Home Blog Page 218

छत्तीसगढ़: घायल बाघ का सफल रेस्क्यू, इलाज जारी

रायपुर – छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले स्थित इंद्रावती टाइगर रिजर्व में एक घायल नर बाघ को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। बाघ को इलाज के लिए नया रायपुर स्थित नंदनवन जंगल सफारी के गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती कराया गया है।

इंद्रावती टाइगर रिजर्व के उप निदेशक संदीप बलगा ने बताया कि 13 अप्रैल को बफर जोन के ग्रामीणों ने एक बाघ को लंगड़ाते हुए घूमते देखा। इसकी सूचना मिलने के बाद 16 अप्रैल को इंद्रावती टाइगर रिजर्व और नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। दो दिन की मशक्कत के बाद बाघ को ट्रैक कर लिया गया।

विशेषज्ञों की टीम ने बाघ को शांत कर उसकी जांच की, जिसमें पता चला कि उसके पिछले पैर में क्लच वायर का फंदा फंसा हुआ था। इससे बाघ गंभीर रूप से घायल हो गया था और चलने-फिरने में असमर्थ हो गया था। अधिकारियों का मानना है कि यह फंदा शिकारियों द्वारा लगाया गया हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

चार से पांच साल की उम्र का यह नर बाघ छत्तीसगढ़ का ही है। वन विभाग के मुताबिक उसकी हालत अब स्थिर है और एक महीने के भीतर उसके पूरी तरह ठीक होने की उम्मीद है। इलाज के बाद बाघ को फिर से इंद्रावती के जंगलों में छोड़ा जाएगा।

यह बचाव अभियान पीसीसीएफ (वन्यजीव) सुधीर अग्रवाल, सीसीएफ (वन्यजीव) आरसी दुग्गा और उप निदेशक संदीप बलगा के निर्देशन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इंद्रावती टाइगर रिजर्व छत्तीसगढ़ की समृद्ध जैव विविधता का प्रतीक है और यहां बाघों समेत कई दुर्लभ प्रजातियां पाई जाती हैं।

अनूठा जल जुगाड़: बैरागी गांव के ग्रामीणों ने बदला प्राकृतिक जलधारा का रुख, हर घर तक पहुंचाया पानी

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB)। भीषण गर्मी और जल संकट से जूझते प्रदेश में छत्तीसगढ़ का एक छोटा सा गांव सबक बनकर सामने आया है। जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित बैरागी गांव के ग्रामीणों ने वह कर दिखाया, जो सरकारें वर्षों से नहीं कर पाईं। बिना किसी सरकारी मदद के, गांववासियों ने प्राकृतिक जलधारा का रुख मोड़ते हुए पानी को हर घर तक पहुंचा दिया है।

बिना बजट, बिना योजना – सिर्फ मेहनत और सूझबूझ

ताराबहरा ग्राम पंचायत के इस आश्रित गांव में चारों ओर से पहाड़ों से बहती जलधाराओं को गांव तक लाने के लिए ग्रामीणों ने नालियों और लकड़ी-मिट्टी से बने पाइपनुमा रास्तों का निर्माण किया। करीब एक किलोमीटर लंबा यह कच्चा नेटवर्क न सिर्फ पीने के पानी की आपूर्ति करता है, बल्कि खेती-किसानी और घरेलू उपयोग के लिए भी सहारा बना हुआ है।

नालियों में बहता नहीं, पहुंचता है पीने का पानी

जहां आमतौर पर नालियों का मतलब गंदे पानी की निकासी होता है, वहीं बैरागी गांव की नालियां जीवनदायिनी बनी हुई हैं। ग्रामीणों ने पहाड़ से बहती जलधारा को मोड़ते हुए नहरों और कच्चे पाइपों से पानी गांव तक पहुंचाया। जब किसी घर में जरूरत होती है, तो जलधारा का रुख उसी दिशा में मोड़ दिया जाता है।

80 परिवारों की प्यास बुझा रही है जुगाड़ तकनीक

करीब 300 की आबादी वाले इस गांव के सभी परिवार इस तकनीक से लाभान्वित हो रहे हैं। ग्रामीणों की मेहनत ने यह साबित कर दिया है कि जब इच्छाशक्ति हो, तो संसाधनों की कमी भी बाधा नहीं बनती।

