Home Blog Page 168

बिलासपुर: अपोलो अस्पताल में इलाज में लापरवाही का आरोप, किडनी पेशेंट की बिगड़ी हालत, परिजनों ने जताई नाराजगी

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्थित अपोलो अस्पताल में एक बार फिर लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। कोरबा निवासी रिटायर्ड एसईसीएल कर्मचारी वेदराम पटेल, जिनका इलाज किडनी की समस्या को लेकर चल रहा था, की तबीयत इलाज के दौरान और भी बिगड़ गई। परिजनों ने अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि डायलिसिस के बाद सुधार होने के बावजूद एक छोटी प्रक्रिया के दौरान उन्हें दवाओं का ओवरडोज दिया गया, जिससे उनकी स्थिति गंभीर हो गई।

डायलिसिस के बाद सुधार, फिर बिगड़ गई तबीयत

वेदाराम पटेल को 31 मई को तबीयत खराब होने पर अपोलो अस्पताल लाया गया था। यहां जांच में किडनी से जुड़ी समस्या पाई गई और डॉक्टरों ने डायलिसिस शुरू किया। पहले कुछ दिनों में इलाज के अच्छे परिणाम देखने को मिले और मरीज की हालत में सुधार हुआ।

लेकिन 4 जून को उनके हाथ में सूजन (स्थूला) आ जाने के बाद, इलाज के दौरान उन्हें नींद की दवा और एनेस्थीसिया का डोज दिया गया। परिजनों का दावा है कि इसी दौरान उन्हें नींद की दवा का ओवरडोज दे दिया गया, जिससे उनकी हालत बिगड़ती चली गई।

डॉक्टरों पर लापरवाही और जानकारी छिपाने का आरोप

परिजनों का आरोप है कि जब मरीज की हालत बिगड़ने लगी तो अस्पताल प्रबंधन ने मामला दबाने की कोशिश की। मरीज के बेटे राजकुमार ने बताया कि उन्होंने किडनी स्पेशलिस्ट डॉक्टर विनय कुमार से संपर्क किया, लेकिन डॉक्टर ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि मरीज की हालत स्थिर है और उन्हें डिस्चार्ज किया जा रहा है।

परिजन ने की सीएमएचओ से शिकायत

मरीज की बिगड़ती हालत को देखते हुए परिजन उन्हें दूसरे अस्पताल में ले गए। साथ ही, उन्होंने जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) से अपोलो अस्पताल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

सीएमएचओ डॉ. सुरेश तिवारी ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मरीज के परिजन द्वारा लापरवाही और ओवरडोज देने की शिकायत मिली है। मामले की जांच करवाई जाएगी और जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

भिलाई में भाई ने भाई की ली जान: संपत्ति विवाद बना हत्या की वजह, कुल्हाड़ी से सिर पर किया वार

छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर में भाईचारे का रिश्ता उस समय खून में बदल गया, जब एक छोटे भाई ने संपत्ति विवाद के चलते अपने बड़े भाई की हत्या कर दी। यह घटना छावनी थाना क्षेत्र में नंदिनी रोड के पास हुई। हत्या इतनी निर्मम थी कि कुल्हाड़ी का वार सीधे सिर पर किया गया और वह खोपड़ी में धंस गई, जिससे मौके पर ही मौत हो गई।

दिनभर शराब पीने के बाद रात में झगड़ा

पुलिस के अनुसार, मृतक महेंद्र सिंह उर्फ बउआ (55) और उसका छोटा भाई राजवीर सिंह (45) एक ही मकान में रहते थे, लेकिन दोनों के बीच लंबे समय से घर और जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। मंगलवार को दोनों ने सुबह से लेकर शाम तक साथ बैठकर शराब पी। इसी दौरान दोनों के बीच फिर से कहासुनी शुरू हुई जो देर शाम झगड़े में बदल गई।

कुल्हाड़ी से सिर पर हमला, मौके पर मौत

राजवीर के पास बड़ी कुल्हाड़ी थी, जबकि महेंद्र के पास चाकू और छोटी कुल्हाड़ी। बहस इतनी बढ़ गई कि राजवीर ने बड़े भाई महेंद्र के सिर पर जोरदार हमला कर दिया। हमला इतना भयानक था कि कुल्हाड़ी सिर में धंस गई। महेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी राजवीर वहां से फरार हो गया।

मृतक ठेकेदार, आरोपी निगरानी सूची में

जानकारी के अनुसार, महेंद्र सिंह पेशे से ठेकेदार था, जबकि राजवीर का आपराधिक रिकॉर्ड है और वह छावनी थाने का निगरानी बदमाश बताया जा रहा है।

पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर

घटना की जानकारी मिलते ही छावनी टीआई मोनिका पांडे और सीएसपी हरीश पाटिल मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने, हत्या में उपयोग की गई कुल्हाड़ी और अन्य साक्ष्य जुटाए। पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है और पूरे मामले की जांच जारी है।

बाइक एम्बुलेंस की अनुपलब्धता से नवजात की मौत, भुगतान नहीं होने से 10 दिन से बंद सेवा

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा ब्लॉक से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां बाइक एम्बुलेंस सेवा बंद होने के कारण एक नवजात शिशु की रास्ते में ही मौत हो गई। यह सेवा बीते 10 दिनों से बंद थी क्योंकि कर्मचारियों को वेतन और पेट्रोल का भुगतान नहीं किया गया था।

गर्भवती महिला को नहीं मिली समय पर सहायता

सोमवार रात को बहरीझिरिया गांव की गर्भवती महिला शांतन बाई को प्रसव पीड़ा हुई। गांव के लोगों ने बाइक एम्बुलेंस के लिए स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क किया, लेकिन जानकारी मिली कि भुगतान नहीं होने के कारण कर्मचारियों ने सेवा रोक दी है। इसके बाद अधिकारियों के हस्तक्षेप पर 102 एम्बुलेंस भेजी गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। नवजात गर्भ में फंसा हुआ था और समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने के कारण उसकी मौत हो गई।

सीएमएचओ ने मानी लापरवाही, कलेक्टर से करेंगे बात

प्रभारी सीएमएचओ सुरेश तिवारी ने स्वीकार किया कि बाइक एम्बुलेंस सेवा फिलहाल बंद है और जल्द ही कलेक्टर से चर्चा कर इसे फिर शुरू किया जाएगा। वहीं एनएचएम की डीपीएम प्युली मजूमदार ने भुगतान से जुड़ी किसी भी जानकारी से अनभिज्ञता जताई।

स्थानीय नेताओं और ग्रामीणों में आक्रोश

पूर्व जनपद अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और कहा कि यदि विभाग इन सेवाओं को नहीं चला सकता तो ग्रामीण खुद चंदा करके इन्हें चलाने को तैयार हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले भी अधिकारियों को भुगतान रुकने की जानकारी दी थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

अवनीश शरण की पहल से शुरू हुई थी सेवा

एक साल पहले तत्कालीन कलेक्टर अवनीश शरण ने कोटा जैसे दुर्गम इलाकों के लिए 4 बाइक एम्बुलेंस शुरू की थीं, जो गर्भवती महिलाओं और बीमार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में अहम साबित हुई थीं। इन एम्बुलेंसों के संचालन का खर्च डीएमएफ फंड से दिया जाता था, लेकिन भुगतान रुकने से अब सेवा पूरी तरह ठप हो गई है।

Raipur Weather Update: कुछ देर की बारिश ने खोली नगर निगम की पोल, जलभराव-विद्युत संकट ने मचाया हाहाकार

रायपुर में मंगलवार को हुई तेज बारिश और आंधी ने नगर निगम के दावों की हकीकत सामने ला दी। कुछ ही देर की मूसलधार बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में पानी भर गया। नालों की सफाई के निगम के तमाम दावे धरे के धरे रह गए। पानी सड़कों पर बहने लगा और कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बन गई।

मुख्य चौराहों से लेकर पॉश इलाकों तक जलजमाव

जय स्तंभ चौक, प्रोफेसर कॉलोनी, सिविल लाइन, शैलेन्द्र नगर और दंतेश्वरी मंदिर रोड जैसे प्रमुख इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं। कुशालपुर चौक जाने वाली सड़क पर गड्ढे में फंसकर एक कार भी क्षतिग्रस्त हो गई। सोशल मीडिया पर लोगों ने वीडियो और तस्वीरें पोस्ट कर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।

50 किमी की रफ्तार से चली हवा, पेड़ गिरे, बिजली गुल

तेज आंधी के कारण शहर के कई हिस्सों में पेड़ गिर गए। इन पेड़ों के तारों पर गिरने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कई इलाकों में करीब 3 से 5 घंटे तक अंधेरा पसरा रहा। बारिश बंद होने के काफी देर बाद बिजली विभाग हरकत में आया और मरम्मत का कार्य शुरू किया गया।

