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कोरबा में सूना मकान बना चोरों का निशाना, 20 हजार रुपए की चोरी

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के बोलकोनगर क्षेत्र में एक सूना मकान चोरों के निशाने पर आ गया। चोरों ने मकान का ताला तोड़कर वहां से नकदी सहित करीब 20 हजार रुपए के सामान चुरा लिए। इस घटना को लेकर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम चुईया निवासी लक्ष्मण साहू, जो सीएसईबी से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, 27 अप्रैल को अपनी पत्नी के साथ किसी जरूरी काम से रायपुर गए हुए थे। उनके मकान में ताला लगा हुआ था। जब वे शनिवार सुबह करीब 10 बजे वापस लौटे, तो देखा कि घर के मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ है।

घर के अंदर पहुंचने पर उन्हें सारा सामान बिखरा हुआ मिला। जांच करने पर पता चला कि घर से कांसे की थाली, महुआ, चावल और करीब 6 हजार रुपए नकद सहित कुल लगभग 20 हजार रुपए के सामान चोरी हो चुके थे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और चोरों की तलाश जारी है।

आदिवासी युवती पर चोरी का झूठा आरोप, दुकानदार ने जबरन करवाया स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर

कांकेर जिले में एक आदिवासी युवती के साथ हुई घटना को लेकर स्थानीय लोग आक्रोशित हैं। सुमित बाजार के पास स्थित अरिहंत कपड़ा दुकान में काम करने वाली आदिवासी युवती मेघा कांगे पर दुकान मालिक वीरचंद पारक ने 2 मई को ₹1.5 लाख की चोरी का आरोप लगाया।

दुकानदार ने युवती को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हुए ₹50 के स्टाम्प पेपर पर लिखवाया कि वह अपनी तनख्वाह से किस्तों में यह राशि चुकाएगी। इसके अलावा, दुकानदार ने उसकी मां और बहन से भी स्टाम्प पेपर पर दस्तखत करवाए और युवती के शैक्षणिक प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र व बैंक पासबुक जब्त कर लिए।

इससे परेशान होकर मेघा कांगे ने कांकेर थाना में शिकायत दर्ज कराई है। उसने आरोप लगाया है कि उससे और उसके परिवार से जबरदस्ती हस्ताक्षर करवाए गए और उसे मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। पुलिस से न्याय की गुहार लगाते हुए उसने मांग की है कि आरोपी दुकानदार पर आदिवासी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।

भारतमाला घोटाले में जांच तेज, गिरफ्तार आरोपियों से मिले सुराग पर आगे बढ़ी EOW

भारतमाला परियोजना से जुड़े 48 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने जांच की रफ्तार बढ़ा दी है। पहले से जेल में बंद आरोपियों हरमीत सिंह खनूजा, केदार तिवारी, उनकी पत्नी उमा तिवारी और विजय जैन से पूछताछ के बाद अब ईओडब्ल्यू 14 और लोगों से पूछताछ की तैयारी कर रही है। इनमें जमीन दलाल, राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारी, छोटे अधिकारी और बिचौलियों की भूमिका संदेह के घेरे में है।

घोटाले की रकम बढ़ने की संभावना

EOW के अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 48 करोड़ रुपये के घोटाले का अनुमान है, लेकिन जांच के दौरान मिले नए तथ्यों से यह राशि और बढ़ सकती है। साथ ही इसमें शामिल लोगों की संख्या भी बढ़ेगी, इसलिए जांच का दायरा और अधिक विस्तारित किया जा रहा है।

जमीन की खरीद-फरोख्त में गड़बड़ी और साक्ष्य छिपाने की कोशिश

जांच में सामने आया है कि जैसे ही परियोजना के लिए चिन्हित जमीन की जानकारी लीक हुई, जमीन दलाल और बिल्डर सक्रिय हो गए। उन्होंने किसानों से कम दाम पर जमीन खरीदी और तेजी से रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया।

इसके बाद, कुछ मामलों में जमीन का काम शुरू होते ही उसे अपने नाम करवाकर राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से खुद ही मुआवजा भी हासिल कर लिया गया। कई साक्ष्यों को मिटाने या छुपाने की भी कोशिश की गई, जिसकी पड़ताल जारी है।

इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद युवती को धमकाया, फर्जी आईडी बनाकर अश्लील वीडियो किया वायरल – आरोपी गिरफ्तार

नरहरपुर थाना क्षेत्र में एक युवती ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि एक युवक ने इंस्टाग्राम के माध्यम से पहले दोस्ती की और बाद में अश्लील वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी दी। पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2024 में इंस्टाग्राम पर उसकी पहचान धनंजय शर्मा, निवासी सहजूपार, गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) से हुई थी। दोनों के बीच बातचीत आगे बढ़ी और वे मोबाइल नंबर भी आपस में साझा करने लगे। इसके बाद व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क बना रहा।

कुछ समय बाद, जब युवती ने धनंजय से बात करना बंद कर दिया, तो आरोपी ने उसे बार-बार कॉल कर परेशान करना शुरू कर दिया। उसने वीडियो कॉल के जरिए डराया और धमकाया कि अगर बात नहीं करेगी तो उसे जान से मरवा देगा। 26 अक्टूबर 2024 को एक वीडियो कॉल के दौरान आरोपी ने धमका कर पीड़िता का अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और उसे वायरल करने की धमकी देने लगा।

इसके बाद आरोपी ने पीड़िता की फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल बनाकर वह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मामले की शिकायत मिलते ही नरहरपुर थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी की तलाश में टीम को हैदराबाद, तेलंगाना भेजा।

पुलिस ने आरोपी धनंजय कुमार विश्वकर्मा (पिता रामपुकार उर्फ रामकुमार विश्वकर्मा) को हैदराबाद से हिरासत में लेकर नरहरपुर लाया, जहां पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से घटना में उपयोग किया गया मोबाइल फोन भी जब्त किया है।

आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सुरेश राठौर, साइबर सेल प्रभारी प्रेम प्रकाश अवधिया, उपनिरीक्षक पवन पुनीत तिर्की, प्रधान आरक्षक जगदीश नेताम, आरक्षक अमृत नाग व आशीष कुजाम की अहम भूमिका रही।

पेट्रोल पंप संचालन के नए नियम लागू, अब खाद्य विभाग की भूमिका खत्म – बढ़ी मनमानी और लापरवाही

प्रदेश में पेट्रोल पंपों के संचालन को लेकर शासन ने नया नियम लागू कर दिया है, जिसके तहत अब पेट्रोल पंप का लाइसेंस खाद्य विभाग के बजाय सीधे पेट्रोलियम कंपनियां जारी करेंगी। इस बदलाव के बाद खाद्य विभाग और जिला प्रशासन की पेट्रोल पंपों पर किसी भी तरह की निगरानी या जांच की जिम्मेदारी खत्म हो गई है। अब केवल नापतौल विभाग को ही निरीक्षण करने का अधिकार होगा।

नए नियम के लागू होने के बाद पेट्रोल पंप संचालकों की मनमानी तेज हो गई है। न तो ग्राहकों को हवा-पानी की बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं और न ही शौचालय जैसी जरूरी व्यवस्था का पालन किया जा रहा है। कई जगहों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। अग्निशमन यंत्रों की ठीक से देखरेख नहीं हो रही, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। साथ ही, तेल मापने में भी गड़बड़ी और ईंधन की गुणवत्ता को लेकर भी कई शिकायतें सामने आ रही हैं।

ग्राहकों का आरोप है कि कुछ पेट्रोल पंप जानबूझकर ईंधन कम मात्रा में देते हैं और हवा मशीन खराब होने या कर्मचारी के न होने जैसे बहाने बनाकर सुविधाएं देने से बचते हैं। इन लापरवाहियों की जांच के लिए अब कोई विभाग जिम्मेदार नहीं है, जिससे पंप संचालकों की मनमानी पर रोक लगाना मुश्किल हो गया है।

जिला खाद्य अधिकारी रविंद्र सोनी ने भी स्पष्ट किया है कि अब लाइसेंस और जांच की जिम्मेदारी पेट्रोलियम कंपनी की है, इसलिए खाद्य विभाग की भूमिका समाप्त हो चुकी है। इससे साफ है कि अब पेट्रोल पंपों की निगरानी कमजोर हो गई है और उपभोक्ताओं को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

