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2100 रुपये के बिजली बिल पर खौफनाक वारदात: बड़े भाई ने हथौड़े से सोते हुए छोटे भाई की कर दी हत्या, बहन पर भी किया हमला

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां महज 2100 रुपये के बिजली बिल को लेकर बड़े भाई ने छोटे भाई की जान ले ली। यह वारदात गुढ़ियारी थाना क्षेत्र के अशोक नगर, दुर्गा चौक की है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी पुरुषोत्तम तिवारी (35) अपने छोटे भाई दुर्गा तिवारी (32) और बहन रूकमणि तिवारी (40) के साथ एक ही घर में रहते थे। घर का बिजली बिल 2100 रुपये आया था, जिसे लेकर दो दिन पहले भाइयों के बीच बहस हुई थी। दोनों एक-दूसरे पर बिल भरने की जिम्मेदारी डाल रहे थे।

शनिवार की रात लगभग 1.30 बजे जब दुर्गा गहरी नींद में था, तभी पुरुषोत्तम हथौड़ा लेकर उसके कमरे में घुसा और सिर, छाती और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। चीख-पुकार सुनकर पास के कमरे में सो रही बहन रूकमणि जाग गई और जब वह भाई को बचाने दौड़ी, तो आरोपी ने उस पर भी हमला करने की कोशिश की। किसी तरह बहन अपनी बेटी को लेकर वहां से जान बचाकर भागी और गुढ़ियारी थाने पहुंची।

इधर हमले के बाद आरोपी ने घर को बाहर से ताला लगाकर फरार हो गया। पुलिस को सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और ताला तोड़कर घर के अंदर दाखिल हुए। दुर्गा खून से लथपथ हालत में पड़ा था। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की और रविवार सुबह तक पुरुषोत्तम को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और आगे की जांच जारी है।

यह वारदात रिश्तों में बढ़ती कटुता और मानसिक तनाव की भयावह तस्वीर पेश करती है, जिसमें मामूली विवाद भी खूनखराबे में तब्दील हो सकता है।

पुरानी बस्ती में किराए के मकान से सेक्स रैकेट का खुलासा, महिला दलाल सहित 4 गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के पुरानी बस्ती इलाके में पुलिस ने एक किराए के मकान में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि इस मकान में देह व्यापार का धंधा चल रहा है, जिसके बाद एक पुख्ता योजना के तहत छापा मारा गया। ग्राहक बनकर पहुंची पुलिस टीम ने मौके से एक महिला दलाल और तीन युवतियों को पकड़ा। इन सभी को हिरासत में लिया गया और पूछताछ की गई।

व्हाट्सऐप के जरिए होती थी बुकिंग

जांच में सामने आया कि महिला दलाल ने व्हाट्सऐप ग्रुप बनाए हुए थे, जिनके जरिए ग्राहकों को लड़कियों के फोटो भेजे जाते थे और बुकिंग की जाती थी। ग्राहक पैसे ऑनलाइन या नकद में देते थे, और तय समय पर लड़की को भेजा जाता था। यह पूरा नेटवर्क डिजिटल माध्यम से संचालित हो रहा था।

काम दिलाने के नाम पर लाई गई थीं युवतियां

पूछताछ के दौरान युवतियों ने बताया कि उन्हें किसी रोजगार का वादा करके रायपुर बुलाया गया था, लेकिन बाद में उन्हें इस अनैतिक कार्य में धकेल दिया गया। पुलिस ने युवतियों से पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया है, जबकि महिला दलाल रूषा के खिलाफ पीटा एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।

डेविड नाम के व्यक्ति ने लिया था मकान किराए पर

जानकारी के मुताबिक, जिस मकान में यह रैकेट चल रहा था, वह डेविड नामक व्यक्ति के नाम पर किराए पर लिया गया था। कुछ समय बाद वहां महिला दलाल ने डेरा जमा लिया और लड़कियों को लाना शुरू कर दिया। आसपास के लोगों ने बाहरी लोगों की आवाजाही और गाड़ियों की लगातार उपस्थिति को लेकर संदेह जताया था। फिलहाल पुलिस डेविड की तलाश कर रही है।

पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा

रायपुर में सेक्स रैकेट का खुलासा, काम के नाम पर फंसाकर कराई जा रही थी देह व्यापार की मजबूरी, 4 महिलाएं गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक बार फिर देह व्यापार के मामले का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है। ताजा मामले में पुरानी बस्ती थाना पुलिस ने भाठागांव क्षेत्र के एक मकान में छापा मारकर एक सक्रिय सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इटालिया हाउस में अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना के आधार पर विशेष टीम गठित कर छापेमारी की गई। इस दौरान मुख्य आरोपी महिला समेत चार महिलाओं को गिरफ्तार किया गया, जो लंबे समय से इस गैरकानूनी धंधे में शामिल थीं।

बताया जा रहा है कि आरोपी महिला रूषा खरे गरीब और जरूरतमंद लड़कियों को नौकरी और बेहतर कमाई का झांसा देकर रायपुर बुलाती थी। बाद में उन्हें देह व्यापार में धकेल देती थी। पुलिस ने रेड के दौरान मौके से 1500 रुपये नकद, 14 कंडोम (नए और उपयोग किए गए) जब्त किए हैं।

गिरफ्तार महिलाओं ने पूछताछ में बताया कि वे मजबूरी में इस काम को कर रही थीं और उन्हें इस गंदे धंधे में जबरन धकेला गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम 1956 की धारा 4, 5 और 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

294 युवाओं को मिला रोजगार, 80 युवाओं को कोचिंग के लिए मिलेगा मौका, ऑनलाइन भी जुड़ सकते हैं छात्र

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में ‘हम होंगे कामयाब’ अभियान के अंतर्गत शनिवार को जिला ऑडिटोरियम में जिला कौशल विकास प्राधिकरण द्वारा कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न प्रेरक वक्ताओं ने युवाओं को करियर, लक्ष्य निर्धारण, अनुशासन और आत्मविकास जैसे विषयों पर उपयोगी सुझाव दिए।

कलेक्टर ने दी जानकारी, 294 युवाओं को मिला रोजगार

कार्यक्रम में कलेक्टर दीपक सोनी ने बताया कि ‘हम होंगे कामयाब’ अभियान पिछले साल सितंबर में शुरू किया गया था। अब तक इस पहल के जरिए 294 युवाओं को विभिन्न निजी कंपनियों में रोजगार दिलाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि यह अभियान युवाओं को मार्गदर्शन देने और उनके हुनर को सही दिशा देने का प्रयास है। कलेक्टर ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जिले से 80 युवाओं को प्रदेश से बाहर की कोचिंग संस्थाओं में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भेजा जाएगा।

नवप्रेरणा कोचिंग से ऑनलाइन भी ले सकते हैं लाभ

इस अभियान के अंतर्गत जिले में संचालित ‘नवप्रेरणा कोचिंग’ से छात्र ऑनलाइन जुड़कर भी मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन ने भी युवाओं को संबोधित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

प्रेरक वक्ताओं ने दिए सफलता के मंत्र

मुंबई से आए प्रसिद्ध करियर काउंसलर डॉ. पराग ने छात्रों को लक्ष्य निर्धारण, अनुशासन, प्रेरणा, आत्मविश्वास और मेहनत के महत्व को समझाया। उन्होंने जीवन में सफलता पाने के 10 अहम नियमों की चर्चा की और उन्हें आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया।

रायपुर से आए स्टार्टअप विशेषज्ञ आरिफ खान ने युवाओं को बताया कि स्टार्टअप्स नई सोच और समस्याओं के समाधान की राह दिखाते हैं। उन्होंने योजनाबद्ध प्रयास, स्पष्ट माइंडसेट और मेहनत की अहमियत को रेखांकित किया। वहीं समाजसेवी पुष्पराज वर्मा ने युवाओं को आसपास के प्रेरणास्रोतों से सीखने और उन्हें जीवन में लागू करने की सलाह दी।

युवाओं ने पूछे सवाल, वक्ताओं ने दिए जवाब

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे। उन्होंने करियर और भविष्य से जुड़ी जिज्ञासाओं को साझा किया, जिसका समाधान वक्ताओं ने सरल और प्रेरक अंदाज में किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, सीईओ जिला पंचायत दिव्या अग्रवाल, भाजपा नेता योगेश अग्रवाल सहित कई अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

रायपुर में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही: ट्रांसफार्मर पर काम करते समय युवक हुआ गंभीर रूप से घायल

