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देवांगन समाज की पहल – बीरगांव की बेटियों को समर वेकेशन में मिलेगा फ्री सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग

बीरगांव, रायपुर। बेटियों की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को लेकर देवांगन समाज ने एक सराहनीय पहल की है। समाज द्वारा गर्मी की छुट्टियों में फ्री सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग का आयोजन किया जा रहा है, जो हर रविवार को रायपुर पब्लिक स्कूल, बीरगांव में आयोजित होगा।

इस पहल की जानकारी देते हुए देवांगन प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ओमप्रकाश देवांगन ने कहा, “हमारा लक्ष्य बेटियों को सशक्त बनाना है ताकि वे किसी भी परिस्थिति में आत्मनिर्भर और सुरक्षित रह सकें।”

वहीं महिला प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रेणुका देवांगन ने बताया कि यह प्रशिक्षण विशेष रूप से बीरगांव की छात्राओं के लिए रखा गया है। इसमें मार्शल आर्ट्स, कराटे व अन्य आत्मरक्षा तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी।

ट्रेनिंग सेशंस समर वेकेशन के दौरान हर रविवार को आयोजित होंगे ताकि छात्राओं की पढ़ाई पर असर न पड़े और वे अवकाश का उपयोग अपने आत्मविश्वास को बढ़ाने में कर सकें।

इस पहल को लेकर स्थानीय अभिभावकों और प्रशासन में भी उत्साह देखा जा रहा है। इच्छुक छात्राएं और उनके अभिभावक देवांगन समाज समिति बीरगांव से संपर्क कर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

जमीन के अंदर हिड़मा का सीक्रेट बंकर: छत्तीसगढ़ में फोर्स को मिली नक्सलियों की बड़ी मौजूदगी के संकेत

जगदलपुर (छत्तीसगढ़): बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे सुरक्षा बलों के अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है। सुकमा-बीजापुर बॉर्डर पर स्थित मुर्कराजगुट्टा के घने जंगलों में सुरक्षाबलों ने एक सीक्रेट कंक्रीट बंकर का पता लगाया है, जिसे कुख्यात नक्सली लीडर हिड़मा जैसे टॉप कमांडर्स के छिपने का अड्डा माना जा रहा है।

अब तक जंगलों में मिट्टी और लकड़ी के अस्थायी बंकर मिलते रहे हैं, लेकिन पहली बार इतनी मजबूती से बना पक्का कंक्रीट बंकर सामने आया है। यह बंकर नक्सलियों के उच्च स्तरीय ठिकाने और उनकी योजनाओं की गंभीरता का संकेत देता है।

बंकर में मिले हाई-टेक इंतजाम

कोबरा 208 बटालियन के जवान जब सर्च ऑपरेशन पर निकले थे, तब इस बंकर का पता चला। बंकर से जब कवर हटाया गया तो जवान भी हैरान रह गए। इसके भीतर 6 सोलर पैनल, 2 सीलिंग फैन और अन्य आवश्यक सुविधाएं मौजूद थीं – जो बताता है कि नक्सली लंबे समय तक यहां रह सकते थे।

12 अन्य नक्सली ठिकानों का भी खुलासा

बंकर मिलने के अलावा इस क्षेत्र में नक्सलियों के 12 अन्य ठिकानों का भी खुलासा हुआ है। सभी जगहों पर डंप नष्ट किए गए, जिसमें राशन, दवाइयां और हथियार शामिल थे।

पास में मिली थी हथियार फैक्ट्री

इस बंकर से कुछ दूरी पर कोमटपल्ली और तुमरेल के जंगलों में नक्सलियों की एक हथियार निर्माण फैक्ट्री भी मिली थी। वहां से बड़ी संख्या में औजार, विस्फोटक सामग्री और असेंबलिंग उपकरण जब्त किए गए हैं।

बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई न केवल रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह दर्शाता है कि अब जंगलों में नक्सली अपनी पकड़ कमजोर होते देख हाई-टेक और स्थायी ढांचे की ओर बढ़ने लगे हैं।

