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प्रशासन की टीम ने आइसक्रीम फैक्ट्री को किया सील, कर्मचारियों को बंधक बनाकर जमकर की थी मारपीट, 5 आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान से भाड़े पर मजदूरों को बुलाकर कोरबा में आइसक्रीम बेचवाने, मेहनताना मांगने पर मजदूरों से मारपीट, गाली गलौच करने और करंट से झटका देने के मामले में श्रम विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने आइसक्रीम फैक्ट्री को सील कर दिया है।

नगर निगम तथा श्रम की ओर से बताया गया है कि संयुक्त कार्यवाही कर फैक्ट्री को सील किया गया है। जांच के दौरान पाया गया कि फैक्ट्री में एक 17 साल का नाबालिग भी काम कर रहा था। इस मामले में बाल श्रमिक अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण बनाया गया है। अंतरराज्य प्रवासी कर्मकार अधिनियम, वेतन भुगतान अधिनियम, न्यूनतम वेतन अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण तैयार किया गया है और इसे न्यायालय में प्रकरण लगाया जाएगा।

मजदूरों के साथ जमकर की थी मारपीट

गौरतलब है कि इसी मामले में पुलिस ने फैक्ट्री के मालिक छोटी लाल गुर्जर और उसके दो साले सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। सभी पर मजदूरों को कमरे में बंद कर कपड़ा उतरवाने, उनसे मारपीट, गौली गलौच और करंट से झटका देने का आरोप है। पुलिस ने इस मामले में पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। यहां से रिमांड पर जेल भेज दिया गया था। मजदूरों के साथ मारपीट, गाली गलौच और उन्हें करंट से झटका देने का वीडियो भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल हो रहा है।

रायपुर बना सूखे नशे का नया सेंटर, देशभर से पहुंच रहे मादक पदार्थ

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सूखे नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है और यह शहर अब मादक पदार्थों के कारोबार का एक बड़ा सेंटर बन चुका है। महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों से एमडीएमए और हेरोइन जैसे ड्रग्स आसानी से रायपुर पहुंच रहे हैं, जबकि ओडिशा से गांजे की आपूर्ति हो रही है। इसके बाद यहां से ये नशीले पदार्थ आसपास के छोटे शहरों में पहुंचाए जा रहे हैं।

पुलिस की सख्त कार्रवाई के बावजूद यह गोरखधंधा थमने का नाम नहीं ले रहा। वर्ष 2024 में पुलिस ने 413 तस्करों को गिरफ्तार किया, जिनमें गांजा, एमडीएमए, हेरोइन, नशे की गोलियां, अफीम और कफ सिरप बेचने वाले शामिल थे। पकड़े गए आरोपियों में एक नेपाली और दो नाइजीरियन नागरिक भी शामिल थे। इनसे पुलिस ने 5 करोड़ से अधिक का मादक पदार्थ जब्त किया।

रायपुर के इंडस्ट्रियल इलाकों में गांजा और हेरोइन की खपत ज्यादा हो रही है, जबकि क्लबों, होटलों और कैफे में एमडीएमए की मांग तेजी से बढ़ी है। शहर में पार्टी कल्चर का चलन बढ़ने से हर वीकेंड होटल, पब और कैफे में पार्टी आयोजित की जाती है, जहां सूखे नशे की खपत होती है। पुलिस ने ऐसे कई तस्करों को पकड़ा है जो टेक्नो पार्टियों के जरिए ड्रग्स की सप्लाई कर रहे थे।

इस बढ़ते खतरे को देखते हुए हर जिले में पुलिस की विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने का प्रयास कर रही हैं। बावजूद इसके रायपुर, देशभर के तस्करों के लिए एक प्रमुख ठिकाने के रूप में सामने आया है।

 

चिकित्सा शिक्षा विभाग में उठापटक जारी: 27 माह में बदले गए 7 कमिश्नर, अब शिखा राजपूत को मिली कमान

चिकित्सा शिक्षा विभाग में प्रशासनिक स्थिरता की कमी स्पष्ट तौर पर दिखाई दे रही है। बीते 27 महीनों में विभाग में 7 कमिश्नर बदले जा चुके हैं। यानी हर चौथे महीने एक नया अधिकारी पद पर नियुक्त हो रहा है। इस निरंतर बदलाव से विभागीय कामकाज पर गहरा असर पड़ा है।

