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NIT में वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए एग्जीक्यूटिव M.Tech प्रोग्राम की शुरुआत, जानिए पूरी जानकारी

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) रायपुर आने वाले नए शैक्षणिक सत्र से एक खास एग्जीक्यूटिव M.Tech प्रोग्राम शुरू करने जा रहा है। यह कार्यक्रम खास तौर पर वर्किंग प्रोफेशनल्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जो अपने करियर में तकनीकी दक्षता और स्किल्स को बढ़ाना चाहते हैं।

इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए डॉ. दिलीप सिंह सिसोदिया ने बताया कि यह दो वर्षीय डिग्री प्रोग्राम मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक क्षेत्रों में उपलब्ध होगा। क्लासेस पूरी तरह ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी, जिससे कामकाजी लोग भी आसानी से इसमें भाग ले सकें।

इस कोर्स में प्रवेश की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है, और इसे जुलाई-अगस्त 2025 से शुरू करने की योजना है। इस प्रोग्राम में न्यूनतम 40 और अधिकतम 200 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। इसमें इंजीनियरिंग की किसी भी शाखा से ग्रेजुएट और बीएससी डिग्रीधारी भी पात्र होंगे।

प्रवेश के लिए पात्रता में यह शर्त रखी गई है कि जिनके पास दो साल तक का कार्य अनुभव है, उनके लिए न्यूनतम 60% सीजीपीए आवश्यक है, जबकि दो साल से अधिक अनुभव वाले आवेदकों के लिए 55% सीजीपीए जरूरी होगा।

यह कार्यक्रम सप्ताह में सिर्फ दो दिन – शनिवार और रविवार को चलेगा। इसमें कुल 10 विषय पढ़ाए जाएंगे, साथ ही एक माइनर और एक मेजर प्रोजेक्ट भी होगा। हर विषय के लिए 4 घंटे की कक्षा तय की गई है और पूरा पाठ्यक्रम 55 क्रेडिट स्कोर का होगा।

एनएसडीसी (नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) इस प्रोग्राम में टेक्निकल पार्टनर के रूप में सहयोग कर रहा है और कोर्स संचालन में भी तकनीकी सहायता प्रदान करेगा।

जिला अस्पताल के रिकॉर्ड रूम में लगी भीषण आग, करोड़ों के दस्तावेज राख, मचा हड़कंप

शनिवार देर रात करीब 3 बजे जिला अस्पताल के रिकॉर्ड रूम में आग लगने से हड़कंप मच गया। रात में जब मरीज और उनके परिजन सो रहे थे, तभी अचानक ऊपरी वार्ड में धुआं फैल गया। एक मरीज के परिजन ने जब देखा तो सिविल सर्जन कक्ष के पास कमरा नंबर 4 में आग लगी हुई थी।

आग की खबर मिलते ही पूरे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। सभी वार्डों से मरीजों और उनके परिजनों को बाहर निकाला गया, जिनमें कई गंभीर मरीज भी शामिल थे। गार्ड ने तुरंत अस्पताल प्रबंधन और पुलिस को सूचना दी। दमकल और पुलिस की टीम ने अस्पताल के पीछे से शटर तोड़कर आग पर कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया। लेकिन तब तक रिकॉर्ड रूम में रखा करोड़ों का दस्तावेज जलकर राख हो चुका था। इसमें जननी सुरक्षा योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़े अहम दस्तावेज भी शामिल थे।

आग की वजह पर सवाल

चौंकाने वाली बात यह है कि आग सिर्फ रिकॉर्ड रूम में ही लगी और बाकी हिस्सों में कोई प्रभाव नहीं पड़ा। अस्पताल के इलेक्ट्रिशियन का कहना है कि हाल ही में अस्पताल की वायरिंग पूरी तरह बदली गई थी और सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद थी। न तो बिजली गुल हुई और न ही कोई फ्यूज उड़ा, जिससे साफ होता है कि यह शॉर्ट सर्किट नहीं था।

इस घटना में अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर संदेह जताया जा रहा है। प्रबंधन के खिलाफ पहले भी फर्जीवाड़े की कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, और माना जा रहा है कि सबूत मिटाने के लिए यह आग जानबूझकर लगाई गई हो सकती है।

अग्निशमन व्यवस्था फेल

यह भी सामने आया है कि अस्पताल में लगे अग्निशमन यंत्र मार्च 2025 में एक्सपायर हो चुके थे। हाल ही में स्टाफ को आग बुझाने का प्रशिक्षण दिया गया था, लेकिन आग बुझाने में कोई यंत्र इस्तेमाल नहीं हो सका और दमकल की मदद से ही आग पर काबू पाया गया।