इंस्टाग्राम पर लाइव सुसाइड करने वाले छात्र का शव बरामद, पिता से कहा था – “बिलासपुर में आकर खोज लेना”

छत्तीसगढ़ के भिलाई जिले के कुम्हारी क्षेत्र से लापता 12वीं कक्षा के छात्र प्रेक्षा साहू उर्फ लक्की (17) का शव बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र में एक चेकडेम के पास पेड़ से लटका मिला। छात्र ने आत्महत्या से पहले इंस्टाग्राम पर लाइव वीडियो के जरिए अपने पिता को संदेश दिया था – “पापा बिलासपुर में आकर खोज लेना।”

तीन दिन से था लापता, इंस्टाग्राम लाइव में किया सुसाइड का खुलासा

कुम्हारी थाना प्रभारी डीएल साहू के अनुसार, 15 अप्रैल की सुबह करीब 7.30 बजे जांजगिरी निवासी राजेन्द्र साहू का बेटा प्रेक्षा कबड्डी खेलने का कहकर बिलासपुर के लिए निकला था। लेकिन तीन दिन बाद तक घर नहीं लौटा। शुक्रवार को प्रेक्षा ने इंस्टाग्राम पर फांसी लगाने का लाइव वीडियो पोस्ट किया, जो वायरल हो गया।

वीडियो में वह पेड़ पर नायलॉन की रस्सी से फंदा बनाकर गले में डालता और फिर झूलता हुआ नजर आया। उसने वीडियो में लिखा था – “पापा बिलासपुर में आकर खोज लेना।”

शनिवार को शव बरामद, पोस्टमॉर्टम के बाद सौंपा गया परिवार को

शनिवार सुबह 9.49 बजे सरकंडा थाना पुलिस को सूचना मिली कि चेकडेम के पास एक युवक का शव पेड़ से लटका हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया और मर्ग कायम कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।

पोस्टमॉर्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन शाम को शव लेकर भिलाई रवाना हो गए। पुलिस ने बताया कि विस्तृत जानकारी परिजनों से पूछताछ के बाद सामने आएगी।

पुलिस जांच जारी, मानसिक स्थिति और कारणों की तलाश

पुलिस आत्महत्या के पीछे की वजहों की जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि छात्र ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया। पुलिस इंस्टाग्राम वीडियो, मोबाइल डाटा और परिजनों से पूछताछ के आधार पर आगे की जांच कर रही है।

बीरगांव में बेटियों के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण की पहल — अंतरराष्ट्रीय कराटे चैम्पियन देंगे निःशुल्क ट्रेनिंग

छत्तीसगढ़ के बीरगांव से देवांगन समाज ने एक सशक्त और सराहनीय पहल की शुरुआत की है।

20 अप्रैल से देवांगन समाज के महिला प्रकोष्ठ द्वारा बेटियों को आत्मरक्षा की निःशुल्क ट्रेनिंग दी जा रही है।इस प्रशिक्षण का नेतृत्व करेंगे अंतरराष्ट्रीय कराटे चैम्पियन और ब्लैकबेल्ट प्राप्त प्रशिक्षक श्री अभिषेक पांडेय।

कार्यक्रम का उद्घाटन प्रदेश देवांगन समाज के अध्यक्ष डॉ. ओमप्रकाश देवांगन के करकमलों से होगा।

समाज में इस पहल को लेकर गौरव और उत्साह का माहौल है, क्योंकि यह पहली बार है जब देवांगन समाज ने बेटियों की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए ऐसा ठोस कदम उठाया है।

डॉ. ओमप्रकाश देवांगन ने कहा:

“बढ़ते अपराधों और बेटियों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को देखते हुए आत्मरक्षा अब एक आवश्यकता बन गई है। इस प्रशिक्षण से हमारी बेटियाँ खुद को सुरक्षित रखने में सक्षम बनेंगी।”

इस अभियान की शुरुआत बीरगांव से की गई है, और जल्द ही इसे पूरे प्रदेश में विस्तारित करने की योजना है।

