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छत्तीसगढ़ में ₹500 करोड़ की मेडिकल डील में उजागर हुई व्यापक भ्रष्टाचार की साजिश: सतर्कता एजेंसी

रायपुर: छत्तीसगढ़ की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच में मेडिकल उपकरण और रिएजेंट्स की खरीद में गंभीर अनियमितताओं और प्रणालीगत भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। यह मामला 2023 में सामने आए मेडिकल खरीद घोटाले से जुड़ा है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है।

EOW ने 25 अप्रैल को रायपुर की अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें स्वास्थ्य सेवा निदेशालय (DHS) और छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉरपोरेशन लिमिटेड (CGMSCL) की बड़ी लापरवाही की ओर इशारा किया गया है, जिससे राज्य सरकार को लगभग ₹500 करोड़ का वित्तीय नुकसान हुआ।

अब तक इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है — शशांक चोपड़ा, बसंत कुमार कौशिक, क्षीरोद्र राउतिया, डॉ. अनिल परसाई, कमकलकांत पाटनवार और दीपक बांधे — जिन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

EOW की जांच में पाया गया कि टेंडर समिति की बैठकें उचित तरीके से आयोजित नहीं की गईं, न ही सभी सदस्यों के हस्ताक्षर लिए गए और न ही प्रक्रियाओं का पालन किया गया। इसके बजाय अधिकारियों ने “टेबलटॉप एक्सरसाइज” के जरिए प्रक्रियागत नियमों को दरकिनार कर महत्वपूर्ण जानकारियों को छिपाया।

2 जून 2023 को CGMSCL ने ₹314.81 करोड़ के क्रय आदेश बिना अनुमोदित बजट और प्रशासनिक स्वीकृति के जारी कर दिए। यह सब केवल संभावित बजट स्वीकृति के आधार पर किया गया, जो वित्तीय अनुशासन का उल्लंघन है।

DHS द्वारा रिएजेंट्स के सुरक्षित भंडारण हेतु जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर — जैसे कि 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले रेफ्रिजरेटर — की अनुपलब्धता के बावजूद CGMSCL को रिएजेंट्स वितरित करने का निर्देश दिया गया, जिससे बड़ी मात्रा में रिएजेंट्स खराब होकर बर्बाद हो गए।

एक और बड़ी गड़बड़ी EDTA ट्यूब्स की महंगे दामों पर खरीद में सामने आई। जहां बाजार में यह ट्यूब्स ₹1.50 से ₹8.50 प्रति यूनिट मिलती हैं, वहीं CGMSCL ने इन्हें ₹23.52 और ₹30.24 प्रति यूनिट के हिसाब से खरीदा, जिससे लगभग ₹2 करोड़ का नुकसान हुआ। जांच में पाया गया कि निजी कंपनी मोक्षित मेडिकेयर प्राइवेट लिमिटेड को फायदा पहुंचाने के लिए जानबूझकर प्रक्रियाओं में देरी और हेरफेर की गई।

आरोपपत्र में कहा गया कि तकनीकी समिति में कीमतों पर आपत्ति जताने वाले डॉ. अरविंद नेरल जैसे सदस्यों की बातों को नजरअंदाज किया गया और आरोपी क्षीरोद्र राउतिया ने समिति को गुमराह कर नियमों का उल्लंघन किया।

इसके अलावा, आपूर्ति किए गए उपकरणों को स्थापित करने या अनुचित आदेशों को रद्द करने जैसे जरूरी कदम भी नहीं उठाए गए। करोड़ों की मशीनें बंद पड़ी रहीं और रिएजेंट्स समय पर उपयोग न हो पाने से एक्सपायर हो गए, जो अधिकारियों और आपूर्तिकर्ता के बीच मिलीभगत को दर्शाता है।

इस मामले में 22 जनवरी को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और चार निजी कंपनियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी।

Raipur News: खारुन नदी में डूबे दो दोस्त, एक की लाश बरामद, दूसरे की तलाश जारी

रायपुर (छत्तीसगढ़): राजधानी रायपुर के मुजगहन थाना क्षेत्र के काठाडीह सात पाखर डैम के पास खारुन नदी में दो युवक डूब गए। रेस्क्यू अभियान के दौरान एक युवक की बॉडी बरामद कर ली गई, जबकि दूसरे की तलाश एसडीआरएफ की टीम द्वारा लगातार जारी है। यह घटना रविवार को हुई, जब दोनों दोस्त अपने दोस्तों के साथ नदी में नहाने गए थे।