पुलिस जांच जारी

थाना प्रभारी प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि आग की वजह शुरू में शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है, लेकिन असली कारण जांच के बाद ही सामने आएगा।

रायपुर-बलौदाबाजार हाईवे पर दर्दनाक हादसा: ट्रेलर से टक्कर में 13 की मौत, 12 घायल

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पास रविवार देर रात एक भीषण सड़क दुर्घटना में 13 लोगों की जान चली गई, जबकि 12 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा रायपुर-बलौदाबाजार हाईवे पर सारागांव के पास उस वक्त हुआ जब एक माजदा वाहन, जिसमें करीब 50 लोग सवार थे, एक ट्रेलर से जा टकराई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चटौद क्षेत्र निवासी पुनीत साहू के घर छठी कार्यक्रम का आयोजन था, जिसमें शामिल होने के लिए रिश्तेदार एक मालवाहक वाहन (माजदा) में सवार होकर पहुंचे थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद लौटते समय यह वाहन पहले एक ट्रेलर से टकराया और फिर सामने से आ रहे दूसरे ट्रेलर से भिड़ गया।

इस हादसे में मौके पर ही 13 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 9 महिलाएं, 2 युवतियां, एक पुरुष और एक छह महीने की बच्ची शामिल हैं। घायलों को खरोरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और रायपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

रायपुर एसपी लाल उमेद सिंह ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि सभी लोग पारिवारिक कार्यक्रम से लौट रहे थे, तभी यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने भी अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और कहा कि यह एक बेहद दुखद घटना है।

घटना के बाद हाईवे पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिसे पुलिस ने राहत कार्यों के बाद धीरे-धीरे सामान्य किया। फिलहाल हादसे की जांच जारी है।

छत्तीसगढ़: तेज रफ्तार ने ली छह जानें, दो अलग-अलग सड़क हादसों में महिलाओं समेत कई की मौत

छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर दो भीषण सड़क हादसों में छह लोगों की मौत हो गई। इन हादसों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। पहला हादसा दहीकोंगा-पानपदरड़ंग मार्ग पर हुआ, जहां एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कोंडागांव से जगदलपुर जा रहे ट्रक ने सामने से आ रही बाइक को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि बाइक सवार ट्रक के नीचे जा फंसे। ट्रक का पहिया दो महिलाओं के ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल बाइक चालक ने कुछ देर बाद दम तोड़ दिया। तीनों मृतक कांकेर जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भेज दिया और ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है।

वहीं, दूसरे हादसे में दूधगांव के पास एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई। कार को आदि अवस्थी नामक युवक चला रहा था। हादसे में कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

तेज रफ्तार और लापरवाही इन दोनों हादसों की वजह बनी, जिससे कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

नगर निगम में आकाश तिवारी ही होंगे नेता प्रतिपक्ष, कांग्रेस में मचा घमासान अब थमा

नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष को लेकर कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान अब लगभग समाप्त हो गई है। कांग्रेस के पांचों नाराज़ पार्षदों ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है, जिससे अब यह तय हो गया है कि आकाश तिवारी ही नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभाएंगे।

शहर जिला कांग्रेस कमेटी पहले ही आकाश तिवारी के नाम का प्रस्ताव निगम सभापति सूर्यकांत राठौर को सौंप चुकी है। अब सभापति उन्हें आधिकारिक मान्यता देंगे।

दरअसल, बजट सत्र के दौरान शहर कांग्रेस कमेटी ने दो बार के पार्षद संदीप साहू को नेता प्रतिपक्ष घोषित कर दिया था, लेकिन इसके बाद 16 अप्रैल को प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आकाश तिवारी के नाम की घोषणा कर दी। इससे नाराज होकर संदीप साहू समेत पांच पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया था।

इस विवाद को सुलझाने के लिए पूर्व विधायक लेखराम साहू की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति बनाई गई। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री मलकीत सिंह गैंदू ने विवाद के निपटारे की पुष्टि की है।

गौरतलब है कि इस बार नगर निगम में कांग्रेस के केवल 8 पार्षद चुने गए हैं। पांच पार्षदों के इस्तीफे से पार्टी की अंदरूनी राजनीति पर सवाल उठने लगे थे। इस्तीफा देने वाले पार्षद विभिन्न वरिष्ठ नेताओं के करीबी माने जाते हैं, जिससे पार्टी के कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई थी।

अब जब सभी पार्षदों ने इस्तीफा वापस ले लिया है, तो पार्टी में एकता का संदेश गया है और आकाश तिवारी को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपे जाने का रास्ता साफ हो गया है।

कबीरधाम में शुरू हुआ फ्री कोचिंग सेंटर, 200 युवा पाएंगे PSC और व्यापमं की तैयारी का अवसर

कबीरधाम जिले के युवाओं के लिए एक नई उम्मीद की किरण लेकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शनिवार को भोरमदेव विद्यापीठ नि:शुल्क कोचिंग सेंटर का शुभारंभ किया। यह कोचिंग सेंटर नगर पालिका कार्यालय के पीछे स्थित मंगल भवन, राज महल चौक पर स्थापित किया गया है, जहां 200 चयनित प्रतिभाशाली युवाओं को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) और व्यापमं जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निशुल्क मार्गदर्शन मिलेगा।

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित स्मार्ट क्लासरूम

शुभारंभ अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने सेंटर का निरीक्षण करते हुए स्मार्ट क्लासरूम, अध्ययन कक्ष, पुस्तकालय, स्टाफ रूम और कैफेटेरिया जैसी सुविधाओं का जायज़ा लिया। इसके बाद पीजी कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से मुलाकात कर कोचिंग सेंटर के उद्देश्यों और सुविधाओं की जानकारी साझा की।

युवाओं के सपनों को देगा नई उड़ान

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि यह संस्थान सिर्फ एक कोचिंग सेंटर नहीं, बल्कि जिले के युवाओं को उनके सपनों तक पहुंचाने का माध्यम है। पहले युवाओं को बेहतर तैयारी के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, जिससे उन्हें आर्थिक व मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। अब वे अपने जिले में ही उच्च स्तरीय तैयारी कर सकेंगे।

चयन प्रक्रिया रही पारदर्शी

भोरमदेव विद्यापीठ में 100 PSC और 100 व्यापमं अभ्यर्थियों का चयन जिले के 1685 परीक्षार्थियों में से मेरिट के आधार पर किया गया। यहां युवाओं को पुस्तकालय, अध्ययन सामग्री, ऑनलाइन वीडियो लेक्चर और कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं बिल्कुल मुफ्त मिलेंगी।

कड़ी मेहनत ही सफलता की कुंजी

अपने संबोधन में विजय शर्मा ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता का कोई आसान रास्ता नहीं होता, इसके लिए लक्ष्य निर्धारण, अनुशासन और मेहनत जरूरी है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में कबीरधाम के युवा प्रशासनिक सेवाओं में जिले का नाम रोशन करेंगे।

रायगढ़ में हाथियों का कहर: दो महिलाओं की मौत, गांव में दहशत का माहौल

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां हाथियों के झुंड ने दो महिलाओं को कुचल कर मार डाला। यह घटना गमेकेला भद्रापारा गांव की है। बताया जा रहा है कि गर्मी के कारण महिलाएं घर के बाहर आंगन में सो रही थीं, तभी हाथियों का उग्र झुंड गांव में घुस आया और यह भयावह हादसा हो गया।

ग्रामीणों में इस घटना के बाद डर का माहौल है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। वन विभाग के मुताबिक, क्षेत्र में लगभग 21 हाथियों का एक झुंड लगातार घूम रहा है, जिससे इलाके में दहशत फैली हुई है। विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और झुंड को भगाने के लिए नए-नए उपाय अपनाए जा रहे हैं।

महिलाओं की दर्दनाक मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है और लोग अब अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। वन विभाग भी पूरी तरह से अलर्ट मोड में है और लोगों से अपील कर रहा है कि वे सतर्क रहें और जंगल की ओर न जाएं।

बिलासपुर में अवैध खनन पर प्रशासन की सख्ती, सरपंच के डंप किए 120 ट्रैक्टर रेत जब्त

बिलासपुर ज़िले में अवैध रेत खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। तखतपुर तहसील के मोढ़े और बेलसरी गांवों में खनिज और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर अवैध गतिविधियों का भंडाफोड़ किया।

कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर, एसडीएम तखतपुर के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में ग्राम मोढ़े के सरपंच प्रमोद कुमार निर्मलकर द्वारा अवैध रूप से डंप की गई 120 ट्रैक्टर रेत को जब्त किया गया। यह रेत विभिन्न स्थानों पर संग्रहित की गई थी, जिसे मौके पर उपसरपंच को सुपुर्द कर सुरक्षित किया गया।

छापेमारी टीम में तहसीलदार पंकज सिंह, माइनिंग इंस्पेक्टर राजू यादव और राजस्व निरीक्षक ऋषि राज शामिल थे।

इससे पहले, शुक्रवार को बिल्हा तहसील के बोदरी क्षेत्र में प्रशासन ने पिरैया और नगाड़ाडीह गांवों में 17 स्थानों से कुल 435 ट्रैक्टर रेत जब्त की थी। दो दिनों की कार्रवाई में कुल 555 ट्रैक्टर अवैध रेत जब्त की गई है।

इसी दौरान बेलसरी गांव में सरकारी ज़मीन पर हो रहे अवैध मिट्टी खनन की शिकायत पर माइनिंग इंस्पेक्टर ने एक जेसीबी और तीन ट्रैक्टर भी जब्त किए। सभी जब्त वाहन तखतपुर थाने में खड़े कराए गए हैं।

प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से अवैध खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी अवैध खनन पर कठोर कदम उठाए जाएंगे।

तेज रफ्तार का कहर: पोल से टकराई कार, जलकर मौत का शिकार हुआ ड्राइवर

नवा रायपुर के सेक्टर-17 में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां तेज रफ्तार और लापरवाही ने एक युवक की जान ले ली। जानकारी के अनुसार, शदाणी दरबार निवासी गौतम सतवानी अपनी कार को तेज रफ्तार में चला रहा था। कार में उसके साथ दो दोस्त—प्रियांशु सचदेव और अविराज भी मौजूद थे।

तेज रफ्तार के चलते कार अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे लगे एक स्ट्रीट पोल से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के पुर्जे करीब 30 फीट दूर तक बिखर गए और पोल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर के कुछ ही क्षणों में कार में आग लग गई और पूरी तरह जलकर खाक हो गई।

इस भीषण हादसे में ड्राइवर गौतम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रियांशु और अविराज गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज अस्पताल में जारी है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों युवक शराब के नशे में थे। यह दुर्घटना मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में हुई।

ब्रिगेडियर प्रदीप यदु का बयान: आतंक के खिलाफ निर्णायक अभियान, युद्ध नहीं

सेना में चार दशक तक सेवा दे चुके और पांच युद्धों का अनुभव रखने वाले ब्रिगेडियर प्रदीप यदु ने ऑपरेशन सिंदूर पर अपनी स्पष्ट राय रखी है। उन्होंने कहा कि यह भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक अभियान है।

उन्होंने बताया कि भारत की लड़ाई पाकिस्तान के आम नागरिकों या उनकी सेना से नहीं है, बल्कि उन आतंकी ठिकानों से है जो सीमापार से भारत में हिंसा फैला रहे हैं। “जब तक इन अड्डों का पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता, भारत चुप नहीं बैठेगा,” उन्होंने जोर देकर कहा।

भारत मजबूत, पाकिस्तान कमजोर

ब्रिगेडियर यदु के अनुसार, आज भारत हर मोर्चे पर मजबूत है – सैन्य, कूटनीतिक और आर्थिक दृष्टिकोण से। वहीं, पाकिस्तान पिछले चार दशकों से सीधा युद्ध लड़ने की स्थिति में नहीं है और प्रॉक्सी वॉर के जरिए भारत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता रहा है। पुलवामा, पहलगाम और उधमपुर जैसे हमले इसी रणनीति का हिस्सा रहे हैं।

नीति में बड़ा बदलाव

अब भारत की नीति साफ है – जवाबी कार्रवाई सिर्फ आतंकवाद के अड्डों पर केंद्रित होगी। पहलगाम हमले के बाद की कार्रवाई इसका उदाहरण है, जिसमें निर्दोषों को निशाना बनाने वालों को जवाब दिया गया।

आंतरिक खतरे से भी सतर्क रहने की चेतावनी

ब्रिगेडियर यदु ने देशवासियों को सावधान किया कि आतंरिक रूप से भी देश को कमजोर करने की साजिशें हो रही हैं। कुछ लोग जाति और धर्म के नाम पर नफरत फैलाकर दुश्मन का एजेंडा चला रहे हैं। उन्होंने कहा, “ऐसे जयचंदों से सावधान रहना जरूरी है।”

भारत की असली ताकत: जनता की एकता

भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी जनता की एकता, भाईचारा और देशभक्ति है। ब्रिगेडियर यदु ने कहा कि पाकिस्तान की कोशिश भारत को बांटने की है, लेकिन यह देश विविधता में एकता की मिसाल है। पहलगाम हमले के बाद कश्मीर के मुसलमानों द्वारा भारत के समर्थन में खड़ा होना इसका प्रमाण है।