हाउसिंग कॉलोनी में गिरा बाउंड्री वॉल, बाल-बाल बचे लोग

शंकर नगर स्थित बालाजी कॉलोनी में आंधी के दौरान एक आवासीय परिसर की छत की बाउंड्री वॉल गिर गई। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बाहर नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। इस कॉलोनी में 50 से ज्यादा परिवार रहते हैं।

बिजली ऑफिस में नहीं मिला स्टाफ, कांग्रेस नेता ने संभाली कमान

खम्हारडीह बिजली कार्यालय में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिस वजह से लोग शिकायत भी दर्ज नहीं करवा पा रहे थे। ऐसे में कांग्रेस नेता राकेश धोत्रे खुद मौके पर पहुंचे और फोन पर आ रही शिकायतों को रजिस्टर में दर्ज करना शुरू कर दिया। रात 10:30 बजे से 12:30 बजे तक वे ऑफिस में मौजूद रहे और उपभोक्ताओं की समस्याएं संकलित कीं।

इस अचानक हुई बारिश और तेज हवाओं ने नगर निगम और बिजली विभाग की तैयारियों की असल तस्वीर उजागर कर दी है, जिससे नागरिकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

Raipur News: सूदखोरी केस में पुलिस का शिकंजा कसता गया, तोमर ब्रदर्स के करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी – मिले जेवर, नकद और दस्तावेज

रायपुर के चर्चित सूदखोर तोमर ब्रदर्स के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। मंगलवार रात पुलिस ने तोमर बंधुओं के दो बेहद करीबी लोगों के आवासों पर छापेमारी की। दोनों का संबंध करणी सेना से बताया गया है और जांच में यह भी सामने आया है कि ये दोनों व्यक्ति वीरेंद्र और रोहित तोमर के वित्तीय नेटवर्क का हिस्सा रहे हैं।

छापेमारी भाठागांव स्थित हनुमान वाटिका में ऋषभ सिंह और वालफोर्ट सिटी में रविंद्र सिंह के घर पर की गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और प्रॉपर्टी संबंधित दस्तावेज बरामद किए हैं। साथ ही, तोमर ब्रदर्स की संपत्ति से जुड़े कागजात भी मिले हैं।

कोर्ट से ली गई सर्च वारंट, आरोपियों पर भारी निवेश का शक

पुलिस सूत्रों के अनुसार, ऋषभ सिंह खुद को करणी सेना का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बताता है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि इन दोनों के नाम पर तोमर ब्रदर्स ने लाखों रुपये निवेश किए हैं। इसी आधार पर कोर्ट से सर्च वारंट लेकर यह कार्रवाई की गई।

बड़ी संख्या में अफसर और क्राइम ब्रांच की टीम रही मौजूद

इस कार्रवाई में एडिशनल एसपी, सीएसपी, थानों के प्रभारी और क्राइम ब्रांच की टीमें भी शामिल थीं। बताया जा रहा है कि मामले में आज शाम तक पुलिस कोई बड़ा खुलासा कर सकती है।

तोमर ब्रदर्स की तलाश जारी, यूपी में छिपे होने की आशंका

रायपुर पुलिस को आशंका है कि वीरेंद्र और रोहित तोमर फिलहाल उत्तर प्रदेश में छिपे हुए हैं। जल्द ही पुलिस की टीम यूपी रवाना हो सकती है। इसके साथ ही, उनके अन्य सहयोगियों के घरों पर भी तलाशी की तैयारी तेज कर दी गई है।

Chhattisgarh News: वायरल फोटो ने मचाया बवाल, मंत्री टंक राम वर्मा हिस्ट्रीशीटर के साथ नजर आए?

छत्तीसगढ़ के राजस्व और खेल मंत्री टंक राम वर्मा एक बार फिर चर्चाओं में हैं, लेकिन इस बार मामला किसी सरकारी योजना या घोषणा से जुड़ा नहीं है, बल्कि एक विवादित तस्वीर के कारण सियासी हलचल मची हुई है।

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही तस्वीर में मंत्री वर्मा दोनों हाथ बांधे खड़े दिखाई दे रहे हैं, और उनके सामने खड़ा एक शख्स है जिसे पोस्ट में हिस्ट्रीशीटर ‘तोमर बंधु’ बताया जा रहा है। हालांकि, तस्वीर के सत्यापन या खंडन को लेकर न तो मंत्री की तरफ से और न ही उनके कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है।

विवादित व्यक्ति की पहचान को लेकर भी अभी तक कोई पुष्टि नहीं हो पाई है कि वह वाकई में फरार अपराधी है या नहीं। बावजूद इसके, इस फोटो ने राजनीतिक हलकों में सरगर्मी पैदा कर दी है, और विपक्ष को भी सरकार पर हमला बोलने का एक नया मौका मिल गया है।