इसके साथ ही देवांगन समाज द्वारा एक परामर्श केंद्र (Counseling Centre) की भी शुरुआत की जा रही है, जिसमें वरिष्ठ और अनुभवी अधिवक्ताओं द्वारा परिवारिक विवादों — जैसे पति-पत्नी के मतभेद, वृद्धजन देखभाल आदि — का समाधान कराया जाएगा।

प्रदेश महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष श्रीमती रेणु देवांगन ने जानकारी दी कि ट्रेनिंग के लिए पंजीयन प्रारंभ हो चुका है और समाज की महिलाएं एवं युवतियाँ उत्साहपूर्वक भाग ले रही हैं।

बेटियों को सशक्त बनाएं — आत्मरक्षा की यह पहल सिर्फ एक ट्रेनिंग नहीं, बल्कि भविष्य के लिए एक सुरक्षा कवच है।

छत्तीसगढ़ में 41 IAS अधिकारियों का तबादला, 11 जिलों के कलेक्टर बदले गए

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 41 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा शनिवार को इस संबंध में आदेश जारी किया गया, जिसमें 11 जिलों के कलेक्टरों की भी जिम्मेदारी बदली गई है। इसके अलावा कई अधिकारियों को नए विभागों की जिम्मेदारी दी गई है।

इन जिलों में बदले गए कलेक्टर:

संजय अग्रवाल – कलेक्टर, बिलासपुर

दिव्या उमेश मिश्रा – कलेक्टर, बालोद

इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल – कलेक्टर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई

कुंदन कुमार – कलेक्टर, मुंगेली

नूपुर राशि पन्ना – कलेक्टर, कोंडागांव

संजय कन्नौजे – कलेक्टर, सारंगढ़-बिलाईगढ़

भगवान सिंह ऊईके – कलेक्टर, गरियाबंद

मयंक चतुर्वेदी – कलेक्टर, रायगढ़

कुणाल दुदावत – कलेक्टर, दंतेवाड़ा

जन्मजेय मोहबे – कलेक्टर, जांजगीर-चांपा

भूरे सर्वेश्वर नरेंद्र – कलेक्टर, राजनांदगांव

इन अधिकारियों को मिली नई विभागीय जिम्मेदारी:

टोपेश्वर वर्मा – अध्यक्ष, राजस्व मंडल बिलासपुर

जनक प्रसाद पाठक – विशेष सचिव, वन विभाग

शिखा राजपूत तिवारी – आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा व आयुष की अतिरिक्त जिम्मेदारी

डॉ. प्रियंका शुक्ला – प्रबंध संचालक, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन

किरण कौशल – प्रबंध संचालक, मार्कफेड व नागरिक आपूर्ति का अतिरिक्त प्रभार

अवनीश कुमार शरण – आयुक्त, नगर एवं ग्राम निवेश, आयुक्त गृह निर्माण मंडल

सुनील कुमार जैन – आयुक्त, बिलासपुर संभाग

केडी कुंजाम – सदस्य, राजस्व मंडल

कार्तिकेय गोयल – संचालक, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन

सारांश मित्तर – आयुक्त, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग

पदुम सिंह एल्मा – संचालक, महिला एवं बाल विकास विभाग

रमेश कुमार शर्मा – विशेष सचिव, गृह विभाग

धर्मेश कुमार साहू – विशेष सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग

जितेंद्र कुमार शुक्ला – मिशन संचालक, जल जीवन मिशन

रिमिजियुस एक्का – संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग

रजत बंसल – संचालक, भौमिकी व खनिकर्म; संचालक, राज्य खनिज विकास निगम; विशेष सचिव, सुशासन व अभिसरण विभाग

तारण प्रकाश सिन्हा – आयुक्त, मनरेगा; संचालक, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)

इफ्फत आरा – अपर संभागीय आयुक्त, रायपुर व दुर्ग संभाग

जगदीश सोनकर – प्रबंध संचालक, अंत्यावसायी सहकारी वित्त; संचालक, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्था

डॉ. संतोष कुमार देवांगन – आयुक्त, उच्च शिक्षा; प्रबंध संचालक, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान

ऋतुराज रघुवंशी – संचालक, लोक शिक्षण; संचालक, राज्य शैक्षणिक अनुसंधान परिषद; मिशन संचालक, साक्षरता मिशन

विजय दयाराम के – संचालक, तकनीकी शिक्षा; सीईओ, राज्य कौशल विकास अभिकरण

राहुल देव – संचालक, कृषि; संयुक्त सचिव, कृषि विभाग

दीपक कुमार अग्रवाल – नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन

अरविंद कुमार एक्का – संयुक्त सचिव, राजस्व व आपदा प्रबंधन विभाग; संचालक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री

संतन देवी जांगड़े – संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग

सुखनाथ अहिरवार – सचिव, राज्य निर्वाचन आयोग; संयुक्त सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग

आकाश छिकारा – उप सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग; सीईओ, आरडीए

चंद्रकांत वर्मा – संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं; सीईओ, राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी

अजय कुमार अग्रवाल – प्रबंध संचालक, राज्य बीज एवं कृषि विभाग निगम

इस प्रशासनिक फेरबदल को राज्य सरकार द्वारा सुशासन को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

बस्तर में अब बंदूक नहीं, सिर्फ विकास है बदलाव का रास्ता – नक्सल मुक्त बनने पर गृहमंत्री का बयान

सुकमा की ऐतिहासिक उपलब्धि: बड़ेसट्टी बना पहला नक्सल सदस्य मुक्त ग्राम पंचायत

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलवाद के खिलाफ राज्य सरकार को बड़ी सफलता मिली है। जिले की ग्राम पंचायत बड़ेसट्टी को प्रदेश का पहला नक्सल सदस्य मुक्त पंचायत घोषित किया गया है। इस अवसर पर राज्य के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा, “अब ग्रामीण समझ चुके हैं कि बंदूक नहीं, विकास की राह ही बदलाव का मार्ग है।”

सरकार की त्रिस्तरीय नीति का असर: विश्वास, पुनर्वास और विकास

शुक्रवार को सुकमा जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में 11 सक्रिय नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने इसे राज्य सरकार की संवेदनशील और दूरदर्शी रणनीति की जीत बताया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार द्वारा अपनाई गई “विश्वास, पुनर्वास और विकास” की नीति अब जमीनी स्तर पर परिणाम दिखा रही है।

बड़ेसट्टी को मिलेगा 1 करोड़ रुपये का विकास पैकेज

नक्सलवाद आत्मसमर्पण एवं पीड़ित राहत पुनर्वास नीति – 2025 के तहत, बड़ेसट्टी पंचायत को 1 करोड़ रुपये की राशि विकास कार्यों के लिए स्वीकृत की गई है। यह धनराशि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और सामुदायिक भवनों जैसे बुनियादी सुविधाओं पर खर्च की जाएगी।

नियद नेल्लानार योजना और जनविश्वास बना परिवर्तन की कुंजी

गृहमंत्री शर्मा ने बताया कि “नियद नेल्लानार योजना, पुलिस की निरंतर उपस्थिति, माओवादी संगठनों की क्रूरता और शासन की नीतियों पर विश्वास” ने इस परिवर्तन को संभव बनाया है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि सुकमा से शुरू हुई यह पहल अब पूरे बस्तर और छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में मील  का पत्थर साबित होगी।

कारोबारियों को नहीं मिलेगा TCS का लाभ! IT नियमों में बड़ा बदलाव, जानें नया नियम

छत्तीसगढ़ में आयकर विभाग ने नए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आईटी अधिनियम की धारा 206C(1H) में बड़ा बदलाव किया है। इस बदलाव के तहत अब 10 करोड़ रुपए से अधिक टर्नओवर वाले कारोबारी टैक्स कलेक्टेड ऐट सोर्स (TCS) का लाभ नहीं ले सकेंगे।

क्या है नया नियम?

आयकर विभाग के नए निर्देशों के मुताबिक, अब पार्टनरशिप फर्म और लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (LLP) को अपने पार्टनर्स को किए जाने वाले कुछ विशेष भुगतानों पर टीडीएस (TDS) काटना अनिवार्य होगा। इसमें निम्नलिखित शामिल हैं:

वेतन

पारिश्रमिक

कमीशन

बोनस

ब्याज

इन भुगतानों पर 10% की दर से टीडीएस काटना होगा और उसे आयकर विभाग के खाते में जमा कराना होगा।

किन भुगतानों पर लगेगा TDS?

अगर किसी पार्टनर को एक वित्तीय वर्ष में कुल 20,000 रुपए से अधिक का भुगतान किया जाता है, तो फर्म को टीडीएस काटना होगा। इससे कम राशि पर टीडीएस की आवश्यकता नहीं है।

TAN अनिवार्य

सभी साझेदारी फर्मों और LLP के पास टैक्स डिडक्शन अकाउंट नंबर (TAN) होना अनिवार्य किया गया है। जिनके पास TAN नहीं है, उन्हें इसके लिए आवेदन करना होगा।

TCS का लाभ खत्म

अब 10 करोड़ से अधिक टर्नओवर वाली इकाइयां टीसीएस का लाभ नहीं उठा सकेंगी। यह निर्णय व्यापारियों को प्रभावित करेगा, जो अब तक अपने ग्राहकों से TCS वसूलते रहे हैं।

CG News: नकल का अंजाम—हेमचंद यादव विश्वविद्यालय ने 18 छात्रों की पूरी परीक्षा की निरस्त, सेमेस्टर बर्बाद

दुर्ग हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में NEP प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर नकल के मामलों का खुलासा हुआ है। विश्वविद्यालय की यूएफएम (Unfair Means) कमेटी ने जांच के बाद 18 छात्रों की पूरी परीक्षा निरस्त करने का कड़ा फैसला लिया है। अब इन छात्रों को सभी विषयों की परीक्षा दोबारा देनी होगी, जिससे उनका पूरा सेमेस्टर प्रभावित हो गया है।

मोबाइल और किताब लेकर परीक्षा में पहुंचे छात्र

नकल के ये मामले सामान्य नहीं थे। कुछ परीक्षार्थी मोबाइल फोन में PDF फॉर्मेट में पूरी उत्तरकुंजी लेकर परीक्षा हॉल पहुंचे थे, तो कुछ सीधे पूरी किताब लेकर। यूएफएम ने ऐसे मामलों को “श्रेणी C” में रखा है, जिसमें सख्त कार्रवाई तय है। इस श्रेणी में आने वाले छात्रों की नकल सामग्री को क्षमायोग्य नहीं माना गया।

एक पेपर में नकल, पूरे सेमेस्टर की कीमत

हालांकि छात्रों ने केवल एक विषय में नकल की थी, लेकिन नकल की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय ने उनकी पूरी परीक्षा को रद्द कर दिया। इसका अर्थ है कि अब उन्हें सभी विषयों की परीक्षा दोबारा देनी पड़ेगी।

BA में सबसे अधिक नकल के मामले

नकल के अधिकतर मामले BA प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाओं में सामने आए हैं। यूएफएम ने ऐसे छात्रों को “श्रेणी B” में रखते हुए उस विशेष परीक्षा को निरस्त किया है, जिसमें उन्होंने नकल की थी।

शॉर्टकट बना सेमेस्टर का संकट

जांच के अनुसार, कई छात्र शॉर्टकट अपनाकर पास होने की कोशिश में परीक्षा हॉल में स्मार्टफोन लेकर पहुंचे थे। एक छात्र को तब पकड़ा गया जब वह बार-बार जेब की तरफ हाथ ले जा रहा था। उसके फोन में पूरी उत्तरकुंजी पीडीएफ फॉर्मेट में पाई गई। ऐसे मामलों में सबसे अधिक नकल प्रकरण बनाए गए हैं।

कुल मिलाकर 24 छात्र नकल में पकड़े गए

परीक्षा के दौरान कुल 24 परीक्षार्थी अवांछित सामग्री के साथ पकड़े गए, जिनमें से 18 को पूरे सेमेस्टर की परीक्षा से वंचित कर दिया गया है।