घटना का विवरण:
जानकारी के मुताबिक, अर्जुन यादव और भूपेश भूडे नामक दो युवक रविवार को अपने दोस्तों के साथ खारुन नदी में नहाने पहुंचे थे। सभी लोग संडे एन्जॉय करने के लिए नदी के पत्रकारिता कॉलेज के पास एनीकेट में आए थे। नहाने के दौरान अचानक अर्जुन का पैर फिसल गया और वह पानी में डूबने लगा। यह देख भूपेश ने अपने दोस्त को बचाने के लिए गहरे पानी में कूद कर उसकी मदद करने की कोशिश की, लेकिन दोनों युवक पानी में डूब गए।

अर्जुन यादव नवा रायपुर का निवासी था, जबकि भूपेश भूडे जोरा का निवासी था। दोनों युवकों के डूबने के बाद उनके दोस्तों ने तुरंत डायल 112 पर कॉल की और घटना की सूचना दी।

रेस्क्यू ऑपरेशन और शव की बरामदगी:
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया और सुबह के समय अर्जुन यादव का शव बरामद किया गया। शव को नदी से बाहर निकालने के बाद एसडीआरएफ की टीम ने उसे स्थानीय पुलिस को सौंप दिया।

वहीं, दूसरे युवक भूपेश भूडे की तलाश अभी भी जारी है। एसडीआरएफ की टीम ने नदी में गहरे पानी तक सर्च ऑपरेशन किया, लेकिन अभी तक भूपेश का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस ने बताया कि भूपेश की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है।

पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया:
मुजगहन थाना पुलिस के अनुसार, इस हादसे में दोनों युवकों की जान चली गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। एसडीआरएफ की टीम के प्रयासों के बावजूद भूपेश की तलाश जारी है, और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही उसका शव भी बरामद कर लिया जाएगा।

सुरक्षा उपायों की आवश्यकता:
यह हादसा एक बार फिर यह साबित करता है कि नदियों और जलाशयों में बिना सुरक्षा के नहाना अत्यंत जोखिमपूर्ण हो सकता है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस तरह के जलाशयों में नहाते समय सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी तरह की अनावश्यक जोखिम से बचें।

बीजापुर जिले में माओवादियों के खिलाफ सुरक्षा बल का बड़ा अभियान, 12 किमी की खड़ी चढ़ाई के बाद कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर माओवादियों के ठिकाने तक पहुंची फोर्स

बीजापुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में तेलंगाना सीमा पर माओवादियों के खिलाफ सुरक्षा बल का बड़ा अभियान जारी है। सुरक्षा बल की टीम ने 12 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़कर माओवादियों के ठिकाने तक पहुंचने में सफलता हासिल की है। अभियान के दौरान माओवादियों के डंप सामान, बंकर और आईईडी (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बरामद हुए हैं। यह अभियान अब तक सात दिन से जारी है और इसे माओवादियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है।

सुरक्षा बल के लिए चुनौतीपूर्ण था मार्ग
इस अभियान में सुरक्षा बल को पहाड़ी इलाके की चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जहां माओवादियों के घातक ठिकाने स्थित थे। टीम ने 12 किमी की खड़ी चढ़ाई के बाद कर्रेगुट्टा पहाड़ी तक पहुंचने में सफलता पाई, जहां उन्हें माओवादियों के कई ठिकानों का पता चला।

इस दौरान सुरक्षा बल को माओवादियों के डंप सामान, बंकर और विस्फोटक सामग्री, जैसे कि आईईडी, बरामद हुए। पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने पहले दिन इस अभियान के दौरान तीन माओवादियों को ढेर करने की जानकारी दी थी। हालांकि, इसके बाद पुलिस ने और कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है और कहा है कि अभियान पूरा होने के बाद ही विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

गुफा और शिवलिंग की जानकारी
सुरक्षा बल को जो गुफा मिली है, वह कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर नहीं बल्कि नड़पल्ली नामक दूसरी पहाड़ी पर मिली है। कुछ समाचार पत्रों ने दावा किया था कि गुफा कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर मिली है, लेकिन बाद में यह स्पष्ट हुआ कि गुफा नड़पल्ली पहाड़ी पर स्थित है। यह गुफा प्राकृतिक रूप से बनी हुई है और उसमें शिवलिंग भी पाया गया है। यह गुफा ग्रामीणों के लिए पूजा-पाठ का स्थान रही है, जहां वे नियमित रूप से जाते थे।