इस तरह की वायरल तस्वीरें न सिर्फ नेता की छवि पर असर डालती हैं, बल्कि कानून व्यवस्था और राजनीतिक नैतिकता को लेकर भी कई सवाल खड़े करती हैं। अब देखना होगा कि मंत्री टंक राम वर्मा इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हैं या नहीं।

CG News: खरीफ सीजन के लिए सहकारी बैंकों में किसानों की भीड़, 470 करोड़ के कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य

महासमुंद। खरीफ फसलों की तैयारी में जुटे किसानों ने इस बार भी कृषि ऋण के लिए सहकारी बैंकों और प्राथमिक समितियों का रुख करना शुरू कर दिया है। महासमुंद जिले में अब तक 47,906 किसान करीब 205 करोड़ रुपए का कृषि ऋण ले चुके हैं, जबकि इस वर्ष 470 करोड़ रुपए का ऋण वितरण लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

जिला सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी अविनाश शर्मा ने बताया कि ऋण वितरण की प्रक्रिया अप्रैल से शुरू हो चुकी है और यह 30 सितंबर 2025 तक जारी रहेगी। किसानों के पास अब भी तीन महीने का समय है जिसमें वे खाद, बीज और कीटनाशकों के लिए अल्पकालिक शून्य ब्याज दर पर ऋण ले सकते हैं। इस ऋण की अदायगी धान खरीदी के दौरान की जाती है।

पिछले वर्ष का प्रदर्शन

2024 में जिले के 82,000 किसानों को कुल 426 करोड़ रुपए का ऋण दिया गया था, जो 434 करोड़ के लक्ष्य के करीब था। इसमें से 98% वसूली भी हो चुकी है। शेष बकाया ऋणधारकों को नोटिस भेजे जा चुके हैं।

रबी फसलों की वसूली भी शुरू

रबी सीजन के लिए लिए गए 45 करोड़ के लक्ष्य में से अब तक 38 करोड़ रुपए का ऋण वितरित किया गया था, जिसकी वसूली की प्रक्रिया अब प्रारंभ हो चुकी है।

फसल क्षेत्र का दायरा

इस खरीफ सीजन में महासमुंद जिले में कुल 2 लाख 59 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फसल उत्पादन का लक्ष्य है, जिसमें से 2 लाख 46 हजार हेक्टेयर में धान की खेती की जाएगी।

किसानों की ऋण लेने में लगातार बढ़ती रुचि यह दर्शाती है कि आधुनिक कृषि के लिए आवश्यक संसाधनों की पूर्ति अब बैंकों के माध्यम से करना आम हो गया है। इस वर्ष भी रिकॉर्ड स्तर पर ऋण वितरण की उम्मीद जताई जा रही है।

Durg News: बघेरा में सातवीं शराब दुकान खोलने की योजना पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, सड़क पर उतरे लोग, किया विरोध प्रदर्शन

दुर्ग। छत्तीसगढ़ में 67 नई शराब दुकानों की प्रस्तावित योजना के खिलाफ विरोध की लहर तेज हो गई है। दुर्ग जिले के बघेरा क्षेत्र में सातवीं शराब दुकान खोले जाने की तैयारी से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। मंगलवार को आधा दर्जन वार्डों के निवासियों ने एकजुट होकर कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों में महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल रहीं, जिन्होंने सरकार के फैसले पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि यदि शराब दुकान नहीं हटाई गई, तो आंदोलन और उग्र होगा। लोगों ने बताया कि बघेरा क्षेत्र के 2 किलोमीटर दायरे में पहले से ही 6 शराब दुकानें संचालित हैं और अब एक और दुकान की शुरुआत उनके शांतिपूर्ण परिवेश को प्रभावित करेगी।

धार्मिक और शैक्षणिक स्थलों के पास दुकान को लेकर आपत्ति
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि प्रस्तावित दुकान ब्रह्मकुमारी आनंद सरोवर, स्कूल, मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों के नजदीक है। यह स्थान बच्चों और परिवारों के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान करता है, जिसे शराब दुकान से खतरा होगा। महिलाओं ने बताया कि यहां पास के स्कूलों में दूर-दराज़ से बच्चे पढ़ने आते हैं।

राजनीतिक समर्थन भी मिला
इस विरोध को कांग्रेस के नेताओं ने भी समर्थन दिया। पूर्व विधायक अरुण वोरा, पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल, प्रदेश कांग्रेस महामंत्री राजेंद्र साहू, नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले, और अन्य स्थानीय नेताओं ने प्रदर्शन में भाग लिया और कहा कि कांग्रेस इस जनविरोधी निर्णय के खिलाफ पूरी ताकत से खड़ी है।

