Home Blog Page 194

पुलिस की नौकरी के नाम पर 10 लाख की ठगी, जीआरपी हवलदार गिरफ्तार

बिलासपुर रेलवे स्टेशन में पदस्थ जीआरपी हवलदार जय कुमार वर्मा को पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उस पर पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये ठगने का आरोप है।

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2017 में पुलिस में आरक्षक पद पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान जांजगीर-चांपा निवासी महेंद्र सिंह मानसर की मुलाकात हवलदार जय कुमार वर्मा से हुई। जय कुमार ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए महेंद्र को अपने भाई भूपेंद्र सिंह मानसर को सिपाही की नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके बदले उसने 10 लाख रुपए की मांग की।

आर्थिक रूप से कमजोर महेंद्र ने खेत बेचकर यह रकम जुटाई और जय कुमार को खमतराई की आरवीएच कॉलोनी में मनोज मिंज की मां राजकुमारी मिंज और तीरथ साहू की मौजूदगी में सौंप दिए।

इसके बाद भी भूपेंद्र को नौकरी नहीं मिली। जब महेंद्र ने पैसे वापस मांगे, तो जय कुमार टालमटोल करने लगा। 2019 में उसने केवल 2 लाख रुपए लौटाए और बाकी रकम आज तक नहीं दी।

जांच में पता चला है कि आरोपी ने अपने गांव के कई अन्य लोगों से भी नौकरी का झांसा देकर पैसे लिए थे। पंचायत में दबाव बनने के बाद कुछ को उसने अपनी जमीन बेचकर पैसा लौटाया, लेकिन महेंद्र और अन्य कुछ पीड़ितों को आज तक पूरी रकम नहीं मिली।

शिकायत मिलने पर खमतराई पुलिस ने जय कुमार वर्मा के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

भिलाई: भारतमाला परियोजना के विरोध में 17 भू-स्वामी गिरफ्तार, मुआवजे को लेकर नाराजगी

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के धनोरा इलाके में भारतमाला परियोजना के तहत सड़क निर्माण को लेकर गुरुवार को बड़ा विवाद हो गया। मुआवजे को लेकर नाराज भू-स्वामी निर्माण कार्य का विरोध करने पहुंचे थे, इसी दौरान एक हाईवा चालक ने प्रदर्शनकारियों के पास मुरुम गिरा दी, जिससे एक किसान घुटनों तक मलबे में दब गया। पुलिस ने तत्काल उसे बाहर निकाला।

प्रशासन ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन जब समझाइश से बात नहीं बनी, तो पुलिस ने 17 किसानों को हिरासत में लेकर उन्हें जेल परिसर ले जाया, जहां पूरे दिन बैठाए रखने के बाद शाम को सभी को बिना शर्त रिहा कर दिया गया।

यह विवाद लंबे समय से अधिग्रहण की प्रक्रिया में गड़बड़ियों को लेकर चल रहा है। किसानों का आरोप है कि मुआवजे की गणना स्क्वेयर फीट की जगह स्क्वेयर मीटर में की गई, जिससे उन्हें दस गुना तक का नुकसान हो रहा है। इसी वजह से कई भू-स्वामियों ने मुआवजा लेने से भी इनकार कर दिया है।

घटना के दिन जब निर्माण कार्य फिर से शुरू करने की कोशिश हुई, तो बड़ी संख्या में भू-स्वामी मौके पर पहुंचकर काम रुकवाने लगे। यह तीसरी बार था जब किसानों ने सड़क निर्माण का विरोध किया। इससे पहले सितंबर और जनवरी में भी इसी तरह से काम रोका गया था।

प्रशासन की ओर से पहुंचे तहसीलदार और नायब तहसीलदार ने किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन विरोध जारी रहा। इसके बाद पुलिस ने 17 किसानों को गिरफ्तार किया। इनमें महेंद्र चोपड़ा, शिवकुमार चंद्राकर, बालमुकुंद तिवारी, चंद्रकांत साहू सहित अन्य शामिल थे।

प्रभावित किसान महेंद्र चोपड़ा ने कहा, “हम सड़क निर्माण के विरोध में नहीं हैं, हमारी मांग है कि पहले मुआवजे के विवाद को सुलझाया जाए। लेकिन हमारे विरोध के दौरान पुलिस ने जबरन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने की कोशिश की।”

