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तेज रफ्तार बनी काल: बिलासपुर-रायपुर रोड पर दो दर्दनाक हादसे, एक की मौत, कई घायल

रविवार देर रात तेज रफ्तार ने फिर कहर बरपाया। बिलासपुर-रायपुर रोड पर चकरभाठा और रतनपुर के पास हुए दो भीषण सड़क हादसों में एक युवक की मौके पर मौत हो गई, जबकि कुल छह लोग घायल हुए हैं। दोनों घटनाओं में गाड़ियां बेकाबू होकर पलट गईं और लोगों को जान बचाना मुश्किल हो गया।

पहला हादसा: कार ने ली एक की जान, दो गंभीर

रविवार रात करीब 2 बजे चकरभाठा क्षेत्र में गुरु नानक ढाबा के पास तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकरा गई। कार पलटते हुए हवा में उछली और चार बार पलटी खाने के बाद दो अन्य वाहनों से टकरा गई। इस दौरान कार में सवार जैकी गेही उछलकर बाहर जा गिरा और डिवाइडर पर लगे लोहे के एंगल से टकराने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

कार चला रहे आकाश चांदनी और अन्य युवक पंकज छाबड़ा भी उछलकर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना जबरदस्त था कि सामने से आ रहे एक अन्य वाहन का चालक भी घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

यह भी बताया गया कि यह हादसा उस वक्त हुआ जब तीनों युवक पार्टी से लौट रहे थे। पूरी घटना पास के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसमें हादसे का भयावह दृश्य साफ नजर आया।

दूसरा हादसा: पेड़ से टकराकर पलटा मालवाहक, दो को केबिन से ढाई घंटे बाद निकाला गया

इसी रात रतनपुर क्षेत्र में एक आटा लदा तेज रफ्तार मालवाहक वाहन सिद्धिविनायक मंदिर के पास अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गया और पलट गया। दुर्घटना में तीन लोग घायल हुए, जिनमें से दो — कंडक्टर और लिफ्ट लेकर यात्रा कर रहे लक्ष्मण यादव — वाहन के केबिन में फंस गए।

ड्राइवर शाहिद किसी तरह बाहर निकल गया और तत्काल मदद के लिए चिल्लाया। पुलिस और नगर पालिका की टीम ने ढाई घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद वाहन के अगले हिस्से को काटकर दोनों को बाहर निकाला। लक्ष्मण का एक पैर वाहन के नीचे दब गया था, हालांकि डॉक्टरों ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है।

तीनों घायलों को इलाज के लिए रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। पुलिस ने वाहन को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और नियंत्रण खोने को हादसे की मुख्य वजह बताया गया है।

छत्तीसगढ़ में लोक जनशक्ति पार्टी का विस्तार संभावित, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दिए संकेत

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के प्रमुख चिराग पासवान ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के दौरे के दौरान पार्टी के राज्य में विस्तार के संकेत दिए। रायपुर एयरपोर्ट पर समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। वे एक निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे, जिसके बाद उन्होंने राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से शिष्टाचार भेंट की।

मीडिया से बातचीत में पासवान ने कहा कि आने वाले समय में वे छत्तीसगढ़ में पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार दौरे करेंगे। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी पहले से नागालैंड और झारखंड में प्रतिनिधित्व कर रही है और अब उत्तर प्रदेश, पंजाब तथा छत्तीसगढ़ में भी पार्टी का सशक्त विस्तार करने की योजना पर काम कर रही है।

बिहार से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई

चिराग पासवान ने केंद्र की राजनीति से ज्यादा राज्य की राजनीति में सक्रिय रहने की इच्छा भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य बिहार को विकसित राज्यों की सूची में लाना है और इसके लिए वे जल्द ही बिहार की राजनीति में लौटना चाहते हैं। उन्होंने पार्टी से इस संबंध में अपनी भावना साझा की है।

जब उनसे पूछा गया कि पार्टी तो उन्हीं की है, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी निर्णय का सामूहिक असर देखा जाता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर पार्टी समझेगी कि उनके चुनाव लड़ने से लाभ होगा, तभी यह फैसला लिया जाएगा।