जनवरी 2023 में चिकित्सा शिक्षा विभाग में कसावट लाने के उद्देश्य से ‘कमिश्नर’ का नया पद सृजित किया गया था, जो डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन (DME) से ऊपर माना गया। लेकिन जानकारों का कहना है कि DME और मुख्य सचिव के वेतनमान समान होते हैं, ऐसे में कम सीनियर आईएएस अफसर को DME के ऊपर बैठाना तार्किक नहीं लगता।

नवीनतम बदलाव: शिखा राजपूत बनीं नई कमिश्नर

राज्य शासन ने हाल ही में किरण कौशल को हटाकर शिखा राजपूत तिवारी को नया कमिश्नर नियुक्त किया है। किरण कौशल ने अगस्त 2024 में पदभार संभाला था और लगभग 9 महीने तक इस पद पर रहीं। इससे पहले जेपी पाठक ने जनवरी से अगस्त 2024 तक सेवाएं दी थीं। यानी अधिकतम कार्यकाल 9 महीने ही रहा है।

समस्या की जड़: नियमों की जटिलता और कम रुचि

विभाग में नेशनल मेडिकल कमीशन, डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया और इंडियन नर्सिंग काउंसिल के नियम इतने जटिल हैं कि नॉन-मेडिको आईएएस अफसरों के लिए इन्हें समझना चुनौती बन जाता है। कई अधिकारी इसे लूपलाइन की पोस्ट मानते हैं और यहां से जल्दी निकलने की फिराक में रहते हैं।

पावर ट्रांसफर विवाद: हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला

जनवरी 2023 से पहले DME के ऊपर हेल्थ कमिश्नर और हेल्थ सेक्रेटरी होते थे। लेकिन कमिश्नर के सृजन के बाद DME के लगभग सभी अधिकार कमिश्नर को दे दिए गए, जिससे विवाद पैदा हुआ। रिटायर्ड DME डॉ. विष्णु दत्त ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, यह कहते हुए कि विभागीय सेटअप में कमिश्नर का कोई पद नहीं है। हालांकि यह मामला अदालत में निर्णय से पहले ही रफा-दफा हो गया।

कमिश्नर बनने की वजह: आईएएस अफसर की नाराजगी?

बताया जाता है कि कमिश्नर पद एक वरिष्ठ आईएएस अफसर की नाराजगी के चलते बनाया गया था, जो अब प्रतिनियुक्ति पर चले गए हैं। वहीं, मेडिकल टीचर एसोसिएशन की भूमिका इस पूरे विवाद में बेहद कमजोर रही।

अब तक ये रहे कमिश्नर:

नम्रता गांधी

अब्दुल कैसर हक

जयप्रकाश मौर्य

चंद्रकांत वर्मा (प्रभारी)

जेपी पाठक

किरण कौशल

शिखा राजपूत तिवारी (वर्तमान)

विभाग में लगातार मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों की संख्या बढ़ रही है, ऐसे में प्रशासनिक स्थायित्व और स्पष्ट नेतृत्व की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक हो गई है।

 

90 गरीब बेटियों का विवाह मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी भी पहुंचीं आशीर्वाद देने

गरीब बेटियों के लिए मसीहा बनी पद्मा चंद्राकर, अब तक 90 कन्याओं का करवा चुकी हैं विवाह

रायपुर (बिरगांव), 20 अप्रैल: समाजसेवा की मिसाल बन चुकीं भाजपा कार्यकर्ता पद्मा चंद्राकर ने पिछले 10 वर्षों से गरीब बेटियों के विवाह हेतु ‘कन्यादान’ कार्यक्रम का आयोजन करते हुए अनूठी पहल की है। इस वर्ष भी 20 अप्रैल को बिरगांव के सांस्कृतिक भवन में सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 9 जोड़े विवाह के पवित्र बंधन में बंधे।

इस शुभ अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साई विशेष रूप से उपस्थित रहीं और नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम में समाजसेवक बसंत अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

पद्मा चंद्राकर अब तक कुल 90 बेटियों का विवाह सम्पन्न करवा चुकी हैं। उनका यह प्रयास न केवल समाज के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि बेटियों के प्रति सशक्त और सम्मानजनक सोच का प्रतीक भी बन चुका है।

