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कचरा फेंकने को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प, महिलाओं के बीच बाल पकड़कर मारपीट, बच्ची को भी नहीं बख्शा

हाउसिंग बोर्ड के कैलाश नगर क्षेत्र में घर के सामने कचरा फेंकने को लेकर दो पड़ोसी परिवारों के बीच कहासुनी इस कदर बढ़ गई कि मामला हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। मारपीट के दौरान न सिर्फ महिलाएं एक-दूसरे के बाल नोचती रहीं, बल्कि बीच-बचाव करने आई एक बच्ची को भी बेरहमी से जमीन पर पटक दिया गया।

जामुल थाना प्रभारी राजेश मिश्रा ने बताया कि नरेंद्र प्रताप सिंह नामक व्यक्ति, जो कि सुरक्षा गार्ड का काम करता है, ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उसकी पड़ोसन आरती शर्मा रोजाना उनके घर के सामने कचरा फेंकती है। 16 मई की सुबह जब नरेंद्र ने आरती को कचरा फेंकने से रोका तो मामला विवाद में बदल गया।

आरोप है कि आरती और उसके पति सौरभ शर्मा ने मिलकर गालियां दीं और फिर लकड़ी काटने वाली आरी से हमला कर दिया। हमले में नरेंद्र को हाथ, कंधे, पेट और सिर में चोटें आईं। बीच-बचाव करने आई उनकी पत्नी रेणु सिंह और वेंकटेश शर्मा को भी चोट पहुंची।

इस पूरी घटना का एक वीडियो सामने आया है जिसमें महिलाएं एक-दूसरे को जमीन पर पटकते और लात-घूंसों से पीटते नजर आ रही हैं। झगड़ा इतना गंभीर हो गया कि एक महिला अधमरी हालत में दिख रही है।

पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों की शिकायत पर काउंटर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरती शर्मा की शिकायत पर नरेंद्र, रेणु और वेंकटेश शर्मा के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।

बालकनी में रखे गमले बन सकते हैं जानलेवा, लापरवाही से हो रहे हादसे

शहरों में घरों की सजावट के लिए दीवारों और बालकनी में गमले रखने का चलन तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन यह शौक कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकता है। कई जगहों से ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जहां बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के गमले रखे गए हैं जो हवा के तेज झोंकों, बच्चों की गतिविधियों या अचानक धक्के से गिर सकते हैं। ऐसे हादसे गंभीर रूप ले सकते हैं और जान भी जा सकती है।

पुणे की दर्दनाक घटना बनी चेतावनी

महाराष्ट्र के पुणे में हाल ही में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां ऊंची इमारत की बालकनी से गिरा गमला एक छोटे बच्चे पर आ गिरा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना 28 अप्रैल की है और इसके बाद से इलाके में शोक का माहौल है।

अन्य शहरों में भी सामने आईं घटनाएं

इससे पहले नोएडा और देश के अन्य हिस्सों में भी इस तरह के हादसे हो चुके हैं। रायपुर में भी कई हाईराइज इमारतों में बालकनी में बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के गमले रखे जा रहे हैं, जो खतरे को आमंत्रण दे रहे हैं।

नोएडा में लगाया गया प्रतिबंध

नोएडा अथॉरिटी ने हाईराइज इमारतों की बालकनी में गमले रखने पर रोक लगा दी है। सभी सोसायटियों को नोटिस जारी कर गमले हटाने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लंघन की स्थिति में एफआईआर की चेतावनी दी गई है। रायपुर में भी ऐसी सख्ती की जरूरत महसूस की जा रही है क्योंकि यहां भी बड़ी संख्या में बहुमंजिला इमारतें बन चुकी हैं।

जल्द जारी होगी एडवाइजरी

रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने बताया कि नगर निगम जल्द ही एक एडवाइजरी जारी करेगा, जिसमें लोगों को बालकनी या दीवारों पर गमले न रखने की हिदायत दी जाएगी। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सावधानी बड़े हादसों से बचा सकती है।

सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी

नगर निवेश विभाग के एसडीओ आशुतोष सिंह ने बताया कि तेजी से बन रही हाईराइज इमारतों में सुरक्षा और अग्निशमन मानकों का पालन जरूरी है। लेकिन हर घर की जांच संभव नहीं है, इसलिए लोगों को खुद ही सजग रहना होगा। बिना सुरक्षा घेरे के रखे गमले गंभीर खतरा बन सकते हैं।

बेमेतरा: नवविवाहिता की हत्या के बाद पति ने की आत्महत्या, गांव में छाया मातम

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के पथर्रीकला गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। आपसी विवाद के चलते एक युवक ने पहले अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी और फिर खुद खेत में पेड़ से लटककर जान दे दी। इस घटना के बाद पूरे गांव और परिवार में शोक की लहर है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 24 वर्षीय यशवंत वर्मा ने शुक्रवार को अपनी 7 माह की नवविवाहिता पत्नी नंदनी वर्मा की हत्या कर दी। वारदात के बाद वह घर से कुछ दूरी पर स्थित नवागांव खुर्द के खेत में गया और वहां फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

बताया गया कि पति-पत्नी के बीच अकसर विवाद होते रहते थे। एक सप्ताह पहले नंदनी मायके चली गई थी। यशवंत गुरुवार को ससुराल गया और शुक्रवार सुबह पत्नी को साथ लेकर गांव लौटा। घर पहुंचने के बाद किसी बात को लेकर दोनों में बहस हुई, जिसके बाद यशवंत ने नंदनी की गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी।

घटना के वक्त घर में यशवंत की मां प्यारी बाई भी मौजूद थीं, लेकिन वे दूसरे कमरे में थीं और वारदात की पूरी जानकारी नहीं दे सकीं।

नंदनी के पिता चंद्रदेव वर्मा ने बताया कि बेटी ने फोन पर पति द्वारा मारपीट की जानकारी दी थी। बाद में जब उन्होंने दोबारा कॉल किया तो फोन नहीं उठा। वे तुरंत ससुराल पहुंचे, जहां उन्हें बेटी की हत्या की जानकारी मिली।

घटना की सूचना मिलते ही परपोड़ी पुलिस, एसएसपी रामकृष्ण साहू, एचडीओपी विनय कुमार और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए साजा अस्पताल भेजा गया।

 दोनों का विवाह मंदिर में हुआ था और शादी के बाद से ही उनका वैवाहिक जीवन तनावपूर्ण चल रहा था। यशवंत मजदूरी का काम करता था। शादी के फोटो और घटना के बाद के दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं।

पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मृतका के शव का पोस्टमार्टम न्यायिक अधिकारी की उपस्थिति में कराया गया है, और पड़ोसियों व परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

राशन घोटाला: चार आरोपियों पर एफआईआर, गरीबों के हक पर डाका डालने का आरोप

छत्तीसगढ़ के बलौदा बाज़ार जिले की ग्राम पंचायत रानी जरौद में उजागर हुए राशन घोटाले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कदम एक विशेष मीडिया रिपोर्ट के बाद उठाया गया, जिसमें बताया गया था कि कई पात्र लाभार्थियों को महीनों से राशन नहीं मिल रहा है।

192 क्विंटल चावल और 2.20 क्विंटल नमक का घोटाला

जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच सेवक राम साहू, सचिव तेजराम वर्मा, राशन विक्रेता राकेश कुमार साहू और जोहन लाल चतुर्वेदी ने मिलकर लगभग 192.130 क्विंटल चावल और 2.20 क्विंटल नमक का गबन किया। यह राशन अपात्र लोगों में वितरित किया गया, जिससे सरकार को 8 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।

कानूनी कार्रवाई और एफआईआर

इन आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 और सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2016 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पहले इन्हें 1 मई तक जवाब देने का मौका दिया गया था, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर मामला थाने में दर्ज कर दिया गया। जिला खाद्य अधिकारी विजय किरण और फूड इंस्पेक्टर गुलशन अनंत ने स्वयं थाना पहुंचकर शिकायत दी।

ग्रामीणों का आक्रोश और प्रशासन का आश्वासन

ग्रामवासियों ने मीडिया की भूमिका की सराहना की और कहा कि यदि यह घोटाला सामने नहीं आता, तो उन्हें अब भी उनका हक नहीं मिलता। पंचायत में कुल 617 राशन कार्डधारक हैं, जिनमें से 105 को मार्च में राशन नहीं मिला था, जबकि अप्रैल और मई का वितरण अभी तक अधूरा है। ग्रामीणों ने भूख हड़ताल की चेतावनी भी दी है।

भविष्य में होगी और सख्त कार्रवाई

कलेक्टर दीपक सोनी और एसडीएम अंशुल वर्मा के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। खाद्य विभाग ने आश्वासन दिया है कि दोषियों से पूरी राशि वसूली जाएगी और भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर और सख्त कदम उठाए जाएंगे।

स्काईवॉक को लेकर फिर छिड़ी सियासी जंग, कांग्रेस ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

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राजधानी में लंबे समय से अधूरे पड़े स्काईवॉक प्रोजेक्ट को लेकर एक बार फिर राजनीति गरमा गई है। जहां एक ओर सरकार ने इस परियोजना पर काम दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। कांग्रेस का कहना है कि स्काईवॉक भ्रष्टाचार और जनता के पैसों की बर्बादी का प्रतीक बन गया है, जबकि भाजपा इसे अधूरे विकास को पूरा करने की दिशा में उठाया गया कदम बता रही है।

डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि राजधानी की बढ़ती ट्रैफिक समस्या को देखते हुए स्काईवॉक का प्लान बनाया गया था। पहले काफी हद तक इसका काम पूरा हो चुका था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने जानबूझकर इसे रोक दिया। उन्होंने कहा कि खुद कांग्रेस की बनाई जांच कमेटी ने इस प्रोजेक्ट को जरूरी बताया था, फिर भी काम को रोका गया।

अरुण साव ने जानकारी दी कि अब इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए 37.75 करोड़ रुपये के टेंडर स्वीकृत हो चुके हैं और जल्द ही काम में तेजी लाई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि काम की लगातार निगरानी की जाएगी ताकि इसे समय पर पूरा किया जा सके।

इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने पलटवार करते हुए कहा कि स्काईवॉक के बजाय सरकार को फ्लाईओवर जैसी सुविधाएं विकसित करनी चाहिए, जिससे जनता को तत्काल राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि पहले भी इस प्रोजेक्ट के टेंडर की लागत 37 करोड़ से बढ़ाकर लगभग 67 करोड़ कर दी गई थी, फिर भी यह अधूरा रह गया। अब फिर से 37 करोड़ से अधिक का टेंडर जारी करना जनता के साथ अन्याय है।

कांग्रेस ने सरकार से अपील की कि वह राजनीतिक जिद छोड़कर राजधानी की वास्तविक जरूरतों को समझे और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर एक ठोस योजना के तहत काम करे।

तीनबत्ती से गुजराती बाजार तक घंटों जाम, व्यापारी और ग्राहक दोनों परेशान

शहर का प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र तीनबत्ती से गुजराती बाजार तक हर दिन भारी ट्रैफिक जाम का सामना कर रहा है। खासकर शादी-विवाह के सीजन में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। बाजार में आने वाले ग्राहकों को पार्किंग की सुविधा नहीं मिलती, जिससे उन्हें काफी असुविधा होती है।

व्यापारियों का कहना है कि सड़कों और फुटपाथ पर बढ़ती हाथ ठेले और पथ विक्रेताओं की संख्या से हालात और भी बिगड़ते जा रहे हैं। ग्राहक अब खरीदारी के लिए मकरोनिया क्षेत्र की ओर रुख करने लगे हैं। व्यापारी चाहते हैं कि ठेला व्यापारियों को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जाए और बाजार क्षेत्र में समुचित पार्किंग की व्यवस्था की जाए।

हर दिन लाखों की आवाजाही, व्यवस्था लचर

कटरा बाजार क्षेत्र में पीक ऑवर के दौरान करीब 20 हजार से अधिक लोगों की आवाजाही होती है। दिनभर यह आंकड़ा एक लाख तक पहुंच जाता है। फुटपाथ पर वाहनों की अवैध पार्किंग से स्थिति और बदतर हो जाती है।

स्कूल परिसरों में बन सकती है पार्किंग

स्थानीय व्यापारी रमेश चौधरी का कहना है कि शहर के कुछ सरकारी स्कूल, जिनमें विद्यार्थियों की संख्या कम है, उनके परिसरों में पार्किंग की व्यवस्था की जा सकती है। साथ ही मुख्य बाजारों में शोभायात्राएं प्रतिबंधित की जानी चाहिए क्योंकि इससे घंटों जाम लगा रहता है।

रिक्शा और चैम्पियन वाहनों से भी बाधा

मेडिकल स्टोर संचालक रामजी दुबे बताते हैं कि ऑटो रिक्शा और चैम्पियन वाहन बीच सड़क पर रुककर सवारियां भरते हैं, जिससे खासकर मस्जिद से कीर्ति स्तंभ मार्ग तक भारी अव्यवस्था रहती है।