हिड़मा की धमकी
बीजापुर के आसपास के गांवों में रहने वाले ग्रामीणों ने बताया कि कुछ माह पहले माओवादी कमांडर हिड़मा ने उन्हें धमकी दी थी। उसने कहा था, “मैं पहाड़ी पर बैठा हूं, चाहे कितने भी जवान आ जाएं, सबको ठिकाने लगा दूंगा।” इस धमकी के बाद से ही सुरक्षा बल को इस इलाके में माओवादियों के ठिकानों के बारे में संदेह हुआ और कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर कार्रवाई शुरू की गई।

आईईडी और माओवादियों की धमकी
माओवादियों ने तेलुगू भाषा में एक पत्र जारी कर ग्रामीणों को चेतावनी दी थी कि वे कर्रेगुट्टा पहाड़ी से दूर रहें, क्योंकि वहां बड़ी संख्या में आईईडी लगाए गए थे। इस पत्र के बाद सुरक्षा बल ने भी इस इलाके पर विशेष ध्यान देना शुरू किया और उसे एक संभावित माओवादी ठिकाना माना।

सुरक्षा बल की कार्रवाई एनटीआरओ (राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन) के उपग्रहों और मानवरहित ड्रोन द्वारा की गई निगरानी के आधार पर भी की गई थी, जिसमें माओवादियों की गतिविधियां देखी गईं थीं।

अभी भी जारी है अभियान
सुरक्षा बल का यह अभियान अभी भी जारी है और इसे माओवादियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। इस अभियान के दौरान माओवादियों को बड़ी क्षति पहुंचाई जा रही है, लेकिन यह स्पष्ट है कि इलाके में माओवादियों के ठिकाने अभी भी सक्रिय हैं। पुलिस ने कहा कि जब तक यह अभियान समाप्त नहीं होता, तब तक अधिक जानकारी साझा नहीं की जाएगी।

सुरक्षा बल का उद्देश्य इस अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करना है ताकि इस क्षेत्र को माओवादियों से मुक्त किया जा सके और वहां के ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

छत्तीसगढ़ के स्कूल में छात्रों को नमाज पढ़ने के लिए किया मजबूर, 7 टीचर पर FIR दर्ज

बिलासपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक विवादास्पद घटना सामने आई है, जिसमें 159 छात्रों को एक स्कूल में नमाज अदा करने के लिए मजबूर किया गया। पुलिस ने इस मामले में 7 शिक्षक और एक अन्य कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह घटना 26 मार्च से 1 अप्रैल तक आयोजित किए गए एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) शिविर के दौरान हुई। शिविर में भाग लेने वाले छात्रों में से केवल चार मुस्लिम थे, लेकिन फिर भी सभी छात्रों को नमाज अदा करने के लिए बाध्य किया गया।

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
कोटा थाना क्षेत्र के शिवतराई गांव में स्थित एक सरकारी स्कूल में हुई इस घटना के बारे में पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी कि इन छात्रों को धार्मिक अनुष्ठान के दौरान नमाज पढ़ने के लिए बाध्य किया गया। मामला सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 7 शिक्षकों पर एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने बताया कि इन शिक्षकों ने छात्रों को यह समझाए बिना नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया, जबकि उनमें से अधिकांश छात्र हिन्दू धर्म से थे और नमाज पढ़ने के लिए अनिच्छुक थे।

नमाज पढ़ने के लिए मजबूर करने की घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एनएसएस शिविर के दौरान शिवतराई गांव के सरकारी स्कूल में छात्रों से धार्मिक गतिविधियों के दौरान नमाज पढ़ने का आदेश दिया गया। बताया जा रहा है कि शिविर में करीब 159 छात्र शामिल थे, जिनमें से केवल 4 मुस्लिम थे। बावजूद इसके, इन सभी छात्रों को नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया। छात्रों के मुताबिक, जब उन्होंने इस बात का विरोध किया और यह बताया कि वे मुस्लिम नहीं हैं, तो उन्हें दबाव डालकर नमाज अदा करने के लिए कहा गया।

इस घटना के बाद कुछ छात्रों ने अपनी आपत्ति व्यक्त की और यह जानकारी अपने अभिभावकों को दी, जिनके द्वारा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर शिक्षक और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

एफआईआर में क्या कहा गया है
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि इन शिक्षकों ने धर्म के आधार पर छात्रों से अवैध रूप से धार्मिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए बाध्य किया। आरोप है कि बच्चों को मानसिक रूप से परेशान किया गया और उनका धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन किया गया। पुलिस ने उन सात शिक्षकों और एक अन्य कर्मचारी को आरोपी बना दिया है, जो इस घटना में शामिल थे।

शिविर की गतिविधियों पर विवाद
एनएसएस शिविर का उद्देश्य छात्रों को सामाजिक सेवा और जागरूकता के बारे में प्रशिक्षित करना होता है, लेकिन इस बार यह शिविर धार्मिक गतिविधियों से जुड़ गया, जिससे पूरे मामले में विवाद खड़ा हो गया। शिविर में छात्रों को नमाज अदा करने के लिए बाध्य करना शिक्षा के उद्देश्य और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों के खिलाफ है। इसके साथ ही यह सवाल उठता है कि क्या स्कूलों और शैक्षिक संस्थानों को धार्मिक गतिविधियों को अपने कार्यक्रमों का हिस्सा बनाना चाहिए या नहीं।

सरकारी प्रतिक्रिया और शिक्षा मंत्री का बयान
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह घटना शिक्षा के उद्देश्य से मेल नहीं खाती और मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधियों के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होने दी जाएंगी।

समाज में प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद समाज के विभिन्न वर्गों में प्रतिक्रिया देखने को मिली है। धार्मिक स्वतंत्रता के पैरोकारों ने इस घटना की कड़ी आलोचना की है और इसे धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों का उल्लंघन बताया है। वहीं कुछ अन्य ने इसे एक गलती और शिक्षकों की अविचारिता बताया। इस मामले में विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी अपने-अपने बयान दिए हैं।

निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ के इस विवादास्पद मामले ने एक बार फिर शिक्षा संस्थानों में धार्मिक स्वतंत्रता और धार्मिक समरसता के मुद्दे को तूल दिया है। बच्चों को किसी भी धर्म से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने के लिए मजबूर करना न केवल उनके अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह शिक्षा के उद्देश्य के खिलाफ भी है। इस मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई की है, लेकिन आगे इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए शिक्षा विभाग और राज्य सरकार को और सख्त कदम उठाने की आवश्यकता होगी।

दुर्ग में तीन तलाक का मामला: निकाह के एक साल बाद पत्नी को तलाक देकर भागा, पुलिस ने मध्यप्रदेश से दबोचा

दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में तीन तलाक का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। निकाह के महज एक साल बाद पत्नी को तीन तलाक देने और दूसरी शादी कर फरार होने वाले आरोपी मोहम्मद रईस को पुलिस ने मध्य प्रदेश के भोपाल से गिरफ्तार कर लिया है।

पूरा मामला
पीड़िता रेशमा फातिमा ने पद्मनाभपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका निकाह 16 नवंबर 2023 को कसारीडीह निवासी मोहम्मद रईस के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुआ था। निकाह के समय पीड़िता की मां ने दूल्हे को लाखों रुपये नकद और सोने-चांदी के आभूषण भी दिए थे।

शादी के बाद रेशमा अपने पति के साथ कसारीडीह रहने लगी, लेकिन कुछ ही समय में मोहम्मद रईस का व्यवहार बदल गया। वह आए दिन रेशमा को मानसिक प्रताड़ना देने लगा। हालात इतने बिगड़ गए कि 18 दिसंबर 2024 को रईस ने बिना किसी ठोस कारण के उसे तीन बार तलाक बोलकर छोड़ दिया और दूसरी महिला से निकाह कर लिया।

पुलिस ने दबोचा आरोपी
पद्मनाभपुर थाना प्रभारी केशव कोसले ने बताया कि प्रार्थिया की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। आरोपी मोहम्मद रईस शहर छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस को सूचना मिली कि वह भोपाल के टीपी नगर क्षेत्र में एक किराए के मकान में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम ने भोपाल जाकर उसे गिरफ्तार किया और दुर्ग ले आई। आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया गया है।

तीन तलाक कानून के तहत कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ तीन तलाक प्रतिबंध कानून के तहत कार्रवाई की है। साथ ही दहेज प्रताड़ना और अन्य संबंधित धाराओं में भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की जांच कर रही है।

छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को दी बड़ी सौगात

रायपुर: छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने निवेशकों को विभिन्न स्वीकृतियां और सेवाएं तय समय-सीमा में उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इससे न केवल औद्योगिक विकास को गति मिलेगी बल्कि निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा, “छत्तीसगढ़ को निवेशकों के लिए देश का सबसे अनुकूल राज्य बनाना हमारी प्राथमिकता है। औद्योगिक विकास से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।”

सेवाओं की तय समय-सीमा
राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड द्वारा जारी आदेश के अनुसार:

  • खतरनाक तथा अन्य अपशिष्ट प्रबंधन हेतु अनुमति: 60 दिन

  • बायो-मेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु अनुमति: 60 दिन

  • ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु स्वीकृति: 30 दिन

  • निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु अनुमति: 30 दिन

  • नदी या सार्वजनिक जलाशयों से जल दोहन हेतु अनुमति: 300 दिन

  • जल आपूर्ति एजेंसी से जल अनुपलब्धता प्रमाण पत्र: 90 दिन

भवन निर्माण से जुड़ी सेवाएं:
भवन योजना स्वीकृति, परिवर्तन या पुनरीक्षण, ध्वस्तीकरण एवं पुनर्निर्माण, प्लिंथ स्तर स्वीकृति तथा अधिभोग/पूर्णता प्रमाण पत्र — इन सभी के लिए अधिकतम 45 दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है।

स्टार्टअप और अन्य सेवाएं:

  • लिफ्ट और एस्केलेटर स्थापना हेतु पंजीकरण, नवीनीकरण, निरीक्षण: 45 दिन

  • स्टार्टअप इकाइयों का पंजीकरण: 45 दिन

  • निवेशकों की प्रश्नों और शिकायतों का निराकरण: 7 से 15 दिन के भीतर

औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के तहत अब तक अधिसूचित न की गई कई सेवाओं को इस आदेश के माध्यम से अधिसूचित कर दिया गया है। इससे राज्य में निवेश का माहौल और अधिक अनुकूल बनेगा।

मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार त्वरित, पारदर्शी और जवाबदेह सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह प्रयास छत्तीसगढ़ को देश के औद्योगिक मानचित्र पर और अधिक तेजी से स्थापित करने में मदद करेगा

IPL 2025: RCB ने रचा इतिहास, दिल्ली को हराकर अवे मैचों में रचा नया कीर्तिमान

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नई दिल्ली: IPL 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने रविवार को दिल्ली कैपिटल्स (DC) को उसके होम ग्राउंड अरुण जेटली स्टेडियम में छह रन से हराकर न केवल प्लेऑफ की दहलीज पर कदम रख दिया है, बल्कि एक ऐतिहासिक उपलब्धि भी हासिल कर ली है। आरसीबी ने इस सीजन में अब तक खेले गए सभी 6 अवे मैचों में जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है।

आरसीबी ने इस सीजन कोलकाता में केकेआर को हराकर शानदार शुरुआत की थी और फिर चेन्नई में चेन्‍नई सुपर किंग्‍स, मुंबई में मुंबई इंडियंस, जयपुर में राजस्‍थान रॉयल्स, मुल्‍लांपुर में पंजाब किंग्‍स और अब दिल्ली में दिल्‍ली कैपिटल्‍स को शिकस्‍त दी है।

अब एक कदम दूर नया रिकॉर्ड बनाने से
आरसीबी का अगला और आखिरी अवे मुकाबला 9 मई को लखनऊ में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ होगा। अगर आरसीबी यह मैच भी जीत लेती है, तो वह आईपीएल इतिहास में एक सीजन में अपने सभी अवे मैच जीतने वाली पहली टीम बन जाएगी।

2015 का रिकॉर्ड टूटा
गौरतलब है कि आरसीबी ने इससे पहले 2015 में भी एक सीजन में 6 अवे मैच जीते थे, लेकिन तब टीम को तीन अवे मैचों में हार का सामना भी करना पड़ा था। इस बार आरसीबी अवे मैचों में अजेय बनी हुई है, जो इसे और भी खास बना देता है।

प्लेऑफ में जगह लगभग पक्की
दिल्ली पर इस जीत के साथ ही आरसीबी ने पॉइंट्स टेबल में शीर्ष स्थान भी हासिल कर लिया है और अब प्लेऑफ में पहुंचने के लिए उसे केवल एक और जीत की जरूरत है। कप्तान और टीम के प्रदर्शन ने फैंस में नया जोश भर दिया है और अब सभी की निगाहें 9 मई के मुकाबले पर टिकी हैं।

जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान बालोद के BSF जवान का निधन, हार्ट अटैक की आशंका, गांव में पसरा मातम

रायपुर (CG News): छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के ग्राम मटिया (पी) निवासी बीएसएफ जवान हरीश मंडावी का जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि जवान की मौत हार्ट अटैक से हुई है, हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।

जानकारी के मुताबिक, हरीश मंडावी 27 अप्रैल की सुबह करीब 5 बजे जम्मू-कश्मीर के बीएसएफ मुख्यालय पैनथी सांबा में बेहोशी की हालत में पाए गए। गार्ड क्वार्टर में गार्ड कमांडर ने उन्हें बेसुध देखा, जिसके बाद नर्सिंग सहायक द्वारा उन्हें एंबुलेंस से यूनिट एमआई कक्ष ले जाया गया। यहां सीएमओ (एसजी) ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सोमवार की सुबह उनका पार्थिव शरीर उनके गृह ग्राम मटिया (पी) लाया जाएगा, जहां पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। जवान की असमय मृत्यु से पूरे गांव में शोक की लहर है।

रायगढ़ में दो पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार: फर्जी तरीके से बनवाया था मतदाता परिचय पत्र

रायगढ़ (CG News): छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध रूप से रह रहे दो पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि दोनों ने भारतीय नागरिकता प्राप्त किए बिना फर्जी तरीके से मतदाता परिचय पत्र बनवा लिया था।

रविवार को जूटमिल थाना प्रभारी प्रशांत राव को सूचना मिली थी कि ग्राम कोड़ातराई में याकूब शेख के मकान में दो संदिग्ध विदेशी नागरिक रह रहे हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पूछताछ के दौरान उनकी पहचान अर्मिश शेख और इफ्तिखार शेख के रूप में हुई, जो पाकिस्तानी नागरिक निकले।

मौके पर उनके वीजा, पासपोर्ट, मतदाता परिचय पत्र और बैंक पासबुक समेत अन्य दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में पाया गया कि उनका पासपोर्ट पाकिस्तान का है और वीजा एलटीवी (Long Term Visa) श्रेणी का है, जो वैध है। हालांकि, दोनों ने भारत निर्वाचन आयोग के फॉर्म नंबर-6 में गलत जानकारी देकर फर्जी मतदाता परिचय पत्र और अन्य दस्तावेज बनवाए थे।

इस मामले में थाना जूटमिल पुलिस ने अर्मिश शेख और इफ्तिखार शेख के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

PM मोदी ने की दंतेवाड़ा विज्ञान केंद्र की सराहना, कहा- पिछड़ेपन और हिंसा से नवाचार की ओर बढ़ता भारत

रायपुर (CG News): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 121वीं कड़ी में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थापित विज्ञान केंद्र की भूरी-भूरी प्रशंसा की। पीएम मोदी ने कहा कि कभी पिछड़ेपन और हिंसा के लिए पहचाने जाने वाले इलाके अब नवाचार के केंद्र बन रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को अपने रायपुर स्थित निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ‘मन की बात’ कार्यक्रम का श्रवण किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से दंतेवाड़ा विज्ञान केंद्र का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केंद्र पूरे देश का ध्यान आकर्षित कर रहा है। यहां बच्चों को थ्री-डी प्रिंटर, रोबोटिक कार जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से परिचित कराया जा रहा है, जो भारत के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।

प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि विज्ञान और नवाचार के प्रति युवाओं का बढ़ता आकर्षण भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने कहा, “आज भारत के युवा तेजी से विज्ञान, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम को देशवासियों को सकारात्मक दिशा प्रदान करने वाला अद्वितीय मंच बताया। उन्होंने कहा कि मोदी जी के विचार और संदेश देशभर के नागरिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। दंतेवाड़ा का विज्ञान केंद्र आज वैज्ञानिक चेतना और नवाचार का प्रेरक माध्यम बन चुका है, विशेषकर आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए। प्रधानमंत्री की सराहना से छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश को उत्साहवर्धक संदेश मिला है।