स्थानीय लोगों और अतिथियों ने इस पुनीत कार्य की सराहना की और पद्मा चंद्राकर के जज़्बे को सलाम किया।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज कांग्रेस मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी। प्रदेश कांग्रेस ने बढ़ते अपराध, महिलाओं के खिलाफ हिंसा और बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए हैं और पूरे प्रदेश में भय का माहौल बन गया है। बैज ने आरोप लगाया कि महिलाएं, आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। नशेड़ियों और गुंडों का मनोबल इतना बढ़ गया है कि कोई भी निर्दोष व्यक्ति किसी भी वक्त हिंसा का शिकार हो सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार कानून व्यवस्था संभालने में पूरी तरह विफल रही है। आज सुबह 11 बजे कांग्रेस कार्यकर्ता नगर निगम कार्यालय के सामने एकत्रित होकर मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच करेंगे और विरोध दर्ज कराएंगे। पार्टी का कहना है कि यह प्रदर्शन जनता की सुरक्षा और न्याय के लिए है।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज कांग्रेस मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी। प्रदेश कांग्रेस ने बढ़ते अपराध, महिलाओं के खिलाफ हिंसा और बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए हैं और पूरे प्रदेश में भय का माहौल बन गया है।

बैज ने आरोप लगाया कि महिलाएं, आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। नशेड़ियों और गुंडों का मनोबल इतना बढ़ गया है कि कोई भी निर्दोष व्यक्ति किसी भी वक्त हिंसा का शिकार हो सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार कानून व्यवस्था संभालने में पूरी तरह विफल रही है।

आज सुबह 11 बजे कांग्रेस कार्यकर्ता नगर निगम कार्यालय के सामने एकत्रित होकर मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच करेंगे और विरोध दर्ज कराएंगे। पार्टी का कहना है कि यह प्रदर्शन जनता की सुरक्षा और न्याय के लिए है।

शिवनाथ नदी में नहाते समय 12 वर्षीय बालक की डूबने से मौत

भंवरमरा ऑक्सीजोन के पास हुआ दर्दनाक हादसा, बड़ा भाई भी रहा मौजूद

राजनांदगांव। सुरगी चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भंवरमरा स्थित ऑक्सीजोन के पास शिवनाथ नदी में रविवार को नहाने के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। दीनदयाल कॉलोनी लखोली निवासी 12 वर्षीय नवनीत मंडावी की नदी में डूबने से मौत हो गई। नवनीत अपने बड़े भाई दीपक मंडावी और अन्य छह दोस्तों के साथ नहाने गया था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी बच्चे गर्मी के कारण नदी में नहाने पहुंचे थे। नहाते समय नवनीत अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। घटनास्थल पर उसका बड़ा भाई भी मौजूद था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद वह अपने छोटे भाई को बचा नहीं पाया।

स्थानीय लोगों और दोस्तों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सुरगी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू टीम की मदद से बालक के शव को पानी से बाहर निकाला गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

नोट: गर्मी के मौसम में नदियों और जलाशयों में नहाने जाने से पहले सतर्कता बरतें। बच्चों को अकेले न भेजें और गहरे पानी सेदूर रखें।

प्रेमिका ने प्रेमी संग मिलकर किया मंगेतर का अपहरण, नागपुर में पकड़ाए आरोपी

जामुल थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज अपहरण मामले का खुलासा हुआ है, जिसमें प्रेम प्रसंग के चलते एक युवती ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने मंगेतर का ही अपहरण करवा दिया। पुलिस ने इस साजिश का पर्दाफाश करते हुए नागपुर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी हैं – दुर्गेश साहू, अमित वर्मा और हेम कुमारी साहू। तीनों को न्यायिक रिमांड में भेज दिया गया है।

जामुल थाना प्रभारी कपिल देव पांडेय ने बताया कि छावनी मंगल बाजार निवासी भूपेंद्र यादव 18 मार्च की रात अपने दोस्त टोकेश साहू के साथ बाइक पर जा रहे थे। इसी दौरान बोगदा पुलिया के पास एक कार ने उन्हें रोका। कार से उतरे 3-4 युवकों ने टोकेश साहू के साथ गाली-गलौज की और डंडों से मारपीट कर उसे जबरन कार में बैठा लिया और बेमेतरा की ओर ले गए। बाद में मौका पाकर टोकेश वहां से भाग निकला।