सरपंच की गुहार, सरकार से सहयोग की आस

गांव के सरपंच राम प्रसाद ने बताया, “हमने अपनी मेहनत से जल की व्यवस्था कर ली है, लेकिन यदि शासन से मदद मिले तो पक्की नालियां बनाकर इस व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकता है।”

  • जल जीवन मिशन से उम्मीदें

विधायक रेणुका सिंह ने कहा, “जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल पहुंचाने का संकल्प है। पिछली सरकार के कारण इसमें देरी हुई, लेकिन अब इसकी समयसीमा बढ़ाकर 2028 कर दी गई है। ऐसे गांवों को प्राथमिकता में रखकर योजना का लाभ जल्द दिलाया जाएगा।”

बैरागी गांव की यह पहल केवल एक जुगाड़ नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणा है – कि यदि नीयत और मेहनत हो, तो बिना सरकारी तंत्र के भी बदलाव संभव है।

अगर आप चाहें, मैं इसका एक वीडियो स्क्रिप्ट या सोशल मीडिया पोस्ट वर्जन भी तैयार कर सकता हूं।

बिरगांव के नागेश्वर नगर में दिल दहला देने वाली वारदात: युवक ने मां की हत्या की, पत्नी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

राजधानी रायपुर के बिरगांव स्थित नागेश्वर नगर से शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। एक युवक ने मामूली विवाद के बाद अपनी मां की हथौड़े से पीट-पीटकर हत्या कर दी, वहीं पत्नी को भी बुरी तरह से घायल कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 

यह घटना शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे की बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी युवक ऑटो चालक है और उसने घर में पालतू कुत्ता खरीदने के लिए पैसे की मांग की थी। इस बात को लेकर उसका अपनी मां और पत्नी से विवाद हो गया। नशे की हालत में मौजूद युवक ने गुस्से में आकर पहले मां पर हथौड़े से हमला कर दिया, जिससे महिला की मौके पर ही मौत हो गई।

इसके बाद आरोपी ने अपनी पत्नी पर भी हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला को पास के सिद्धि विनायक अस्पताल, उरकुरा में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। मामले की जांच उरला थाना पुलिस कर रही है।

इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से जल्द कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 18 नए अग्निशमन वाहनों को दिखाई हरी झंडी, सह आवासीय परिसर का किया लोकार्पण

छत्तीसगढ़ समाचार,

रायपुर, 18 अप्रैल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को राजधानी रायपुर के माना कैंप स्थित नगर सेना केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान परिसर में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के लिए 18 नए अत्याधुनिक अग्निशमन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने नवा रायपुर के सेक्टर-13 में नवनिर्मित अग्निशमन केंद्र सह आवासीय परिसर और माना में नवीन सेनानी कार्यालय का भी लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये अग्निशमन वाहन राज्य की त्वरित आपातकालीन सेवाओं को नई गति देंगे और अग्निकांड जैसी आपात स्थितियों में तेजी से और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने इसे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम बताया। मुख्यमंत्री साय ने कहा, “जीवन की रक्षा सबसे बड़ा कार्य है, और इसे निभाने वाले अग्निशमन कर्मी हमारे सच्चे नायक हैं।”

कार्यक्रम में राज्य आपदा मोचन बल और अग्निशमन राहत दल द्वारा आगजनी की घटना पर आधारित एक रेस्क्यू ऑपरेशन का डेमो भी प्रस्तुत किया गया, जिसे मुख्यमंत्री ने गंभीरता और रुचि के साथ देखा। उन्होंने जवानों की तत्परता और सजगता की सराहना की।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अग्निशमन सेवाओं में प्रयुक्त होने वाले अत्याधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। अधिकारियों ने उन्हें लुकास जैक, ग्लास ब्रेकर, एयर लिफ्टिंग बैग, पेलिकन टावर लाइट, डायमंड टिप, चेन सॉ, फायर जैल ब्लैकेट, फायर सूट और अंडर वॉटर कैमरा जैसे उपकरणों की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी।

इस अवसर पर उप पुलिस महानिरीक्षक अजात शत्रु बहादुर सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में अग्निशमन सेवा को नगरीय निकाय से स्थानांतरित किया गया था। वर्तमान में विभाग को प्रतिवर्ष लगभग 8,000 फायर कॉल्स प्राप्त होते हैं, जो गर्मियों के मौसम में प्रतिदिन औसतन 40 तक पहुंच जाते हैं।

उन्होंने बताया कि इन 18 नए वाहनों के जुड़ने से विभाग के पास अब कुल 161 अग्निशमन वाहन हो गए हैं। रायगढ़, कोरबा, कबीरधाम, दंतेवाड़ा, धमतरी, कोरिया और अंबिकापुर जैसे जिलों को आज ही ये वाहन सौंपे गए हैं।

कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि नवा रायपुर में अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के लिए एनआरडीए द्वारा 5.5 करोड़ रुपये की लागत से फायर स्टेशन सह आवासीय परिसर का निर्माण कराया गया है, जिसका आज लोकार्पण हुआ।

CG Cabinet Meeting: साय कैबिनेट के 6 बड़े फैसले, युवाओं और व्यापारियों के लिए राहत, फैशन और उद्योग क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। इन निर्णयों का सीधा लाभ प्रदेश के युवाओं, व्यापारियों और उद्योगों को मिलेगा।

1. परीक्षा शुल्क वापसी का फैसला
कैबिनेट ने युवाओं के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, व्यापमं और क्षेत्रीय चयन बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाओं में शामिल होने वाले छत्तीसगढ़ के स्थानीय अभ्यर्थियों को परीक्षा शुल्क वापस करने की घोषणा की है। इससे सीरियस उम्मीदवारों की भागीदारी बढ़ेगी और फॉर्म भरने वाले अपात्र व गैर-गंभीर उम्मीदवारों की संख्या घटेगी।

2. छोटे व्यापारियों के लिए टैक्स माफी
व्यापारियों को राहत देते हुए 10 साल से अधिक पुराने लंबित वैट मामलों में ₹25,000 तक की देनदारियों को माफ करने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले से 40,000 से अधिक व्यापारी लाभान्वित होंगे और 62,000 से ज्यादा मुकदमों में कमी आएगी।

3. NIFT कैंपस को मंजूरी
फैशन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) के नए कैंपस की स्थापना को मंजूरी दी गई है। ₹271.18 करोड़ की लागत से बनने वाले इस संस्थान से युवाओं को उच्च गुणवत्ता की फैशन शिक्षा मिलेगी।

4. बायो-CNG संयंत्र के लिए रियायती भूमि
राज्य के नगरीय निकायों में बायो-CNG प्लांट लगाने हेतु रियायती दरों पर सरकारी भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। यह कदम स्वच्छता और हरित ऊर्जा की दिशा में महत्वपूर्ण होगा।

5. सहकारी चीनी मिलों से शक्कर खरीद
राज्य सरकार ने अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए आवश्यक शक्कर राज्य की सहकारी चीनी मिलों से ही खरीदने का निर्णय लिया है। इसका मूल्य ₹37,000 प्रति टन तय किया गया है।

6. BEML को मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र के लिए भूमि
स्थानीय रोजगार और एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को राज्य में हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र स्थापित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इसके लिए 100 एकड़ भूमि टोकन रेट पर आबंटित की जाएगी।

ये फैसले छत्तीसगढ़ को शिक्षा, उद्योग, स्वच्छता और डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में आगे ले जाने वाले साबित होंगे।

छत्तीसगढ़ में अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए ऑनलाइन सिस्टम लागू, व्यवसायियों को मिलेगी बड़ी राहत

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में व्यवसायों के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है। यह नई सुविधा स्टेट सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक कागजी कार्यवाही को खत्म कर, पारदर्शिता और कार्यक्षमता को बढ़ावा देना है।

इस प्रणाली के तहत अब व्यवसायी घर बैठे ही अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं और उसकी स्थिति को रीयल-टाइम में ट्रैक भी कर सकते हैं। पहले जहां कई कार्यालयों के चक्कर काटने और लंबी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था, वहीं अब यह प्रक्रिया कुछ ही क्लिक में पूरी हो रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल को “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह ऑनलाइन सिस्टम न सिर्फ प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाता है, बल्कि राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न करेगा।