CG News: भिलाई में 9.77 करोड़ की लागत से बन रही 4 नई पानी टंकी, हजारों परिवारों को मिलेगा लाभ

भिलाई। नगर निगम भिलाई द्वारा जल आपूर्ति की बेहतर व्यवस्था के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। कुल 9.77 करोड़ रुपये की लागत से शहर के चार अलग-अलग क्षेत्रों में नई पानी की टंकियों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे हजारों परिवारों को पानी की परेशानी से निजात मिलेगी।

इन टंकियों का निर्माण सुपेला मार्केट, कैंप-2 पावर हाउस सर्कुलर मार्केट, रामनगर मुक्तिधाम, और खुर्सीपार क्षेत्रों में किया जा रहा है। पानी टंकियों की क्षमता वहां की स्थानीय आवश्यकता के अनुसार तय की गई है, ताकि सभी क्षेत्रों में पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

इन क्षेत्रों में लंबे समय से पानी के कम दबाव की समस्या रही है, जिससे ऊपरी मंजिलों तक पानी नहीं पहुंच पाता था। अब इन टंकियों के बनने से सुपेला, चिंगरी पारा, कांट्रेक्टर कॉलोनी, हार्डवेयर लाइन, इंदिरा नगर, श्याम नगर, महात्मा गांधी नगर, हमर गली, मजार लाइन, शीतला कॉम्प्लेक्स, वीर शिवाजी नगर, यादव पारा, किशन चौक, मिलन चौक, मटन-मछली मार्केट, और खुर्सीपार समेत कई इलाकों को सीधा लाभ मिलेगा।

निर्माण कार्य अक्टूबर तक पूर्ण होने की उम्मीद है। शुक्रवार को नगर निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उनके साथ जोन आयुक्त सतीश यादव, संजय अग्रवाल, नीतेश मेश्राम, शंकर सुमन मरकाम, बीरेन्द्र बंजारे, श्याम ठाकुर, रवि त्रिलोचन, राजकुमार और प्रभूनाथ मिश्रा भी उपस्थित थे।

इस परियोजना से भिलाई की जलापूर्ति व्यवस्था को स्थायी समाधान मिलने की संभावना है।

CG Train News: लोको पायलटों को मिली नई सुविधा, महिला पायलट को नहीं होगी टॉयलेट की परेशानी

छत्तीसगढ़ में लोको पायलटों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए रेलवे प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। स्टेशनों के पास स्थित रनिंग रूम्स को वातानुकूलित किया गया है और अब नए इंजनों में शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

रेलवे अधिकारियों का दावा है कि लोको पायलटों और उनके परिवारों से मिलकर उनकी समस्याओं को जानने की कोशिश की जा रही है। पिछले 10 वर्षों में लोको पायलटों के सभी रनिंग रूम्स को वातानुकूलित किया गया है, जबकि 2014 से पहले देश के किसी भी रनिंग रूम में एसी की सुविधा नहीं थी।

इसके अलावा, सभी नए लोकोमोटिव्स में शौचालय लगाए जा रहे हैं। पुराने लोकोमोटिव्स में शौचालय लगाने के लिए रेट्रोफिटिंग की जा रही है और डिज़ाइन में संशोधन किए जा रहे हैं। जहां भारी ट्रैफिक होता है, वहां नए रनिंग रूम्स का निर्माण किया जा रहा है। लोको पायलटों के वर्किंग ऑवर्स में भी काफी कमी आई है, जिससे उनके काम के माहौल में सुधार हुआ है।

यह कदम न केवल पायलटों के कार्य परिवेश को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है, बल्कि महिला पायलटों के लिए विशेष रूप से यह एक राहत का संकेत है, क्योंकि पहले उन्हें टॉयलेट की समस्या का सामना करना पड़ता था।

यह पहल छत्तीसगढ़ में रेलवे कर्मचारियों की भलाई के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का एक सकारात्मक उदाहरण है।