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रायपुर में ज्वेलरी कारीगर की सड़क पर हत्या, आरोपी गिरफ्तार – सराफा व्यापारियों ने उठाई नशा विरोधी कार्रवाई की मांग

बूढ़ापारा इलाके में सोमवार देर रात एक मामूली टकराव ने खौफनाक मोड़ ले लिया। हनुमान मंदिर गली के पास 35 वर्षीय ज्वेलरी कारीगर सुजन सरकार की एक युवक ने धारदार हथियार से हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी दीपक लोहार उर्फ गप्पू (22), निवासी गोबरा नवापारा, को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल कारीगर को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान की गई और उसे जल्द ही हिरासत में ले लिया गया।

प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी और मृतक के बीच रास्ते में टकराने को लेकर कहासुनी हुई थी। बहस के दौरान आरोपी ने अचानक हमला कर दिया और मौके से फरार हो गया।

सुजन सरकार ज्वेलरी निर्माण का काम करता था और रोज की तरह काम से लौट रहा था। सराफा एसोसिएशन ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और पुलिस अधीक्षक उम्मेद सिंह से मिलकर ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने बताया कि आरोपी आदतन नशा करता था और यह नशे की लत ही इस जघन्य हत्या की वजह बनी।

व्यापारियों का कहना है कि बूढ़ापारा क्षेत्र के आस-पास नशे का कारोबार बढ़ता जा रहा है, जिसमें चावड़ी, निगम गार्डन और बूढ़ा तालाब के आस-पास की गुमटियां और पान ठेले शामिल हैं। एसोसिएशन ने पुलिस प्रशासन से इलाके में नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई और विशेष अभियान चलाने की मांग की है।

यह वारदात शहर के केंद्र में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है, जिससे व्यापारी वर्ग में आक्रोश और असुरक्षा की भावना बढ़ गई है।

बिलासपुर में फर्जी पत्रकारों की करतूत का खुलासा, ईंट भट्ठा संचालक से वसूली की कोशिश, तीन गिरफ्तार

बिल्हा थाना क्षेत्र में तीन लोगों ने खुद को “क्राइम रिपोर्टर” बताकर एक ईंट भट्ठा संचालक से पैसे वसूलने की कोशिश की। इस मामले में पुलिस ने एक महिला समेत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

कार पर लिखा था ‘क्राइम रिपोर्टर’

शिकायतकर्ता शैलेन्द्र प्रजापति के अनुसार, तीन लोग एक कार (सीजी 04 क्यूई 6382) में सवार होकर उसके ईंट भट्ठे पर पहुंचे। कार पर ‘क्राइम रिपोर्टर’ लिखा हुआ था। इन लोगों ने खुद को पत्रकार बताया और एनओसी की मांग करते हुए धमकाया कि अगर दस्तावेज नहीं दिखाए गए तो मीडिया में उनके खिलाफ खबर चला दी जाएगी। इसके एवज में उन्होंने 27 हजार रुपये की मांग की।

डर के कारण दिया 1500 रुपये

धमकी से घबराकर शैलेन्द्र ने उन्हें 1500 रुपये दे दिए, लेकिन बाद में एक परिचित से बात करने पर उसे शक हुआ और आरोपी वहां से फरार हो गए। शाम होते-होते शैलेन्द्र को जानकारी मिली कि यही गिरोह मंगला क्षेत्र में अन्य ईंट भट्ठा मालिकों और ट्रैक्टर चालकों से भी इसी तरह की वसूली कर चुका है।

पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ा

बिल्हा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की और ग्रामीणों की सहायता से आरोपियों को मंगला ईंट भट्ठे के पास पकड़ लिया। पकड़े गए लोगों की पहचान नारायण सिंह धृतलहरे (ग्राम कटई, बेमेतरा), दीपक कुमारी रजक (नवागढ़, गोड़पुर) और सियाराम धृतलहरे (सरगांव, बदरा) के रूप में हुई है।

पूछताछ में कबूला अपराध

पुलिस पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि कहीं इस गिरोह ने और भी लोगों को निशाना तो नहीं बनाया है। मामले की जांच जारी है।

रायपुर: आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध शराब के साथ प्रॉपर्टी डीलर गिरफ्तार