व्यवसायियों और उद्यमियों ने इस पहल की सराहना की है। रायपुर के युवा व्यवसायी हरीश पटेल ने बताया कि पहले कनेक्शन प्राप्त करने में कई हफ्ते लग जाते थे, लेकिन अब यह काम कुछ ही दिनों में हो जाता है।

इस डिजिटल प्रणाली से न सिर्फ प्रशासनिक खर्चों में कमी आई है, बल्कि ऑडिट और रिकॉर्ड-कीपिंग जैसी प्रक्रियाएं भी आसान हुई हैं। यह छत्तीसगढ़ को निवेश के लिए और भी आकर्षक बनाएगा तथा राज्य को डिजिटलीकरण की दिशा में आगे ले जाएगा।

सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में अन्य सेवाओं को भी इसी तरह ऑनलाइन किया जाए ताकि नागरिकों और व्यवसायियों को और अधिक सहूलियत मिल सके। यह कदम नए छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करेगा।

Food Poisoning: बदलते मौसम में फूड पॉइज़निंग और उल्टी-दस्त के बढ़े मामले, बच्चों और किशोरों पर ज्यादा असर

Raipur, राजधानी में बदलते मौसम के साथ फूड पॉइज़निंग, उल्टी-दस्त और पेट से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। आंबेडकर और जिला अस्पताल की ओपीडी खुलने पर सामने आया कि 15 से 20 फीसदी मरीज ऐसे थे, जो पेट दर्द, दस्त, उल्टी या संक्रमण जैसी शिकायतों के साथ पहुंचे। खासकर मेडिसिन और पीडियाट्रिक विभाग में 5 से 20 साल के बच्चों और किशोरों की संख्या ज्यादा रही।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, हर साल दुनियाभर में लगभग 60 करोड़ लोग दूषित भोजन के कारण बीमार होते हैं, जिनमें से 4.2 लाख की मौत हो जाती है। इनमें सबसे ज्यादा प्रभावित 5 साल से कम उम्र के बच्चे होते हैं, जिनमें हर साल करीब 1.25 लाख बच्चों की मौत फूड पॉइज़निंग से होती है।

डॉक्टरों के मुताबिक गर्मी के मौसम में साल्मोनेला, ई. कोलाई और लिस्टेरिया जैसे बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जिससे खाने के जल्दी खराब होने और इंफेक्शन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्ट्रीट फूड इस दौरान सबसे बड़ा जोखिम बन जाता है, क्योंकि यह खुले में बिकता है, जहां धूल और मक्खियों की भरमार रहती है।

आंबेडकर अस्पताल के प्रोफेसर डॉ. योगेंद्र मल्होत्रा ने कहा कि इन दिनों स्ट्रीट फूड और बाहर का खाना बच्चों और बड़ों दोनों के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है। उन्होंने सलाह दी कि गर्मी में ताजा और घर का बना गर्म खाना ही खाएं ताकि फूड पॉइज़निंग से बचा जा सके।

रायपुर न्यूज: बिरयानी सेंटर पर चला बुलडोज़र!

रायपुर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम की सख्त कार्रवाई जारी है। ताजा मामले में पंडरी और कैनाल रोड इलाके में अवैध रूप से संचालित पान ठेला, बिरयानी सेंटर और अन्य दुकानों पर नगर निगम ने बुलडोज़र चलाया है।

नगर निगम को लंबे समय से इन दुकानों के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं। आरोप था कि सड़क किनारे अतिक्रमण कर न सिर्फ ट्रैफिक में बाधा उत्पन्न की जा रही थी, बल्कि आसपास गंदगी और असुविधा का माहौल भी बन रहा था।

कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम ने पहले दुकानदारों को नोटिस देकर समय दिया था, लेकिन तय समयसीमा के बाद जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो बुलडोज़र कार्रवाई की गई।

स्थानीय लोगों ने निगम की इस कार्रवाई को सही ठहराया है और कहा कि इससे इलाके में व्यवस्था बेहतर होगी। हालांकि कुछ दुकानदारों ने इसे रोज़गार पर हमला बताया है।

नगर निगम का कहना है कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। पूरे अभियान का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इंद्रावती नदी मामले पर बीजेपी को घेरेगी कांग्रेस, किसानों के लिए आंदोलन की तैयारी

छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र की जीवनरेखा कही जाने वाली इंद्रावती नदी के सूखने का मामला अब सियासी तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर राज्य की बीजेपी सरकार को घेरने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी का आरोप है कि सरकार केवल कागजों पर किसानों के हित में काम कर रही है, जबकि ज़मीनी हकीकत बिल्कुल अलग है।

बस्तर के हजारों किसान इंद्रावती नदी पर निर्भर हैं, लेकिन बीते कुछ समय से नदी का जलस्तर लगातार घटता जा रहा है। गर्मी के मौसम में तो कई स्थानों पर नदी पूरी तरह सूख चुकी है। इससे सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है और किसानों की फसलें सूखने लगी हैं।

कांग्रेस ने ऐलान किया है कि वह इस मुद्दे को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब तक किसानों को उनका पानी और हक नहीं मिलेगा, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे। पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार केवल दिखावे के तौर पर घोषणाएं कर रही है, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

गौरतलब है कि हाल ही में एक विशेष रिपोर्ट प्रसारित की थी जिसमें सूखती इंद्रावती नदी और बस्तर के किसानों की हालत को प्रमुखता से दिखाया गया था। इस रिपोर्ट के बाद छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों के बीच भुवनेश्वर में एक बैठक हुई थी, जिसमें इंद्रावती नदी में बस्तर के हिस्से का 49 प्रतिशत पानी छोड़े जाने पर सहमति बनी थी।

हालांकि कांग्रेस का दावा है कि यह सहमति भी केवल कागज़ों पर है और अब तक उसका कोई असर ज़मीन पर नहीं दिखा है। कांग्रेस प्रवक्ताओं का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो बस्तर के किसान गहरे संकट में फंस जाएंगे।

अब देखना यह होगा कि कांग्रेस के आंदोलन का कितना असर होता है और क्या सरकार किसानों को राहत देने के लिए कोई ठोस कार्रवाई करती है या यह मुद्दा केवल सियासी बयानबाज़ी तक ही सीमित रह जाएगा।

बस्तर के लोगों की निगाहें अब सरकार और कांग्रेस, दोनों की अगली रणनीति पर टिकी हैं।

खुले में कचरा फेंका और गंदगी फैलाई तो खैर नहीं, लगेगा जुर्माना: नगरीय प्रशासन विभाग ने जारी की 57.70 करोड़ की राशि

छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव की पहल पर राज्य के शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान को नई गति दी जा रही है। खुले में कचरा फेंकने वालों पर अब जुर्माना लगाया जाएगा और साथ ही स्वच्छ शौचालयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

1389 शौचालयों की होगी मरम्मत

नगरीय प्रशासन विभाग ने 144 नगरीय निकायों को 42 करोड़ 58 लाख रुपए जारी किए हैं। इस राशि से 1389 सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत कर उन्हें स्वच्छ एवं सर्वसुविधायुक्त बनाया जाएगा।

शौचालयों के संधारण के लिए 15.12 करोड़

स्वच्छता श्रृंगार योजना के तहत सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव एवं संधारण के लिए 15 करोड़ 12 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। इस राशि से पुराने शौचालयों का उन्नयन एवं नियमित सफाई सुनिश्चित की जाएगी।

खुले में कचरा फेंकने पर लगेगा जुर्माना

राज्य सरकार ने खुले में कचरा फेंकने या गंदगी फैलाने पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया है। नगरीय निकायों को इस दिशा में सख्ती से नियम लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

सीटीयू के रूप में चिन्हित 550 से अधिक स्थल

अब तक 550 से अधिक सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छता लक्षित इकाइयों (CTU / GVP) के रूप में चिन्हित कर स्वच्छ बनाया गया है। इनमें बाजार, बस स्टैंड, चौक-चौराहे एवं अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्र शामिल हैं।

राज्य सरकार की प्रतिबद्धता

उप मुख्यमंत्री साव ने कहा,

> “हम नागरिकों को स्वच्छता के प्रति सजग करने के साथ उन्हें स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। शौचालय एक सुविधा से कहीं अधिक आम नागरिकों की आवश्यकता हैं।”

इस अभियान के तहत नगरीय निकायों को स्वच्छता, कचरा निपटान, शौचालय सफाई और जन-जागरूकता जैसे कार्यों के लिए अलग-अलग मदों से कुल 57 करोड़ 70 लाख रुपए की राशि जारी की गई है।