18 जून तक आ सकता है मानसून, 25 मई से शुरू होगा नौतपा: मौसम विभाग की ताजा जानकारी

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में कुछ दिनों की राहत के बाद फिर से गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिन और रात की बढ़ती गर्मी के साथ हवा में नमी ने उमस को और बढ़ा दिया है, जिससे लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, फिलहाल जिले में बारिश की कोई संभावना नहीं है। इसके चलते आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है। दुर्ग संभाग के सभी जिलों में तापमान सामान्य से अधिक चल रहा है। हालांकि शनिवार को कुछ इलाकों में हल्के बादल देखने को मिले, लेकिन बारिश नहीं हुई। मौसम विशेषज्ञ एचपी चंद्रा का कहना है कि 15 मई के बाद अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है।

मानसून 2025: समय पर आने की उम्मीद

मौसम विभाग के अनुसार इस साल मानसून 18 जून तक छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर सकता है। इससे पहले हो रही बारिश को प्री-मानसून गतिविधियों के रूप में देखा जा रहा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून इस समय दक्षिण अरब सागर, मालदीव, कोमरान क्षेत्र, दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तक पहुंच चुका है। वर्तमान परिस्थितियां मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल बनी हुई हैं।

नौतपा की शुरुआत 25 मई से

इस साल नौतपा की शुरुआत 25 मई से होगी, जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेगा। यह कालखंड 8 जून तक चलेगा, जब सूर्य मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश करेगा। नौतपा के नौ दिन आमतौर पर सबसे अधिक गर्म होते हैं, लेकिन कुल मिलाकर यह 15 दिनों की भीषण गर्मी का समय होता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार का नौतपा काफी तीव्र हो सकता है, बशर्ते मौसम प्रणाली या वेस्टर्न डिस्टर्बेंस में कोई बड़ा बदलाव न हो। यह अवधि न केवल लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण होती है, बल्कि प्रकृति के लिए भी अहम मानी जाती है, क्योंकि धरती इस दौरान सूर्य की ऊष्मा को अवशोषित करती है, जो आगे मानसून के आगमन में मदद करता है।

बांग्लादेश ने पाकिस्तान दौरे पर लगाई रोक, यूएई में खेलेगा टी20 सीरीज

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बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने पाकिस्तान के खिलाफ प्रस्तावित पांच मैचों की टी20 सीरीज को लेकर अनिश्चितता जाहिर की है। यह सीरीज 25 मई से शुरू होकर 3 जून तक चलनी थी, जिसमें कुछ मुकाबले फैसलाबाद के इकबाल स्टेडियम में होने थे। हालांकि भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव को देखते हुए बांग्लादेश ने अभी तक पाकिस्तान दौरे पर अंतिम फैसला नहीं लिया है।

इस बीच बीसीबी ने पुष्टि की है कि बांग्लादेश की राष्ट्रीय पुरुष टीम संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेगी। ये मुकाबले शारजाह क्रिकेट स्टेडियम में 17 और 19 मई को स्थानीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होंगे। यह दौरा तय कार्यक्रम के अनुसार होगा।

बीसीबी ने अपने बयान में कहा कि वे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के साथ पाकिस्तान दौरे को लेकर बातचीत जारी रखे हुए हैं, लेकिन मौजूदा हालातों को ध्यान में रखते हुए कोई ठोस निर्णय अभी नहीं लिया गया है। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का असर क्रिकेट आयोजनों पर भी पड़ा है, जिसके चलते आईपीएल और पीएसएल जैसे बड़े टूर्नामेंट भी प्रभावित हुए हैं।

14 मई को जांजगीर-चांपा में प्लेसमेंट कैंप, युवाओं को मिलेगा रोजगार का सुनहरा मौका

छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले के युवाओं के लिए रोजगार पाने का सुनहरा अवसर आने वाला है। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, जांजगीर-चांपा द्वारा 14 मई 2025, बुधवार को एक दिवसीय प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जा रहा है। यह कैंप सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक लाईवलीहुड कॉलेज परिसर, जांजगीर में आयोजित किया जाएगा।

इस रोजगार मेले में 50 से अधिक रिक्त पदों पर भर्तियां की जाएंगी। जिला रोजगार अधिकारी ने जानकारी दी है कि निजी क्षेत्र की कंपनी बाबे इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी इंडिया लिमिटेड, रायपुर द्वारा 50 सुरक्षा गार्ड और 10 सुरक्षा सुपरवाइजर के पदों पर नियुक्ति की जाएगी।

इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है — सुरक्षा गार्ड के लिए 10वीं या 12वीं पास, जबकि सुरक्षा सुपरवाइजर के लिए स्नातक डिग्री अनिवार्य है। चयनित अभ्यर्थियों को प्रति माह 19,500 से 21,000 रुपये तक वेतन मिलेगा। कार्यस्थल रायपुर, सिलतरा और उरला में रहेगा।

रोजगार मेले में भाग लेने के इच्छुक उम्मीदवारों से अनुरोध है कि वे अपने मूल प्रमाण पत्रों के साथ नियत समय पर कैंप स्थल पर उपस्थित हों और इस अवसर का लाभ उठाएं।

छत्तीसगढ़: तेंदूपत्ता तोड़ने गई महिलाओं पर जंगली सुअर का हमला, हालत गंभीर

छत्तीसगढ़ में जंगली सुअरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। रायगढ़ के बाद अब कोरबा जिले में भी इस तरह की घटना सामने आई है। कोरबा वन मंडल के कटघोरा क्षेत्र में तीन महिलाएं जब तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल गई थीं, तभी एक जंगली सुअर ने उन पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में तीनों महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिलाओं ने हमले से बचने की पूरी कोशिश की, लेकिन सुअर के हमले से वे बुरी तरह घायल हो गईं। घटना के बाद गांव लौटकर उन्होंने इस हमले की जानकारी दी, जिसके बाद उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इस हमले से इलाके में दहशत का माहौल है।

इसी तरह की एक घटना रायगढ़ जिले के छाल रेंज क्षेत्र में भी सामने आई थी, जहां शुक्रवार सुबह तेंदूपत्ता तोड़ने गए पांच ग्रामीणों पर जंगली सुअर ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घायलों में मनीराम, दिलीप और सुनीता राठिया (ग्राम देउरमार) तथा इंद्रासो और राजकुमार राठिया (ग्राम गलीमार) शामिल हैं। सभी का इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में जारी है।

लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद लोगों में भय का माहौल है और उन्होंने वन विभाग से जल्द से जल्द कोई ठोस कदम उठाने की मांग की है।

स्कूल शिक्षा विभाग में प्रशासनिक फेरबदल, तीन अधिकारियों के हुए तबादले

मुख्यमंत्री की सख्त कार्यशैली का दिखा असर, महासमुंद के D.E.O. बदले गए

छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक सख्ती दिखाते हुए तीन अधिकारियों के तबादले किए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और परिणाम आधारित प्रशासन का असर अब साफ नजर आने लगा है।

जारी आदेश के मुताबिक, महासमुंद जिले के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी प्राचार्य एम.आर. सावंत को उनके पद से हटाकर जगदलपुर स्थित संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय में सहायक संचालक के पद पर भेजा गया है। उनकी जगह नवागढ़ (जांजगीर-चांपा) के विकासखंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे को महासमुंद का नया प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है। इसके साथ ही भूपेंद्र कुमार कौशिक को नवागढ़ का नया विकासखंड शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है।

यह फैसला उस समय लिया गया जब मुख्यमंत्री साय ने महासमुंद जिले में बोर्ड परीक्षा के खराब परिणामों पर नाराजगी जताई थी। हाल ही में सुशासन तिहार के तीसरे चरण के तहत महासमुंद में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने साफ संकेत दिया था कि शिक्षा के स्तर से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने सभी शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। स्कूल शिक्षा विभाग की यह ताजा कार्रवाई दर्शाती है कि प्रदेश सरकार प्रदर्शन आधारित मूल्यांकन को प्राथमिकता दे रही है और शिक्षा व्यवस्था में जिम्मेदारी तय करने के लिए तत्पर है।