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मनगटा रिसॉर्ट में जन्मदिन पार्टी के दौरान हंगामा, तीन युवकों पर हमला, बाइकें भी तोड़ी गईं

राजनांदगांव जिले के मुढ़ीपार क्षेत्र के मनगटा स्थित एक रिसॉर्ट में जन्मदिन की पार्टी के दौरान मारपीट और तोड़फोड़ की गंभीर घटना सामने आई है। तीन युवकों पर जानलेवा हमला कर उनकी बाइक को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम मनगटा निवासी तरुण कुमार साहू ने सोमनी थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि वह अपने दोस्तों विष्णु पटले, पूर्णम साहू और आकाश साहू के साथ 11 मई को मिराकल रिसॉर्ट में जन्मदिन मनाने गया था। पार्टी के दौरान चार अज्ञात युवक वहां पहुंचे और सार्वजनिक स्थान पर पार्टी मनाने का हवाला देते हुए गाली-गलौज कर मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने हाथ, मुक्के और लाठी से हमला किया, जिससे तरुण, विष्णु और आकाश को गंभीर चोटें आईं।

इतना ही नहीं, हमलावरों ने पीड़ित युवकों की बाइक को भी तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया। घायल युवकों ने तत्काल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 115(2), 296, 3(5), 324(4), 351(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

मनगटा क्षेत्र बन रहा असामाजिक तत्वों का अड्डा

वन चेतना केंद्र और आसपास के रिसॉर्ट्स में असामाजिक तत्वों की बढ़ती गतिविधियों से स्थानीय लोग परेशान हैं। शराब और अन्य मादक पदार्थों की उपलब्धता के कारण यहां नशा और अनैतिक गतिविधियों का बोलबाला हो गया है। रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से लोग यहां आते हैं, जिससे स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है।

हालांकि, पुलिस का दावा है कि संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। टीआई सत्यनारायण देवांगन ने बताया कि क्षेत्र में नियमित गश्त की जा रही है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

स्थानीय लोगों की मांग है कि मनगटा क्षेत्र में पुलिस की निगरानी और सख्ती बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

छत्तीसगढ़ में एक ही परिवार के चार लोगों की रहस्यमय मौत, इलाके में फैली सनसनी

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बागबहरा क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। घर का मुखिया फांसी के फंदे पर लटका मिला, जबकि उसकी पत्नी और दो छोटे बच्चों के शव उसी कमरे में पड़े हुए मिले।

यह घटना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की है, जहां मृतक बसंत पटेल अपने परिवार के साथ रहता था। बसंत कन्या शाला में चपरासी के पद पर कार्यरत था। बताया जा रहा है कि रात करीब 11 बजे तक परिवार के सभी सदस्य जाग रहे थे, लेकिन सुबह जब लोग घर के पास पहुंचे तो कमरे के भीतर सभी मृत पाए गए।

स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद मौके पर डॉग स्क्वाड, फॉरेंसिक टीम और पुलिस की क्राइम ब्रांच पहुंची। शुरुआती जांच में आपसी रंजिश की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा और सच्चाई सामने लाकर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग स्तब्ध  हैं।

डीएमएफ घोटाला: चार पूर्व सीईओ 19 मई तक रिमांड पर, निलंबित आईएएस रानू साहू समेत पांच की न्यायिक रिमांड बढ़ी

कोरबा जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) घोटाले की जांच में तेजी लाते हुए आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने कोरबा जनपद पंचायत के चार पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को 19 मई तक रिमांड पर लिया है। मंगलवार को इन अधिकारियों—भरोसाराम ठाकुर (पूर्व नोडल अधिकारी, डीएमएफटी), भूनेश्वर सिंह राज, राधेश्याम मिर्झा और वीरेंद्र कुमार राठौर—को कोर्ट में पेश किया गया।

ईओडब्ल्यू के विशेष लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि अब तक की पूछताछ से कई महत्वपूर्ण इनपुट मिले हैं, जिनके आधार पर दस्तावेज और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। आगे की गहन पूछताछ के लिए छह दिन की अतिरिक्त रिमांड की मांग की गई, जिसे विशेष न्यायाधीश ने मंजूर कर लिया।

रानू साहू और अन्य की न्यायिक रिमांड 27 मई तक बढ़ी

डीएमएफ घोटाले में गिरफ्तार और न्यायिक हिरासत में भेजे गए निलंबित आईएएस अधिकारी रानू साहू, सौम्या चौरसिया, सूर्यकांत तिवारी, माया वारियर और मनोज द्विवेदी की न्यायिक रिमांड को 14 दिन और बढ़ा दिया गया है। मंगलवार को इस मामले की सुनवाई ईओडब्ल्यू की विशेष अदालत में हुई।