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से बिजली विभाग की एक चौंकाने वाली लापरवाही का मामला सामने आया है। शनिवार को देवार पारा इलाके में एक युवक ट्रांसफार्मर पर चढ़कर फॉल्ट ठीक कर रहा था, तभी अचानक बिजली सप्लाई चालू कर दी गई। इससे वह गंभीर रूप से झुलस गया और अब जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम सेंदर निवासी बेदप्रकाश साहू नामक युवक 11 केवी लाइन में आए फॉल्ट को सुधारने के लिए ट्रांसफार्मर पर चढ़ा था। ट्रांसफारमर को पहले से बंद मानकर वह उस पर कार्य कर रहा था। लेकिन अचानक बिजली विभाग द्वारा लाइन को चालू कर दिया गया, जिससे युवक बिजली की चपेट में आ गया और ट्रांसफार्मर से चिपक गया।

इस हादसे में युवक के दोनों पैर बुरी तरह झुलस गए। यहां तक कि उसके पैरों में पहने चप्पल तक पिघल गए और त्वचा से चिपक गए। युवक को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत बिगड़ने पर उसे रायपुर रेफर कर दिया गया।

बताया जा रहा है कि बेदप्रकाश एक विद्युत ठेकेदार के अधीन काम करता था। लेकिन उसे सुरक्षा उपकरण जैसे हेलमेट, दस्ताने आदि नहीं दिए गए थे, जिससे हादसा और भी गंभीर बन गया। इस पूरे मामले में लापरवाही का आरोप विद्युत विभाग और ठेकेदार दोनों पर लग रहा है।

इस संबंध में जेई ओमेश चंद्राकर ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घायल युवक का इलाज जारी है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

छत्तीसगढ़ में युवाओं को बड़ी राहत, 5000 शिक्षकों की होगी नई भर्ती – मुख्यमंत्री साय का ऐलान

छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए एक सकारात्मक खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग में 5000 नए शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भूपेश साय ने हाल ही में इस संबंध में बड़ा ऐलान किया है। विभाग ने इस दिशा में आवश्यक तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।

चरणबद्ध तरीके से होगी नियुक्ति

शिक्षकों की यह भर्ती चरणबद्ध प्रक्रिया के तहत की जाएगी, ताकि राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में अध्यापन व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके। भर्ती की प्रक्रिया स्कूलों के युक्तियुक्तकरण (Rationalization) के बाद शुरू होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जहां जरूरत है, वहां शिक्षक उपलब्ध कराए जा सकें।

सिर्फ 166 स्कूलों का होगा समायोजन

शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 10,463 स्कूलों में से केवल 166 स्कूलों का समायोजन किया जाएगा। इनमें से ग्रामीण क्षेत्रों में 133 स्कूल ऐसे हैं, जहां छात्रों की संख्या 10 से भी कम है और एक किलोमीटर के दायरे में दूसरा स्कूल पहले से मौजूद है।

शहरी क्षेत्रों में 33 स्कूल ऐसे हैं, जहां 30 से कम छात्र दर्ज हैं और 500 मीटर के भीतर दूसरा विद्यालय संचालित हो रहा है। इस समायोजन से बच्चों की पढ़ाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

10,297 स्कूल पूर्ववत संचालित रहेंगे और उनमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

राज्य में अभी भी कई स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी

हालांकि राज्य की शैक्षणिक स्थिति राष्ट्रीय औसत से बेहतर है – प्राथमिक स्कूलों में प्रति शिक्षक 21.84 और पूर्व माध्यमिक में 26.2 छात्र – फिर भी कुछ गंभीर समस्याएं बरकरार हैं:

212 प्राथमिक विद्यालयों में अब भी कोई शिक्षक नहीं है।

6,872 प्राथमिक स्कूलों में केवल एक शिक्षक कार्यरत है।

पूर्व माध्यमिक स्तर पर, 48 स्कूल बिना शिक्षक और 255 स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं।

362 स्कूलों में शिक्षक तो हैं लेकिन छात्र नहीं।

शहरी क्षेत्रों के 527 स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात 10 या उससे भी कम है।

शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया बल

सरकार के इस कदम से शिक्षा व्यवस्था को नया बल मिलने की उम्मीद है। नई नियुक्तियों से न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि शिक्षकों का बोझ भी कम होगा और छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी। सरकार का प्रयास है कि हर बच्चे को नजदीकी स्कूल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो।

बेमेतरा में बढ़ा जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा, मई में सर्पदंश से तीन लोगों की मौत – डॉक्टरों ने झाड़-फूंक से बचने की दी सलाह

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में प्री-मानसून बारिश के साथ जहरीले जीव-जंतुओं की सक्रियता तेजी से बढ़ी है। खासकर सर्पदंश और बिच्छू के डंक की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। मई माह में जिले में सर्प काटने की वजह से तीन लोगों की जान जा चुकी है। जिला अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ गई है।

खेतों में बढ़ा खतरा, किसानों को सतर्क रहने की सलाह

बारिश के चलते खेतों की सफाई और जुताई में जुटे किसानों को जहरीले जीव-जंतुओं के खतरे का सामना करना पड़ रहा है। खेतों और बिलों से निकलकर सांप और बिच्छू खुले में आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में गिरावट और बढ़ती उमस के कारण ऐसे जीव-जंतु ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं।

एंटी स्नेक वेनम का किया गया प्रबंध

स्वास्थ्य विभाग ने संभावित खतरों को देखते हुए जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएससी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में एंटी स्नेक वेनम की पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति की है। अब तक 1,000 डोज की व्यवस्था की जा चुकी है, और अतिरिक्त डोज जल्द पहुंचाए जाएंगे।

सर्पदंश से बच्चों और महिलाओं की मौत

सहसपुर गांव निवासी 10 वर्षीय मोहित साहू की मौत सर्पदंश से इलाज के दौरान हुई, जिस पर 12 मई को साजा थाने में मर्ग दर्ज किया गया। इसी तरह 26 मई को नारधी गांव की 45 वर्षीय महिला उमा पटेल की जान अज्ञात जंतु के काटने से चली गई। वहीं, बुधवारा गांव की 40 वर्षीय सत्यभामा पटेल की मौत भी 29 मई को सर्पदंश के कारण हो गई।

डॉक्टरों की चेतावनी: झाड़-फूंक से बचें, तुरंत अस्पताल पहुंचें

जिले के वरिष्ठ डॉक्टर डॉ. योगेश दुबे ने बताया कि सर्पदंश या किसी जहरीले जीव के काटने की स्थिति में तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं। झाड़-फूंक या देरी से इलाज कराने पर मरीज की जान पर बन आती है। लोगों से अपील की गई है कि किसी भी जीव-जंतु को न छेड़ें और उसे देखने पर विशेषज्ञों या वन विभाग को सूचना दें।

प्री-मानसून में अच्छी बारिश

जिला भू-अभिलेख कार्यालय के अनुसार, 27 से 31 मई के बीच जिले में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में कई इलाकों में 10 से 14 मिमी तक वर्षा दर्ज हुई है, जिससे मौसम में बदलाव हुआ है और साथ ही जहरीले जीवों की गतिविधियां भी बढ़ गई हैं।

कलारीपयट्टू में मिशा की कामयाबी से छत्तीसगढ़ को लगातार मिल रही पहचान

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रहने वाली कोरबा की 19 वर्षीय मिशा सिंधु पिछले तीन वर्षों से राज्य को पारंपरिक मार्शल आर्ट कलारीपयट्टू में लगातार पदक दिला रही हैं। मिशा मानती हैं कि अगर लड़कियों को उचित अवसर दिए जाएं, तो वे किसी भी क्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकती हैं।

यूथाई और थाई बॉक्सिंग से कलारीपयट्टू तक का सफर

मिशा ने अपने खेल करियर की शुरुआत यूथाई और थाई बॉक्सिंग से की थी, लेकिन जब उन्हें कलारीपयट्टू के बारे में जानकारी मिली, तो उन्होंने इसे ही अपनाने का निर्णय लिया। उनका मानना है कि यह खेल अभी भी बहुत से लोगों के लिए अनजान है और इसे लोकप्रिय बनाने की आवश्यकता है। इस खेल के साथ-साथ मिशा दिल्ली से ग्रेजुएशन की पढ़ाई भी कर रही हैं।

कोच से मिली प्रेरणा, खुद पर बढ़ा आत्मविश्वास

मिशा के मुताबिक उनके कोच कमलेश देवांगन ने उन्हें खेल की बारीकियां सिखाईं और उनके प्रशिक्षण के तरीके ने मिशा को इस खेल में रुचि लेने के लिए प्रेरित किया। वर्ष 2021 में दल्लीराजहरा में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में उन्होंने कलारीपयट्टू सीखा, फिर केरल जाकर गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया। पहली ही राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर शुरुआत की और फिर लगातार पदक जीतने का सिलसिला शुरू हो गया।

सीमित संसाधनों में भी बनाई सफलता की राह

मिशा बताती हैं कि उनके पिता ने पुराने और बेकार सामानों से उनके लिए खेल का जरूरी सामान तैयार किया। मिशा का कहना है कि अगर प्रतिभा हो और परिवार से समर्थन मिले, तो सफलता मिलना तय है।

2023 में गोवा में आयोजित नेशनल गेम्स में मिशा ने स्टिक फाइट प्रतियोगिता में एक गोल्ड और एक ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। वहीं, वर्ष 2025 में आयोजित 38वें नेशनल गेम्स में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया।

आत्मविश्वास से भरपूर खिलाड़ी

मिशा मानती हैं कि खेल न सिर्फ शारीरिक रूप से, बल्कि मानसिक रूप से भी व्यक्ति को सशक्त बनाता है। खेल के माध्यम से आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन में किसी भी चुनौती का सामना करने की ताकत मिलती है। उनका कहना है, “अब मुझे किसी से डर नहीं लगता।”

अब इंजीनियरिंग में पढ़ाई जाएगी भगवद गीता और संविधान, लागू हुई नई शिक्षा नीति

छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र से इंजीनियरिंग और तकनीकी पाठ्यक्रमों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को तकनीकी शिक्षा में लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत CSVTU (छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय) ने नया सिलेबस तैयार किया है, जो इस साल से लागू किया जाएगा।

चार नए विषय होंगे शामिल

इंजीनियरिंग की पढ़ाई के पहले चार सेमेस्टर में विद्यार्थियों को अब भारतीय संस्कृति, परंपरा और ज्ञान से जुड़ी पढ़ाई भी करनी होगी।

पहले सेमेस्टर में प्राचीन भारतीय ज्ञान प्रणाली

दूसरे सेमेस्टर में भारतीय संस्कृति और संविधान

तीसरे सेमेस्टर में भारतीय ज्ञान परंपरा, विज्ञान और अभ्यास

चौथे सेमेस्टर में श्रीमद भगवद गीता पढ़ाई जाएगी।

इसके अलावा एस्ट्रोनॉमी और एस्ट्रोलॉजी से जुड़े अध्याय भी जोड़े गए हैं, जिससे छात्रों को जीवन और ब्रह्मांड की व्यापक समझ मिल सके।

अब नहीं रहेगा उम्र का बंधन

NEP लागू होने के बाद अब इंजीनियरिंग या अन्य तकनीकी कोर्सों में प्रवेश के लिए अधिकतम आयु सीमा समाप्त कर दी गई है। पहले 25 वर्ष तक ही नियमित प्रवेश मिल सकता था, लेकिन अब 80 वर्ष का व्यक्ति भी इंजीनियरिंग कर सकता है।

मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम

नई नीति के तहत छात्र अब कोर्स के बीच में पढ़ाई छोड़ने की स्थिति में भी प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकेंगे।

एक साल की पढ़ाई पूरी करने पर सर्टिफिकेट,

दो या तीन साल के बाद डिप्लोमा,

चार साल पूरा करने पर डिग्री मिलेगी।

इसके साथ ही छात्र भविष्य में उसी स्तर से पढ़ाई दोबारा शुरू भी कर सकेंगे।

कोर विषयों में बदलाव

अब फिजिक्स और केमिस्ट्री की पढ़ाई केवल उतनी ही होगी, जितनी उस ब्रांच के लिए जरूरी हो। इसके साथ ही स्किल-बेस्ड विषय भी जोड़े गए हैं।

कंप्यूटर साइंस में बड़ा बदलाव

पहले सेमेस्टर में अब Python for Problem Solving & Logic विषय पढ़ाया जाएगा, जो पहले केवल सी लैंग्वेज तक सीमित था।

