Home Blog Page 180

मुंगेली में जल जीवन मिशन के तहत लापरवाही पर 70 ठेकेदारों को नोटिस, विभागीय सख्ती शुरू

छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों में लापरवाही और समय-सीमा के उल्लंघन पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 70 ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द अधूरे कार्य पूरे नहीं किए गए, तो संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

यह कार्रवाई जल जीवन मिशन के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक के हालिया मुंगेली दौरे के बाद सामने आई है। उन्होंने कलेक्टर कुंदन कुमार के साथ जिले के विभिन्न गांवों में पेयजल परियोजनाओं का निरीक्षण किया, जहां कई योजनाएं तय समय-सीमा से पीछे चल रही थीं। निरीक्षण में यह पाया गया कि कार्यों में ठेकेदारों की लापरवाही और उदासीनता प्रमुख कारण बनकर उभरी है।

सचिव हक ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों को समय पर शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में कार्यों की गति तेज की जाए और लापरवाह ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया जाए। 

जल जीवन मिशन का उद्देश्य 2024 तक सभी ग्रामीण घरों में नल के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। हालांकि, विभिन्न राज्यों में कार्यों की प्रगति में देरी और गुणवत्ता संबंधी मुद्दों के कारण मिशन की समय-सीमा को लेकर चिंता जताई गई है।

मुंगेली जिले में ठेकेदारों को जारी नोटिस इस बात का संकेत है कि विभाग अब लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा और समय पर कार्य पूर्ण करने के लिए ठोस कदम उठा रहा है।

छत्तीसगढ़ के जंगलों से निकलने वाला ‘पुटू’ मशरूम: स्वाद, पोषण और परंपरा का संगम

छत्तीसगढ़ के सरगुजा और बस्तर जैसे आदिवासी बहुल जिलों के घने जंगलों में बारिश के मौसम में एक विशेष प्रकार का देसी मशरूम उगता है, जिसे स्थानीय भाषा में ‘पुटू’ कहा जाता है। यह मशरूम केवल प्राकृतिक रूप से साल और सरई के पेड़ों के नीचे उगता है, और इसकी खेती संभव नहीं है। इसकी मौसमी उपलब्धता और स्वादिष्टता के कारण यह बाजार में अत्यधिक मूल्य पर बिकता है।

पुटू मशरूम की विशेषताएं:

  • प्राकृतिक उगाव: पुटू मशरूम केवल वर्षा ऋतु में जंगलों में उगता है, विशेषकर साल और सरई के पेड़ों के नीचे।

  • उच्च मूल्य: मौसम की शुरुआत में इसकी कीमत ₹2000 प्रति किलोग्राम तक पहुँच सकती है, जो बाद में आपूर्ति बढ़ने पर ₹200-₹300 प्रति किलोग्राम तक घट जाती है।

  • पोषण से भरपूर: इस मशरूम में विटामिन डी, प्रोटीन, फाइबर, सेलेनियम और पोटेशियम जैसे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। साथ ही, इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण भी होते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देते हैं।

  • स्वादिष्ट व्यंजन: पुटू मशरूम का स्वाद मांसाहारी व्यंजनों जैसा होता है, और इसे पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों में प्रमुखता से शामिल किया जाता है।

सांस्कृतिक महत्व:

पुटू मशरूम छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति और खानपान का अभिन्न हिस्सा है। स्थानीय ग्रामीण इसे जंगलों से एकत्रित कर बाजारों में बेचते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ भी होता है। इसकी विशिष्टता और स्वाद के कारण यह न केवल छत्तीसगढ़ में, बल्कि आसपास के राज्यों में भी लोकप्रिय है।

सावधानियाँ:

पुटू मशरूम को ताजगी में ही उपभोग करना चाहिए, क्योंकि पुराना या खराब मशरूम स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसे उबालकर सूप के रूप में सेवन करना अधिक लाभकारी होता है, बजाय अधिक तेल और मसालों के साथ पकाने के।

छत्तीसगढ़ के जंगलों से मिलने वाला यह अनमोल उपहार न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि पोषण से भरपूर और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण भी है।

रिलायंस डिजिटल शोरूम में 17 आईफोन चोरी: नकाबपोश चोर ने फिल्मी अंदाज़ में दी वारदात को अंजाम

शहर के व्यस्त जीई रोड पर स्थित एक बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम में देर रात एक नकाबपोश चोर ने सेंधमारी कर करीब 11 लाख रुपये से ज्यादा के सामान पर हाथ साफ कर दिया। घटना आधी रात की है, जब आरोपी ने पहले एक दोपहिया वाहन चुराया और फिर उसी से रिलायंस डिजिटल शोरूम पहुंचा।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने शोरूम के पहले माले के किनारे लगे शीशे को तोड़कर भीतर प्रवेश किया। उसने अपने चेहरे को नकाब से ढंक रखा था। सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि शोरूम में घुसने के बाद वह सीधे एप्पल सेक्शन की ओर गया और अलमारी का ताला तोड़कर 17 आईफोन, एप्पल वॉच और एयरपॉड्स चुरा लिए। वह लगभग 20 मिनट तक शोरूम के अंदर रहा और फिर उसी रास्ते से बाहर निकल गया।

सिर्फ महंगे सामान को बनाया निशाना

चोर बेहद चालाक और अनुभवशील प्रतीत होता है, क्योंकि उसने शोरूम में रखे अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान को हाथ नहीं लगाया और केवल महंगे एप्पल प्रोडक्ट्स ही चुराए। शोरूम और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में उसकी गतिविधियां रिकॉर्ड हो गई हैं। हालांकि उसने अपनी गाड़ी को ऐसी जगह खड़ा किया था जहां वह कैमरे की पकड़ में नहीं आ सके, फिर भी अन्य कैमरों में उसकी तस्वीरें आ गई हैं।

चोरी किया गया था वाहन भी

पुलिस जांच में पता चला कि जिस दोपहिया वाहन से चोर आया था, वह पहले ही 25 मई को चोरी हो चुका था। अब पुलिस ने उस वाहन की चोरी का मामला भी अलग से दर्ज किया है।

निर्माणाधीन इमारत से पहुंचा छत तक

शोरूम के बगल में निर्माणाधीन भवन में लगे बांस-बल्ली का सहारा लेकर चोर छत तक पहुंचा और फिर शीशे की दीवार तोड़कर भीतर घुसा। इस घटना ने रात्रि पुलिस गश्त पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि यह शोरूम मुख्य सड़क पर स्थित है, जहां देर रात तक लोगों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद चोर न सिर्फ आराम से भीतर घुसा, बल्कि कीमती सामान लेकर फरार भी हो गया।

पुलिस ने जांच शुरू की

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने चोर की पहचान और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं। फिलहाल आरोपी फरार है, लेकिन पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।

तुर्की में चमका छत्तीसगढ़ का नाम, टिकेश्वरी साहू ने वर्ल्ड म्यू थाई चैंपियनशिप में जीता कांस्य पदक

छत्तीसगढ़ की प्रतिभाशाली खिलाड़ी टिकेश्वरी साहू ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का मान बढ़ाया है। उन्होंने टर्की के अंटालिया शहर में आयोजित वर्ल्ड म्यू थाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर देश और राज्य का नाम रोशन किया।

भारतीय महिला टीम की ओर से टिकेश्वरी साहू और अरुणाचल प्रदेश की पनि मंजू ज़ोराम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप-4 मुकाबलों में जगह बनाई और अंकों के आधार पर कांस्य पदक हासिल किया।

राज्य की अकेली प्रतिनिधि बनीं टिकेश्वरी

इस प्रतियोगिता में कुल 13 भारतीय खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें छत्तीसगढ़ से अकेली टिकेश्वरी साहू टीम का हिस्सा थीं। इससे पहले, व्यक्तिगत वर्ग में उन्होंने 9वां स्थान प्राप्त किया था।

आर्थिक संघर्ष के बावजूद हौसला कायम

टिकेश्वरी एक मजदूर मां की बेटी हैं, जिनके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उन्हें टर्की जाने के लिए आर्थिक सहायता गोदावरी इस्पात के अभिषेक अग्रवाल से मिली। इसके अलावा दंतेवाड़ा कलेक्टर और गुजराती शिक्षण संघ ने भी उनके यात्रा व्यय की जिम्मेदारी ली।

उनकी इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ यूथाई संघ समेत कई संगठनों और खेलप्रेमियों ने उन्हें बधाई दी है। टिकेश्वरी का यह पदक न केवल राज्य के लिए गौरव की बात है, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा भी है।

दिल्ली तक गूंजेगा कुम्हारी टोल प्लाजा का विरोध, कांग्रेस ने सरकार को दी चेतावनी

कुम्हारी टोल प्लाजा में जारी अवैध वसूली और व्यवस्थागत अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोला है। पार्टी नेताओं ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि अगर जल्द कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे चरणबद्ध आंदोलन के साथ दिल्ली तक प्रदर्शन करेंगे।

अवैध वसूली और जानलेवा जाम बना संकट

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कुम्हारी टोल प्लाजा अवैध वसूली का अड्डा बन चुका है और इसकी वजह से स्थानीय लोगों को रोजाना जानलेवा जाम और दुर्घटनाओं से जूझना पड़ता है। सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, जिला कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश दुबे, पंकज शर्मा और कन्हैया अग्रवाल ने इस मुद्दे पर संयुक्त प्रेस वार्ता की और सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाए।

54 किमी में 3 टोल, नियमों की उड़ रही धज्जियां

नेताओं ने बताया कि रायपुर से दुर्ग तक मात्र 54 किलोमीटर की दूरी में तीन टोल प्लाजा – मंदिर हसौद (किमी 258), कुम्हारी (किमी 281) और दुर्ग (किमी 312) संचालित हो रहे हैं। जबकि सड़क परिवहन मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, दो टोल प्लाजा के बीच कम से कम 60 किलोमीटर की दूरी होनी चाहिए। ऐसे में यह नियमों का साफ उल्लंघन है।

वैधता खत्म, फिर भी चल रहा वसूली का खेल

कांग्रेस का कहना है कि कुम्हारी टोल प्लाजा की वैध वसूली अवधि बहुत पहले समाप्त हो चुकी है, इसके बावजूद यह टोल नाका बीते 20-25 वर्षों से लगातार संचालित हो रहा है। विशेषकर रायपुर के टाटीबंध और कुम्हारी नगर निगम क्षेत्र के लोग इसकी वजह से रोज घंटों तक जाम में फंसे रहते हैं।

कांग्रेस की मांग: तत्काल बंद हो टोल वसूली

कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि कुम्हारी टोल प्लाजा को अविलंब बंद किया जाए और इस संबंध में केंद्र व राज्य सरकारें तत्काल हस्तक्षेप करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो कांग्रेस जनआंदोलन को और व्यापक बनाएगी और जरूरत पड़ी तो दिल्ली में प्रदर्शन भी किया जाएगा।

रायपुर के रवि भवन में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट हेतु विशेष शिविर, शुल्क निर्धारित

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में वाहन स्वामियों की सुविधा के लिए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगवाने हेतु विशेष शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट), रविभवन व्यापारी संघ और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) के संयुक्त प्रयास से रवि भवन परिसर में संचालित किया गया।

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी आशीष देवांगन ने जानकारी दी कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार अब सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है। जनता को किसी भी धोखाधड़ी या बिचौलिए से बचाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा विभिन्न स्थानों पर ऐसे जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां निर्धारित शुल्क के साथ एचएसआरपी लगाई जा रही है।

सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रतीक शुक्ला ने बताया कि केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 और नियम 1989 के तहत तथा उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार प्रदेश में 1 अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाना अब अनिवार्य है। शिविर में वाहन मालिकों को प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जा रही है और मौके पर ही प्लेट लगाने की सुविधा दी जा रही है।

यह पहल आम जनता को सुरक्षित और पारदर्शी सेवा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

नगर पालिका ने खराब नाली निर्माण पर उठाया कड़ा कदम, जेसीबी से तुड़वाया अधूरा कार्य

महारानी लक्ष्मीबाई वार्ड में 5 लाख की लागत से हो रहा था निर्माण कार्य, अधिकारियों ने अनियमितताएं पाई

छत्तीसगढ़ के वार्ड क्रमांक 22, महारानी लक्ष्मीबाई वार्ड में नाली निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद नगर पालिका के अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाया है। निरीक्षण के दौरान निर्माण में भारी अनियमितता पाई गई, जिसके चलते अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से कार्य रुकवाकर जेसीबी मशीन मंगवाकर पूरी नाली को तुड़वा दिया।

जानकारी के अनुसार, यह निर्माण कार्य गगन ट्रेडर्स के नाम पर हो रहा था, जिसे मुख्य ठेकेदार ने अपने पेटी कांट्रैक्टर अमित जैन को सौंपा था। लेकिन पेटी कांट्रैक्टर द्वारा काम में गंभीर लापरवाही बरती गई। स्थानीय निवासियों ने भी शिकायत की कि नाली के निर्माण में बेस का काम नहीं किया गया था और पुराने ढांचे पर ही नया निर्माण किया जा रहा था।

इससे पहले भी इस निर्माण कार्य को लेकर शिकायतें आई थीं, जिसके चलते ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया था। बावजूद इसके निर्माण कार्य में सुधार नहीं हुआ और नियमों की अनदेखी जारी रही।

नगर पालिका अध्यक्ष नरपति पटेल और उपाध्यक्ष जसकेतु ने पहले ही ठेकेदारों को चेताया था कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। इस चेतावनी के बावजूद कुछ ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं।

करीब 5 लाख रुपये की लागत से हो रहे इस कार्य को लेकर हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें निर्माण की खामियां साफ तौर पर दिखाई दी थीं। वीडियो और निरीक्षण के आधार पर नगर पालिका ने यह सख्त कदम उठाया है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अब नाली निर्माण का कार्य नए सिरे से नियमानुसार शुरू कराया जाएगा और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पत्नी की हत्या को आत्महत्या दिखाने की कोशिश नाकाम, आरोपी पति गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने की साजिश नाकाम हो गई। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 26 मई को सामने आई जब ललिता भगत (40 वर्ष) की मौत की सूचना उसके देवर नवीन भगत ने लैलूंगा पुलिस को दी। उसने बताया कि घरवालों ने ललिता को फांसी के फंदे से उतारकर अस्पताल पहुंचाया था, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो घटनास्थल और परिजनों के बयानों में विरोधाभास नजर आया। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि घटना के दिन ललिता और उसके पति फुलेश्वर भगत (44 वर्ष) के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इस दौरान ललिता ने गुस्से में आकर पति की बनियान खींची, जिसके बाद फुलेश्वर ने उसके साथ मारपीट की। मारपीट के चलते ललिता गिर पड़ी और उसके सिर में गंभीर चोट आई, जिससे वह बेहोश हो गई।

बेहोशी की हालत में ही फुलेश्वर ने उसे कमरे में ले जाकर ओढ़नी से फांसी पर लटका दिया, ताकि मामला आत्महत्या जैसा लगे। इसके बाद उसने अपने साले को बुलाया और दोनों ने मिलकर ललिता को फांसी से नीचे उतारा और इलाज के बहाने अस्पताल ले गए। हालांकि, रास्ते में ही उसकी मौत हो चुकी थी।

पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर हत्या का मामला दर्ज करते हुए फुलेश्वर भगत को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

भिलाई में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों पर कार्रवाई, 474 लोगों की हुई जांच, 103 के लिए गए फिंगरप्रिंट

छत्तीसगढ़ के भिलाई जिले में बुधवार सुबह दुर्ग पुलिस ने बड़े स्तर पर अभियान चलाकर बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों की पहचान करने की कार्रवाई की। अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ यह अभियान अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चलाया गया, जिससे इलाके में हलचल मच गई।

पुलिस द्वारा की गई घोषणा के बाद बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से बाहर निकलकर दस्तावेजों की जांच कराने पहुंचे। इस दौरान कुल 474 लोगों की जांच की गई और 103 संदिग्धों के फिंगरप्रिंट लिए गए।

एएसपी पद्मश्री तवर ने बताया कि एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर कई टीमों का गठन किया गया था। ये टीमें छावनी, भिलाई नगर और पाटन सब-डिवीजन क्षेत्रों में पहुंचीं और कार्रवाई की।

छावनी क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर, हथखोज और पुरैना इलाकों में 65 लोगों की जांच की गई, जिनमें से 15 संदिग्धों के फिंगरप्रिंट लिए गए। वहीं भिलाई नगर क्षेत्र के कांट्रेक्टर कॉलोनी, पुरानी बस्ती और पांच रास्ता इलाकों में 201 किराएदारों की जांच की गई, जिनमें से कई अन्य जिलों से आए हुए पाए गए।

यह अभियान संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाने की दिशा में एक सख्त कदम माना जा रहा है।

रायपुर का श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल: जहां निःशुल्क होता है विश्वस्तरीय इलाज, विदेशों से भी आते हैं मरीज

नवा रायपुर स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल नि:शुल्क इलाज और मानव सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुका है। यह संस्थान न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश और विदेशों से भी मरीजों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है, और इसकी सबसे बड़ी वजह है – यहां सभी चिकित्सा सेवाओं का पूर्णतः नि:शुल्क होना।

यह अस्पताल खास तौर पर जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के इलाज के लिए प्रसिद्ध है। अब तक यहां 37000 से ज्यादा बच्चों की हृदय सर्जरी और 40000 से अधिक महिलाओं और नवजातों का इलाज नि:शुल्क किया जा चुका है।

यह संस्था सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में भी योगदान दे रही है। यहां बीएससी और एमएससी नर्सिंग की पढ़ाई भी नि:शुल्क कराई जाती है।

अस्पताल की एक विशेष बात यह भी है कि यहां कोई कैश काउंटर नहीं है, यानी मरीजों से एक पैसे की भी मांग नहीं की जाती। जब आज के समय में महंगे इलाज को लेकर चिंता बढ़ रही है, ऐसे में श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल आस्था, सेवा और समर्पण का प्रतीक बनकर उभरा है।

अस्पताल की शुरुआत नवंबर 2012 में नवा रायपुर (अटल नगर) में श्री सत्य साईं संजीवनी चाइल्ड हार्ट केयर यूनिट के रूप में हुई थी, और फिर 2021 में यहां मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल का भी उद्घाटन किया गया।

इसका उद्देश्य सिर्फ चिकित्सा सेवा देना नहीं, बल्कि यह साबित करना है कि “मानव सेवा ही माधव सेवा है।” यही वजह है कि यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज देश-विदेश से इलाज के लिए आते हैं। यह अस्पताल नि:स्वार्थ सेवा का प्रतीक बनकर विश्वभर में ख्याति प्राप्त कर रहा है।

श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल वास्तव में यह दर्शाता है कि यदि सेवा में समर्पण हो, तो सीमाएं नहीं रहतीं – न भौगोलिक, न आर्थिक।