वहीं, एसडीएम हरवंश सिंह मिरी ने कहा, “जिन जमीनों का अवार्ड पारित हो चुका है, उनका कब्जा दिलाने की कार्रवाई हो रही है। किसी पर मुरुम गिराने की शिकायत नहीं मिली है। सभी को रिहा कर दिया गया है।”

यह घटना भूमि अधिग्रहण से जुड़े विवादों की गंभीरता और प्रशासन की चुनौतियों को उजागर करती है।

फ्लाइट यात्रियों के लिए खुशखबरी: अब आसमान में भी मिलेगा इंटरनेट और मनोरंजन का मजा

हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक शानदार खबर सामने आई है। रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से दिल्ली जाने वाली एयर इंडिया की उड़ानों में अब एक नई इन-फ्लाइट मनोरंजन सेवा ‘Vista Stream’ की शुरुआत हो गई है। इस सेवा के तहत यात्री अपने मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप जैसे निजी उपकरणों पर फिल्में, टीवी शो और म्यूजिक का लुत्फ उठा सकेंगे।

10,000 फीट की ऊंचाई पर भी इंटरनेट सेवा उपलब्ध

देश और विदेश की उड़ानों में अब एयर इंडिया अपने कुछ खास विमानों जैसे एयरबस A350, बोइंग 787-9 और चुनिंदा एयरबस A321neo में वाई-फाई इंटरनेट सुविधा भी दे रही है। इससे यात्री उड़ान के दौरान भी ऑनलाइन रह सकते हैं।

ऐसे उठाएं सुविधा का लाभ

इस सेवा का उपयोग करने के लिए यात्रियों को एक क्यूआर कोड स्कैन करना होगा। इसके बाद वे अपनी पसंद का कंटेंट चुनकर उड़ान के दौरान उसका आनंद ले सकते हैं।  अब यात्राएं होंगी और भी मजेदार और कनेक्टेड!

 

छात्रों के लिए बड़ी राहत: अब फेल, पूरक और अंक सुधार के लिए मिल सकेगा एक और मौका

0

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में शामिल छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। बोर्ड ने द्वितीय मुख्य परीक्षा की अधिसूचना जारी की है, जिसमें अब केवल फेल और पूरक छात्रों ही नहीं, बल्कि वे विद्यार्थी भी शामिल हो सकेंगे जो अपने पहले परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं और अंक सुधार करना चाहते हैं।

यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। द्वितीय मुख्य परीक्षा हाई स्कूल (10वीं) और हायर सेकंडरी (12वीं) के नियमित छात्रों के लिए आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में वे छात्र भाग ले सकेंगे, जो मुख्य परीक्षा में शामिल हुए थे।

महत्वपूर्ण तिथियां:

बिना विलंब शुल्क के आवेदन: 20 मई से 10 जून 2025 तक

विलंब शुल्क के साथ आवेदन: 11 जून से 20 जून 2025 तक

विशेष विलंब शुल्क के साथ आवेदन: 21 जून से 30 जून 2025 तक

प्रमुख बिंदु:

इस बार सीजी बोर्ड ने सप्लीमेंट्री परीक्षा प्रणाली को बंद कर दिया है और इसके स्थान पर द्वितीय मुख्य परीक्षा का विकल्प दिया है।

छात्र अपनी इच्छा के अनुसार किसी भी विषय की परीक्षा दे सकते हैं। विषयों की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं है।

यदि द्वितीय परीक्षा में अंक नहीं बढ़ते हैं, तो पहले वाली मूल मार्कशीट को ही मान्य माना जाएगा।

यह परीक्षा छात्रों को शैक्षणिक प्रदर्शन सुधारने और पास होने का एक और अवसर प्रदान करेगी।

नियमित छात्र अपने स्कूल के माध्यम से फॉर्म भरेंगे, जबकि अन्य क्रेडिट योजना के अंतर्गत आने वाले छात्र सम्बंधित संस्थाओं से आवेदन कर सकेंगे।

बोर्ड ने सभी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे समयसीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को पूर्ण कराएं।

यह पहल छात्रों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का दूसरा मौका देने के उद्देश्य से की गई है।

उरला बाजार में फिर से चोर-बदमाशों का आतंक, सब्जी व्यापारी को पीट-पीटकर किया अधमरा, आईसीयू में भर्ती

