व कमल अग्रवाल का बताया जा रहा है। आरोप है कि खदान संचालक ने गड्ढा भरने के खर्च से बचने के लिए वहां दिखावे के लिए मछली पालन शुरू किया था, जिसे बाद में चुपचाप बंद कर दिया गया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल और उतई थाना प्रभारी विपिन रंगारी मौके पर पहुंचे। डॉग स्क्वायड की मदद से बच्चे के कपड़े सुंघाकर खोज अभियान शुरू किया गया। दो दिन तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। तीसरे दिन, दूसरे खदान में हर्ष का शव पानी की सतह पर मिला। शव के पास उसके कपड़े भी बरामद किए गए।

सिस्टम की घोर लापरवाही उजागर
खनिज नियमों के अनुसार आबादी क्षेत्र के पास चूना पत्थर की खदान अधिकतम 10 मीटर और मुरुम खदान 7 मीटर गहराई तक ही होनी चाहिए। बावजूद इसके, पाटन और धमधा क्षेत्र की अधिकांश चालू और बंद खदानें 20 से 25 मीटर तक गहरी हैं। जिस खदान में हादसा हुआ, उसकी गहराई भी इतनी ही बताई जा रही है।

सेलूद, पतोरा, चुनकट्टा, मुड़पार, छाटा, गुढियारी, कानाकोट, परसाही, धौराभाठा, बेल्हारी सहित कई इलाकों में इसी तरह के खुले खदानों के कारण हादसे होते रहे हैं, मगर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने जताई संवेदना


घटना की जानकारी मिलने पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पीड़ित परिवार से मिलने मुड़पार पहुंचे। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और दोषी खदान संचालक पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने भी जमकर नाराजगी जताई और खनन विभाग तथा प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ आवाज उठाई।

जांच और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने मांग की है कि ऐसी सभी बंद खदानों को तत्काल पाटा जाए और जिम्मेदारों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर कठोर दंड दिया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

मुख्यमंत्री साय बोले – आतंकवादियों की कायराना हरकत से प्रदेश ने अपना बेटा खोया

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में दिवंगत हुए छत्तीसगढ़ के कारोबारी दिनेश मिरानिया को अंतिम विदाई देने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं पहुंचे। उन्होंने पार्थिव शरीर को कंधा देकर श्रद्धांजलि अर्पित की और मृतात्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान रायपुर की सड़कों पर पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगे और आतंकियों की तस्वीरों पर लोग थूकते नजर आए, जिससे जनता में भारी आक्रोश साफ झलक रहा था।

मुख्यमंत्री साय ने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि दिवंगत मिरानिया की स्मृति में सरकार किसी सड़क या चौक का नामकरण करने पर विचार कर रही है, जिससे उनकी यादें चिरस्थायी बनी रहें।

साय ने आतंकवादी हमले को देश की आत्मा पर चोट करार देते हुए कहा कि पूरा देश एकजुट होकर इस अमानवीय कृत्य का जवाब देगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान की शह पर किए गए इस हमले का खामियाजा उसे भुगतना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि धारा 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में शांति और विकास का वातावरण बना था, जिसे अस्थिर करने की कोशिश की गई है।

इस मौके पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, विधायक किरण देव, राजेश मूणत और नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।

 

पहलगाम आतंकी हमला: हिंदू-मुस्लिम समाज एकजुट, आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसारन में हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों को बेरहमी से गोलियों से भून दिया गया। आतंकियों ने हमले से पहले पीड़ितों का धर्म पूछकर उन्हें निशाना बनाया, जिससे यह साफ है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी।

अखिल भारतीय हिंदू संगठन ने इस बर्बर हमले की निंदा करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी और सरकार से तीन अहम मांगें रखीं—पहली, सभी आतंकियों की पहचान कर उन्हें मारा जाए; दूसरी, हिंदू नागरिकों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर विशेष नीति लागू हो; और तीसरी, हिंदू विरोधी मानसिकता फैलाने वाले संगठनों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलाया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार कार्रवाई नहीं करती, तो वे समाज के वीर युवाओं को आगे लाएंगे।

हिंदू संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता नीरज पांडेय ने कहा कि अब सिर्फ निंदा करने का समय नहीं है, बल्कि निर्णायक कार्रवाई का वक्त है। उन्होंने सरकार से आतंकियों को सीधे गोली मारने का आदेश देने की मांग की।

इस हमले के खिलाफ मुस्लिम समाज भी आक्रोशित है। छत्तीसगढ़ के नवापारा में मुस्लिम समुदाय ने मस्जिद में बैठक कर इस कायराना हरकत की निंदा की और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई। मुस्लिम समाज के अध्यक्ष अल्तमश सिद्दीकी ने कहा कि यह पूरी मानवता पर हमला है और भारत का हर मुसलमान इस दुख में साथ है। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से अपील की कि आतंकियों को उनके ठिकानों सहित नेस्तनाबूद किया जाए।

राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी घटना को लेकर गहरा रोष जताया है। सभी ने एक स्वर में कहा कि यह हमला भारत की एकता, अखंडता और भाईचारे पर किया गया है और अब देश को मिलकर आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक संघर्ष छेड़ना होगा।

अनुराग कश्यप पर FIR: ब्राह्मण समाज ने की गिरफ्तारी की मांग, पुलिस को सौंपा ज्ञापन

फिल्म निर्माता और निर्देशक अनुराग कश्यप द्वारा ब्राह्मण समाज पर की गई टिप्पणी को लेकर बस्तर का पूरा ब्राह्मण समाज आक्रोशित हो गया है। समाज के सदस्यों ने मंगलवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग को पुलिस अधीक्षक के नाम एक ज्ञापन सौंपते हुए अनुराग कश्यप के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

गिरफ्तारी की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा

नगर ब्राह्मण समाज अध्यक्ष किरण शुक्ला ने कहा कि अनुराग कश्यप द्वारा की गई टिप्पणी अशोभनीय और ब्राह्मण विरोधी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र गिरफ्तारी नहीं हुई तो समाज सड़कों पर उतर कर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा। समाज ने यह भी आग्रह किया कि ऐसे मामलों में सख्त से सख्त सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई भी किसी समाज के सम्मान को ठेस न पहुँचा सके।

कोतवाली में दर्ज हुई शिकायत

जानकारी के अनुसार राजधानी के कोतवाली थाना में अनुराग कश्यप के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से ब्राह्मण समाज के प्रति अभद्र और जातिसूचक भाषा का प्रयोग किया है। यह टिप्पणी न केवल समाज की भावनाओं को आहत करने वाली है बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी प्रभावित कर सकती है।

सनातन धर्म के अपमान का आरोप

राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ के पदाधिकारियों ने कश्यप पर सनातन धर्म के अपमान का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि टीआरपी और प्रचार की लालसा में कुछ लोग सनातनी मूल्यों का मज़ाक बना रहे हैं, जो बर्दाश्त योग्य नहीं है। इस पर आपत्ति जताते हुए हिंदू समाज और ब्राह्मण समाज के सदस्यों ने थाने में आपराधिक शिकायत दर्ज करवाई।

सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास

शिकायत में स्पष्ट कहा गया है कि अनुराग कश्यप की टिप्पणी न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि सामाजिक समरसता के लिए भी खतरा है। समाज ने यह मांग की है कि ऐसे बयान देने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, जिससे समाज में शांति और सौहार्द बना रहे।

भिलाई में समोसे का पैसा मांगना पड़ा महंगा, नशे में धुत युवक ने खौलता तेल उड़ेला

छत्तीसगढ़ के भिलाई जिले के बैकुंठधाम इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां नशे में धुत युवक ने समोसे का पैसा मांगने पर ठेले वाले के ऊपर खौलता हुआ तेल डाल दिया। जानकारी के मुताबिक, 20 वर्षीय प्रकाश प्रजापति अपने बड़े भाई दीपक प्रजापति के साथ मंदिर के पास समोसे का ठेला लगाता है। 22 अप्रैल को आरोपी इमरान खान उर्फ बल्ले समोसा लेने पहुंचा। नशे की हालत में होने के कारण उसने समोसे की मांग पर प्रकाश से झगड़ा शुरू कर दिया।

प्रकाश ने इमरान से थोड़ा इंतजार करने को कहा, लेकिन वह गाली-गलौज करने लगा। डर के मारे प्रकाश ने उसे एक ग्राहक का समोसा दे दिया। जब प्रकाश ने समोसे के 20 रुपए मांगे, तो इमरान और ज्यादा आक्रोशित हो गया और धमकी देने लगा। प्रकाश ने शांतिपूर्वक कहा कि अगर पैसे नहीं देने हैं तो मत दो, लेकिन गाली मत दो। इस पर इमरान ने ठेले पर रखी खौलते तेल की कढ़ाही उठाकर प्रकाश पर उड़ेल दी।

तेल के छींटे से प्रकाश का चेहरा और हाथ गंभीर रूप से झुलस गया। उसे बचाने आए भाई दीपक के दोनों हाथ भी झुलस गए। दोनों को तत्काल पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में सेक्टर 9 अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

छावनी थाना पुलिस ने आरोपी इमरान खान के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी अंतिम विदाई, BJP ने स्थगित किए सभी कार्यक्रम

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए रायपुर निवासी दिनेश मिरानिया को अंतिम विदाई देने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं पहुंचे। उन्होंने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और कंधा देकर अंतिम यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मुखाग्नि में भी भागीदारी निभाई। शोकाकुल माहौल में दिनेश के परिजन बिलख-बिलख कर रो पड़े, पत्नी और मां अचेत होकर गिर पड़ीं। इस भावुक क्षण में उपस्थित लोगों ने सरकार से एक सुर में बदला लेने की मांग की।

 

घटना के बाद बीजेपी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए अपने सभी संगठनात्मक कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। पार्टी के प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने बताया कि डॉ. भीमराव आम्बेडकर सम्मान सभा और वक्फ बोर्ड सुधार कानून पर होने वाली कार्यशाला अब आगे के लिए टाल दी गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता व प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव सहित सभी पदाधिकारी शोक कार्यक्रमों में शामिल होकर दिवंगत को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का कांग्रेस पर हमला: गांधी, संविधान और चुनाव प्रणाली पर कड़े सवाल

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मध्यप्रदेश के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने रायपुर प्रवास के दौरान कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान का इस्तेमाल महज राजनीतिक फायदे के लिए कर रही है। अगर कांग्रेस संविधान के अनुरूप चली होती, तो देश की यह स्थिति नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान का सबसे ज्यादा मजाक कांग्रेस ने ही उड़ाया है।

कैलाश विजयवर्गीय ने गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा, “कांग्रेसी किस गांधी की बात कर रहे हैं? उस गांधी की जो गाय की सेवा करता था या उस गांधी की जो बीफ खाता है? जो गांधी देश की गरीब जनता की पीड़ा को समझते थे, या वह जो छुट्टियां मनाने थाईलैंड जाता है?” उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता आज संविधान की किताब लेकर घूमते हैं, लेकिन उसके मूल को नहीं समझते।

एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा करते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि आपातकाल लगाकर और यूपीए शासन के दौरान संसद में बिल की कॉपी फाड़कर कांग्रेस ने संविधान की धज्जियां उड़ाईं। आज वही नेता विदेश जाकर देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं, जिससे भारत की छवि को नुकसान होता है।

चुनाव प्रणाली को लेकर भी उन्होंने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “जहां कांग्रेस जीतती है, वहां कोई सवाल नहीं उठाते, लेकिन जहां हार होती है, वहां चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हैं। जनता इस दोहरे चरित्र को समझ चुकी है और हर जगह कांग्रेस को नकार रही है।”

विजयवर्गीय ने ‘एक देश, एक चुनाव’ व्यवस्था का समर्थन करते हुए कहा कि इससे न सिर्फ समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि देश के विकास को भी गति मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा द्वारा अंबेडकर जयंती पर आयोजित 10 दिवसीय कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि वह राजनांदगांव जाकर जनता को बताएंगे कि कांग्रेस ने कैसे बाबा साहब अंबेडकर के साथ धोखा  किया है।