विधायक गजेंद्र यादव ने दी लोगों को राहत
प्रदर्शन के बाद क्षेत्रीय विधायक गजेंद्र यादव ने लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी भावनाओं का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि बघेरा में अब शराब दुकान नहीं खोली जाएगी। उन्होंने आबकारी विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दुकान खोलने की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से रोकी जाए। यह घोषणा उन्होंने वार्ड 56 में एक दिन पहले हुए उद्यान निर्माण के भूमि पूजन कार्यक्रम में भी दोहराई थी।

धरना देकर जताया विरोध
प्रदर्शनकारियों को कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचने से पहले ही महावीर कालोनी के पास रोक दिया गया, जिसके विरोध में महिलाएं वहीं सड़क पर बैठ गईं और घंटों तक धरना दिया। बाद में पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।

CG News: पामगढ़ में सरकारी ज़मीन से हटाया गया अतिक्रमण, सेमरिया ग्राम पंचायत में चले बुलडोज़र

पामगढ़ (छत्तीसगढ़)। ग्राम पंचायत सेमरिया में मंगलवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय भूमि पर अवैध रूप से बन रहे निर्माण कार्यों पर बुलडोजर चलाया। इस दौरान 10 से अधिक निर्माणाधीन मकानों और दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया।

कार्यवाही ग्राम पंचायत जेवरा चौक के पास की गई, जहां ग्रामीणों द्वारा लेफ्ट साइड में नए कब्जे कर मकान-दुकान बनाए जा रहे थे। इस क्षेत्र में पहले से ही कई सरकारी ज़मीनें अतिक्रमण की चपेट में हैं। ग्राम पंचायत ने इस स्थिति को देखते हुए पहले तीन बार चेतावनी नोटिस जारी किए थे, लेकिन इसके बावजूद अवैध निर्माण जारी रहे।

अंततः प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए राजस्व और पुलिस विभाग की मौजूदगी में कार्रवाई को अंजाम दिया। मौके पर जेसीबी मशीन की सहायता से सभी अतिक्रमण हटाए गए।

तहसीलदार ने दी चेतावनी
पामगढ़ तहसीलदार महेंद्र लहरे ने बताया कि यह कार्रवाई कलेक्टर और एसडीएम के निर्देश पर की गई है और आगे भी सरकारी ज़मीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में कोई दोबारा अतिक्रमण करते पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी

यह कार्रवाई न केवल सरकारी ज़मीन की रक्षा के लिए की गई है, बल्कि आने वाले समय में अतिक्रमण पर अंकुश लगाने का एक सख्त संदेश भी है।

Raipur News: शहीद ASP आकाश राव को दी गई अंतिम विदाई, बेटे ने दी मुखाग्नि, पूरे शहर में गूंजे जयघोष

रायपुर। सुकमा में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में शहीद हुए एएसपी आकाश राव गिरपुंजे को मंगलवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस भावुक क्षण में उनके सात वर्षीय बेटे ने दादा की उपस्थिति में महादेवघाट स्थित श्मशान में अपने पिता को मुखाग्नि दी। इस दृश्य ने हर किसी की आंखें नम कर दीं।

शहीद का पार्थिव शरीर पहले कुशालपुर स्थित उनके निवास से माना स्थित चौथी बटालियन के परिसर लाया गया, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। वहां से शवयात्रा महादेवघाट के लिए रवाना हुई। रास्तेभर लोगों ने “भारत माता की जय” और “जब तक सूरज चांद रहेगा, आकाश तेरा नाम रहेगा” जैसे नारे लगाए। माहौल बेहद भावुक और देशभक्ति से भरा हुआ था।

श्मशान घाट पहुंचने पर बड़ी संख्या में परिजन, मित्र, सहयोगी और आम लोग मौजूद थे। जैसे ही पार्थिव शरीर को देखा, हर किसी की आंखें भर आईं। शहीद आकाश को अंतिम विदाई देने के दौरान “अक्कू भैय्या जिंदाबाद” के नारे भी गूंजते रहे।

डिप्टी सीएम ने दिया कंधा
राज्य के डिप्टी मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शहीद को कंधा देकर सम्मानपूर्वक विदाई दी और श्रद्धांजलि अर्पित की। यह क्षण पूरे प्रदेश के लिए गर्व और शोक दोनों का प्रतीक बन गया।

आकाश राव गिरपुंजे की शहादत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है, लेकिन उनके साहस और बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा।