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रायपुर न्यूज़: छत्तीसगढ़ में विदेशी गांजा जब्त, मुंबई से मंगवाया गया था रायपुर — दो तस्कर गिरफ्तार

रायपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विदेशी गांजे की बड़ी खेप जब्त की है और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पहली कार्रवाई रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र में हुई, जहां पुलिस ने भाठागांव बस स्टैंड के पास एक व्यक्ति को 15.25 ग्राम विदेशी गांजे के साथ रंगे हाथों पकड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान तेलीबांधा निवासी तुषाल मूलचंदानी के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, तुषाल बस स्टैंड के पास स्थित शुलभ शौचालय के पास अवैध रूप से गांजा बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि यह गांजा उसके दोस्त पंकज चावला (निवासी रायपुर) ने मुंबई से मंगवाकर उसे दिया था और वह इसे ग्राहक को सौंपने आया था।

वहीं दूसरी ओर, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट को गंज थाना क्षेत्र के नहरपारा रोड स्थित आत्मानंद स्कूल के पास एक संदिग्ध व्यक्ति की सूचना मिली। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर व्यक्ति को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम संदीप श्रीवास (निवासी मुंगेली) बताया।

पुलिस द्वारा की गई तलाशी में संदीप के थैले से 5 किलो 950 ग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत लगभग ₹60,000 आंकी गई है।

दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह मादक पदार्थ कहां से आ रहा है और इसमें और कौन-कौन शामिल हैं।

एक्शन में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े: विभागीय योजनाओं में लापरवाही पर जिला कार्यक्रम अधिकारी किशन टंडन निलंबित

बालोद, छत्तीसगढ़ — महिला एवं बाल विकास विभाग ने कर्तव्यों में घोर लापरवाही और विभागीय योजनाओं के संचालन में गंभीर अनियमितताओं के चलते बालोद जिले के जिला कार्यक्रम अधिकारी किशन टंडन क्रांति को निलंबित कर दिया है। विभाग की ओर से इस आशय का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है।

यह कार्रवाई महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के 15 अप्रैल को बालोद दौरे के बाद की गई है। दौरे के दौरान मंत्री ने विभिन्न शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर खामियां उजागर हुईं। निरीक्षण के समय जिला कार्यक्रम अधिकारी टंडन मुख्यालय से अनुपस्थित पाए गए, जबकि उनकी उपस्थिति अपेक्षित थी।

निरीक्षण के दौरान आंगनवाड़ी केंद्र पाररास (इंदिरा गांधी वार्ड क्रमांक 18/1) में फर्जी उपस्थिति दर्ज, पोषण ट्रैकर ऐप में अधूरी प्रविष्टियां, सखी वन स्टॉप सेंटर की निष्क्रियता और करकाभांठ केंद्र में साफ-सफाई की घोर कमी जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके अतिरिक्त, टंडन पर विभागीय बैठकों में नियमित अनुपस्थिति का आरोप भी लगाया गया है।

इन खामियों को लेकर मंत्री राजवाड़े ने समीक्षा बैठक में कड़ी नाराज़गी जाहिर की और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके परिणामस्वरूप, किशन टंडन को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें बिलासपुर स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग में स्थानांतरित किया गया है, जहां उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

यह कार्रवाई महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक सख्त कदम माना जा रहा है।

Raipur Crime News: सूने मकानों को बना रहा था निशाना, छह घरों में चोरी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार

रायपुर, 19 अप्रैल: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शहर के गुढ़ियारी और खमतराई थाना क्षेत्रों में छह सूने मकानों को निशाना बनाने वाले शातिर चोर को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी की पहचान जागेश उर्फ जग्गू चौहान के रूप में हुई है, जो पूर्व में हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों में जेल जा चुका है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी एक्टिवा स्कूटर से विभिन्न कॉलोनियों में घूम-घूमकर सूने घरों की रेकी करता था और मौका पाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी के पास से चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवर, 8 गैस सिलेंडर, एक एलईडी टीवी, दो मोबाइल फोन, 1 टीन खाने का तेल और 900 रुपये नगद जब्त किए गए हैं। इसके अलावा चोरी में इस्तेमाल की गई एक्टिवा स्कूटर भी जब्त की गई है। कुल जब्त सामान की कीमत करीब 5.50 लाख रुपये आंकी गई है।

 

जांच के दौरान सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही थाना गुढ़ियारी में एक और थाना खमतराई में पांच चोरी के मामले दर्ज हैं। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उससे जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे घर छोड़ने से पहले सुरक्षा के उचित इंतजाम करें और पड़ोसियों को सूचित करें, ताकि इस तरह की वारदातों से बचा जा सके।

CG News: रायपुर को मिली 100 ई-सिटी बसें, सस्ती और स्वच्छ यातायात सेवा का रास्ता साफ

रायपुर, 19 अप्रैल: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जल्द ही सस्ती और प्रदूषण मुक्त यातायात सेवा की शुरुआत होने जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत 100 इलेक्ट्रिक सिटी बसों के संचालन का रास्ता अब साफ हो गया है। लंबे इंतजार के बाद चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड, अहमदाबाद को बस संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, 62.20 रुपए प्रति किलोमीटर की दर से ई-बसों का संचालन किया जाएगा। ये बसें न सिर्फ रायपुर शहर बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लिए भी चलाई जाएंगी। इससे राजधानी के 70 वार्डों समेत अन्य छोटे शहरों में यात्रा करना सस्ता और सुविधाजनक हो जाएगा।

इससे पहले सिटी बसों का ठेका मनीष ट्रेवल्स को दिया गया था, लेकिन 67 में से सिर्फ 25-30 बसें ही संचालित हो पाई थीं। वहीं, ई-बसों के संचालन से न केवल सार्वजनिक परिवहन सुलभ होगा, बल्कि प्रदूषण में भी काफी कमी आने की उम्मीद है।

हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बसें कब तक राजधानी में सड़कों पर दौड़ेंगी। निगम के कार्यपालन अभियंता प्रदीप यादव के अनुसार, डिपो निर्माण का कार्य अगले महीने शुरू होगा और तैयारियों में तेजी लाई जा रही है।

रायपुरवासियों को बीते दो वर्षों से ई-बसों की सुविधा देने का वादा किया गया था, जो अब धीरे-धीरे साकार होता दिख रहा है।

छत्तीसगढ़: महादेव सट्टा घोटाले में पूर्व IAS अनिल टुटेजा के घर CBI का छापा, कई दस्तावेज़ जब्त

रायपुर, 19 अप्रैल: छत्तीसगढ़ में जारी हाई-प्रोफाइल घोटालों की जांच के सिलसिले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार सुबह राजधानी रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा के आवास पर छापेमारी की। यह कार्रवाई महादेव ऑनलाइन सट्टा रैकेट, शराब घोटाला और कोयला घोटाले जैसे मामलों की गहराई से जांच के तहत की गई है।

CBI की यह विशेष टीम दिल्ली से रायपुर पहुंची थी और सुबह-सवेरे टुटेजा के घर पर दबिश दी। छापे के दौरान टुटेजा की पत्नी, बेटे और परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ की गई। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने बड़ी मात्रा में दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की है, जो उनके कार्यकाल के दौरान वित्तीय अनियमितताओं और सत्ता के दुरुपयोग से संबंधित हो सकते हैं।

अनिल टुटेजा, जो शराब घोटाले के मामले में पिछले एक साल से अधिक समय से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत पाने में सफल रहे थे। हालांकि, आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा एक अन्य मामले में जारी गिरफ्तारी वारंट के चलते वे फिलहाल भी हिरासत में हैं।

यह छापेमारी छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार, आर्थिक अपराध और अवैध सिंडिकेट पर चल रही बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है, जिसमें कई वरिष्ठ नौकरशाहों और कारोबारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। CBI की कार्रवाई को राज्य में प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में एक बड़ी हलचल के रूप में देखा जा रहा है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि इन मामलों के पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था, जिसमें सत्ता का दुरुपयोग कर भारी मात्रा में अवैध लेन-देन किए गए। CBI की अगली कार्रवाई को लेकर सभी की निगाहें अब इस केस पर टिकी हैं।

मध्य प्रदेश: नाबालिग पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की, वीडियो कॉल पर दिखाया शव

इंदौर/बुरहानपुर – मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 25 वर्षीय युवक की हत्या उसकी 17 वर्षीय पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके दो साथियों (जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है) के साथ मिलकर कर दी। आरोपियों ने बीयर की टूटी बोतल और धारदार हथियार से उस पर 36 बार वार किया। हत्या के बाद नाबालिग पत्नी ने वीडियो कॉल कर अपने प्रेमी को शव दिखाया और कहा – “काम हो गया।”

एसपी देवेंद्र पाटीदार ने बताया कि 13 अप्रैल को पुलिस को इंदौर-इच्छापुर रोड पर आईटीआई कॉलेज के पास झाड़ियों में एक शव मिलने की सूचना मिली थी। शव की पहचान राहुल उर्फ गोल्डन (पुत्र रामचंद्र पांडे कुनबी पाटिल, निवासी शाहपुर) के रूप में हुई। शव पर कई गंभीर चोटों के निशान थे।

जांच में पता चला कि मृतक की पत्नी घटना के बाद से फरार थी और उसका युवराज नामक युवक से प्रेम संबंध था। जब युवराज को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने कबूल किया कि उसने राहुल की पत्नी और अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी।

हत्या 12 अप्रैल की रात करीब 8:00 से 8:30 बजे के बीच की गई। नाबालिग पत्नी ने राहुल को शॉपिंग के बहाने बाहर बुलाया और रास्ते में एक ढाबे पर खाना खाने के बाद जानबूझकर अपनी चप्पल गिरा दी। जैसे ही राहुल रुका, ललित और एक किशोर बाइक से पहुंचे और राहुल को झाड़ियों में घसीटकर उस पर हमला कर दिया। पहले बीयर की बोतल से सिर पर वार किया गया जिससे वह बेहोश हो गया, फिर धारदार हथियार और बोतलों से उस पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी गई।

हत्या के बाद लड़की ने वीडियो कॉल कर युवराज को राहुल का शव दिखाया और कहा, “काम हो गया है।” इसके बाद तीनों आरोपी रावेर स्टेशन से ट्रेन पकड़कर इटारसी होते हुए उज्जैन भाग गए।

गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने लड़की, ललित और किशोर आरोपी को सांवेर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने हत्या की पूरी साजिश कबूल की।

गिरफ्तार आरोपी:

भरत उर्फ युवराज (20), पिता कैलाश पाटिल, निवासी कोडरी शाहपुर, बुरहानपुर

ललित (20), पिता संतोष पाटिल, निवासी कोडरी शाहपुर, बुरहानपुर

मृतक की 17 वर्षीय नाबालिग पत्नी

एक अन्य नाबालिग लड़का

पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है।

छत्तीसगढ़: घायल बाघ का सफल रेस्क्यू, इलाज जारी

रायपुर – छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले स्थित इंद्रावती टाइगर रिजर्व में एक घायल नर बाघ को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। बाघ को इलाज के लिए नया रायपुर स्थित नंदनवन जंगल सफारी के गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती कराया गया है।

इंद्रावती टाइगर रिजर्व के उप निदेशक संदीप बलगा ने बताया कि 13 अप्रैल को बफर जोन के ग्रामीणों ने एक बाघ को लंगड़ाते हुए घूमते देखा। इसकी सूचना मिलने के बाद 16 अप्रैल को इंद्रावती टाइगर रिजर्व और नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। दो दिन की मशक्कत के बाद बाघ को ट्रैक कर लिया गया।

विशेषज्ञों की टीम ने बाघ को शांत कर उसकी जांच की, जिसमें पता चला कि उसके पिछले पैर में क्लच वायर का फंदा फंसा हुआ था। इससे बाघ गंभीर रूप से घायल हो गया था और चलने-फिरने में असमर्थ हो गया था। अधिकारियों का मानना है कि यह फंदा शिकारियों द्वारा लगाया गया हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

चार से पांच साल की उम्र का यह नर बाघ छत्तीसगढ़ का ही है। वन विभाग के मुताबिक उसकी हालत अब स्थिर है और एक महीने के भीतर उसके पूरी तरह ठीक होने की उम्मीद है। इलाज के बाद बाघ को फिर से इंद्रावती के जंगलों में छोड़ा जाएगा।

यह बचाव अभियान पीसीसीएफ (वन्यजीव) सुधीर अग्रवाल, सीसीएफ (वन्यजीव) आरसी दुग्गा और उप निदेशक संदीप बलगा के निर्देशन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इंद्रावती टाइगर रिजर्व छत्तीसगढ़ की समृद्ध जैव विविधता का प्रतीक है और यहां बाघों समेत कई दुर्लभ प्रजातियां पाई जाती हैं।

अनूठा जल जुगाड़: बैरागी गांव के ग्रामीणों ने बदला प्राकृतिक जलधारा का रुख, हर घर तक पहुंचाया पानी

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB)। भीषण गर्मी और जल संकट से जूझते प्रदेश में छत्तीसगढ़ का एक छोटा सा गांव सबक बनकर सामने आया है। जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित बैरागी गांव के ग्रामीणों ने वह कर दिखाया, जो सरकारें वर्षों से नहीं कर पाईं। बिना किसी सरकारी मदद के, गांववासियों ने प्राकृतिक जलधारा का रुख मोड़ते हुए पानी को हर घर तक पहुंचा दिया है।

बिना बजट, बिना योजना – सिर्फ मेहनत और सूझबूझ

ताराबहरा ग्राम पंचायत के इस आश्रित गांव में चारों ओर से पहाड़ों से बहती जलधाराओं को गांव तक लाने के लिए ग्रामीणों ने नालियों और लकड़ी-मिट्टी से बने पाइपनुमा रास्तों का निर्माण किया। करीब एक किलोमीटर लंबा यह कच्चा नेटवर्क न सिर्फ पीने के पानी की आपूर्ति करता है, बल्कि खेती-किसानी और घरेलू उपयोग के लिए भी सहारा बना हुआ है।

नालियों में बहता नहीं, पहुंचता है पीने का पानी

जहां आमतौर पर नालियों का मतलब गंदे पानी की निकासी होता है, वहीं बैरागी गांव की नालियां जीवनदायिनी बनी हुई हैं। ग्रामीणों ने पहाड़ से बहती जलधारा को मोड़ते हुए नहरों और कच्चे पाइपों से पानी गांव तक पहुंचाया। जब किसी घर में जरूरत होती है, तो जलधारा का रुख उसी दिशा में मोड़ दिया जाता है।

80 परिवारों की प्यास बुझा रही है जुगाड़ तकनीक

करीब 300 की आबादी वाले इस गांव के सभी परिवार इस तकनीक से लाभान्वित हो रहे हैं। ग्रामीणों की मेहनत ने यह साबित कर दिया है कि जब इच्छाशक्ति हो, तो संसाधनों की कमी भी बाधा नहीं बनती।

सरपंच की गुहार, सरकार से सहयोग की आस

गांव के सरपंच राम प्रसाद ने बताया, “हमने अपनी मेहनत से जल की व्यवस्था कर ली है, लेकिन यदि शासन से मदद मिले तो पक्की नालियां बनाकर इस व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकता है।”

  • जल जीवन मिशन से उम्मीदें

विधायक रेणुका सिंह ने कहा, “जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल पहुंचाने का संकल्प है। पिछली सरकार के कारण इसमें देरी हुई, लेकिन अब इसकी समयसीमा बढ़ाकर 2028 कर दी गई है। ऐसे गांवों को प्राथमिकता में रखकर योजना का लाभ जल्द दिलाया जाएगा।”

बैरागी गांव की यह पहल केवल एक जुगाड़ नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणा है – कि यदि नीयत और मेहनत हो, तो बिना सरकारी तंत्र के भी बदलाव संभव है।

अगर आप चाहें, मैं इसका एक वीडियो स्क्रिप्ट या सोशल मीडिया पोस्ट वर्जन भी तैयार कर सकता हूं।

बिरगांव के नागेश्वर नगर में दिल दहला देने वाली वारदात: युवक ने मां की हत्या की, पत्नी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

राजधानी रायपुर के बिरगांव स्थित नागेश्वर नगर से शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। एक युवक ने मामूली विवाद के बाद अपनी मां की हथौड़े से पीट-पीटकर हत्या कर दी, वहीं पत्नी को भी बुरी तरह से घायल कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 

यह घटना शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे की बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी युवक ऑटो चालक है और उसने घर में पालतू कुत्ता खरीदने के लिए पैसे की मांग की थी। इस बात को लेकर उसका अपनी मां और पत्नी से विवाद हो गया। नशे की हालत में मौजूद युवक ने गुस्से में आकर पहले मां पर हथौड़े से हमला कर दिया, जिससे महिला की मौके पर ही मौत हो गई।

इसके बाद आरोपी ने अपनी पत्नी पर भी हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला को पास के सिद्धि विनायक अस्पताल, उरकुरा में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। मामले की जांच उरला थाना पुलिस कर रही है।

इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से जल्द कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 18 नए अग्निशमन वाहनों को दिखाई हरी झंडी, सह आवासीय परिसर का किया लोकार्पण

छत्तीसगढ़ समाचार,

रायपुर, 18 अप्रैल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को राजधानी रायपुर के माना कैंप स्थित नगर सेना केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान परिसर में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के लिए 18 नए अत्याधुनिक अग्निशमन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने नवा रायपुर के सेक्टर-13 में नवनिर्मित अग्निशमन केंद्र सह आवासीय परिसर और माना में नवीन सेनानी कार्यालय का भी लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये अग्निशमन वाहन राज्य की त्वरित आपातकालीन सेवाओं को नई गति देंगे और अग्निकांड जैसी आपात स्थितियों में तेजी से और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने इसे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम बताया। मुख्यमंत्री साय ने कहा, “जीवन की रक्षा सबसे बड़ा कार्य है, और इसे निभाने वाले अग्निशमन कर्मी हमारे सच्चे नायक हैं।”

कार्यक्रम में राज्य आपदा मोचन बल और अग्निशमन राहत दल द्वारा आगजनी की घटना पर आधारित एक रेस्क्यू ऑपरेशन का डेमो भी प्रस्तुत किया गया, जिसे मुख्यमंत्री ने गंभीरता और रुचि के साथ देखा। उन्होंने जवानों की तत्परता और सजगता की सराहना की।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अग्निशमन सेवाओं में प्रयुक्त होने वाले अत्याधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। अधिकारियों ने उन्हें लुकास जैक, ग्लास ब्रेकर, एयर लिफ्टिंग बैग, पेलिकन टावर लाइट, डायमंड टिप, चेन सॉ, फायर जैल ब्लैकेट, फायर सूट और अंडर वॉटर कैमरा जैसे उपकरणों की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी।

इस अवसर पर उप पुलिस महानिरीक्षक अजात शत्रु बहादुर सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में अग्निशमन सेवा को नगरीय निकाय से स्थानांतरित किया गया था। वर्तमान में विभाग को प्रतिवर्ष लगभग 8,000 फायर कॉल्स प्राप्त होते हैं, जो गर्मियों के मौसम में प्रतिदिन औसतन 40 तक पहुंच जाते हैं।

उन्होंने बताया कि इन 18 नए वाहनों के जुड़ने से विभाग के पास अब कुल 161 अग्निशमन वाहन हो गए हैं। रायगढ़, कोरबा, कबीरधाम, दंतेवाड़ा, धमतरी, कोरिया और अंबिकापुर जैसे जिलों को आज ही ये वाहन सौंपे गए हैं।

कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि नवा रायपुर में अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के लिए एनआरडीए द्वारा 5.5 करोड़ रुपये की लागत से फायर स्टेशन सह आवासीय परिसर का निर्माण कराया गया है, जिसका आज लोकार्पण हुआ।