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छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्री हुई डिजिटल: आज से ऑनलाइन प्रॉपर्टी रिकॉर्ड, घर बैठे रजिस्ट्री और नामांतरण की सुविधा शुरू

रायपुर, छत्तीसगढ़ – राज्य सरकार ने पंजीयन प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और सरल बनाते हुए रजिस्ट्री से जुड़ी 10 नई सुविधाओं की शुरुआत की है। ये सुविधाएं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा आज से आधिकारिक रूप से लागू कर दी गई हैं। अब राज्य के नागरिक घर बैठे रजिस्ट्री, ऑनलाइन दस्तावेज सर्च, कैशलेस पेमेंट और ऑटोमेटिक नामांतरण जैसी आधुनिक सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।

नागरिकों को मिलेगी ये 10 प्रमुख सुविधाएं:

  1. आधार लिंक प्रमाणीकरण
    बायोमेट्रिक से पहचान होगी, नकली पक्षकारों पर रोक लगेगी।

  2. ऑनलाइन सर्च और डाउनलोड
    संपत्ति की रजिस्ट्री जानकारी घर बैठे सर्च और डाउनलोड की जा सकेगी।

  3. भारमुक्त प्रमाण पत्र
    संपत्ति पर लोन या बंधक नहीं है, इसका प्रमाण ऑनलाइन मिलेगा।

  4. कैशलेस पेमेंट सिस्टम
    रजिस्ट्री शुल्क अब UPI, डेबिट/क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग से दिया जा सकेगा।

  5. वॉट्सऐप नोटिफिकेशन
    रजिस्ट्री की हर स्टेज पर पक्षकारों को वॉट्सऐप पर सूचना मिलेगी।

  6. डिजी-लॉकर इंटीग्रेशन
    दस्तावेज भारत सरकार के डिजी-लॉकर में स्टोर और एक्सेस किए जा सकेंगे।

  7. ऑटो डीड जनरेशन
    ऑनलाइन फॉर्म भरते ही विलेख (डीड) खुद बनकर तैयार हो जाएगा।

  8. डिजी-डॉक्यूमेंट सुविधा
    अनुबंध या शपथ पत्र जैसे दस्तावेज ऑनलाइन तैयार किए जा सकेंगे।

  9. घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा
    होम विजिट और ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा, पारिवारिक रजिस्ट्री मात्र ₹500 में।

  10. ऑटो नामांतरण
    रजिस्ट्री के साथ ही स्वचालित रूप से राजस्व रिकॉर्ड में नाम चढ़ जाएगा।

बिचौलियों से मुक्ति, समय और खर्च में कटौती

पंजीयन विभाग ने राजस्व विभाग और NIC की मदद से यह डिजिटल प्रणाली विकसित की है। इससे न केवल बिचौलियों पर रोक लगेगी, बल्कि नागरिकों को समय, श्रम और आर्थिक बोझ से भी राहत मिलेगी।

अन्य राज्यों के बराबर सुविधा

यह सुविधा अब तक केवल तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और हरियाणा जैसे राज्यों में थी। छत्तीसगढ़ अब इस सूची में शामिल हो गया है।

बिलासपुर: फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नरेंद्र गिरफ्तार, पुलिस पूछ रही—कहां से ली डिग्री और अपोलो ने कैसे किया हायर?

बिलासपुर, छत्तीसगढ़ – अपोलो अस्पताल, बिलासपुर में कार्डियोलॉजिस्ट के रूप में कार्यरत फर्जी डॉक्टर नरेंद्र विक्रमादित्य उर्फ डॉ. केम को सरकंडा पुलिस ने दमोह (मध्यप्रदेश) से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शुक्रवार को जिला न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पुलिस को एक दिन की न्यायिक रिमांड दी गई है। अब पुलिस की विशेष टीम डॉक्टर से गहन पूछताछ कर रही है।

फर्जी डॉक्टर से कई गंभीर सवाल

पुलिस उप अधीक्षक और प्रवक्ता रश्मित कौर चावला ने जानकारी दी कि आरोपी से पूछताछ के लिए एक विशेष जांच टीम बनाई गई है। पूछताछ के दौरान डॉक्टर नरेंद्र से यह सवाल प्रमुख रूप से पूछे जा रहे हैं:

  • उसने मेडिकल की पढ़ाई कहां से की?