राजनीतिक संकेत स्पष्ट

चिराग पासवान के इस दौरे और बयानों से यह साफ संकेत मिलते हैं कि लोजपा अब राष्ट्रीय राजनीति से आगे बढ़कर राज्यों में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। खासकर छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में संगठन को विस्तार देने की दिशा में पार्टी गंभीर रणनीति बना रही है।

छत्तीसगढ़ के बीएड छात्रों को झटका, चार कॉलेजों की मान्यता रद्द, 250 सीटें हुईं कम

छत्तीसगढ़ के बीएड और डीएलएड की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के चार शिक्षण महाविद्यालयों की मान्यता नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन (NCTE) ने रद्द कर दी है। इसके चलते शैक्षणिक सत्र 2025-26 से इन कॉलेजों में नए दाखिले नहीं हो पाएंगे।

मान्यता रद्द होने की वजह

एनसीटीई ने यह कार्रवाई कॉलेजों द्वारा अनिवार्य वार्षिक रिपोर्ट न भेजने और पूर्व में जारी नोटिस का जवाब न देने के कारण की है। एनसीटीई की 423वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसमें देशभर के 380 अन्य संस्थानों की मान्यता भी समाप्त की गई है।

सीटों में आई 250 की कमी

मान्यता रद्द किए गए कॉलेजों में बीएड, डीएलएड और बीएससी-बीएड पाठ्यक्रम संचालित होते थे। अब इन पाठ्यक्रमों की कुल 250 सीटें घट जाएंगी — बीएड की 100, डीएलएड की 100 और बीएससी-बीएड की 50 सीटें शामिल हैं।

राज्य की स्थिति

फिलहाल छत्तीसगढ़ में 140 बीएड कॉलेज हैं, जिनमें करीब 14,500 सीटें उपलब्ध हैं। इसके अलावा राज्य में 89 डीएलएड कॉलेज हैं, जिनमें 6,700 सीटें हैं। नए फैसले के बाद राज्य में शिक्षक प्रशिक्षण के लिए सीटों की उपलब्धता थोड़ी घट जाएगी।

जिन कॉलेजों की मान्यता रद्द हुई है:

श्री कृष्णा कॉलेज, जांजगीर-चांपा

कांति दर्शन महाविद्यालय, राजनांदगांव

श्रीराम शिक्षा महाविद्यालय, राजनांदगांव

श्री शिरडी साईं शिक्षण महाविद्यालय, अंबिकापुर

यह फैसला उन छात्रों के लिए चिंता का कारण बन सकता है जो इन कॉलेजों में दाखिले की योजना बना रहे थे। अब उन्हें अन्य मान्यता प्राप्त संस्थानों की ओर रुख करना होगा।

धीरेंद्र शास्त्री करेंगे कथा एशिया के दूसरे सबसे बड़े चर्च के सामने, बोले- बस्तर में सबसे अधिक धर्मांतरण का खतरा

बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बिलासपुर में कहा कि भारत में सबसे ज्यादा धर्मांतरण की चुनौती छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में है। उन्होंने बताया कि वे जल्द ही जशपुर जिले के कुनकुरी में स्थित एशिया के दूसरे सबसे बड़े चर्च के सामने कथा करने जा रहे हैं।

सोमवार को एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने आए पं. शास्त्री ने छत्तीसगढ़ की धरती को प्रभु श्रीराम का ननिहाल बताते हुए कहा कि यह पावन भूमि है और यहां आकर उन्हें विशेष आनंद की अनुभूति हुई। उन्होंने यह भी घोषणा की कि भविष्य में वे छत्तीसगढ़ में एक पदयात्रा करेंगे। उनका कहना है कि भारत अंततः एक हिंदू राष्ट्र बनेगा, और इसके लिए योजना भी तैयार कर ली गई है। उन्होंने कहा, “संतों का कमंडल और बागेश्वर धाम का मंडल ही हिंदू राष्ट्र है।”

मीडिया से चर्चा में उन्होंने जानकारी दी कि 7 नवंबर से दिल्ली से वृंदावन तक एक पदयात्रा की शुरुआत की जाएगी। इस यात्रा का उद्देश्य है देश में सांस्कृतिक जागरूकता फैलाना और सनातन परंपराओं को फिर से सशक्त करना।

नक्सलवाद पर बोलते हुए पं. शास्त्री ने नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़कर रखना जरूरी है और बाहरी ताकतों से लड़ने के लिए सभी को एकजुट होना होगा। बस्तर क्षेत्र में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान की सराहना करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को साधुवाद दिया।

फर्जी जाति प्रमाण-पत्र से टीचर बनी महिला को 18 साल बाद नौकरी से निकाला गया, हाईकोर्ट ने भी याचिका खारिज की

छत्तीसगढ़ के बिल्हा ब्लॉक में कार्यरत एक महिला शिक्षक को फर्जी आदिवासी जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। उर्मिला बैगा नाम की इस महिला पर आरोप था कि उन्होंने ओबीसी वर्ग की ‘ढीमर’ जाति से होने के बावजूद खुद को अनुसूचित जनजाति ‘बैगा’ बताकर शिक्षक पद पर नियुक्ति हासिल की थी।

साल 2006 में फर्जी प्रमाण-पत्र के जरिए उन्हें सरकारी नौकरी मिली थी और उन्होंने लगभग 18 वर्षों तक सेवा की। मामले की शिकायत होने पर रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की जांच समिति ने दस्तावेजों की विस्तृत जांच की। जांच में उनके पूर्वजों का रिकॉर्ड ‘ढीमर’ जाति का पाया गया, जो ओबीसी श्रेणी में आती है।

समिति ने 11 दिसंबर 2006 को उनका आदिवासी प्रमाण-पत्र अमान्य घोषित कर दिया, जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने 7 फरवरी 2007 को उनकी सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया। उर्मिला ने इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर उन्हें अस्थायी रूप से राहत (स्टे) मिल गई थी। इस दौरान वे लगातार नौकरी करती रहीं।

हालांकि, आगे चलकर उन्होंने खुद ही याचिका वापस ले ली, जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए पूर्व में दिया गया स्टे भी रद्द कर दिया। 24 जुलाई 2024 को उच्च स्तरीय जाति छानबीन समिति ने भी प्रमाण-पत्र को फर्जी करार दिया। इसके आधार पर संयुक्त संचालक शिक्षा आरपी आदित्य ने उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया।

इस मामले ने जाति प्रमाण-पत्रों की वैधता और सरकारी नौकरियों में फर्जीवाड़े के खिलाफ सख्त जांच की आवश्यकता पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

टेक ए ट्रिप वेकेशन योजना के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी, कई लोगों को बनाया शिकार, कंपनी संचालक फरार

शहर में लोगों को ट्रीप घूमाने और सस्ते दर पर जमीन दिलाने का झांसा देकर एक कंपनी ने लोगों के साथ धोखाधड़ी किया। वहीं अब कार्यालय बंद करके फरारे हो चुके हैं। पीड़ित व्यक्तियों ने उनके खिलाफ एसपी कार्यालय में लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।

5 साल तक घुमाने का स्कीम बताकर

टेक ए ट्रीप विकेशन द्वारा कूपन के बहाने कॉल कर फेमली 4 मेबर को 5 साल तक देश में घुमाने के लिए स्कीम बताया गया। इनके द्वारा अलग-अलग प्रकार के स्कीम बताए गए। कई लोगों को फोन कर कहा गया कि ये भी इस कंपनी में जुड़े हैं। जमीन क्रय विक्रय के संबंध में 5.30 लाख रुपए में 900 वर्ग फिट जमीन देने, 5 वर्ष तक कपनी की तरफ से हॉटल में रूकने के लिए रूम यात्रा टिकट, खाना व नास्ता रहेगा।

ऐसे प्रलोभन देकर लोगों से एडमिशन व मेंबरशिप के नाम पर रकम जमा कराया गया। वहीं आने वाले अगले कई वर्षों तक इसका लाभ मिलता रहेगा और ऊंचे दाम पर जमीन आपके नाम होगा कहकर एग्रीमेंट में दोनों पक्ष से हस्ताक्षर लिया गया। बताया गया कि कई लोगों को अपने जाल में फंसाया गया

नि:शुल्क हवाई यात्रा

इस योजना में कपनी द्वारा एक बार नि:शुल्क हवाई यात्रा का लाभ दिया जाएगा बोला गया था। शिकायतकर्ता दिलीप चंद्रवंशी, हेमंत शर्मा, संजय कुमार ने बताया कि जब हवाई यात्रा टिकट बुकिंग करने पर फोन से बात किया तो घुमा फिराकर बात किया। अभी तक बुकिंग नहीं कराया गया, जिसका समय सीमा जून में खत्म हो रहा है।

कंपनी का कार्यालय सिद्धि विनायक प्लाजा कवर्धा में खोला गया था जो अब बंद कर दिया गया है। लोगों से लाखों रुपए लेकर फरार हो गए। कई बार फोन करने पर फोन नहीं उठाया जा रहा है। कंपनी के अधिकृत संचालक सुशील यादव जबलपुर बताया गया था। शिकायकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक के नाम आवेदन कर उक्त मामले में कार्रवाई की मांग की है।

टर्बुलेंस में फंसी रायपुर-दिल्ली इंडिगो फ्लाइट, यात्रियों में दहशत, एक घंटे तक हवा में लगाया चक्कर

दिल्ली में आए तेज तूफान और धूलभरी आंधी के कारण रायपुर से दिल्ली आ रही इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट में यात्रियों को अचानक एयर टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा। फ्लाइट को लगभग एक घंटे तक हवा में चक्कर काटते रहना पड़ा, जिसके बाद शाम 6 बजे इसे सुरक्षित रूप से दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड कराया गया।

फ्लाइट दोपहर 3 बजे रायपुर से रवाना हुई थी और इसका शेड्यूल शाम 5 बजे दिल्ली पहुंचने का था। लेकिन दिल्ली एयरपोर्ट के पास पहुंचते ही मौसम बिगड़ गया और करीब 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी चलने लगी। इस कारण विमान में तेज झटके महसूस होने लगे, जिससे यात्रियों में घबराहट फैल गई।

स्थिति को देखते हुए पायलट ने तत्काल फ्लाइट को अधिक ऊंचाई पर ले जाकर नियंत्रण में किया। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के निर्देश पर विमान को कुछ समय तक आसमान में चक्कर काटते हुए स्थिर रखा गया, जब तक कि मौसम सामान्य नहीं हो गया। इसके बाद शाम 6 बजे फ्लाइट को सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।

क्या होता है टर्बुलेंस?

टर्बुलेंस वह स्थिति होती है जब विमान को उड़ान में सहारा देने वाली हवा के प्रवाह में बाधा उत्पन्न होती है। इससे विमान अस्थिर होकर ऊपर-नीचे हिलने लगता है और अपनी तय दिशा से थोड़ा भटक जाता है। कुछ मामलों में विमान अचानक कुछ सौ फीट नीचे गिरता है, जिससे यात्रियों को झटका लगता है और डर का माहौल बन जाता है। इसे सड़क पर उबड़-खाबड़ रास्ते पर गाड़ी चलाने जैसा अनुभव कहा जा सकता है। विमान की स्थिर उड़ान के लिए उसके पंखों के ऊपर और नीचे से बहने वाली हवा का संतुलन बहुत जरूरी होता है।

फिलहाल इंडिगो एयरलाइंस ने सभी यात्रियों की सुरक्षा की पुष्टि की है और बताया है कि कोई जनहानि नहीं हुई है।

जल जीवन मिशन की योजनाओं का होगा मूल्यांकन, छत्तीसगढ़ के तीन जिलों में पहुंचेगी केंद्रीय टीम

छत्तीसगढ़ समेत देश के 159 जिलों में जल जीवन मिशन के तहत चल रही योजनाओं की गहन जांच और मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। जल जीवन मिशन में अनियमितताओं की शिकायतें केंद्र तक पहुंच चुकी हैं, जिसके बाद भारत सरकार ने इस दिशा में गंभीर कदम उठाया है।

देशभर में 148 केंद्रीय नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो चयनित जिलों का दौरा कर योजना की प्रगति और पारदर्शिता का आकलन करेंगे। छत्तीसगढ़ के रायगढ़, बेमेतरा और जांजगीर-चांपा जिलों को भी इस सूची में शामिल किया गया है। संभावना है कि केंद्रीय टीम सोमवार को इन जिलों का निरीक्षण कर सकती है।

मीडिया में लगातार जल जीवन मिशन में गड़बड़ियों को लेकर प्रकाशित रिपोर्टों के चलते केंद्र सरकार ने एक्शन लिया है। छत्तीसगढ़ के इन तीन जिलों की जांच के लिए एक केंद्रीय नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है, जो स्थानीय तकनीकी विशेषज्ञों, भूजल वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की टीम के साथ मिलकर कार्यों का मूल्यांकन करेंगे।

निरीक्षण के दौरान जल शक्ति मंत्रालय द्वारा चिन्हित क्षेत्रों में जाकर टीम योजनाओं के हर पहलू की जांच करेगी। निर्माण स्थलों की तस्वीरें, फील्ड रिपोर्ट, और लाभार्थियों की प्रतिक्रिया के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

लागत बढ़ने पर बढ़ी सतर्कता

कुछ क्षेत्रों में अधूरे निर्माण, खराब गुणवत्ता और पानी की आपूर्ति न होने जैसी गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। कई जगह योजनाओं की लागत भी अप्रत्याशित रूप से बढ़ी है। इन परिस्थितियों में केंद्र ने योजनाओं की प्रगति की वास्तविक स्थिति जानने के लिए फील्ड असेसमेंट का निर्णय लिया है।

लाभार्थियों से लिया जाएगा फीडबैक

केंद्रीय अधिकारी संबंधित जिलों में जाकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के अधिकारियों द्वारा कराए गए कार्यों की वास्तविकता जांचेंगे। योजना का काम पूरा हुआ या नहीं, नियमित जल आपूर्ति हो रही है या नहीं, प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन पहुँचा या नहीं — ऐसे सभी बिंदुओं पर जानकारी एकत्र की जाएगी। स्थानीय लोगों से बातचीत कर फीडबैक लिया जाएगा, जो रिपोर्ट का अहम हिस्सा बनेगा।

इस कवायद का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जल जीवन मिशन की योजनाएं जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू हो रही हैं या नहीं, और किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को समय रहते रोका जा सके।

शराब घोटाले में आरोपी विजय भाटिया एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए, 2000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी में शामिल अहम दस्तावेज बरामद

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में वांछित कारोबारी विजय भाटिया को आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने दिल्ली से गिरफ्तार कर रायपुर लाया और अवकाशकालीन अदालत में पेश किया। अदालत ने फिलहाल भाटिया को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। EOW ने उससे पूछताछ के लिए 14 दिन की रिमांड मांगी थी, जिसे कोर्ट ने अस्वीकार करते हुए मामला विशेष न्यायालय में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया।

छापेमारी में मिला अहम सबूतों का जखीरा

2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाले की जांच के तहत भाटिया के नेहरू नगर और आदर्श नगर स्थित आवासों, भिलाई-3 के फर्नीचर शोरूम, दुर्ग की फैक्ट्री, उसके मैनेजर संतोष रामटेके और अन्य करीबी व्यक्तियों के कुल 8 ठिकानों पर छापा मारा गया। इस दौरान टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, संपत्ति और निवेश से संबंधित पेपर्स जब्त किए हैं। इसके साथ ही दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

दो साल से था फरार

 विजय भाटिया का नाम छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाले में सामने आने के बाद 2 साल पहले ED ने उसके दुर्ग स्थित आवास पर छापा मारा था, जिसके बाद से वह फरार था। ACB और EOW की संयुक्त टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। हाल ही में दिल्ली में उसके छिपे होने की जानकारी मिलने पर उसे वहां से गिरफ्तार किया गया।

राजनीतिक कनेक्शन भी चर्चा में

बताया जा रहा है कि विजय भाटिया छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायक भूपेश बघेल के करीबी माने जाते हैं। वह पहले भी ईडी की जांच के दायरे में आ चुके हैं। शराब घोटाले की जांच शुरू होने के बाद से ही भाटिया का नाम लगातार सुर्खियों में बना रहा है। इस मामले में पहले भी कई अधिकारियों और व्यापारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है।