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370 करोड़ की लागत से एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से सजेगा रायपुर रेलवे स्टेशन

राजधानी रायपुर का रेलवे स्टेशन अब पूरी तरह से नया रूप लेने जा रहा है। अमृत भारत योजना के अंतर्गत लगभग 370 करोड़ रुपये की लागत से इसका पुनर्विकास किया जा रहा है। स्टेशन को इस तरह से विकसित किया जा रहा है कि यात्रियों को यहां एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।

विस्तृत सुविधाओं से सुसज्जित होगा स्टेशन परिसर

फिलहाल स्टेशन परिसर में नई नींव डालने का कार्य प्रारंभ हो चुका है। इसके साथ ही स्टेशन तक पहुंचने वाली सड़क को चौड़ा करने का कार्य भी आरंभ हो गया है। गुढ़ियारी के भारत माता चौक से स्टेशन तक का रास्ता अब पहले से अधिक चौड़ा होगा, जिससे मोहबाबाजार, कोटा, टाटीबंध, उरला, गोगांव जैसे क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों को सीधा स्टेशन तक पहुंचने में आसानी होगी।

री-डेवलपमेंट प्लान में तीन प्रमुख स्टेशन

इस योजना में बिलासपुर रेलवे ज़ोन के तीन मुख्य स्टेशनों – रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग – को शामिल किया गया है। सबसे पहले रायपुर स्टेशन का टेंडर फाइनल हुआ और अब यहां पर प्रारंभिक निर्माण कार्य शुरू हो गया है।

स्टेशन की प्रमुख सुविधाएं जो यात्रियों को मिलेंगी:

16 एस्केलेटर और 42 लिफ्ट: हर प्लेटफॉर्म और हिस्से तक पहुंचना आसान होगा।

विशाल कॉनकोर्स एरिया और वातानुकूलित प्रतीक्षालय: आरामदायक माहौल और बैठने की बेहतर व्यवस्था।

छत्तीसगढ़ी कला से सजी थीम आधारित डिजाइन: स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा दिया जाएगा।

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और वर्षा जल संचयन: स्टेशन को पर्यावरण अनुकूल बनाया जाएगा।

300 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट: स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग कर बिजली की बचत होगी।

10 टिकट बुकिंग विंडो: यात्रियों को लंबी कतारों से राहत।

74 आधुनिक शौचालय: स्वच्छता को प्राथमिकता दी जाएगी।

6 मीटर चौड़ा ब्रिज: अधिक भीड़ को भी आसानी से नियंत्रित किया जा सकेगा।

40 वाटर कूलर: हर प्लेटफॉर्म पर पीने के पानी की व्यवस्था।

26 कोच इंडिकेशन बोर्ड: यात्रियों को कोच खोजने में सुविधा होगी।

स्टेशन परिसर में दो मल्टीस्टोरी पार्किंग

योजना के तहत स्टेशन परिसर में दोनों ओर मल्टीस्टोरी पार्किंग तैयार की जाएगी और प्रवेश-निकास मार्गों को चौड़ा किया जाएगा। इसके अलावा प्लेटफार्म नंबर 1 की चौड़ाई बढ़ाने और दोमंजिला स्टेशन भवन निर्माण की भी योजना है।

इस पूरे प्रोजेक्ट का उद्देश्य यह है कि रायपुर स्टेशन को आधुनिकता और सुविधा के मामले में देश के अग्रणी स्टेशनों की श्रेणी में लाया जाए।

छत्तीसगढ़ में समय से पहले मानसून की एंट्री, 100 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा, 29 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

छत्तीसगढ़ में इस बार मानसून ने समय से पहले ही दस्तक दे दी है। आमतौर पर जून के दूसरे सप्ताह में राज्य में मानसून पहुंचता है, लेकिन इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने नौतपा के दौरान ही दंतेवाड़ा से प्रदेश में प्रवेश कर लिया। मौसम विभाग ने इसे ऐतिहासिक बताया है क्योंकि यह पिछले 100 वर्षों में पहली बार हुआ है जब नौतपा के दौरान मानसून छत्तीसगढ़ में आया हो।

मानसून की ऐतिहासिक एंट्री

राज्य में मानसून की औसतन आगमन तिथि 15 जून मानी जाती है। पिछले वर्ष भी मानसून 7 जून को पहुंचा था, लेकिन इस बार मानसून और पहले 28 मई को ही पहुंच गया है, जिससे एक सदी पुराना रिकॉर्ड टूट गया है। इससे पहले कभी भी मानसून ने इतने जल्दी दस्तक नहीं दी थी।