दूसरे सेमेस्टर में कंप्यूटर नेटवर्किंग, सिक्योरिटी और सर्विलांस जैसे उन्नत विषय शामिल किए गए हैं, जिन्हें पहले पांचवें सेमेस्टर में पढ़ाया जाता था।

इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कंप्यूटर इंजीनियरिंग ब्रांच में अब बेसिक ऑफ कंप्यूटर नेटवर्क भी होगा।

डिप्लोमा कोर्सों में स्किल आधारित विषय

डिप्लोमा कोर्स में भी बदलाव किए गए हैं।

पहले  सेमेस्टर में फंडामेंटल ऑफ कंप्यूटर एंड आईटी

दूसरे सेमेस्टर में पर्यावरण विज्ञान,

साथ ही इंजीनियरिंग वर्कशॉप और ऑफिस एप्लिकेशन से जुड़े विषयों को भी जोड़ा गया है।

CSVTU कुलसचिव डॉ. अंकित अरोरा के अनुसार, नई शिक्षा नीति को ध्यान में रखते हुए सभी तकनीकी कोर्सों के सिलेबस को अपडेट किया गया है, जिससे छात्र न केवल तकनीकी रूप से सशक्त बनें, बल्कि भारतीय संस्कृति और मूल्यों को भी समझ सकें।

जल्द ही काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होगी

PET और PPHST जैसी प्रवेश परीक्षाएं संपन्न हो चुकी हैं, जिनके परिणाम आने के बाद जुलाई-अगस्त से प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

वेस्ट टू इलेक्ट्रिसिटी प्लांट को मंजूरी का इंतजार, 7 शहरों को होगा सीधा लाभ, 10 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य

छत्तीसगढ़ के सात शहरी निकायों में कचरे से बिजली बनाने की योजना पर काम प्रस्तावित है, लेकिन अभी तक शासन की स्वीकृति नहीं मिली है। योजना के पहले चरण में रायपुर, दुर्ग और भिलाई नगर निगमों में वेस्ट टू इलेक्ट्रिसिटी प्लांट स्थापित किए जाने हैं। इन नगर निगमों ने संचालनालय नगरीय प्रशासन को प्रस्ताव भेज दिए हैं, लेकिन मंजूरी न मिलने के कारण कार्य आरंभ नहीं हो पाया है।

कचरे से होगी आमदनी, बचेगा खर्च, और मिलेगी बिजली

इस परियोजना के तहत न केवल नगर निगमों को आय प्राप्त होगी, बल्कि कचरे के निस्तारण पर होने वाला खर्च भी घटेगा। सबसे अहम बात यह है कि प्लांट से उत्पादित बिजली से नगर निगमों को मुफ्त बिजली मिल सकेगी या इसे छत्तीसगढ़ पावर कारपोरेशन को बेचा जाएगा। इससे निगमों के बिजली बिल में काफी कमी आएगी।

किन शहरों को चुना गया है

वेस्ट टू एनर्जी योजना के पायलट प्रोजेक्ट के लिए जिन सात निकायों का चयन हुआ है, वे हैं: रायपुर, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर, रतनपुर, बोदरी और मुंगेली। इन सभी स्थानों पर प्लांट लगाने की योजना बनाई गई है।

कचरे का अंबार, समाधान बनेगी यह योजना

राज्य के शहरी क्षेत्रों में हर दिन सैकड़ों टन कचरा उत्पन्न हो रहा है। अकेले रायपुर में रोज़ करीब 750 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। कई क्षेत्रों से कचरे का नियमित उठाव नहीं हो पाता, जिससे स्वच्छता पर असर पड़ता है। अन्य नगरों जैसे बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, कोरबा, धमतरी और जगदलपुर में भी प्रतिदिन 400 से 500 टन कचरा उत्पन्न हो रहा है।

400 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया केंद्र को

राज्य शासन के नगरीय प्रशासन विभाग ने केंद्र सरकार के शहरी आवासन मंत्रालय को 400 करोड़ रुपए की सहायता का प्रस्ताव भेजा है। जैसे ही यह राशि स्वीकृत होती है, सातों निकायों में वेस्ट टू इलेक्ट्रिसिटी प्लांट लगाकर करीब 10 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू किया जाएगा।

यह योजना जहां एक ओर कचरा प्रबंधन की बड़ी चुनौती का समाधान करेगी, वहीं दूसरी ओर हरित ऊर्जा उत्पादन में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।