रायपुर जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। आबकारी आयुक्त एवं प्रबंध संचालक (CSMCL) श्री श्याम धावडे तथा कलेक्टर श्री गौरव सिंह के निर्देश पर 3 जून 2025 को रामसागर पारा क्षेत्र में एक व्यावसायिक परिसर में छापा मारा गया।

मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आयल मिल रोड स्थित आदेश्वर कॉम्प्लेक्स के पीछे बने किराए के कमरे में दबिश दी गई। यहां से अनिल जैन नामक प्रॉपर्टी डीलर के कब्जे से मध्यप्रदेश से तस्करी कर लाई गई 79 बोतल विभिन्न ब्रांड की अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई। जब्त शराब में 21 बोतल ब्लेंडर्स प्राइड अल्ट्रा व्हिस्की, 27 बोतल रॉयल चैलेंज, 22 बोतल रॉयल स्टैग और 9 बोतल मैकडॉवेल्स नंबर वन शामिल हैं। कुल शराब की मात्रा 59.25 बल्क लीटर है जिसकी अनुमानित कीमत ₹75,060 है।

जांच में पता चला है कि आरोपी अनिल जैन प्रॉपर्टी डीलिंग की आड़ में अवैध शराब के व्यापार से भी जुड़ा हुआ था। उसके कमरे से शराब से जुड़े अन्य सामान जैसे ट्रैवल बैग, खाली पेटियां और दर्जनों खाली बोतलें भी मिली हैं।

अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसका पता लगाने के लिए आरोपी का मोबाइल जब्त कर लिया गया है और नौकरों से पूछताछ की जा रही है। आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धाराएं 34(2), 36 और 59(क) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इस कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री टेक बहादुर कुर्रे, श्री आशीष सिंह, आबकारी उपनिरीक्षक विक्रम ठाकुर, कौशल सोनी, सुश्री नीलम स्वर्णकार और श्री प्रकाश देशमुख ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अवैध नशे की दवाएं बिना रसीद बेचने वाले मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित, जांजगीर-चांपा में सख्त कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में कई मेडिकल स्टोर्स अवैध नशे की दवाइयां बिना डॉक्टर की रसीद के बेचने के आरोप में फंसे हैं। इन दुकानों द्वारा संचालक की जगह अन्य व्यक्तियों को किराए पर देना और नियमों की अनदेखी लंबे समय से जारी थी। जिले में कुल 7 ड्रग इंस्पेक्टर होने के बावजूद अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही थी, जिससे मेडिकल स्टोर संचालक मनमानी कर रहे थे। हाल ही में विभाग ने निरीक्षण कर कड़ी कार्रवाई की है।

इस कार्रवाई के तहत मेसर्स विजय मेडिकल स्टोर्स, लक्ष्मी मेडिकल स्टोर्स, शंकुतला मेडिकल स्टोर्स, राजेश मेडिकल स्टोर्स, रजा मेडिकल स्टोर्स, शिव सती मेडिकल स्टोर्स, चंद्रहास मेडिकल स्टोर्स, श्री मेडिकल स्टोर्स (जांजगीर-चांपा) और सोनम मेडिकल स्टोर्स (सक्ति) के लाइसेंस तीन से दस दिनों के लिए निलंबित कर दिए गए हैं।

सहायक औषधि नियंत्रक ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 और नियमावली, 1945 के तहत काम करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी औषधि निरीक्षकों को जिले में नियमित निरीक्षण कर कड़े नियम लागू करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा मेडिकल स्टोर्स में जल्द से जल्द सीसीटीवी कैमरे लगवाने को भी कहा गया है।

चांपा क्षेत्र में पुलिस ने पिछले छह महीनों में नशे की दवाओं की बिक्री के खिलाफ करीब आधा दर्जन बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें भारी मात्रा में अवैध दवाइयां जब्त की गई हैं। वहीं खाद्य एवं औषधि विभाग की कार्रवाई अब धीमी गति से चल रही है।

“साइकिल की सवारी – न प्रदूषण, न बीमारी”, दीपक कर रहे जागरूकता की अलख

आज मंगलवार को पूरे देश में आठवां विश्व साइकिल दिवस मनाया जा रहा है। यह दिवस हर साल 3 जून को मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत 2018 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य साइकिल जैसे सरल, किफायती और पर्यावरण अनुकूल परिवहन माध्यम को बढ़ावा देना है।

रायपुर के आयुर्वेद ग्राम रावन के योग चिकित्सक और जिला योग प्रचारक दीपक कुमार वर्मा इस दिन को लेकर लोगों में खास जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहे हैं। वे वर्षों से “साइकिल की सवारी – न प्रदूषण, न बीमारी” जैसे प्रेरणादायक स्लोगन के साथ जन-जागरूकता अभियान चला रहे हैं।

दीपक वर्मा का कहना है कि कुछ साल पहले जहां लोग साइकिल चलाना अपनी प्रतिष्ठा के खिलाफ मानते थे, वहीं अब हालात बदल चुके हैं। आज के दौर में लक्जरी गाड़ियों के मालिक भी साइकिल को अपनाने लगे हैं। युवाओं में फिटनेस और सेहत को लेकर जागरूकता बढ़ी है – लड़के जहां बॉडी फिट रखने के लिए साइकिल चला रहे हैं, वहीं लड़कियां इसे स्लिम रहने का जरिया बना रही हैं।

उन्होंने बताया कि नियमित रूप से 30 मिनट साइकिल चलाने से शरीर के सभी अंग सक्रिय हो जाते हैं, ब्रेन पॉवर में वृद्धि होती है, और नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है। इसके अलावा यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है, जिससे बीमारियों से बचाव होता है। साइकिलिंग से न सिर्फ मानसिक और शारीरिक सेहत में सुधार होता है, बल्कि यह मर्दाना ताकत को भी बढ़ाता है।

दीपक का मानना है कि अगर हम रोजाना 5 किलोमीटर तक के सफर के लिए साइकिल का उपयोग करें, तो यह पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। वे नियमित योग कक्षाओं और सामूहिक साइकिल रैलियों के जरिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

साइकिल दिवस का उद्देश्य न सिर्फ फिटनेस को बढ़ावा देना है, बल्कि बढ़ते प्रदूषण के बीच एक साफ और हरित भविष्य की ओर भी इशारा करना है।

संदेश साफ है – स्वस्थ जीवन की दिशा में पहला कदम है साइकिल की सवारी।

आंबेडकर अस्पताल में घटिया इंजेक्शन से मरीजों की हालत बिगड़ी, कई दवाएं भी फेल

छत्तीसगढ़ के आंबेडकर अस्पताल में मरीजों को दिया गया प्रोटामिन सल्फेट इंजेक्शन असरदार साबित नहीं हुआ। यह इंजेक्शन खून को सामान्य करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन मरीजों पर इसका अपेक्षित असर नहीं हुआ। सामान्यतः यह इंजेक्शन 1 से 2 मिनट में असर करता है, मगर इसमें 20 से 25 मिनट लग रहे हैं। यह इंजेक्शन वाइटल हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड, नासिक द्वारा निर्मित है, जिसका बैच नंबर V24133 है और मैन्युफैक्चरिंग डेट जून 2024 तथा एक्सपायरी मई 2026 है।

सिर्फ यही नहीं, हाल ही में डिवाइन कंपनी वडोदरा द्वारा बनाया गया हिपेरिन इंजेक्शन भी अमानक पाया गया है, जिस पर कार्रवाई करते हुए संबंधित रेट कांट्रैक्ट को रद्द कर दिया गया है।

दूसरी ओर, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में निर्मित तीन आम दवाएं—डायबिटीज, बुखार और इन्फेक्शन के इलाज में उपयोग की जाने वाली—सब स्टैंडर्ड निकली हैं।

विल्डमेड टैबलेट – वृंदावन ग्लोबल कंपनी, सोलन (बैच नं VGT 242068A)

रिफलीवे एम टैबलेट – आई हील फार्मास्यूटिकल्स, बद्दी (बैच नं HG 24080598)

डोंलोकैर डीएस सस्पेंशन – क्विक्सोटिक फार्मा, मोहाली (बैच नं DCN-002)

इन दवाओं के सैंपल विभिन्न मेडिकल स्टोर्स से एकत्रित कर कालीबाड़ी स्थित राज्य स्तरीय ड्रग लैब में जांच के लिए भेजे गए थे। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, सक्ती, राजनांदगांव, कोंडागांव और सूरजपुर सहित कई जिलों से कुल 34 दवाओं के सैंपल लिए गए।