  • कार्डियोलॉजी की डिग्री कहां से प्राप्त की?

  • जब डिग्री फर्जी है, तो अपोलो प्रबंधन ने उसे कैसे हायर किया?

  • उसने कितने मरीजों का इलाज या ऑपरेशन किया?

पुलिस के मुताबिक आरोपी डॉक्टर ने इन सवालों के जवाब या तो टाल दिए या फिर गोलमोल तरीके से दिए। इस वजह से पुलिस उसकी पृष्ठभूमि, प्रमाणपत्र और अस्पताल में उसके कार्यकाल की गहन जांच कर रही है।

अपोलो प्रबंधन भी सवालों के घेरे में

सिर्फ आरोपी डॉक्टर ही नहीं, अपोलो अस्पताल के प्रबंधन पर भी अब सवाल उठ रहे हैं कि बिना उचित जांच-पड़ताल के कैसे एक फर्जी डॉक्टर को कार्डियोलॉजिस्ट के पद पर नियुक्त किया गया? अस्पताल प्रशासन से भी पूछताछ की जा रही है।

इस मामले ने न सिर्फ चिकित्सा पेशे की विश्वसनीयता को झटका दिया है, बल्कि स्वास्थ्य संस्थानों में भर्ती प्रक्रिया की खामियों को भी उजागर किया है।

हसौद: 20 हजार की रिश्वत लेते पटवारी गिरफ्तार, किसान से रिकॉर्ड सुधार के बदले कर रहा था पैसे की मांग

हसौद, छत्तीसगढ़ – राज्य में भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) बिलासपुर की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पटवारी को 20 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी किसान से ज़मीन के रिकॉर्ड दुरुस्त करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था।

शिकायत हसौद के ग्राम कैथा निवासी रामशरण कश्यप द्वारा की गई थी, जिसके मुताबिक उसके पिता और चाचा के नाम की ज़मीन बी-वन ऑनलाइन रिकॉर्ड में नहीं दिख रही थी। इस त्रुटि को सुधारने के लिए एसडीएम कार्यालय से तहसीलदार को आदेश जारी हुआ, और तहसीलदार ने यह जिम्मेदारी कैथा पटवारी पवन सिंह को सौंपी।

लेकिन पवन सिंह ने रिकॉर्ड ठीक करने के लिए किसान से 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। शिकायत की पुष्टि के बाद ACB ने ट्रैप योजना बनाई और 2 मई को पटवारी को गुजिया बोड़ कार्यालय में रिश्वत लेते ही पकड़ लिया। मौके से रिश्वत की रकम जब्त की गई और आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

कार्रवाई से मचा हड़कंप

इस कार्रवाई से स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। ACB के अनुसार, भ्रष्टाचार पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी।

भ्रष्टाचार के खिलाफ ACB की सक्रियता:

  • 4 माह में सक्ती ज़िले में 3 कार्रवाई

  • 3 जून 2025 को जांजगीर में वरिष्ठ निरीक्षक पकड़ा गया

  • भ्रष्ट अधिकारियों पर शिकंजा कसना जारी

ACB डीएसपी अजितेश सिंह ने बताया कि आरोपी पटवारी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत गिरफ्तार किया गया है।

रायपुर: NIT में बनेगा रोबोटिक्स और AI का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, तकनीक और रोजगार में नया अध्याय

रायपुर, छत्तीसगढ़ – छत्तीसगढ़ की तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक सहयोग को नया आयाम देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) रायपुर और एक प्राइवेट टेक्नोलॉजी कंपनी ने रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस साझेदारी का उद्देश्य प्रदेश में कौशल विकास, औद्योगिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना है। NIT रायपुर के निदेशक प्रो. एनवी रमना राव और टेक्नोलॉजी कंपनी के एमडी अभिमन्यु राजा की उपस्थिति में यह समझौता हुआ।

तकनीक में छलांग, युवाओं के लिए अवसर

इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को AI-संचालित रोबोटिक सिस्टम विकसित करने के प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया जाएगा। यह पहल खास तौर पर छात्रों के लिए इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड एजुकेशन और लाइव प्रोजेक्ट्स से जुड़ने के अवसर प्रदान करेगी, जिससे वे वैश्विक मानकों के अनुरूप तकनीकी दक्षता प्राप्त कर सकें।

यह होंगे प्रमुख लाभ:

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित रोबोटिक्स सिस्टम का विकास

  • उद्योग-एकीकृत शिक्षा मॉडल

  • छात्रों को रियल टाइम प्रोजेक्ट्स का अनुभव

  • छत्तीसगढ़ में तकनीकी दक्षता और रोजगार की नई संभावनाएं

विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी राज्य को भविष्य के टेक्नोलॉजी हब के रूप में उभरने का अवसर देगी। इसके माध्यम से न केवल रिसर्च और इनोवेशन में गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि रोजगार की संभावनाओं में भी बड़ा विस्तार होगा।

रायपुर: आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध शराब रैकेट का भंडाफोड़ – एक आरोपी गिरफ्तार

रायपुर, छत्तीसगढ़ – आबकारी विभाग ने तिल्दा क्षेत्र में अवैध मदिरा के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में मध्यप्रदेश राज्य की शराब जब्त की गई है, जिसे रिबॉटलिंग कर छत्तीसगढ़ में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा था।

मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर आबकारी विभाग ने तिल्दा मोहरा मार्ग स्थित सब्जी मंडी के पास एक किराए के गोदाम पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मोहम्मद गुलाब अंसारी नामक आरोपी के कब्जे से 144 नग पाव गोवा व्हिस्की (कुल मात्रा 25.92 बल्क लीटर) बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹17,280 बताई जा रही है।

इसके अलावा गोदाम से अवैध शराब पैकिंग के उपकरण भी बरामद हुए जिनमें 1000 नग मसाला मदिरा पाव के ढक्कन, 100 खाली शराब की बोतलें, एक प्लास्टिक की कुप्पी और एक विद्युत टेस्टर शामिल हैं।

आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धाराएं 34(1)(क), 34(1)(च), 34(1)(ज), 34(2), 36 और 59(क) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

इस कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी अल्ताफ खान के साथ आबकारी उपनिरीक्षक टेक बहादुर कुर्रे, प्रकाश देशमुख, कौशल सोनी और आबकारी आरक्षक राकेश दुबे शामिल रहे।

छत्तीसगढ़ में आंधी-तूफान का कहर: 18 जिलों में येलो अलर्ट, पेड़-पोल गिरे, कई इलाकों में 24 घंटे बाद भी बिजली नहीं

रायपुर, छत्तीसगढ़ |

प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ली है। गुरुवार शाम को रायपुर समेत कई जिलों में तेज आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई। इस दौरान कई स्थानों पर पेड़, बिजली के खंभे और शेड्स गिर गए। मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य के 18 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

मौसम विभाग के अनुसार, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, कोरिया और बलरामपुर जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, मेघगर्जन और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।

आंधी ने मचाई जबरदस्त तबाही

रायपुर में 10 साल बाद सबसे तेज आंधी (70-74 किमी/घंटे की रफ्तार से) चली, जिसने शहर के कई हिस्सों में तबाही मचाई। देवेंद्र नगर चौक पर शेड गिरने से कई गाड़ियां दब गईं। तरपोंगी टोल पर लोहे का स्ट्रक्चर तेज हवा में उड़कर पास में गिर गया, जिससे घंटों ट्रैफिक जाम रहा।

प्रदेशभर में सैकड़ों पेड़ और होर्डिंग्स गिरने की वजह से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही और ब्लैकआउट की स्थिति बनी रही।