प्रकरण की जांच जारी होने और चार अन्य अधिकारियों से पूछताछ के मद्देनजर अभियोजन पक्ष ने इन पांचों की न्यायिक रिमांड बढ़ाने का अनुरोध किया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर 27 मई तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया।

गौरतलब है कि यह घोटाला लगभग 90 करोड़ 48 लाख रुपये का है, जिसकी जांच ईओडब्ल्यू के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी कर रही है।

एनकाउंटर का डर! 14 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 5 महिला नक्सली और 16 लाख के इनामी शामिल

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। जिले में सक्रिय 14 कुख्यात नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है, जिनमें 5 महिलाएं भी शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों पर कुल 16 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें से कई नक्सली संगठन के अहम पदों पर तैनात थे।

सरेंडर की प्रेरणा बनी सरकारी योजना

नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ सरकार की ‘नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025’ और सुकमा पुलिस की ‘नियदनेल्लानार’ पहल से प्रेरित होकर सरेंडर किया। आत्मसमर्पण करने वालों में कुहरम भीमा (इनामी ₹2 लाख), तेलाम हिड़मा (नागाराम आरपीसी अध्यक्ष, इनामी ₹2 लाख), माड़वी पोज्जे, पोड़ियाम आयते, माड़वी मंगड़ी, सोड़ी सोना, मड़कम हुंगी, रवा लखे, गोंगे आयता, सोड़ी केसा, कुंजाम गंगा, माड़वी मूका, माड़वी देवा उर्फ पाड़ा देवा और तेलाम पोज्जा शामिल हैं।

बिना हथियार आत्मसमर्पण

ये सभी नक्सली बिना हथियार के एसपी किरण चव्हाण, सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य पुलिस अफसरों की मौजूदगी में आत्मसमर्पण के लिए सामने आए।

मुठभेड़ का डर बना आत्मसमर्पण की वजह

सुकमा के एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि सरकार की पुनर्वास नीति और पुलिस की रणनीति के चलते नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं। सुरक्षा बलों के कैम्प अब जंगलों के भीतर भी स्थापित हो चुके हैं, जिससे नक्सलियों में डर बढ़ा है और वे मारे जाने के भय से सरेंडर का रास्ता अपना रहे हैं।

पुनर्वास के तहत मिलेंगी सुविधाएं

सरकार की नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि, कपड़े, आवश्यक सामान और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। इसके साथ ही उनका सामाजिक पुनर्वास भी सुनिश्चित किया जाएगा।

बलौदाबाजार: दो युवक अवैध शराब के साथ गिरफ्तार, समाधान सेल की सूचना पर हुई कार्रवाई

बलौदाबाजार जिले में अपराध नियंत्रण के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देश पर समाधान सेल की शुरुआत की गई है। इस सेल के माध्यम से आम जनता से मिल रही सूचनाओं के चलते पुलिस को समय रहते जरूरी जानकारियां प्राप्त हो रही हैं, जिससे अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिल रही है।

इसी पहल के तहत सोमवार को समाधान सेल को मिली जानकारी के आधार पर सिटी कोतवाली पुलिस ने लटुवा रोड के शुक्लाभाटा तिराहा और रिसदा रोड क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दो व्यक्तियों को पकड़ा।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नागेश चंदेल (20 वर्ष) और अश्विनी चेलक (34 वर्ष) के रूप में हुई है, जो सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से 80 पाव देसी मसाला शराब बरामद की, जिसकी अनुमानित कीमत 8,800 रुपये है। दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

एसपी भावना गुप्ता ने बताया कि नागरिक समाधान सेल के हेल्पलाइन नंबर 94792 20392 पर कॉल या वॉट्सऐप के माध्यम से किसी भी आपराधिक गतिविधि की जानकारी दे सकते हैं। इस अभियान का उद्देश्य लोगों की शिकायतों का शीघ्र समाधान और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

लाभांडी क्षेत्र के ढाबों पर निगम का छापा: बासी चिकन, फफूंद लगी पनीर और भारी गंदगी मिली

रायपुर के लाभांडी क्षेत्र में नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई में ढाबों की बदहाल स्थिति सामने आई है। मंगलवार को की गई इस जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। ढाबों में कई दिनों पुराना चिकन, सड़ी-गली पनीर, और शाकाहारी तथा मांसाहारी भोजन को एक साथ रखने जैसी लापरवाहियां मिलीं। जगह-जगह गंदगी फैली थी और किचन की स्थिति बेहद खराब पाई गई।

सिंघम रेस्टो ढाबा की हालत सबसे खराब मिली, जिसे सील करने की चेतावनी दी गई है। वहीं, कुल पांच ढाबों पर 70 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

नगर निगम के आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर स्वास्थ्य अधिकारी तृप्ति पाणिग्रही और जोन-9 की टीम ने कार्रवाई की। लंबे समय से इन इलाकों से गंदगी की शिकायतें मिल रही थीं, लेकिन पहले कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया था।

छापे के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ ढाबों में अवैध गैस सिलेंडर का उपयोग किया जा रहा था, जिनमें से एक सिलेंडर को जब्त किया गया।

ग्राहकों की सेहत के साथ इस तरह का खिलवाड़ चिंता का विषय है। ढाबा संचालकों को नोटिस जारी कर आगे और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। स्वास्थ्य अधिकारी बारोन बंजारे ने बताया कि फिलहाल चेतावनी और जुर्माना लगाया गया है, लेकिन यदि सुधार नहीं हुआ तो सख्त कदम उठाए जाएंगे।

तेज रफ्तार बोलेरो की टक्कर से दर्दनाक हादसा, पिता-पुत्र समेत दो की मौत, एक गंभीर

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में मंगलवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। भटगांव थाना क्षेत्र के ग्राम दुरती में अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर एक तेज रफ्तार बोलेरो ने बाइक सवार तीन लोगों को टक्कर मार दी। इस हादसे में 10 साल के मासूम और एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।

जानकारी के अनुसार, ग्राम दुरती निवासी 32 वर्षीय बसंत सिंह अपने 10 वर्षीय बेटे निलेश और 20 वर्षीय रिश्तेदार संपत्त सिंह के साथ ग्राम खरसोता में एक मंडप कार्यक्रम में शामिल होकर बाइक से वापस लौट रहे थे। शाम करीब 5 बजे जब वे दुरती गांव के विद्युत सब स्टेशन के पास पहुंचे, तभी जरही की ओर से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो (सीजी 29 एजी 3874) ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों कुछ दूरी तक वाहन के साथ घिसटते चले गए।

हादसे में निलेश और संपत्त सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बसंत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। संयोग से घटनास्थल से गुजर रहे पटवारी सौरभ गोस्वामी ने बसंत को तत्काल अपनी कार से भटगांव अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

हादसे के बाद बोलेरो चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। सूचना मिलने पर जरही नायब तहसीलदार और भटगांव पुलिस मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर जाम समाप्त कराया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया और बोलेरो को जब्त कर लिया है। फरार चालक की तलाश की जा रही है।

उदंती अभयारण्य में दुर्लभ ‘मालाबार धनेश’ पक्षी की झलक, पकड़ने पर जेल का प्रावधान

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व, जहां राजकीय पशु वन भैंसा के लिए प्रसिद्ध है, अब देश के सबसे दुर्लभ पक्षियों में से एक ‘मालाबार धनेश’ की उपस्थिति के कारण एक बार फिर चर्चा में आ गया है। यह पक्षी, जिसे अंग्रेजी में Malabar Pied Hornbill कहा जाता है, बेहद कम संख्या में पाया जाता है और इसे मारने या पकड़ने पर कानून के तहत सख्त सजा का प्रावधान है।

वन विभाग की जानकारी के अनुसार, उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में 179 प्रकार की पक्षी प्रजातियाँ, 40 सरीसृप प्रजातियाँ और 32 से अधिक स्तनधारी प्रजातियाँ निवास करती हैं। इनमें मालाबार धनेश खास आकर्षण का केंद्र है। यह पक्षी मुख्यतः बीहड़ और पहाड़ी जंगलों में मिलता है और इसकी झलक पाना बहुत दुर्लभ माना जाता है।

बसंत ऋतु में इन पक्षियों को देखा जाना अपेक्षाकृत आसान होता है, जब वे अपने प्रजनन काल में सक्रिय रहते हैं। मालाबार धनेश बड़े आकार का पक्षी होता है जिसकी चोंच यू-आकार की होती है, जो इसे और भी आकर्षक बनाती है। यह पक्षी न केवल रंगबिरंगा और सुंदर होता है, बल्कि जैव विविधता की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

हाल ही में 10 मई को करलाझर बीट में गश्त के दौरान वनकर्मियों ने छह मालाबार धनेश पक्षियों को सेमल और बरगद के पेड़ों पर देखा। वीरेंद्र कुमार ध्रुव ने इन पक्षियों की तस्वीरें कैमरे में कैद कीं। वहीं, नकुल यादव, योनेश यादव, अमन कश्यप और दीपक निर्मलकर ने हॉर्नबिल की आवाज को पहचानने में मदद की।

गौरतलब है कि इस दुर्लभ प्रजाति की पहली बार पुष्टि 2017 में नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी द्वारा बाघ गणना के दौरान की गई थी। अब एक बार फिर इसकी उपस्थिति दर्ज की गई है, जो जैव विविधता संरक्षण के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

गरियाबंद में वन विभाग की ‘सजावट’: दो दिन में छह वर्क ऑर्डर, चट्टानों पर नक्काशी से जैव‐विविधता तहस-नहस

(छत्तीसगढ़)। चिंगरापगार वॉटरफॉल की नैसर्गिक चट्टानों पर भालू, तेंदुआ, बंदर और मगरमच्छ जैसी दर्जनों आकृतियाँ उकेर कर वन विभाग ने खुद ही संरक्षित वन क्षेत्र को नुकसान पहुँचा दिया है। महज़ दो दिन (23-25 फरवरी 2025) में छह वर्क ऑर्डर जारी कर रायपुर की डायनमिक स्टोन आर्ट क्रिएटर को 17.66 लाख रुपये का ठेका दिया गया—जबकि ‘सौंदर्यीकरण’ मद में अधिकतम पाँच लाख की ही स्वीकृति थी।

नियमो का खुला उल्लंघन

चिंगरापगार प्रोटेक्टेड फ़ॉरेस्ट में चट्टान तोड़ना या उन पर नक्काशी करना नॉन-फॉरेस्ट्री एक्टिविटी है, जिस पर सख़्त रोक है।

वन विभाग ने भंडार क्रय नियम का सहारा लेकर हर ऑर्डर की राशि 3 लाख से कम दिखाई, ताकि सार्वजनिक टेंडर प्रक्रिया से बचा जा सके।

पारिस्थितिकी को कितनी चोट

1. सूक्ष्म जीवों का सफ़ाया – लाइकेन और साइनोबैक्टीरिया जैसी सूक्ष्म प्रजातियाँ नष्ट, जिससे जैविक संतुलन टूटेगा।

2. चट्टानों की कमज़ोरी – नक़्क़ाशी से दरारें बढ़ेंगी, बरसाती पानी और ताप परिवर्तन से कटाव तेज़ होगा।

3. मिट्टी का क्षरण – बायोलॉजिकल क्रस्ट टूटने पर आसपास पौधों की जड़ नहीं टिकेगी, धूलभरी परत बढ़ेगी।

4. स्थानीय तापमान में वृद्धि – प्राकृतिक एल्बिडो बदलने से पत्थर ज़्यादा गरम होंगे, सूक्ष्म जलवायु असंतुलन होगा।

शिकायतें और जवाब

पर्यावरण कार्यकर्ता नितिन सिंघवी ने अपर मुख्य सचिव (वन) और सीईसीबी को शिकायत भेजी है, कार्रवाई और नक्काशी हटाने की माँग की है।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण पांडेय ने कहा, “शिकायत मिली है, जाँच जारी है।”

डीएफओ लक्ष्मण सिंह का दावा, “कोई गैर-वन गतिविधि नहीं हुई।”

बड़ा सवाल

जिस विभाग का दायित्व जंगल बचाना है, वही नियम तोड़ कर ‘सौंदर्यीकरण’ के नाम पर जैव-विविधता और सरकारी धन—दोनों का नुकसान कर रहा है। परिणामस्वरूप पर्यटन स्थल की प्राकृतिक खूबसूरती भी खतरे में है; यदि मिसाल बनी रही तो दूसरे संरक्षित क्षेत्रों में ऐसी

अवैध नक्काशी रुक पाना मुश्किल होगा।

छत्तीसगढ़ प्रशासनिक सेवा में बड़ा बदलाव, 18 अधिकारियों का तबादला

छत्तीसगढ़ सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने 13 मई 2025 को एक अहम प्रशासनिक निर्णय लेते हुए 18 राजस्व प्रशासनिक सेवा अधिकारियों का तबादला किया है।

आदेश संख्या ESTB-102(2)/2/2025-GAD-4 के अंतर्गत जारी निर्देशों में बताया गया है कि इन सभी अधिकारियों को डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदोन्नत करते हुए कलेक्टर कार्यालयों में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

उक्त अधिकारियों को वेतन मैट्रिक्स के लेवल-12 (₹56,100 – ₹1,77,500) के तहत चार स्तरीय वेतनमान में पदोन्नति दी गई है। यह फेरबदल प्रशासनिक कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है।