0

रायपुर, बिरगांव (उरला): उरला बाजार में एक बार फिर से चोर-बदमाशों की दहशत का माहौल बना हुआ है। प‍िछले रविवार को एक सब्जी व्यापारी से कुछ बदमाशों ने जबरन पैसे मांगने की कोशिश की, और विरोध करने पर व्यापारी को बुरी तरह पीट दिया। मारपीट इतनी गंभीर थी कि व्यापारी को गंभीर अवस्था में मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां वह आईसीयू में भर्ती है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 10–12 लोगों की एक गिरोह बाजार में लगातार सक्रिय है जो फोन चोरी, जेबकटी और व्यापारियों से जबरन वसूली जैसे कृत्य कर रहे हैं। यह घटना नई नहीं है — बीते 4–5 वर्षों से उरला बाजार में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार पुलिस में शिकायत की, लेकिन कुछ समय के लिए ही स्थिति में सुधार आता है। प्रशासन की लापरवाही के चलते हालात फिर पुराने जैसे हो जाते हैं।

इस मामले में अब तक एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि एक अभी भी फरार है। पुलिस द्वारा उसकी तलाश जारी है।

उरला थाना प्रभारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बयान दिया है कि अब हर बाजार के दौरान उरला पुलिस की टीम बाजार में तैनात रहेगी, जिससे व्यापारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

खमतराई थाने में बजरंग दल का प्रदर्शन, रिंकू रज़ा पर एफआईआर की मांग को लेकर विरोध

रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र में गुरुवार को बजरंग दल की बंजारी प्रखंड बिरगांव इकाई द्वारा जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन रिंकू रज़ा के खिलाफ एफआईआर दर्ज न होने के विरोध में आयोजित किया गया था।

मामला बिरगांव स्थित अडवाणी स्कूल में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट से जुड़ा है, जहां एक टीम के खिलाड़ियों की जर्सी पर “Save Gaza, Save palestine” जैसे नारे लिखे पाए गए। बताया जा रहा है कि यह टीम कथित तौर पर रिंकू रज़ा से जुड़ी हुई है।

बजरंग दल का कहना है कि जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और गाज़ा-फिलिस्तीन जैसे क्षेत्र पाकिस्तान समर्थक माने जाते हैं, तब इस प्रकार के नारे देशविरोधी मानसिकता को उजागर करते हैं और यह राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता है।

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने तीन दिन पहले खमतराई थाने में रिंकू रज़ा के खिलाफ शिकायत दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। कार्रवाई नहीं होने पर 15 मई को थाने के बाहर विरोध स्वरूप धरना दिया गया।

प्रदर्शन के पश्चात थाना प्रभारी ने एफआईआर दर्ज करने और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

बजरंग दल की यह भी मांग है कि रिंकू रज़ा का सार्वजनिक रूप से जुलूस निकाला जाए, ताकि समाज को यह संदेश मिले कि देशविरोधी मानसिकता या कार्य को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रदर्शन में बजरंग दल के कार्यकर्ता देशभक्ति के नारों के साथ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और विरोध जताया।

गांव के किराए के मकान में चल रहा था देह व्यापार, पुलिस ने 2 युवतियों सहित 4 लोगों को किया गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बार फिर देह व्यापार का मामला सामने आया है। इस बार यह अवैध गतिविधि गांव के एक किराए के मकान में संचालित की जा रही थी। नंदिनी थाना क्षेत्र की पुलिस ने मौके पर छापेमारी कर दो युवतियों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

जानकारी के मुताबिक, गांव में हाल ही में बाहरी लोगों की आवाजाही अचानक बढ़ गई थी, जिससे स्थानीय लोग चिंतित हो गए थे। शक के आधार पर कुछ लोगों ने विरोध जताया और मौके पर हंगामा किया। ग्रामीणों की सूचना पर नंदिनी थाना प्रभारी मनीष शर्मा ने तुरंत एक टीम भेजी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो देखा कि एक घर में अवैध देह व्यापार चल रहा है।

पुलिस ने घर के भीतर छानबीन की तो वहां ओम प्रकाश पटेल, बलीराम वर्मा और दो युवतियां मौजूद थीं। इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया गया कि ये सभी कल्याण कॉलेज अहेरी के पास स्थित एक किराए के मकान में इस गैरकानूनी गतिविधि को अंजाम दे रहे थे। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

तेज रफ्तार कार की टक्कर से पति की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल

कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। ससुराल जा रहे एक दंपती की बाइक को तेज रफ्तार कार ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे पति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम विजयपुर निवासी 38 वर्षीय प्रताप पटेल अपनी पत्नी पुनिता पटेल (35) के साथ बाइक पर सवार होकर सुबह करीब 8:30 बजे ससुराल पाथा के लिए निकले थे। करीब 9 बजे के आसपास जब वे बरभांठा पुलिस चौकी के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक (सीजी 12 एएल 6979) को जोरदार टक्कर मार दी।

हादसे के बाद प्रताप सड़क पर गिर पड़े और सिर में गंभीर चोट लगने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी दूर जा गिरी और गंभीर रूप से घायल हो गई। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और डॉयल 112 को सूचना दी गई। घायल महिला को तत्काल कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक होने पर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोरबा रेफर कर दिया गया।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

राजबती को मिली इंसाफ की जमीन, कलेक्टर की तत्परता से कुछ ही घंटों में मिला हक

अपने पति की मेहनत से खरीदी गई जमीन पर अवैध कब्जा होने से परेशान बुजुर्ग महिला राजबती जब कलेक्टोरेट पहुंचीं और अपनी पीड़ा रो-रो कर बताई, तब प्रशासन हरकत में आ गया। 14 मई के पत्रिका में इस खबर के प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठे थे। लेकिन कलेक्टर रणबीर शर्मा के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई करते हुए राजबती को उसकी जमीन वापस दिलाई गई।

तहसीलदार ने की निष्पक्ष कार्यवाही

कलेक्टर के आदेश पर बेरला के तहसीलदार आशुतोष गुप्ता अपनी राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने अवैध कब्जाधारी साधेलाल की मौजूदगी में पारदर्शिता से जमीन की दोबारा माप कराई और सही सीमांकन करते हुए राजबती को उसकी जमीन का कब्जा सौंपा। भविष्य में किसी भी विवाद से बचने के लिए बांस-बल्ली लगाकर स्पष्ट सीमाएं भी तय की गईं।

जनदर्शन स्थगन के बावजूद सुनी गई बुजुर्ग की फरियाद

जिस दिन जनदर्शन कार्यक्रम आयोजित नहीं था, उसी दिन राजबती ने कलेक्टर के सामने अपनी व्यथा रखी। उनकी गंभीर समस्या को तुरंत संज्ञान में लेकर समाधान किया गया, जिससे प्रशासन की संवेदनशीलता और सक्रियता की मिसाल देखने को मिली।

खुशी से छलक पड़े आंसू

एक दिन पहले तक जो राजबती बेबसी और पीड़ा से रो रही थीं, आज वही खुशी के आंसुओं से अपनी जमीन पाकर भावुक हो गईं। यह कार्यवाही न सिर्फ उनके लिए न्याय का प्रतीक बनी, बल्कि आम लोगों में भी प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ाया। लोगों ने प्रशासन की त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की सराहना की।

मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह के विवादित बयान पर देशभर में आक्रोश, कानूनी कार्रवाई की मांग तेज

रायपुर – मध्य प्रदेश सरकार में आदिवासी मामलों के मंत्री विजय शाह एक विवादित बयान को लेकर घिरते नजर आ रहे हैं। एक कार्यक्रम के दौरान जोश में आकर उन्होंने ऐसा बयान दे दिया, जिससे देशभर में नाराजगी फैल गई है।  

विजय शाह ने “ऑपरेशन सिंदूर” का नेतृत्व कर रहीं कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी करते हुए उन्हें “आतंकवादी की बेटी और पाकिस्तान की बहन” कह दिया। अपने बयान में उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने हमारी बेटियों का सिंदूर उजाड़ा था, उनके कटे-पीटे लोगों के बीच हमने उन्हीं की बहन को भेजकर उनकी ऐसी-की-तैसी करवाई।”  

इस बयान के बाद मुस्लिम समाज में भारी रोष फैल गया है। सामाजिक संगठनों के साथ-साथ आम नागरिकों ने भी इस टिप्पणी को बेहद आपत्तिजनक और साम्प्रदायिक करार दिया है।  

रायपुर के बिरगांव नगर निगम के पार्षद मोहम्मद रियाज और उनके कार्यकर्ताओं ने उरला थाना और खमतराई थाना में विजय शाह के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने मांग की है कि इस प्रकार की भाषा और मानसिकता के लिए कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।  

वहीं, इस मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लेते हुए विजय शाह के खिलाफ FIR दर्ज करने और शीघ्र कार्रवाई के आदेश दिए हैं।  

देशभर से नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने मंत्री के बयान की निंदा करते हुए उनसे माफी की मांग की है। इस मामले ने एक बार फिर नेताओं की ज़ुबान पर लगाम लगाने की जरूरत को उजागर किया है।