बिजली कटौती से लोग परेशान, शिकायत केंद्र में हंगामा

रायपुर के लाखे नगर स्थित विद्युत शिकायत केंद्र में देर रात तक लोगों की लंबी लाइनें लगी रहीं। शिकायत करने आए लोगों का कहना था कि बिजली विभाग के फोन नहीं उठाए जा रहे और कर्मचारी सिर्फ “मेंटेनेंस स्टाफ भेजने” की बात कर रहे हैं, लेकिन घंटों बाद भी कोई नहीं पहुंचा। इसको लेकर लोगों ने नारेबाजी की, जिस पर पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा।

24 घंटे बाद भी कई इलाकों में बिजली नहीं

रायपुर के कई क्षेत्रों में आंधी के 24 घंटे बाद भी बिजली नहीं लौट सकी। विभागीय कर्मचारी लगातार मरम्मत कार्य में लगे हैं, लेकिन कई जगहों पर अभी भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। लोगों का कहना है कि शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है।

रायपुर: युवाओं को रोजगार देने साय सरकार का बड़ा कदम, चार अहम MoU पर हस्ताक्षर, सीएम बोले- कौशल विकास से बदलेगा भविष्य

रायपुर, छत्तीसगढ़।

राज्य में युवाओं, महिलाओं और जनजातीय समुदाय के कौशल विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने शुक्रवार को चार महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मौके पर कहा कि राज्य को वर्ष 2047 तक विकसित बनाने के लिए युवाओं को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहल प्रदेश में रोजगार के अवसरों को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने नीति आयोग की राज्य कार्यशाला श्रृंखला के तहत आयोजित “राज्य समर्थन मिशन” कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत एक युवा देश है, और युवाओं की रुचि एवं क्षमता के अनुसार प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास ही ‘विकसित भारत’ की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।

महत्वपूर्ण घोषणाएं और साझेदारी:

  • महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी के साथ हुए MoU के तहत छत्तीसगढ़ के युवाओं को ट्रैक्टर निर्माण की अत्याधुनिक तकनीक सिखाई जाएगी।

  • लाइवलीहुड कॉलेज, आईटीआई और महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाने की दिशा में योजनाएं तेज़ की जा रही हैं।

  • ग्रामीण क्षेत्रों में इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, मैकेनिक जैसे कुशल कर्मचारियों की भारी मांग को देखते हुए इन क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।

  • महुआ, इमली, साल जैसे वन उत्पादों के मूल्यवर्धन के माध्यम से स्थानीय लोगों की आजीविका बढ़ाने पर भी सरकार का विशेष ध्यान है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की घोषणाएं:

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि सरकार बस्तर और सरगुजा अंचल के आदिवासी युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने जा रही है।

  • महिलाओं के लिए स्वरोजगार और उद्यमिता प्रशिक्षण केंद्र भी खोले जाएंगे।

  • विभिन्न बड़ी कंपनियों से एमओयू कर निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ाया जा रहा है।

  • स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों में (जैसे कृषि, फल-फलियाँ, हस्तशिल्प) युवाओं को प्रशिक्षित कर नई रोजगार संभावनाओं पर बल दिया जा रहा है।

  • जल्द ही सरकार ई-हब की शुरुआत करेगी, जहां नवाचार करने वाले युवाओं को प्रोटोटाइप निर्माण, फंडिंग और मार्केटिंग की सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री दोनों ने आश्वस्त किया कि यह योजनाएं राज्य में न केवल रोजगार की दर को बढ़ाएंगी, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।

रायपुर में पुलिस की बर्बरता: घर के बाहर बैठे तीन युवकों की लाठियों से की पिटाई, हाथ-पैर हुए फैक्चर

रायपुर, छत्तीसगढ़ |

राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों द्वारा तीन युवकों की बेरहमी से पिटाई करने का मामला सामने आया है। पीड़ितों का आरोप है कि वे रात करीब 11:30 बजे अपने घर के बाहर बैठे थे, तभी पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और सवाल-जवाब करने से पहले ही गाली-गलौज करते हुए लाठी से पिटाई शुरू कर दी।

घटना तरुण बाजार, संतोषी नगर इलाके की है, जहां लक्ष्मण कौशल, लोकेश और जीशान अपने घर के सामने बैठे थे। पीड़ितों ने बताया कि बिना किसी पूर्व चेतावनी के पुलिसकर्मियों ने मारपीट शुरू कर दी। इस हमले में तीनों को गंभीर चोटें आईं, जिनमें हाथ और पैर के फ्रैक्चर भी शामिल हैं।

पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि मारपीट करने वाले पुलिसकर्मी नशे की हालत में थे। हमले के दौरान उन्होंने धमकी भी दी कि अगर किसी ने आवाज उठाई तो झूठा केस बनाकर जेल भेज देंगे और जिंदगीभर बाहर नहीं निकलने देंगे।

घायल युवकों के परिजनों ने इस घटना की शिकायत रायपुर पुलिस अधीक्षक से की है और हवलदार देवशरण साहू, आरक्षक आनंद शर्मा और निर्मल वर्मा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

प्रभाव और मांग
इस घटना ने स्थानीय लोगों में रोष उत्पन्न कर दिया है। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस ही सुरक्षा की जगह डर फैलाएगी, तो आम नागरिक कहां जाएगा। पीड़ित परिवारों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त सजा की मांग की है|

CG News: भिलाई में आंधी से उखड़े 32 पेड़, रास्ता हुआ बंद, विभाग ने हटाने में की तेजी से कार्रवाई

भिलाई | 2 मई 2025

भिलाई के सेंट्रल एवेन्यू क्षेत्र में गुरुवार शाम को चली आंधी ने भारी तबाही मचाई। आंधी के कारण 32 पेड़ उखड़कर गिर गए, जिससे मुख्य मार्गों पर यातायात बाधित हो गया। इन घटनाओं के कारण सड़कों पर पेड़ों का गिरना और मार्ग अवरुद्ध होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के उद्यान विभाग ने तत्परता से इस स्थिति से निपटने के लिए एक टीम को तुरंत मैदान में उतारा। विभाग की टीम ने अंधेरे में ही पेड़ों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। जेसीबी मशीनों की मदद से तेजी से पेड़ों को काटकर और हटाकर रास्ता खोला गया।

इस दौरान सबसे ज्यादा पेड़ सेंट्रल एवेन्यू क्षेत्र में गिरे, जिसके कारण सड़क पूरी तरह से अवरुद्ध हो गई थी। उद्यान विभाग की टीम ने पूरी रात पेड़ों को हटाने और रास्ते को साफ करने में जुटी रही। विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं को पहले से पूर्वानुमान करके उन्हें सही समय पर कंट्रोल किया जा सकता है।

राहत की बात यह रही कि विभाग ने फौरन पेड़ों को हटाकर मुख्य मार्ग को यातायात के लिए फिर से खोल दिया। इस घटना के बाद से लोगों ने विभाग की तत्परता और कुशलता की सराहना की, लेकिन भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए सुरक्षा उपायों को और सख्त करने की आवश्यकता महसूस की गई।

CG News: दिल्ली में इसकी कोई चलती नहीं… भूपेश बघेल का साय सरकार पर तीखा हमला

रायपुर | 2 मई 2025

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने मौजूदा साय सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की त्रिस्तरीय (“ट्रिपल इंजन”) व्यवस्था को केवल दिखावा बताते हुए कहा कि दिल्ली में छत्तीसगढ़ सरकार की कोई सुनवाई नहीं होती

भूपेश बघेल ने धान खरीदी और नीलामी के मुद्दे पर कहा,
“अगर केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ की पूरी धान फसल खरीदती, तो इस गरीब राज्य को नीलामी का सहारा नहीं लेना पड़ता और न ही किसानों को ₹1000 प्रति क्विंटल तक का घाटा उठाना पड़ता।”

उन्होंने कहा कि साय सरकार सिर्फ प्रचार और नारेबाज़ी में व्यस्त है, जबकि जमीनी स्तर पर किसानों और आम जनता को कोई राहत नहीं मिल रही। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “ट्रिपल इंजन सरकार केवल कागजों पर चल रही है, असल में दिल्ली में इसकी कोई चलती नहीं।”

बघेल का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में धान खरीदी और भंडारण को लेकर विवाद चल रहा है, और किसानों में असंतोष की भावना देखी जा रही है।