भूपेंद्र यादव की शिकायत पर पुलिस ने धारा 296, 115(2), 140(2), 61(2)(क), 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस जांच में सामने आया कि नागपुर निवासी दुर्गेश साहू की दोस्ती हेम कुमारी साहू से थी, जिसकी शादी टोकेश साहू से तय हुई थी। इससे नाराज होकर हेम कुमारी ने अपने प्रेमी दुर्गेश को मंगेतर का फोटो और अन्य जानकारी दी। फिर दुर्गेश ने अपने साथी अमित वर्मा उर्फ राजा और बंटी के साथ मिलकर अपहरण की योजना बनाई और नागपुर से कार में आकर वारदात को अंजाम दिया।

तकनीकी विश्लेषण और पुलिस की सक्रियता के आधार पर पुलिस को सुराग नागपुर में मिला। वहां दबिश देकर आरोपी दुर्गेश साहू (22), अमित वर्मा (23) और हेम कुमारी साहू (25) को गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपियों का विवरण:

दुर्गेश साहू पिता धन्नू राम साहू, निवासी कौगिया कला थाना परपोड़ी जिला बेमेतरा, वर्तमान निवासी इंद्रप्रस्थ नगर, नागपुर।

अमित वर्मा उर्फ राजा पिता खेमसिंह वर्मा, निवासी ग्राम डूंडा, थाना व जिला बेमेतरा, वर्तमान निवासी इंद्रप्रस्थ नगर, नागपुर।

हेम कुमारी साहू उर्फ हेमा पिता शिवराम साहू, निवासी ग्राम दनिया गंडई, जिला खैरागढ़, वर्तमान निवासी एकात्मता नगर, थाना हिंगना, नागपुर। पुलिस अब मामले में अन्य फरार आरोपियों कीतलाश में जुटी है।

 

निजी अस्पतालों के एजेंट और एंबुलेंस चालक उठा रहे संसाधनों की कमी का फायदा, मरीजों को कर रहे हाईजैक

पेंड्री स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल की लचर चिकित्सा व्यवस्था निजी अस्पतालों के लिए वरदान बन गई है। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों और जरूरी उपकरणों की भारी कमी के चलते गंभीर मरीजों को प्राथमिक इलाज तक नहीं मिल पा रहा है। इसका फायदा उठाकर निजी अस्पतालों के एजेंट और एंबुलेंस चालक मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही ‘हाईजैक’ कर रहे हैं।

परिसर में ही सक्रिय हैं एजेंट

मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पीआरओ डॉ. पवन जेठानी ने बताया कि निजी अस्पतालों के एजेंट परिसर के भीतर सक्रिय रहते हैं। वे आपात स्थिति में पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल में डॉक्टर न होने या जांच की सुविधा न होने का डर दिखाकर निजी अस्पतालों की ओर मोड़ देते हैं। कई बार तो इन मरीजों को एंबुलेंस के जरिए निजी अस्पताल तक पहुंचाने के लिए कोई शुल्क भी नहीं लिया जाता।

एंबुलेंस नेटवर्क से होता है पूरा खेल

सूत्रों के मुताबिक, जब गंभीर मरीज को सरकारी एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज लाया जाता है, तो एंबुलेंस चालक पहले से ही निजी अस्पताल के एजेंट या एंबुलेंस चालक को इसकी सूचना दे देता है। जैसे ही मरीज परिसर में पहुंचता है, उसके परिजनों को घेरकर डराया-धमकाया जाता है और निजी अस्पताल ले जाया जाता है। यह खासकर रात के समय और ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों के साथ अधिक होता है।

इलाज की जगह दुर्व्यवहार

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में न्यूरोलॉजिस्ट समेत कई विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। स्टाफ नर्सों की भी भारी कमी है। सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी महत्वपूर्ण जांच मशीनें भी अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं। रात में केवल जूनियर डॉक्टर ड्यूटी पर होते हैं, जिससे गंभीर मरीजों का इलाज प्रभावित होता है। इसके अलावा, रात में स्टाफ द्वारा मरीजों और परिजनों से दुर्व्यवहार की भी कई शिकायतें सामने आई हैं।

प्रबंधन की लाचारी

हालात की गंभीरता और शिकायतों के बावजूद अस्पताल प्रबंधन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है। निजी एंबुलेंसों को परिसर में प्रवेश से मना करने के बावजूद एजेंटों की सक्रियता बनी हुई है, जिससे मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है।

मजदूरों से मारपीट और करंट देने के मामले में 5 आरोपी गिरफ्तार, कोरबा में आइसक्रीम बेचने का था काम

कोरबा। राजस्थान से आकर कोरबा में आइसक्रीम बेचने वाले मजदूरों के साथ अमानवीय व्यवहार की घटना सामने आई है। मजदूरों के साथ मारपीट, गाली-गलौज और बैटरी से करंट देने के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के निवासी हैं।

नगर पुलिस अधीक्षक भूषण एक्का ने बताया कि मुख्य आरोपी छोटूलाल गुर्जर (32 वर्ष) भीलवाड़ा से मजदूरों को बुलाकर कोरबा में आइसक्रीम बिकवाता है। मजदूर विनोद भांबी और अभिषेक भांबी, जो अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखते हैं, दो माह से अपनी मजदूरी की मांग कर रहे थे। पैसे की मांग को लेकर हुए विवाद में छोटू गुर्जर ने अपनी पत्नी के भाई कालू उर्फ मुकेश, जीत्तू और अन्य के साथ मिलकर दोनों मजदूरों के साथ दुर्व्यवहार किया।

आरोपियों ने मजदूरों को एक कमरे में बंद कर शर्ट उतरवाया, मारपीट की और बैटरी से करंट देने की घिनौनी हरकत की। मजदूर इस दौरान लगातार जान की गुहार लगाते रहे लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। घटना के बाद दोनों मजदूर किसी तरह जान बचाकर राजस्थान लौट गए और गुलाबपुर थाना, भीलवाड़ा में शिकायत दर्ज कराई। वहां की पुलिस ने कोरबा पुलिस से संपर्क किया और सिविल लाइन थाना में केस दर्ज किया गया।

कोरबा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें छोटूलाल गुर्जर (32), मुकेश शर्मा (31), मुकेश गुर्जर उर्फ कालू (21), एक नाबालिग और देवीलाल (24) शामिल हैं। देवीलाल आदर्श नगर, कुसमुंडा का निवासी है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छोटू गुर्जर “राजस्थानी श्रीदेव फालुदा” नाम से कोरबा के गढ़कलेवा चौपाटी, पीजी कॉलेज सहित अन्य जगहों पर आइसक्रीम बेचवाता है और इसके लिए वह राजस्थान से मजदूर बुलाता था। मजदूरी न देने पर उसने मजदूरों पर चोरी का झूठा आरोप लगाकर उन्हें प्रताड़ित किया।

पुलिस ने इस मामले में अनुसूचित जाति अत्याचार अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है और आगे की जांच जारी है।

रेलवे स्टेशन पर यार्ड मॉडिफिकेशन कार्य शुरू, 24 अप्रैल तक रद्द रहेंगी कई ट्रेनें

छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में रेलवे द्वारा पीक यात्री सीजन के दौरान कई रेल सेक्शनों में ब्लॉक किए गए हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन में कोतरलिया स्टेशन पर यार्ड मॉडिफिकेशन कार्य चल रहा है, जिसके चलते 24 अप्रैल तक नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य प्रगति पर है। इस कारण कई ट्रेनों को कैंसिल किया गया है, वहीं कुछ ट्रेनों को मार्ग में रोककर निकाला जा रहा है, जिससे यात्रियों को विशेष रूप से गर्मी में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

यह कार्य बिलासपुर-झारसुगुड़ा 206 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन परियोजना का हिस्सा है, जिसकी लागत लगभग 2100 करोड़ रुपये है। इस समय रेलवे के 500 से अधिक अधिकारी, इंजीनियर और श्रमिक आधुनिक मशीनों की सहायता से कार्य में जुटे हुए हैं। कोतरलिया स्टेशन पर एक अतिरिक्त प्लेटफॉर्म का निर्माण, एडवांस इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम की स्थापना, सिग्नलिंग और ट्रैक कनेक्टिविटी का कार्य किया जा रहा है।

इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम और तेज होगी, जिससे आउटर पर ट्रेनों को रोके बिना सीधे प्लेटफॉर्म पर लाया जा सकेगा। कोरबा, रायगढ़, चांपा, झारसुगुड़ा जैसे औद्योगिक शहरों से जुड़ने वाली इस रेल लाइन की चौथी लाइन शुरू होने से यात्रियों को बेहतर सुविधा और समय की बचत मिलेगी।