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छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री साय ने छात्रावासों की व्यवस्था की समीक्षा की, लापरवाही पर चेतावनी – 85 करोड़ की पहली किस्त जारी

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय स्थित महानदी भवन में आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने छात्रावास और आश्रम प्रबंधन को लेकर नए डिजिटल पोर्टल का शुभारंभ किया और आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए 85 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति व भोजन सहायता की पहली किश्त ऑनलाइन जारी की।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि छात्रावासों में सभी जरूरी सुविधाएं — जैसे शौचालय, स्वच्छ पेयजल, बेड और स्वच्छता व्यवस्था — समान रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने छात्रावासों की निगरानी के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग प्रणाली लागू करने पर जोर दिया।

जनजातीय विकास प्राथमिकता में:
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार विशेष पिछड़ी जनजातियों और आदिवासी वर्ग के प्रत्येक नागरिक तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आवास जैसी बुनियादी जरूरतों को लेकर चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य भी उसी दिशा में मजबूती से कार्य कर रहा है।

महत्वपूर्ण योजनाओं पर विशेष ध्यान:
सीएम साय ने पीएम जनमन और धरती आबा जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की बात करते हुए कहा कि इनके तहत आवास, सड़क और आधारभूत सुविधाओं का काम समय-सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। साथ ही शिविरों के माध्यम से लोगों को आधार, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र और आयुष्मान कार्ड जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

खेल, शिक्षा और सांस्कृतिक विकास पर भी फोकस:
उन्होंने राज्य के सभी 20 क्रीड़ा परिसरों में आधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि खिलाड़ी ‘खेलो इंडिया’ जैसी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें। प्रयास विद्यालयों में उच्च शिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति और इंजीनियरिंग, मेडिकल, CLAT और CUET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की समीक्षा:
मुख्यमंत्री ने दिल्ली में संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की समीक्षा करते हुए कहा कि सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को मार्गदर्शन देने के लिए हाल ही में चयनित अधिकारियों से संवाद किया जाए। इससे छात्रों को रणनीति बनाने में मदद मिलेगी और अधिक युवा प्रशासनिक सेवाओं तक पहुँच सकेंगे।

संग्रहालय निर्माण कार्यों की भी समीक्षा:
सीएम साय ने नवा रायपुर में बन रहे शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संग्रहालय में परलकोट, सोनाखान और भूमकाल जैसे जनजातीय आंदोलनों को तकनीकी माध्यमों से आकर्षक और शिक्षाप्रद रूप में प्रस्तुत करने पर जोर दिया।

बैठक में शामिल रहे प्रमुख अधिकारीगण:
बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने प्रेजेंटेशन के जरिए विभागीय उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही मंत्री राम विचार नेताम, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और सचिव राहुल भगत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़: राज्य खेल अलंकरण पुरस्कार के लिए आवेदन शुरू, 20 जून है अंतिम तारीख

छत्तीसगढ़ के खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने राज्य स्तरीय खेल अलंकरण पुरस्कारों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह पुरस्कार राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों, उनके प्रशिक्षकों और निर्णायकों को सम्मानित करने के उद्देश्य से दिए जाते हैं।

विभाग की ओर से शहीद राजीव पांडे पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान, मुख्यमंत्री ट्रॉफी, नकद प्रोत्साहन राशि, प्रेरणा निधि और डाइट मनी जैसे सम्मान प्रदान किए जाएंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 20 जून 2025 निर्धारित की गई है। यह आवेदन दो सत्रों—2023-24 और 2024-25—के लिए आमंत्रित किए गए हैं।

कहां और कैसे करें आवेदन?
योग्य आवेदक अपने आवेदन संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण, सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, रायपुर में जमा कर सकते हैं। वे खिलाड़ी जिन्होंने वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान सब-जूनियर, जूनियर या सीनियर श्रेणी की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीता है, वे अपने जिला खेल कार्यालय या खेल संघ से आवेदन पत्र प्राप्त कर इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा कर सकते हैं।

खेलवृत्ति (डाइट मनी) के लिए भी मौका
जो खिलाड़ी राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त कर चुके हैं या जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर हिस्सा लिया है, वे भी डाइट मनी के लिए आवेदन कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण सूचना:
सभी इच्छुक उम्मीदवारों से अनुरोध है कि समयसीमा से पहले आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर लें, क्योंकि अंतिम तारीख के बाद किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।

हवा में उगाए जा रहे ऑर्किड: धमतरी के युवा किसान पुष्पक ने किया अनोखा नवाचार, थाईलैंड से मंगवाए पौधे

धमतरी जिले के कुरूद ब्लॉक के कुहकुहा गांव में एक युवा किसान ने फूलों की खेती को एक नया आयाम दिया है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़ चुके पुष्पक साहू ने अपने पुश्तैनी खेत में पारंपरिक खेती के बजाय ऑर्किड फूलों की हाईटेक खेती शुरू की है। खास बात यह है कि यह खेती जमीन पर नहीं, बल्कि हवा में की जा रही है।

पॉलीहाउस में थाईलैंड से मंगवाए 50 हजार पौधे

पुष्पक साहू ने अपने खेत में करीब 1.25 एकड़ क्षेत्र में पॉलीहाउस तैयार कर ऑर्किड के 50 हजार पौधे लगाए हैं। ये पौधे थाईलैंड से आयात किए गए हैं और इन्हें जमीन से तीन फीट ऊपर कोयले के बेड पर लगाया गया है। सिंचाई, पोषण और कीटनाशकों के लिए आधुनिक स्प्रिंकलर सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है।

कृषि उत्पादन आयुक्त ने की प्रशंसा

‘विकसित कृषि संकल्प’ अभियान के तहत धमतरी पहुंचीं कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार ने कुहकुहा गांव में इस अनोखी खेती का दौरा किया। उन्होंने पॉलीहाउस में जाकर पुष्पक से खेती की तकनीक और उत्पादन की संभावनाओं की विस्तार से जानकारी ली और उनके प्रयास की सराहना की।

सरकारी सहयोग और कमाई की उम्मीद

पुष्पक साहू ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए उन्हें सरकार से करीब 56 लाख रुपये की सहायता मिली है। उन्होंने बताया कि पौधे लगाने के 10 महीने के भीतर ‘फ्लावर स्टिक’ निकलना शुरू हो जाती हैं, और इनकी कीमत एक सेंटीमीटर के हिसाब से प्रति रुपये मिलती है। एक बार लगाए गए पौधे लगातार 12 साल तक उत्पादन देते हैं।

उनका अनुमान है कि इस हाईटेक पॉलीहाउस से सालाना करीब 50 लाख रुपये की आमदनी हो सकती है।

फूलों की खेती में नए युग की शुरुआत

धमतरी जिले में ऑर्किड की यह खेती अपने आप में पहला और अनोखा प्रयोग है। यह न सिर्फ स्थानीय किसानों को प्रेरित कर रहा है, बल्कि आधुनिक और लाभकारी कृषि की एक मिसाल भी बन रहा है।

मुख्यमंत्री ने शहीद ASP आकाश को दी भावपूर्ण विदाई, कहा – राज्य को उनके बलिदान पर गर्व है

सुकमा जिले के कोंटा इलाके में नक्सलियों द्वारा किए गए कायराना IED विस्फोट में शहीद हुए एएसपी आकाश राव गिरपुंजे को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज गहरी श्रद्धा के साथ अंतिम विदाई दी। मुख्यमंत्री राजधानी रायपुर के माना स्थित छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की चौथी बटालियन के परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके प्रति अंतिम सम्मान प्रकट करते हुए कंधा दिया।

मुख्यमंत्री ने शहीद के शोक-संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएँ प्रकट कीं और इस कठिन घड़ी में उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि आकाश राव गिरपुंजे ने अपने कर्तव्य और देश के लिए जो वीरता, समर्पण और निष्ठा दिखाई, वह सदैव स्मरणीय रहेगा। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार शहीद के परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुरक्षा बलों की लगातार कामयाब कार्रवाइयों के कारण नक्सली बौखलाहट में इस तरह की हिंसक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद के विरुद्ध पूरी शक्ति से लड़ाई लड़ रही है और इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक पहुँचाया जाएगा।

इस श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री के साथ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, दोनों उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक पुरन्दर मिश्रा, अपर मुख्य सचिव (गृह) मनोज कुमार पिंगुआ, डीजीपी अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, शहीद के परिजन, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद थे।

भिलाई में शराब दुकान के खिलाफ महिलाओं का विरोध प्रदर्शन, 7 दिन में स्थानांतरण की मांग

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छत्तीसगढ़ के भिलाई में नेशनल हाईवे स्थित खुर्सीपार गेट के पास मौजूद शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर आज स्थानीय महिलाओं और शिवसेना कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस दुकान की वजह से महिलाओं को रोजमर्रा के आवागमन में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। साथ ही यह दुकान सुप्रीम कोर्ट की दिशा-निर्देशों का उल्लंघन भी कर रही है।

प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने आरोप लगाया कि शराब दुकान के आसपास का माहौल बेहद असुरक्षित हो गया है। छोटे-छोटे बच्चे भी नशे की चपेट में आ रहे हैं और हाईवे से महज 10 मीटर की दूरी पर दुकान होने के कारण सड़क हादसों की घटनाएं भी बढ़ गई हैं।

धरना स्थल पर थाना प्रभारी वंदिता के साथ-साथ आबकारी अधिकारी सुप्रिया तिवारी, तहसीलदार और अन्य प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि दुकान को जल्द स्थानांतरित किया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में थोड़ा समय लगेगा।

इस बीच शिवसेना कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर शराब दुकान नहीं हटाई गई, तो वे हाईवे पर चक्का जाम कर उग्र आंदोलन करेंगे। फिलहाल धरना शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है, और मौके पर खुर्सीपार थाना की पूरी पुलिस टीम तैनात रही।

16 जून से शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र, युक्तियुक्तकरण के विरोध की छाया में होगा शाला प्रवेशोत्सव

छत्तीसगढ़ में 16 जून से नया शैक्षणिक सत्र आरंभ होने जा रहा है, लेकिन इससे पहले ही राज्य का स्कूल शिक्षा विभाग युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को लेकर विवादों में घिरा हुआ है। शिक्षकों की नाराजगी और कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के कारण इस बार शाला प्रवेशोत्सव पहले की तरह उत्साहपूर्ण नहीं, बल्कि विरोध और असंतोष के बीच मनाया जाएगा।

शिक्षकों का विरोध, शिक्षा विभाग की गाइडलाइन सवालों के घेरे में
शिक्षा विभाग ने मई महीने में शाला प्रवेशोत्सव के आयोजन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिनमें विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने, नाम-पंजी संधारण और स्वागत की तैयारियों की बात कही गई थी। लेकिन युक्तियुक्तकरण के विरोध में जुटे शिक्षकों का ध्यान अब इन तैयारियों से हट गया है। कई जिलों में वरिष्ठ अधिकारी भी इसी प्रक्रिया में व्यस्त हैं, जिससे छात्रों के स्वागत की योजनाएं प्रभावित होती दिख रही हैं।

युक्तियुक्तकरण को लेकर कांग्रेस का मोर्चा
कांग्रेस पार्टी ने इस प्रक्रिया को ‘रोजगार छीनने वाली नीति’ करार देते हुए इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के नेताओं ने पत्रकार वार्ता कर युक्तियुक्तकरण की विसंगतियों को उजागर किया और अब चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है।

  • पहला चरण: 9 से 11 जून तक बीईओ कार्यालयों का घेराव

  • दूसरा चरण: 16 से 25 जून तक ‘शिक्षा न्याय यात्रा’ निकालकर डीईओ कार्यालयों की घेराबंदी

  • तीसरा चरण: 1 से 10 जुलाई के बीच बंद स्कूलों में पालकों और जनप्रतिनिधियों के साथ विरोध प्रदर्शन

तबादला नीति से भी शिक्षक नाराज
2022 के बाद से लंबित तबादला नीति की घोषणा के बावजूद शिक्षकों को इससे बाहर रखा गया है, जिससे उनका असंतोष और अधिक बढ़ गया है। शिक्षकों का कहना है कि सरकार ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

शिक्षक संगठन करेंगे प्रवेशोत्सव का विरोध
राज्य के कई शिक्षक संगठनों ने मिलकर युक्तियुक्तकरण की अनियमितताओं और जबरन बदलावों के खिलाफ एकजुट होकर 16 जून से शाला प्रवेशोत्सव का विरोध करने की घोषणा की है। इस विरोध का असर स्कूलों में बच्चों के स्वागत पर सीधा दिख सकता है।

हर वर्ष जिस उत्साह के साथ बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया जाता है, इस बार वह परंपरा संभवतः सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगी। शिक्षा विभाग के लिए यह स्थिति एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है।

खराब चावल वितरण पर हंगामा: नवापारा में 1000 बोरी चावल सड़ा हुआ निकला, लोगों का फूटा गुस्सा

बारिश के मौसम को देखते हुए शासन ने गरीब कार्डधारकों को तीन महीने का राशन एकसाथ देने का निर्णय लिया, ताकि जरूरतमंदों को बार-बार भटकना न पड़े। लेकिन नवापारा के खोलीपारा (वार्ड क्रमांक 2) इलाके में जब यह चावल बंटा, तो लोगों को राहत की जगह नाराज़गी हाथ लगी।

यहां करीब 70 से 80 परिवारों को जो चावल मिला, उसमें कीड़े लगे हुए थे और तेज़ दुर्गंध आ रही थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि आमतौर पर उन्हें हर महीने अच्छी गुणवत्ता का चावल मिलता था, लेकिन इस बार जो तीन महीने का स्टॉक दिया गया, वह सड़ा और नमीयुक्त था।

ग्रामीणों को शक है कि यह खराब चावल जानबूझकर एकसाथ निपटाने के लिए बांटा गया है। जब मोहल्ले के लोगों ने इसका विरोध किया, तो नेता प्रतिपक्ष संध्या राव, वार्ड पार्षद रामरतन निषाद सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। उन्होंने खुद चावल की बोरियों की जांच की और पाया कि उनमें कीड़े चल रहे थे और चावल बिल्कुल भी खाने योग्य नहीं था।

स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया – “ऐसा चावल तो जानवरों को भी नहीं खिलाया जाता, फिर इंसानों के लिए कैसे उपयुक्त हो सकता है?”

सूत्रों की मानें तो अनुभव राशन दुकान में 600 और संतोष दुकान में 1000 बोरी चावल खराब पाया गया। बोरियों से कीड़े रेंगते देखे गए, बावजूद इसके प्रशासन की ओर से वितरण न तो रोका गया और न ही इस पर कोई जांच शुरू हुई।

जब फूड इंस्पेक्टर से इस विषय में सवाल किया गया, तो उन्होंने खुद को इस पूरी प्रक्रिया से अलग बताते हुए ज़िम्मेदारी किसी अन्य अधिकारी पर डाल दी।

अब बड़ा सवाल यह उठता है – गरीबों के नाम पर किया गया यह वितरण क्या जिम्मेदारों की लापरवाही और मिलीभगत का परिणाम है? प्रशासन की चुप्पी और अनदेखी पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

छत्तीसगढ़ में फिर लौटेगा मानसून का मिजाज, अगले 72 घंटों में गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश के आसार

जून की शुरुआत के साथ ही छत्तीसगढ़ में तेज गर्मी ने एक बार फिर लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। राजधानी रायपुर में बीते कुछ दिनों से पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री ज्यादा है। तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।

हालांकि, बीच-बीच में छाए बादलों ने थोड़ी राहत जरूर दी, लेकिन मई में हुई बारिश और आंधी से जो ठंडक महसूस हुई थी, वह अब खत्म होती नजर आ रही है। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान मौसम की यह स्थिति बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम के असर से बनी है, जो 10 जून तक सक्रिय रहेगा।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 9 जून से तापमान में और वृद्धि हो सकती है, जबकि 11 जून को ज्येष्ठ मास समाप्त होने के साथ कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। विभाग का यह भी कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है और गर्मी से राहत की उम्मीद फिलहाल कम ही है।

हालांकि, राहत की बात यह है कि राजधानी रायपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में अगले 72 घंटों के भीतर बादल छाने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में लोगों को तपती गर्मी के बीच कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है।

मुख्यमंत्री ने IIM रायपुर में सुशासन वाटिका का किया उद्घाटन, मौलश्री का पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संदेश

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को IIM रायपुर में आयोजित चिंतन शिविर 2.0 में भाग लिया। इस अवसर पर शिविर के पहले दिन की शाम उन्होंने IIM परिसर में सुशासन वाटिका का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ मौलश्री के पौधे का रोपण कर हरित संदेश दिया।

पौधरोपण कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा समेत अन्य मंत्रीगण भी मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत और IIM रायपुर के निदेशक प्रोफेसर राम कुमार कांकाणी भी उपस्थित थे।

मौलश्री वृक्ष के गुण
मौलश्री एक सदाबहार वृक्ष है, जो भारत सहित दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में पाया जाता है। यह लगभग 10 से 15 मीटर तक ऊंचा होता है और इसके छोटे-छोटे सफेद या हल्के पीले फूल अत्यंत सुगंधित होते हैं, खासकर रात के समय इनकी खुशबू और तेज हो जाती है।
मौलश्री के औषधीय गुण भी हैं, जिनका उपयोग पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में विभिन्न रोगों के इलाज के लिए किया जाता है। इसकी धार्मिक महत्ता को देखते हुए इसे अक्सर मंदिरों और घरों के आंगन में लगाया जाता है।

यह कार्यक्रम न केवल सुशासन का प्रतीक बना, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और परंपराओं से जुड़ाव का भी संदेश लेकर आया।

युवक पर शराब की बोतल से हमला, दो आरोपी गिरफ्तार – बलौदा बाजार से खतरनाक वारदात की सूचना

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बलौदा बाजार के खहरिया यदु गांव में एक युवक के साथ हिंसक हमला हुआ, जिसमें आरोपी ने शराब की बोतल से युवक के सिर पर हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाईं। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

मामला 7 जून की शाम करीब 8:30 बजे का है, जब रूपेश यादव अपने पिता के साथ घर लौट रहा था। गांव के गोठान रंगमंच के पास अचानक दो आरोपियों ने उसे रोक लिया। आरोपियों ने रूपेश के साथ पुरानी रंजिश के चलते गालियां देना शुरू कर दीं। जब रूपेश ने उनकी बातों को अनसुना किया, तो उन्होंने हाथ में पकड़ी शराब की बोतल से उसके सिर पर हमला कर दिया। इस हमले में रूपेश को गंभीर चोटें आईं।

हमले के बाद रूपेश ने सिटी कोतवाली पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने प्रार्थी की शिकायत के आधार पर घटना को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने लगभग चार घंटे के अंदर दो आरोपियों समीर सोनवानी (21 वर्ष) और देवप्रकाश उर्फ रिंकू जांगड़े (25 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि घटना के पीछे के कारणों और अन्य संदिग्धों का पता लगाया जा सके।

यह मामला गांव में पुराने विवाद की वजह से हुआ बताया जा रहा है। पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और मामले की जांच में तेजी लाई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

रूपेश यादव की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन उन्हें अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। पुलिस की इस तेजी से की गई कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जनता में राहत की भावना है।