विशेषज्ञों के अनुसार, इन अमानक दवाओं में सक्रिय तत्वों की मात्रा निर्धारित मानकों से कम पाई गई है, जिससे मरीजों की हालत सुधरने के बजाय और बिगड़ सकती है।

फूड एंड ड्रग विभाग का कहना है कि यदि नियमित रूप से सैंपलिंग की जाए तो घटिया दवाओं से आम लोगों को बचाया जा सकता है। विभाग संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।

सावधानी जरूरी:

दवा खरीदते समय एक्सपायरी डेट जरूर देखें।

भरोसेमंद मेडिकल स्टोर से ही दवाएं लें।

नामी ब्रांड की दवाओं को प्राथमिकता दें।

यह मामला यह सोचने पर मजबूर करता है कि खुले बाजार में मिलने वाली दवाओं की गुणवत्ता पर कितना भरोसा किया जा सकता है। मरीजों की जान से जुड़ा यह मसला सरकार और संबंधित एजेंसियों के लिए बड़ी जिम्मेदारी है।

रायपुर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ NSUI का अनोखा प्रदर्शन, ‘भ्रष्टाचार की बारात’ निकाल जताया विरोध

रायपुर, 3 जून 2025 – इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में करोड़ों रुपये के घोटाले के विरोध में राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) ने एक बेहद अनोखे अंदाज़ में प्रदर्शन करते हुए ‘भ्रष्टाचार की बारात’ निकाली। इस प्रतीकात्मक बारात के ज़रिए NSUI कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति पर गंभीर आरोप लगाए।

प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति ने कुलपति का मुखौटा पहनकर दूल्हे की तरह घोड़े पर सवारी की। नकली नोटों से भरा सूटकेस ‘दहेज’ के रूप में सौंपा गया। बारात में बैंड-बाजे के साथ NSUI कार्यकर्ता नाचते-गाते शामिल हुए और करीब आधा किलोमीटर की दूरी तय की।

इस अनोखे प्रदर्शन में एक अन्य व्यक्ति ने मंत्री का मुखौटा पहनकर भाग लिया और कुलपति की ‘भ्रष्टाचार की बहू’ से प्रतीकात्मक विवाह रचाया गया। NSUI नेताओं ने बताया कि विश्वविद्यालय के बायोटेक इनक्यूबेशन सेंटर के निर्माण में करोड़ों रुपए का घोटाला हुआ है, जिसका खुलासा उन्होंने किया है।

घोटाले को लेकर लगाए गंभीर आरोप:

NSUI का आरोप है कि निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग (PWD) की निगरानी के बिना ही करवाया गया और गैर-मानक दरों पर भुगतान किया गया। बावजूद इसके कि काम अभी अधूरा है, करोड़ों रुपये की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि विश्वविद्यालय की खरीद में 30 से 40 प्रतिशत तक कमीशन लिया गया है।

NSUI ने विश्वविद्यालय को दी चेतावनी:

छात्र संगठन ने कुलपति को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की है और पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। यदि मांगें नहीं मानी गईं तो NSUI ने विश्वविद्यालय के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

इस प्रदर्शन ने एक बार फिर उच्च शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही के मुद्दे को केंद्र में ला दिया है।

मेडिकल कॉलेज में दिनदहाड़े जेबकट की वारदात, सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना

जगदलपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सोमवार को दिन के उजाले में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई। इलाज के लिए पहुंचे एक व्यक्ति की जेब एक संदिग्ध युवक ने बड़ी चालाकी से काट ली। यह पूरी वारदात अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, और अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

बार-बार वारदात को अंजाम देने की फिराक में था आरोपी

सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि युवक भीड़ का फायदा उठाते हुए बड़ी सफाई से पीड़ित के पर्स पर हाथ साफ करता है। वीडियो के एक अन्य हिस्से में वह युवक एक और व्यक्ति की जेब काटने की कोशिश करता दिखाई देता है। इससे साफ है कि वह आरोपी अस्पताल परिसर में सक्रिय रूप से लगातार वारदातों को अंजाम देने की कोशिश में लगा हुआ था।

अस्पताल में बढ़ती पॉकेटमारी से लोग चिंतित

यह घटना अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जहां एक ओर मरीज और उनके परिजन इलाज के लिए अस्पताल का रुख करते हैं, वहीं पॉकेटमार जैसे असामाजिक तत्व इन जगहों को अपना निशाना बना रहे हैं।

प्रशासन से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की मांग

स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल परिसर में सुरक्षा के इंतजाम कड़े किए जाएं। साथ ही, वायरल वीडियो के आधार पर आरोपी की जल्द पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

बस्तर में राशन वितरण ठप, 485 दुकानों पर ताले, उपभोक्ता परेशान

बस्तर जिले में सोमवार से राशन वितरण पूरी तरह ठप हो गया है। जिले की सभी 485 शासकीय उचित मूल्य राशन दुकानों पर ताले लटक गए हैं, जिससे हजारों उपभोक्ता खाली हाथ घर लौटने को मजबूर हो गए। विक्रेताओं ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है, जिसके चलते सरकार की एकमुश्त राशन वितरण योजना पर भी असर पड़ा है।

विक्रेताओं की मुख्य मांगें

विक्रेताओं की मांगों में ‘वन फिंगर’ वितरण प्रणाली लागू करना, 2018 से लंबित बारदाना राशि का भुगतान, राज्य और केंद्र सरकार के अनुसार कमीशन तय करना, ई-पॉस मशीनों की कार्यक्षमता में सुधार, एम-2 प्रणाली में खाद्यान्न कटौती बंद करना, सुखत-झड़त की छूट विक्रेताओं को भी देना, और नियमित कमीशन व मार्जिन मनी का समय पर भुगतान शामिल है।

कृषि मंडी में उठाई आवाज

विक्रेताओं ने कृषि उपज मंडी में एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। उनका कहना है कि सरकार की नीतियों के चलते उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। पिछले साल भी आश्वासन के बाद कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई, जिससे अब वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।

प्रशासन की चुप्पी, उपभोक्ताओं की चिंता

खाद्य विभाग की ओर से अभी तक इस हड़ताल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यदि यह हड़ताल लंबी चलती है, तो उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। जून माह में तीन माह का राशन एकसाथ वितरित किया जाना था, लेकिन हड़ताल के चलते यह वितरण रुक गया है।

संघ नेताओं की चेतावनी

विक्रेता संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन शीघ्र कोई ठोस निर्णय नहीं लेता, तो आगामी तीन माह का राशन वितरण पूरी तरह से रोका जा सकता है। इससे जिले के हजारों परिवारों को खाद्यान्न संकट का सामना करना पड़ सकता है।

अब सबकी नजर शासन-प्रशासन पर टिकी है कि वह विक्रेताओं की मांगों को कितना गंभीरता से लेता है और समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।

नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पर सर्चिंग, भागे नक्सली – सामग्री बरामद

गरियाबंद जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में लगातार जारी है। इसी अभियान के अंतर्गत सोमवार को इंदागांव क्षेत्र के जंगलों में नक्सल गतिविधियों की सूचना मिलने पर जिला बल गरियाबंद की E-30 यूनिट और सीआरपीएफ की कोबरा 207 बटालियन की संयुक्त टीम ने व्यापक सर्चिंग अभियान चलाया।

सर्च ऑपरेशन के दौरान थाना मैनपुर अंतर्गत तौरेंगा जंगल में सुरक्षा बलों की उपस्थिति के दौरान नक्सलियों की गतिविधि देखी गई। सुरक्षाबलों को पास आता देख नक्सली घने जंगलों की ओर भाग निकले। सर्चिंग के दौरान मौके से नक्सलियों द्वारा छोड़ा गया दैनिक उपयोग का सामान और राशन सामग्री बरामद की गई।

इस घटना के बाद गरियाबंद पुलिस ने माओवादियों से अपील की है कि वे शासन की आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाएं और मुख्यधारा से जुड़ें। आत्मसमर्पण करने के लिए वे निकटतम थाना, चौकी, सुरक्षा कैंप या दूरभाष क्रमांक 94792-27805 पर संपर्क कर सकते हैं।

पुलिस ने यह भी बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन, नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं, स्वरोजगार प्रशिक्षण, आवास की सुविधा और सरकारी नौकरी के अवसर दिए जाएंगे ताकि वे समाज में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें।