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युवा शक्ति है राष्ट्र शक्ति: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नागरिक अभिनंदन समारोह में कहा

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक के दौरान आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि युवा ही राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत हैं। भारत में सबसे अधिक युवा जनसंख्या है, जो 2047 तक देश को विकसित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय परिषद की मेजबानी होना गर्व की बात है। उन्होंने शिक्षा को विकास का आधार बताया और कहा कि प्रदेश में सभी प्रमुख शैक्षणिक संस्थान मौजूद हैं। आईआईटी, एम्स, ट्रिपल आईटी, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रदेश के युवा अध्ययनरत हैं। नई शिक्षा नीति के तहत युवाओं को रोजगार से जोड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा, ‘प्रयास’ संस्था के माध्यम से स्कूल के बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सिविल सेवा जैसी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए नई दिल्ली में ट्राइबल यूथ हॉस्टल का विस्तार कर 200 सीटें की गई हैं। प्रदेश में नालंदा परिसर बनाए जा रहे हैं जहां बच्चे एक शांत माहौल में पढ़ाई कर सकें। मेडिकल की पढ़ाई हिंदी भाषा में शुरू करने की पहल भी की गई है। साथ ही, प्राथमिक शिक्षा में बच्चों को उनकी मातृभाषा गोंडी और हल्बी में पढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति की देशभर में प्रशंसा का उल्लेख किया और कहा कि इससे राज्य में निवेश के साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। सेमीकंडक्टर चिप निर्माण और एआई डेटा सेंटर जैसे आधुनिक उद्योग शुरू हो चुके हैं, जिनसे युवाओं के लिए नए रोजगार सृजित होंगे। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए पीएससी में हुई अनियमितताओं की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रहे।

मुख्यमंत्री ने ‘सुशासन तिहार’ के तहत पिछले डेढ़ साल में सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि जनता से फीडबैक लिया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन जैसी योजनाएं सफलतापूर्वक लागू की गई हैं। उन्होंने एक महिला की कहानी साझा की, जिसने महतारी वंदन की राशि से सिलाई मशीन खरीदी और उससे आय अर्जित कर रही है। एक अन्य महिला ने किराना दुकान चलाकर आय प्राप्त करने की बात कही।

सरकार पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की दिशा में तेजी से काम कर रही है। ई-फाइलिंग और डिजिटलीकरण से कार्य प्रणाली को सुगम बनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक किरण देव और मोतीलाल साहू सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।

डाकपाल पर सुकन्या योजना के 1 लाख 17 हजार रुपए गबन का आरोप, FIR दर्ज

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के विकासखंड करतला के ग्राम बेहरचुआं में तैनात डाकपाल चिमनलाल श्रीवास्तव पर सुकन्या योजना की राशि में धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि डाकपाल ने सुकन्या योजना के तहत जमा किए गए एक लाख 17 हजार 14 रुपए की रकम में गबन किया है। इस मामले में डाकघर कोरबा के उप संभागीय निरीक्षक पारूल श्रीवास्तव की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज किया है।

जानकारी के अनुसार, चिमनलाल श्रीवास्तव ग्राम बेहरचुआं के उप डाकघर में पदस्थ थे और कई सरकारी योजनाओं का संचालन करते थे। उप संभागीय निरीक्षक पारूल श्रीवास्तव जब डाकघर की जांच के लिए पहुंचे तो उन्हें कई दस्तावेजों की कमी और सुकन्या योजना की राशि के रजिस्टर के कई पन्न फटे हुए मिले। डाकपाल से पूछताछ के दौरान संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर निरीक्षक ने उनसे नोटिस जारी कर जवाब मांगा, लेकिन चिमनलाल ने इसका कोई जवाब नहीं दिया।

इसके बाद डाकपाल को आरआई सिटी मशीन सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जमा करने के लिए कहा गया, जिसमें उन्होंने इन दस्तावेजों के बारे में कोई जानकारी नहीं होने और परिवार के सदस्यों के पास होने की बात कही। जांच में और गड़बड़ी मिलने के बाद मामले को वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया। पुलिस ने उप संभागीय निरीक्षक की रिपोर्ट पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

रायपुर: VIP रोड पर तेज़ रफ्तार कार पलटी, हादसे में कई घायल

रायपुर के वीआईपी रोड पर एक बार फिर तेज़ रफ्तार का कहर देखने को मिला। मंगलवार सुबह एक कार अनियंत्रित होकर पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार काफी तेज़ गति में थी और एक मोड़ पर चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिससे यह हादसा हुआ।

हादसे के दौरान कार का एयरबैग खुल गया, जिससे कार सवारों की जान बच गई। हालांकि, कार में बैठे लोग घायल हो गए, जिन्हें तुरंत 108 एम्बुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल भेजा गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि VIP रोड पर तेज़ रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग आम हो गई है। यहां रोज़ाना हादसे हो रहे हैं, लेकिन ट्रैफिक नियंत्रण के पुख़्ता इंतज़ाम न होने के कारण ऐसी घटनाएं थम नहीं रही हैं।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना की जांच शुरू कर दी गई है। घायल लोगों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

  रायपुर के वीआईपी रोड पर एक बार फिर तेज़ रफ्तार का कहर देखने को मिला। मंगलवार सुबह एक कार अनियंत्रित होकर पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार काफी तेज़ गति में थी और एक मोड़ पर चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिससे यह हादसा हुआ।  

  हादसे के दौरान कार का एयरबैग खुल गया, जिससे कार सवारों की जान बच गई। हालांकि, कार में बैठे लोग घायल हो गए, जिन्हें तुरंत 108 एम्बुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल भेजा गया।  

  स्थानीय लोगों का कहना है कि VIP रोड पर तेज़ रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग आम हो गई है। यहां रोज़ाना हादसे हो रहे हैं, लेकिन ट्रैफिक नियंत्रण के पुख़्ता इंतज़ाम न होने के कारण ऐसी घटनाएं थम नहीं रही हैं।  

  पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना की जांच शुरू कर दी गई है। घायल लोगों की हालत स्थिर बताई जा रही है।  

उरला में CSIDC की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर हंगामा, कांग्रेस ने जताया विरोध

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रायपुरउरला-बिरगांव क्षेत्र में छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) की जमीन पर अवैध कब्जों को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है।  इस मुद्दे को लेकर आज युवा कांग्रेस ने जमकर विरोध किया। बिरगांव ब्लॉक युवा कांग्रेस अध्यक्ष बैसाखू सागर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने CSIDC कार्यालय का घेराव किया और जोरदार नारेबाजी की।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू के संरक्षण में CSIDC की जमीन पर अवैध रूप से दुकानें बनाई जा रही हैं और उन्हें किराये पर दिया जा रहा है। बताया गया कि उरला औद्योगिक क्षेत्र में हरियाली के लिए आरक्षित जमीन पर पेड़ों को काटकर पक्के निर्माण किए जा रहे हैं। साथ ही, बिरगांव नाले के पास के पंप हाउस और उरला के सिंघानिया चौक क्षेत्र में भी अतिक्रमण कर निर्माण कार्य जारी हैं।

कांग्रेस का कहना है कि यह पूरा मामला CSIDC के अधिकारियों और स्थानीय भाजपा नेताओं की मिलीभगत का परिणाम है। नगर निगम बिरगांव के पार्षद वेदराम साहू पर भी आरोप है कि उन्होंने इन जमीनों पर अवैध रूप से दुकानें बनवाकर किराये पर दी हैं।

वेदराम साहू ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उरला क्षेत्र में अवैध कब्जों की समस्या कोई नई नहीं है। जिस जगह को लेकर विवाद है, उसके पास ही एक छोटा हनुमान मंदिर है, जहां बारिश के मौसम में भंडारा आयोजन में परेशानी होती है। इसी कारण स्थानीय समितियों ने वहां एक ढांचा बनवाया है ताकि आयोजन में सुविधा हो।

कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि अवैध निर्माणों को तुरंत नहीं रोका गया और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो युवा कांग्रेस उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होगी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ऐसी स्थिति के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहुंचे मांदरी गांव, की चौपाल और की 3.90 करोड़ की घोषणाएं

कांकेर जिले के मांदरी गांव में आज सुशासन तिहार के अंतिम चरण के तहत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हेलीकॉप्टर उतरा। मुख्यमंत्री ने पंचायत शेड के नीचे ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई और जनसंवाद के जरिए योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने मौके पर ही ग्रामीणों की मांगों को सुनते हुए करीब 3.90 करोड़ रुपये की योजनाओं की मंजूरी दी।

मुख्यमंत्री साय ने मांदरी में हाई स्कूल परिसर के चारदीवारी निर्माण के लिए 20 लाख, आंगनबाड़ी केंद्र में बाउंड्रीवॉल के लिए 5 लाख, साल्हेभांट से टीरउ सलाम के घर तक 600 मीटर सीसी सड़क के लिए 15 लाख और झुरा नाला से खेतों तक सिंचाई लाइन विस्तार के लिए 3.50 करोड़ रुपये की मंजूरी की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार सरकार के कार्यों की समीक्षा और जनता से सीधा संवाद करने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की मंजूरी दी गई है और ‘आवास प्लस’ सूची में शामिल जरूरतमंदों को भी घर मिलेंगे। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक सहायता दी गई है और शेष लाभार्थियों को भी जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 24 अप्रैल से राज्य की 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ हो चुके हैं, जिससे ग्रामीणों को बैंकिंग और अन्य सेवाएं अब गांव में ही मिलेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार तकनीक का उपयोग कर भ्रष्टाचार पर रोक लगा रही है और भूमि पंजीयन की प्रक्रिया को सरल किया गया है।

गांव में पहुँचते ही मुख्यमंत्री ने स्थानीय भाषा में ग्रामीणों से बातचीत की और महतारी वंदन योजना, बिजली आपूर्ति और राशन वितरण की स्थिति पर जानकारी ली। हितग्राही इतवारिन आचला ने बताया कि उसे मिली राशि बेटी के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना में जमा की जा रही है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार हर जरूरतमंद के साथ है और जनकल्याण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इस मौके पर विधायक आशा राम नेताम, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नूरेटी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव डॉ. बसव राजु एस., बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, डीआईजी अमित कामले, कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर, एसपी इंद्र कल्याण एलेसेला सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रकाशित पुस्तक “नई दिशा” का विमोचन कर युवाओं को वितरित किया। साथ ही लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत सामग्री, आवास की चाबी और ट्राई साइकिल भी सौंपी गई।

छत्तीसगढ़: शिक्षकों के 43 हजार से अधिक पद खतरे में, युक्तियुक्तकरण के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों के अनुपात को राष्ट्रीय शिक्षा नीति और शिक्षा का अधिकार कानून के अनुरूप करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार ने 10 हजार से अधिक स्कूलों का पुनर्गठन करने का निर्णय लिया है, जिससे 43 हजार से अधिक शिक्षकों के पद समाप्त हो सकते हैं।

इस फैसले के खिलाफ राज्यभर के शिक्षक विरोध में उतर आए हैं। ‘सर्व शिक्षक संघ छत्तीसगढ़’ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षक तूता धरना स्थल पर जुटे हुए हैं और इस प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने की मांग कर रहे हैं। राजधानी में राज्योत्सव मैदान के पास प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों को रोकने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प भी हुई।

गौरतलब है कि मंगलवार को स्कूल शिक्षा विभाग ने 10,463 स्कूलों के युक्तियुक्तकरण का आदेश जारी किया था। इसमें ई-संवर्ग के 5,849 और टी-संवर्ग के 4,614 स्कूल शामिल हैं। सबसे अधिक युक्तियुक्तकरण उन स्कूलों का किया गया है जो एक ही परिसर में प्राइमरी, मिडिल, हाईस्कूल और हायर सेकंडरी स्कूल के रूप में संचालित हो रहे थे। सरकार ने ऐसे 10,297 स्कूलों को एकीकृत करते हुए एक साथ समायोजित कर दिया है।

शिक्षकों का कहना है कि इस कदम से न केवल हजारों की संख्या में पद समाप्त हो जाएंगे, बल्कि शिक्षकों का स्थानांतरण भी बड़े पैमाने पर किया जाएगा, जिससे उनकी निजी और पारिवारिक ज़िंदगियों पर भी असर पड़ेगा।

ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर बलरामपुर और सूरजपुर पुलिस की सख्त कार्रवाई, दर्जनों लाइसेंस निलंबित

बलरामपुर और सूरजपुर जिलों में सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ रखा है। पुलिस अधीक्षक वैभव बेंकर के निर्देशन में बलरामपुर जिले में शराब पीकर वाहन चलाने, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ओवर स्पीडिंग, ओवरलोडिंग, स्टंटबाजी और ट्रिपल राइडिंग जैसे गंभीर उल्लंघनों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

अभियान के तहत अब तक 653 से अधिक वाहन चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत मामला दर्ज कर प्रति व्यक्ति ₹10,000 का जुर्माना न्यायालय के माध्यम से लगाया गया है। इसके साथ ही इन मामलों में लाइसेंस निलंबन के लिए परिवहन विभाग को सूचित किया गया, जिसमें अब तक 80 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं। शेष मामलों पर कार्रवाई जारी है। साथ ही अन्य राज्यों से जारी लाइसेंस को निलंबित करने के लिए पत्राचार भी किया गया है।

जनता को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न माध्यमों से जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। एसपी वैभव बेंकर ने लोगों से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय नियमों का पालन करें और शराब पीकर वाहन न चलाएं।

इसी प्रकार सूरजपुर में पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार ठाकुर के आदेश पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में वाहन चेकिंग के दौरान कई वाहन चालक नियमों की अनदेखी करते हुए पाए गए। इनमें आदित्य कुमार सिंह (भटगांव), उमेश्वर देवांगन (धरसेड़ी), सतानंद सिंह (लांची), महेश्वर (तिलसिवांपारा) सहित अम्बिकापुर, कोरिया, बलरामपुर और झारखंड के गढ़वा जिले के कुल आठ वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

इन सभी के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा की गई है। यातायात पुलिस द्वारा यह अभियान सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर दौरे में बनाया रिकॉर्ड, एक साल में 33 बार पहुंचे बस्तर

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने एक साल के कार्यकाल में बस्तर क्षेत्र में लगातार सक्रियता दिखाते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। साय ने अब तक प्रदेश के किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री की तुलना में सबसे अधिक बार बस्तर दौरा किया है। उन्होंने केवल एक साल में ही 33 बार बस्तर पहुंचकर वहां की जनता से सीधा संवाद स्थापित किया है, जो न केवल उनके जनसंपर्क की गहराई को दर्शाता है, बल्कि क्षेत्रीय विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है।

मुख्यमंत्री के कुछ प्रमुख बस्तर दौरे:

6 जनवरी 2024, जगदलपुर: क्रांतिकारी वीर डेबरीधुर की प्रतिमा और शिलालेख का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

3 फरवरी 2024, नारायणपुर: कुहारपारा स्थित रामकृष्ण मिशन आश्रम परिसर में किसान मेले में भाग लिया और 108 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया।

5 मार्च 2024, चित्रकोट: चित्रकोट महोत्सव में शिरकत कर स्थानीय विकास की कई घोषणाएं कीं, जिनमें तीरथगढ़ महोत्सव के लिए 5 लाख रुपये की घोषणा भी शामिल है।

1 अगस्त 2024, जगदलपुर: “एक पेड़ मां के नाम” वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की।

4 अक्टूबर 2024, बीजापुर: नक्सल पीड़ित परिवारों को शासकीय नियुक्ति और तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में भागीदारी।

15 अक्टूबर 2024, जगदलपुर: बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार को संबोधित किया और करीब 3 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण किया।

18 नवंबर 2024: बस्तर क्षेत्रीय पर्यटन विकास हेतु रणनीति तय करने वाली बैठक में शामिल हुए।

19 नवंबर 2024: सीआरपीएफ सेडवा कैंप में जवानों को संबोधित किया।

15-16 दिसंबर 2024: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बस्तर व बीजापुर में माओवाद प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर आत्मसमर्पण कर चुके लोगों से संवाद किया।

2 जनवरी 2025, जगदलपुर: गायत्री महाविद्यालय के भूमिपूजन समारोह में शामिल होकर 50 लाख रुपये देने की घोषणा की।

7 अप्रैल 2025, कांकेर: गोंडवाना समाज के मरका पंडुम पर्व में शामिल होकर सांस्कृतिक एकता को बल दिया।

15 अप्रैल 2025: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत “मोर दुआर – साय सरकार” महाभियान की शुरुआत की।

15 मई 2025, गलगम (बीजापुर): नक्सल प्रभावित क्षेत्र में जाकर ग्रामीणों और सुरक्षा बलों से नक्सल उन्मूलन को लेकर चर्चा की।

मुख्यमंत्री साय की इन यात्राओं ने न केवल बस्तर के विकास को नई दिशा दी है, बल्कि शासन और जनता के बीच संवाद की नई मिसाल भी पेश की है।