बाजार से हट रहे ग्राहक, व्यापार पर असर

सराफा व्यापारी संतोष सोनी के अनुसार, सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग और भारी वाहनों के प्रवेश से बाजार की रफ्तार धीमी हो रही है। लोग अब मकरोनिया जैसे विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं।

फुटपाथ के कारोबार से स्थायी दुकानदार परेशान

स्टील व्यापारी देवेंद्र जैन ने बताया कि एक ही परिवार के कई सदस्य फुटपाथ पर दुकानें लगाकर व्यापार कर रहे हैं, जिससे किराए पर दुकान चलाने वाले व्यापारियों की दुकानों की पहचान ही छिप जाती है और ग्राहक नहीं पहुंच पाते।

अंबिकापुर की जर्जर सड़कों पर कांग्रेस का हमला, 23 करोड़ की घोषणा पर अब तक अमल नहीं, विरोध प्रदर्शन की चेतावनी

अंबिकापुर नगर निगम की जर्जर सड़कों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा दिसंबर 2024 में की गई 23 करोड़ रुपये की सड़क मरम्मत योजना की घोषणा पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही राशि जारी नहीं की गई, तो मुख्यमंत्री के अंबिकापुर आगमन पर कांग्रेस सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी।

शफी अहमद ने कहा कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ने जनसभा में निगम क्षेत्र की सड़कों के पुनर्निर्माण और मरम्मत के लिए 23 करोड़ देने का वादा किया था, लेकिन पांच महीने बीतने के बाद भी यह राशि नगर निगम को प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने इसे जनता के साथ विश्वासघात करार दिया है।

शहर की अधिकतर सड़कों की हालत बेहद खराब बताई जा रही है, जिनमें जगह-जगह गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। मानसून की दस्तक जल्द पड़ने की संभावना के बीच यदि समय रहते सड़कों की मरम्मत नहीं हुई, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

शफी अहमद ने यह भी कहा कि जनता को भाजपा सरकार से सड़क सुधार की उम्मीद थी, और इसी विश्वास पर उन्होंने भाजपा को समर्थन दिया था। लेकिन अब वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि तत्काल राशि जारी कर सड़कों का कार्य शुरू कराया जाए, अन्यथा कांग्रेस आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

कोरबा में बारात के दौरान बड़ा हादसा, DJ गिरने से मासूम की मौत

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक शादी समारोह के दौरान दुखद घटना सामने आई है। मामा की शादी में शामिल होने पहुंचे एक डेढ़ साल के मासूम की मौत हो गई जब उस पर DJ सेट गिर पड़ा। यह दर्दनाक हादसा गुरुवार रात को हुआ, जिसने शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया।

बताया जा रहा है कि विवाह स्थल पर दो वाहनों की टक्कर के चलते DJ का भारी सेटअप असंतुलित होकर गिर गया और मासूम बच्चा उसकी चपेट में आ गया। घायल अवस्था में बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना में चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस जांच में जिस व्यक्ति को आरोपी बनाया गया है, वह और कोई नहीं बल्कि दूल्हे का पिता है, जो हादसे के समय गाड़ी चला रहा था। मानिकपुर पुलिस चौकी इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

यह घटना चिमणिभट्टा क्षेत्र की है, जहां नगर निगम के सामुदायिक भवन में विवाह का आयोजन किया गया था। बारात अंबिकापुर जिले के उदयपुर से आई थी और जैसे ही समारोह शुरू हुआ, वैसे ही यह हादसा सबके लिए एक गहरी पीड़ा लेकर आया।

पत्नी से झगड़ा कर रहा था युवक, बीच-बचाव करने आए बुजुर्ग की डंडे से पीट-पीटकर कर दी हत्या

सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। लुरैना गांव के सरनापारा में रहने वाला अजय घीचा उर्फ बाका अपनी पत्नी से झगड़ रहा था। इसी दौरान पास में रहने वाले 58 वर्षीय बुजुर्ग चंद्रबलि माझी झगड़ा शांत कराने पहुंचे, लेकिन मामला इतना बिगड़ गया कि अजय ने डंडे से चंद्रबलि पर हमला कर दिया। उसने उन्हें खेत तक दौड़ाया और सिर व कनपटी पर कई वार किए, जिससे चंद्रबलि की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के बेटे जगमोहन माझी ने कमलेश्वरपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आरोपी अजय घीचा को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में अजय ने अपना अपराध कबूल कर लिया, जिसके बाद उसे भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी एसआई नवल दुबे, एएसआई डेविड मिंज सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है।