29 जिलों में मौसम विभाग की चेतावनी

मानसून की सक्रियता के कारण मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के 29 जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई है। बस्तर अंचल में तो पिछले सप्ताह से ही रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जिससे कई नदियाँ और नाले उफान पर हैं। तीरथगढ़ जलप्रपात भी इस वजह से और आकर्षक दिखने लगा है।

बीते 24 घंटे में बारिश का हाल

पिछले 24 घंटे में राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। सुहेला में 6 सेंटीमीटर, देवभोग, बकावंड, भैरमगढ़ और माकड़ी में 4-4 सेंटीमीटर बारिश हुई है। बस्तर, धनोरा, जगदलपुर, नानगुर और भोपालपट्टनम में 3-3 सेंटीमीटर वर्षा हुई। अन्य स्थानों जैसे दरभा, नारायणपुर, भाटापारा, कुमरदा में 2 सेंटीमीटर और तमनार, लवन, प्रेमनगर समेत अन्य इलाकों में 1 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

राजधानी समेत अन्य जिलों में भी बारिश का असर

रायपुर सहित दुर्ग, बिलासपुर और अंबिकापुर संभागों में भी प्री-मानसून गतिविधियों की वजह से कई दिनों से बादल छाए हुए हैं। कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। बुधवार को नौतपा के चौथे दिन उमस के साथ गर्मी महसूस की गई, लेकिन दोपहर बाद मौसम ने करवट ली और तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

इस समय मानसून की जोरदार शुरुआत ने न सिर्फ राहत दी है, बल्कि खेती-किसानी की तैयारियों को भी गति दे दी है।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने रायपुर आरटीओ कार्यालय का घेराव किया, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन

रायपुर, 27 मई:
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) लगवाने में हो रही गड़बड़ियों, अव्यवस्था और वाहन मालिकों की समस्याओं को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने रायपुर आरटीओ कार्यालय का घेराव किया।

सुबह 11 बजे से शुरू हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस के साथ बड़ी संख्या में आम लोग और वाहन मालिक भी शामिल हुए। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, जनसेवक पंकज शर्मा और कनहैया अग्रवाल ने इस आंदोलन का नेतृत्व किया।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने की प्रक्रिया में भारी अव्यवस्था है। प्रदेश में लगभग 40 लाख वाहनों की नंबर प्लेट बदलनी है, जिनमें अकेले रायपुर जिले के 10 लाख वाहन शामिल हैं। लेकिन अब तक केवल 10 प्रतिशत ही काम पूरा हो पाया है। इसके बावजूद ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालान काटने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है, जिससे वाहन चालकों में भारी नाराजगी है।

प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम आरटीओ कार्यालय के माध्यम से ज्ञापन सौंपा और सात मुख्य मांगें रखीं:

  1. नंबर प्लेट लगाने वाले केंद्रों पर सरकारी कर्मचारियों की अनिवार्य ड्यूटी लगाई जाए।

  2. नंबर प्लेट केंद्रों पर कवर की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए।

  3. निर्धारित समय पर वाहन मालिकों को नंबर प्लेट उपलब्ध कराई जाए।

  4. वाहन मालिकों के साथ दुर्व्यवहार और अभद्र भाषा का प्रयोग बंद किया जाए।

  5. ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी चालान तुरंत रोक दिए जाएं।

  6. शहर के हर वार्ड और ग्रामीण इलाकों में आवेदन और नंबर प्लेट लगाने के लिए शिविर आयोजित किए जाएं।

  7. नंबर प्लेट में छेद करने या निकालने के नाम पर वसूले जा रहे अतिरिक्त शुल्क समाप्त किए जाए

कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर इन मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा।

आरटीओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर बिरगांव में विशेष कार्यशाला आयोजित

रायपुर, 26 मई 2025लोकमाता रानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में मां बंजारी भाजपा मंडल बिरगांव द्वारा एक विशेष मंडल कार्यशाला का आयोजन ट्रांसपोर्ट नगर, रावांभाठा स्थित होटल एंट्री प्वाइंट में किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में रायपुर ग्रामीण से विधायक माननीय श्री मोतीलाल साहू उपस्थित रहे। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में बिरगांव के नेता प्रतिपक्ष श्री ओमप्रकाश साहू ने भाग लिया।

इस कार्यशाला की अध्यक्षता मां बंजारी भाजपा मंडल बिरगांव की अध्यक्ष श्रीमती भागीरथी यादव ने की। कार्यक्रम में बिरगांव नगर निगम के अनेक पार्षदों सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने भाग लिया।

वक्ताओं ने रानी अहिल्याबाई होलकर के प्रेरणादायी जीवन, उनके सामाजिक योगदान और त्याग के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार अहिल्याबाई ने एक महिला होकर समाज का मार्गदर्शन किया और देशभर में धर्म, संस्कृति और सेवा का आदर्श प्रस्तुत किया। उनके द्वारा करवाए गए मंदिरों के पुनर्निर्माण और समाज को एक सूत्र में बांधने के प्रयासों को सराहा गया।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि रानी अहिल्याबाई ने तीन शताब्दी पहले ही पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझा था और वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया था, जो आज भी अत्यंत प्रासंगिक है।

कार्यक्रम के अंत में मंडल अध्यक्ष भागीरथी यादव ने नवगठित मंडल की ओर से सभी अतिथियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल जनजागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि हमारे गौरवशाली इतिहास को भी जीवित रखने में सहायक होते हैं।

बिरगांव में युवक पर चाकू से हमला, आरोपी गिरफ्तार कर निकाला गया जुलूस

रायपुर। राजधानी के बिरगांव इलाके में 25 मई की रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जिसमें लव साहू नामक युवक पर जानलेवा हमला किया गया। यह हमला आपसी रंजिश के चलते दो युवकों—भानपुरी निवासी रेहान खान और उरला निवासी जुबेर अली उर्फ लक्की अली—ने मिलकर किया। गंभीर रूप से घायल लव साहू को तुरंत NKD अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसकी हालत बेहद नाजुक बताई है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 21 वर्षीय रेहान खान (पिता अब्दुल रियाज खान, निवासी बाजार चौक, भानपुरी) और 25 वर्षीय जुबेर अली उर्फ लक्की (पिता स्व. जाकिर अली, निवासी गाजीनगर, उरला) के खिलाफ BNS की धारा 190, 191(3), 109(1), 25, 27 और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। दोनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

उरला थाना प्रभारी बी.एल. चंद्राकर ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर बिरगांव की सड़कों पर जुलूस के रूप में घुमाया गया, ताकि अपराधियों में डर और समाज में पुलिस की सख्ती का संदेश जाए।

घटना के बाद घायल लव साहू को रात 2:20 मिनट पर अस्पताल लाया गया। डॉक्टर रतन नाग के मुताबिक, युवक को चाकू से 4-5 गंभीर चोटें आई हैं और पेट की आँतें बाहर आ गई थीं। उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया है और अगले 72 घंटे बेहद अहम बताए जा रहे हैं।

यह घटना केवल बिरगांव ही नहीं, पूरे रायपुर में बढ़ती चाकूबाजी की घटनाओं की कड़ी बन गई है। लगातार हो रही इन वारदातों से आम लोगों में दहशत का माहौल है। पुलिस ने सख्ती से निपटने का भरोसा दिलाया है और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।

नवा रायपुर के 28 गांवों को मिलेगा 4 गुना मुआवजा, गांव-शहर के मुआवजा नियम में खत्म हुआ भेद

नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) क्षेत्र में शामिल 28 गांवों के किसानों को अब जमीन अधिग्रहण पर शहर और गांव के भेदभाव से राहत मिल गई है। हाल ही में मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए निर्णय के बाद अब इन गांवों की जमीन के अधिग्रहण पर किसानों को कलेक्टर गाइडलाइन के आधार पर चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। पहले यहां शहरी क्षेत्र मानकर केवल दो गुना मुआवजा देने की योजना थी, जिससे किसानों में असंतोष था।

एनआरडीए अधिकारियों ने बताया कि यह फैसला 19 जनवरी 2025 को कैबिनेट की बैठक में लिया गया और अब इसे अमल में लाया जा रहा है। इस फैसले से नवा रायपुर क्षेत्र में शहरी और ग्रामीण भेद समाप्त हो गया है। अब चाहे जमीन एनआरडीए क्षेत्र में हो या बाहर, सभी को एक समान चार गुना मुआवजा मिलेगा।

रेलवे परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित जमीन पर भी यही नियम लागू होगा। नवा रायपुर क्षेत्र से गुजरने वाली नई रेल लाइन के लिए यदि जमीन ली जाती है, तो प्रभावित किसानों को भी चार गुना मुआवजा मिलेगा।

हालांकि यह स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी किसान की संपत्ति या निर्माण को हटाना पड़ेगा, तो उसके बदले केवल दो गुना मुआवजा ही मिलेगा। यह प्रावधान अनावश्यक निर्माण को रोकने के उद्देश्य से रखा गया है।

एनआरडीए प्रबंधक कैलाश वर्मा ने कहा कि नवा रायपुर के आवासीय और व्यावसायिक विस्तार को ध्यान में रखते हुए 28 गांवों को विकास क्षेत्र में जोड़ा गया था। अब इन गांवों के किसानों को भी बराबरी से मुआवजा मिलेगा, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है।

रायपुर में ABVP की राष्ट्रीय बैठक, कोचिंग संस्थानों पर कसेगा शिकंजा

रायपुर: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक 29 से 31 मई के बीच रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय स्थित कृषि मंडपम सभागार में आयोजित की जाएगी। इससे एक दिन पूर्व, 28 मई को संगठन के विभिन्न आयामों और गतिविधियों से संबंधित बैठकें होंगी, जिनमें 250 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे।

ABVP के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने जानकारी दी कि इस बैठक में देशभर के विभिन्न राज्यों से कुल 478 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी छात्र-युवा कार्यक्रमों की दिशा तय करना और कोचिंग संस्थानों की मनमानी पर सख्त नीति बनाना है।

तीन दिवसीय इस बैठक में शिक्षा, पर्यावरण, राष्ट्रीय सुरक्षा, वैश्विक संबंधों और समसामयिक विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी। साथ ही पांच महत्वपूर्ण प्रस्तावों को पारित किया जाएगा। इनमें भारतीय सेना के अभियानों ‘सिंदूर’ और ‘कगार’ के लिए अभिनंदन प्रस्ताव, कोचिंग संस्थानों में फीस वृद्धि पर नियंत्रण की नीति, केंद्रीय विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति, आंतरिक सुरक्षा पर चर्चा और भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर प्रस्ताव शामिल हैं।

इससे पहले, 28 मई को रायपुर में एक नागरिक अभिनंदन समारोह भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि होंगे। इस कार्यक्रम में शहर के प्रमुख नागरिकों की भागीदारी भी रहेगी।

यह बैठक मार्च में द्वारका (गुजरात) में हुई विचार बैठक के सुझावों पर भी चर्चा करेगी, जिससे संगठन की आगामी रणनीति को अंतिम रूप दिया जा सके।

कृषि इनोवेशन हब को मिले 308 आवेदन, 25 लाख तक की फंडिंग का मौका

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के आरकेवीवाय-रतार एग्रीबिजनेस इन्क्यूबेटर (IGKV R-ABI) द्वारा संचालित एग्री इनोवेशन हब में आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। देशभर के 22 राज्यों से कुल 308 आवेदनों की प्राप्ति हुई है। इनमें से 72 आवेदन अभिनव योजना, 190 आवेदन उद्भव योजना और 46 आवेदन स्टूडेंट एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम के अंतर्गत आए हैं।

इन आवेदनों में सर्वाधिक 117 आवेदन छत्तीसगढ़ राज्य से प्राप्त हुए हैं। इसके बाद महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश से भी अच्छी संख्या में आवेदन आए हैं। सेंटर प्रमुख और सीईओ डॉ. हुलास पाठक के अनुसार, इन योजनाओं के तहत करीब 35 उत्कृष्ट आइडियाज को चयनित किया जाएगा। यदि अच्छे प्रस्ताव अधिक संख्या में आते हैं तो चयनित बैच की संख्या बढ़ाई जा सकती है। चयनित उद्यमियों को 25 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इच्छुक प्रतिभागी सेंटर की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

व्यवसायिक सफलता की ओर पहला कदम

इन्क्यूबेशन सेंटर में चयनित स्टार्टअप्स को न केवल वित्तीय सहायता, बल्कि आइडिया के विकास, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, बिजनेस रणनीति निर्माण, को-वर्किंग स्पेस और आवश्यकता अनुसार लैब सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं। यह केंद्र नए और नवोन्मेषी विचारों को व्यवहारिक व्यवसाय में बदलने का एक सशक्त मंच उपलब्ध कराता है

अंबेडकर अस्पताल में पत्रकारों से मारपीट, बाउंसरों की दबंगई का वीडियो वायरल

राजधानी स्थित अंबेडकर अस्पताल एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह बेहद गंभीर और शर्मनाक है। रविवार रात अस्पताल परिसर में कवरेज के लिए पहुंचे पत्रकारों पर निजी बाउंसरों ने न केवल हमला किया, बल्कि पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां उन्हें जेल भेज दिया गया।

घटना का विवरण

बताया गया कि उरला क्षेत्र में हुई चाकूबाजी की एक घटना के घायल को अंबेडकर अस्पताल लाया गया था। जैसे ही यह जानकारी मीडिया को मिली, कुछ वरिष्ठ पत्रकार मौके पर कवरेज के लिए पहुंचे। लेकिन अस्पताल में तैनात निजी बाउंसर जतिन ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। विरोध करने पर बाउंसरों ने पत्रकारों के साथ बदसलूकी शुरू कर दी। देखते ही देखते अन्य पत्रकार भी मौके पर पहुंच गए, लेकिन तब तक बाउंसरों ने और लोगों को बुला लिया और सभी ने मिलकर पत्रकारों के साथ मारपीट शुरू कर दी।

इस दौरान वसीम अकरम उर्फ वसीम बाबू नामक बाउंसर ने एक पत्रकार पर पिस्टल तान दी और जान से मारने की धमकी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वसीम सहित चार बाउंसरों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से एक पिस्टल और 22 जिंदा कारतूस भी बरामद हुए।

सार्वजनिक जुलूस में कोर्ट ले जाया गया

सोमवार को पुलिस ने चारों आरोपियों—वसीम, जतिन गंजीर, सूरज राजपूत और मोहन राव गौरी—को कोर्ट में पेश करने से पहले पैदल जुलूस के रूप में निकाला। उनके बाल जानबूझकर टेढ़े-मेढ़े काटे गए थे, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि कानून का मखौल उड़ाने वालों को सजा मिलेगी। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

पत्रकारों का विरोध और प्रशासन की प्रतिक्रिया

हमले से आक्रोशित पत्रकारों ने देर रात अस्पताल के मुख्य गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू किया। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर वे सीएम हाउस तक पहुंच गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद सुबह करीब 4 बजे प्रदर्शन समाप्त हुआ।

बाउंसरों की पहुंच और कमीशनखोरी का आरोप

वसीम बाबू के कई ठेके सरकारी संस्थानों में चल रहे हैं और इन ठेकों के बदले अधिकारियों और नेताओं को कमीशन दिया जाता है। कुछ समय पहले वसीम का एक ऑडियो वायरल हुआ था जिसमें वह नेताओं और अफसरों को भुगतान करने की बात कर रहा था। यही कारण है कि उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाती थी और अस्पताल में बाउंसरों की दबंगई बेरोक-टोक जारी थी।

अब क्या?

यह घटना सिर्फ पत्रकारों पर हमले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल खड़े करती है कि सरकारी अस्पतालों में निजी सुरक्षाकर्मियों को इतनी ताकत किसके संरक्षण में मिली है। अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन इस मामले में कितनी पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई करता है

रायपुर: फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट पर कार्रवाई, 20 हजार रुपए का जुर्माना

राजधानी रायपुर में बिना वैध पंजीयन के कार्डियोलॉजी की प्रैक्टिस कर रहे एक फर्जी डॉक्टर के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। डॉ. मोहम्मद वसी खान पर कलेक्टर ने 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। डॉ. वसी के पास न तो छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल (सीजीएमसी) का रजिस्ट्रेशन है और न ही उन्होंने नर्सिंग होम एक्ट के तहत अपने क्लिनिक का पंजीकरण कराया है।

सीजीएमसी की सिफारिश पर की गई इस कार्रवाई में बताया गया है कि डॉ. वसी इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से प्राप्त पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन क्लीनिकल कार्डियोलॉजी के आधार पर इलाज कर रहे थे, जबकि यह डिप्लोमा वैध नहीं माना जाता और इसके जरिए न तो रजिस्ट्रेशन होता है और न ही विशेषज्ञता का दावा किया जा सकता है।

डॉ. वसी एस क्षेत्र में लक्ष्मी मेडिकल हॉल की दूसरी मंजिल पर ‘हार्ट रोग विशेषज्ञ’ का बोर्ड लगाकर मरीजों का इलाज कर रहे थे। सीजीएमसी ने 3 अप्रैल को प्रशासन को पत्र लिखकर उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी, जिस पर अब दो महीने बाद कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे पहले वह राजधानी के एक निजी अस्पताल में भी काम कर चुके हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने चेताया है कि राज्य में कोई भी डॉक्टर बिना वैध रजिस्ट्रेशन के प्रैक्टिस नहीं कर सकता और न ही बिना नर्सिंग होम पंजीयन के क्लिनिक चला सकता है।