नगर निगम की एमआईसी बैठक में लिए गए अहम निर्णय: किराया बढ़ा, 45 कर्मचारियों की भर्ती, सफाई और अतिक्रमण पर सख्ती

नगर निगम द्वारा आयोजित एमआईसी (महापौर परिषद) की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। महापौर अल्का बाघमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 7 प्रस्तावों पर चर्चा कर उन्हें स्वीकृति दी गई। बैठक के प्रमुख निर्णयों में दुकानों के किराए में 25 प्रतिशत की वृद्धि और विशेष सफाई अभियान के लिए 45 अस्थायी कर्मचारियों की भर्ती शामिल रही।

45 अस्थायी कर्मचारी केवल 45 दिनों के लिए

स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाढ़ नियंत्रण अभियान के तहत चलाए जा रहे सफाई कार्यों के लिए 45 अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती कलेक्टर दर पर की जाएगी। ये नियुक्तियां अस्थायी होंगी और केवल 45 दिनों के लिए मान्य होंगी। यह निर्णय विशेष रूप से सफाई अभियान की तीव्रता को देखते हुए लिया गया है।

दुकानों के किराए में 25% की बढ़ोतरी

नगर निगम के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और दुकानों की लीज नवीनीकरण प्रक्रिया के दौरान किराए में 25 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। यह वृद्धि सुभाष स्कूल प्राथमिक शाला स्थित दुकान क्रमांक 6 तथा राजेन्द्र प्रसाद पार्क कॉम्प्लेक्स की दुकान क्रमांक 8 और 14 पर लागू होगी।

सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन पर सख्ती

इंदिरा मार्केट क्षेत्र में दुकानदारों द्वारा रात में कचरा बाहर फेंकने की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए, निगम ने क्षेत्र की निगरानी बढ़ाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। कचरा फेंकने वालों की पहचान कर उन्हें नोटिस दिया जाएगा और जुर्माना वसूला जाएगा।

विकास कार्यों के लिए जमीन और अतिक्रमण हटाने की योजना

नगर निगम ने विभिन्न विकास कार्यों के लिए शासकीय भूमि की आवश्यकता को देखते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही तेज करने का निर्णय लिया है। साथ ही भविष्य में अतिक्रमण न हो, इसके लिए चिन्हित शासकीय जमीन पर गुमटी लगाने का भी प्रस्ताव पारित किया गया है।

अन्य निर्णय

पुलगांव नाले की दोनों ओर गैंग लगाकर सफाई कराने का निर्णय।

नगर निगम परिसर में वाहन शाखा के गैरेज में टीन शेड निर्माण और सीमेंटीकरण।

विभिन्न वार्डों में 19 ट्यूबलर विद्युत पोल लगाने की मंजूरी।

बस स्टैंड स्थित रैन बसेरा को महिला समूह को तीन वर्षों के लिए सौंपा जाएगा।

इन सभी निर्णयों के ज़रिए नगर निगम ने साफ-सफाई, नगर विकास और अनुशासन व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

पूर्व विधायक शकुंतला साहू की मां लीला देवी की करंट लगने से मौत, परिवार में शोक की लहर

बलौदाबाजार जिले के कसडोल विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक शकुंतला साहू की मां, लीला देवी साहू का करंट लगने से आकस्मिक निधन हो गया। यह दुखद घटना सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है, जब लीला देवी अपने घर के पीछे स्थित बाड़ी (किचन गार्डन) में सफाई कर रही थीं। इसी दौरान वे करंट की चपेट में आ गईं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

परिजनों ने जब उन्हें बेसुध पाया, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने घटनास्थल से शव को बरामद कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बाड़ी में करंट कैसे फैला। लीला देवी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

इस हादसे से परिवार में शोक की लहर है। पूर्व विधायक शकुंतला साहू ने अपनी मां के निधन की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा, “अत्यंत दुख और पीड़ा के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि मेरी पूज्यनीय माताजी श्रीमती लीला देवी साहू जी आज असामयिक रूप से स्वर्गवासी हो गई हैं। माँ, आपके जाने से मेरे जीवन में एक शून्यता आ गई है। यह मेरे लिए एक अपूरणीय क्षति है। आप हमेशा याद आओगीं।”

यह घटना क्षेत्र में भी शोक और संवेदना का कारण बनी हुई है।