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नीट रिजल्ट से पहले सामने आया मेडिकल सीटों का गणित, अब भी पिछड़ा है छत्तीसगढ़ – जांच में मिले कई चौंकाने वाले तथ्य

रायपुर। NEET-UG के नतीजे से पहले छत्तीसगढ़ की मेडिकल सीटों को लेकर किए गए विश्लेषण में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। देश में एमबीबीएस की कुल 1,18,148 सीटें हैं, लेकिन इनमें से छत्तीसगढ़ के हिस्से महज 2130 सीटें ही आती हैं, जो कि कुल का सिर्फ 1.8% है। कॉलेजों के लिहाज से भी स्थिति कुछ खास बेहतर नहीं है—देशभर में 780 मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें से सिर्फ 15 छत्तीसगढ़ में हैं, यानी कुल का महज 1.92%।

हालांकि बीते 9 वर्षों में राज्य ने मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा खासा विकास किया है। 2016 में जहां प्रदेश में महज 700 एमबीबीएस सीटें थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर तीन गुना से भी अधिक यानी 2130 तक पहुंच गई है। अगले शैक्षणिक सत्र से पांच नए सरकारी और एक निजी मेडिकल कॉलेज खुलने की संभावना है, जिससे कुल कॉलेजों की संख्या 21 और सीटें बढ़कर 2530 तक पहुंच सकती हैं।

सरकारी बनाम निजी कॉलेजों में फीस का अंतर

छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एक वर्ष की फीस मात्र ₹40,000 है, वहीं निजी कॉलेजों में यही फीस ₹7.41 लाख से लेकर ₹8.01 लाख तक जाती है। एम्स जैसे संस्थानों में यह राशि और भी कम—सिर्फ ₹1289—है। निजी कॉलेजों में ट्यूशन फीस के अलावा अन्य मदों में भी शुल्क लिया जा रहा है, जिसको लेकर फीस रेगुलेटरी कमेटी तक शिकायतें पहुंच चुकी हैं।

हालांकि निजी संस्थानों का तर्क है कि अन्य राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ में मेडिकल फीस सबसे कम है। नए कॉलेज खुलने से छात्रों को अब दूसरे राज्यों का रुख करने की आवश्यकता कम हुई है।

सीट बंटवारे को लेकर उठे सवाल

प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की सीटों का 82% हिस्सा राज्य कोटे के लिए, 15% ऑल इंडिया कोटे और 3% सेंट्रल पुल के लिए रिजर्व होता है। लेकिन जांच में सामने आया कि छत्तीसगढ़ से देशभर में सबसे ज्यादा सीटें सेंट्रल पुल को दी जा रही हैं, जो नियमों के अनुसार उचित नहीं है। अधिकारियों द्वारा पुरानी परंपराओं के नाम पर सीटें ‘लुटाई’ जा रही हैं, जबकि अन्य बड़े राज्य इससे कम सीटें केंद्र को देते हैं।

निजी कॉलेजों में सीटों का बंटवारा 42.5% राज्य कोटे, 42.5% मैनेजमेंट कोटे और 15% एनआरआई कोटे में होता है।

9 साल में बड़ा बदलाव

2016 में प्रदेश में केवल 5 सरकारी और 1 निजी मेडिकल कॉलेज था। आज सरकारी कॉलेजों की संख्या 10 और निजी कॉलेजों की संख्या 5 है। पहले जो निजी कॉलेज दुर्ग में संचालित था, अब वह अधिग्रहण के बाद सरकारी बन चुका है। सीटों में बढ़ोतरी का सीधा लाभ प्रदेश के उन छात्रों को मिल रहा है, जो NEET जैसी कठिन परीक्षा पास कर डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं।

एयर इंडिया विमान हादसा: टेकऑफ के तुरंत बाद ‘MAYDAY’ कॉल, फिर कुछ ही सेकंड में हुआ क्रैश

गुरुवार, 12 जून 2025 को गुजरात के अहमदाबाद में एक भीषण विमान हादसा हुआ जिसने सभी को चौंका दिया। एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, जो अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई थी, उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें 2 पायलट और 10 केबिन क्रू सदस्य शामिल थे।

दुर्घटना को लेकर अब जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार क्रैश से ठीक पहले पायलट ने अहमदाबाद एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) को ‘MAYDAY’ सिग्नल भेजा था। यह कॉल एक गंभीर संकट का संकेत होती है, जो दर्शाती है कि विमान किसी बड़ी मुसीबत में है और तुरंत सहायता की आवश्यकता है।

टेकऑफ के कुछ पल बाद ही हादसा

DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, एयर इंडिया का बोइंग 787 विमान दोपहर 1:39 बजे अहमदाबाद एयरपोर्ट के रनवे 23 से उड़ान भर रहा था। उड़ान शुरू करने के कुछ ही क्षणों बाद पायलट कैप्टन सुमित साभरवाल ने ‘MAYDAY’ कॉल दी। उनके साथ को-पायलट के रूप में फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर मौजूद थे।

कैप्टन साभरवाल को करीब 8200 घंटे का उड़ान अनुभव था, जबकि क्लाइव कुंदर के पास 1100 घंटे की फ्लाइंग का अनुभव था। ‘MAYDAY’ कॉल के तुरंत बाद विमान से कोई और संपर्क नहीं हो सका और कुछ ही सेकंड में यह एयरपोर्ट के बाहरी इलाके में गिर गया।

क्या है ‘MAYDAY’ कॉल और इसका महत्व?

‘MAYDAY’ कॉल एक इमरजेंसी रेडियो सिग्नल होता है जिसे पायलट उस स्थिति में देता है जब विमान में गंभीर खतरे की स्थिति उत्पन्न हो जाए—जैसे इंजन फेल होना, आग लगना, टकराव का खतरा या अपहरण की आशंका। इस कॉल को रेडियो पर तीन बार दोहराया जाता है—”Mayday, Mayday, Mayday”—ताकि साफ हो जाए कि यह कोई मज़ाक नहीं बल्कि असली आपात स्थिति है।

इस सिग्नल के मिलते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल तुरंत सक्रिय हो जाता है और उस विमान को प्राथमिकता देते हुए आपात सेवाओं जैसे फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और रनवे क्लियरेंस की व्यवस्था शुरू कर देता है। ‘MAYDAY’ शब्द फ्रेंच के “m’aider” से लिया गया है, जिसका मतलब है “मेरी मदद करो”।

यदि हालात कम गंभीर हों लेकिन चिंता का कारण हों, तो पायलट ‘Pan-Pan’ कॉल का उपयोग करता है, जो एक चेतावनी होती है लेकिन ‘MAYDAY’ से कम खतरनाक मानी जाती है।

फिलहाल एयर इंडिया और डीजीसीए हादसे की विस्तृत जांच कर रहे हैं। इस हादसे को लेकर शोक की लहर है, और देशभर में लोग हादसे की वजह और संभावित लापरवाही को लेकर जवाबों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

नशे में बिगड़े बेटे ने की पिता की हत्या, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

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छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के विश्रामपुर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कुमदा बस्ती में बुधवार रात शराब के नशे में धुत बेटे ने अपने पिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी।

जानकारी के अनुसार, 50 वर्षीय बेचन सिंह अपने बेटे अहिबरन सिंह के साथ शराब पी रहे थे। शराब के नशे में दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठी। गुस्से में आकर बेटे ने डंडे से पिता पर हमला कर दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने की वजह से बेचन सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।

सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने आरोपी बेटे को मौके से हिरासत में लिया और उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। उससे पूछताछ जारी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में नशे की लत के चलते इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, जिससे आम लोगों में भय और चिंता का माहौल है। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।

Breaking News : अहमदाबाद फ्लाइट हादसे के बाद रायपुर से उड़ान रद्द, एयरपोर्ट पर यात्रियों की भीड़

एयर इंडिया की अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट के हादसे का असर रायपुर पर भी पड़ा है। हादसा दोपहर 1:17 बजे हुआ और इसके बाद एहतियात के तौर पर रायपुर से अहमदाबाद जाने वाली इंडिगो फ्लाइट को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। यह फ्लाइट दोपहर 1:40 बजे रवाना होने वाली थी, लेकिन दुर्घटना की सूचना मिलते ही उसे आगामी आदेश तक रद्द कर दिया गया।

फ्लाइट रद्द होने की जानकारी मिलते ही रायपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पहले स्थिति थोड़ी असमंजस भरी रही, लेकिन बाद में यात्रियों को स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया गया, जिसके बाद माहौल शांत हुआ।

इस हादसे को लेकर देशभर में शोक की लहर है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि अहमदाबाद की यह दुर्घटना अत्यंत हृदयविदारक है। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि भगवान से प्रार्थना है कि शोकसंतप्त परिवारों को इस दुख को सहने की शक्ति मिले और घायल यात्री जल्द स्वस्थ हों। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति की कामना की।

फिलहाल रायपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षा के मद्देनज़र सतर्कता बढ़ा दी गई है और अगली सूचना तक अहमदाबाद की उड़ानें रद्द रहेंगी।

युक्तियुक्तकरण के विरोध में दुर्ग के 150 शिक्षक पहुंचे हाईकोर्ट, आरोप – प्रक्रिया में हुई गंभीर अनियमितताएं

दुर्ग जिले के लगभग 150 शिक्षकों ने छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी युक्तियुक्तकरण आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। 28 अप्रैल को जारी इस आदेश के बाद शिक्षकों का आरोप है कि स्थानांतरण की प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर मनमानी की गई, जिससे कई शिक्षकों को बिना किसी स्पष्ट आधार के अतिशेष घोषित कर अन्य विद्यालयों में भेज दिया गया।

वरिष्ठता और विशेष परिस्थितियों की अनदेखी

शिक्षकों का कहना है कि स्थानांतरण प्रक्रिया में न उनकी वरिष्ठता को महत्व दिया गया और न ही गंभीर बीमारियों या दिव्यांगता जैसी विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखा गया। कई प्रधान पाठकों को प्रशासनिक पद से हटाकर सामान्य शिक्षकों की तरह गिनती में शामिल कर दिया गया, जिससे विद्यालयों में शिक्षक संख्या अधिक दिखाकर उन्हें अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया गया।

प्रक्रिया को दी गई कानूनी चुनौती

इस पूरी प्रक्रिया से आहत शिक्षकों ने एकजुट होकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उनका तर्क है कि युक्तियुक्तकरण का यह आदेश न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि इससे उनकी सेवाओं और भविष्य पर भी संकट खड़ा हो गया है।

राज्यभर के शिक्षक हुए शामिल

इस आंदोलन में दुर्ग के अलावा राजनांदगांव, बिलासपुर, सूरजपुर और सारंगढ़ जिलों के शिक्षक भी शामिल हैं। याचिका दाखिल करने वालों में वरिष्ठ प्रधान पाठक और शिक्षक जैसे हरीश देवांगन, कमल वैष्णव, लता देवांगन, अनुपम अग्रवाल, रुस्तम सिंह, जितेंद्र तोमर, किशोर दिल्लीवार, राहुल सोनटेके, देवकीनंदन शर्मा, संजय चंद्राकर और केपी देवांगन प्रमुख रूप से शामिल हैं।

शिक्षकों की मांग है कि युक्तियुक्तकरण की इस प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए और सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर शिक्षकों के हित में निर्णय लिया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ अभियान में ली भागीदारी, पर्यावरण सुरक्षा को बताया सामूहिक जिम्मेदारी

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रायपुरमुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित ‘फाइट अगेंस्ट ग्लोबल वार्मिंग’ अभियान कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य तभी सफल होगा, जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति इसमें सक्रिय भागीदारी निभाए।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शिक्षा को विकास की नींव बताते हुए कहा कि निजी शिक्षण संस्थानों ने भी ज्ञान के प्रसार में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है, और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी राज्यों का सहयोग आवश्यक है। इसी सोच के तहत छत्तीसगढ़ सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ अपनी रजत जयंती मना रहा है और बीते 25 वर्षों में राज्य ने शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और अधोसंरचना के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे राष्ट्रीय संस्थान राज्य के समग्र विकास में सहायक बन रहे हैं।

ग्लोबल वार्मिंग की चुनौती पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने वर्ष 2070 तक नेट ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस दिशा में छत्तीसगढ़ भी ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य की नई औद्योगिक नीति के तहत केवल ऊर्जा क्षेत्र में ही 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है।

साय ने यह भी जानकारी दी कि पिछले वर्ष राज्य में 4 करोड़ पौधे लगाए गए और “एक पेड़ माँ के नाम” तथा “पीपल फॉर पीपुल” जैसे अभियानों को और विस्तार दिया जाएगा। उन्होंने बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाने की आवश्यकता बताई ताकि भावी पीढ़ी एक स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण प्राप्त कर सके।

मुख्यमंत्री ने इस अभियान में भागीदारी निभा रहे शिक्षकों, आयोजकों और विशेष रूप से 11 लाख पीपल वृक्षारोपण का संकल्प लेने वाली संस्थाओं की सराहना की। कार्यक्रम में कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, अशासकीय विद्यालय संचालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुबोध राठी, सचिव मनोज पांडेय और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य अशासकीय विद्यालय संचालक संघ और छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।

ड्रग्स तस्करी मामले में पांच आरोपियों को 10-10 साल की सजा, 1-1 लाख का जुर्माना

रायपुरराजधानी में ड्रग्स तस्करी के एक गंभीर मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दो महिलाओं समेत पांच आरोपियों को 10-10 साल की सश्रम कैद और प्रत्येक को 1-1 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न चुकाने की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त दो साल की जेल भुगतनी होगी।

लोक अभियोजक के.के. चंद्राकर ने जानकारी दी कि यह मामला पंडरी थाना क्षेत्र का है, जहां 25 दिसंबर 2022 को पुलिस ने प्रखर मारवा, मोहम्मद ओवेश, अभय कुमार मिर्चे, प्रिया स्वर्णकार और नेहा भगत (सभी रायपुर निवासी) को प्रतिबंधित मादक पदार्थ मेथामफेटामाइन की 18 पुड़ियों के साथ गिरफ्तार किया था।

पुलिस पूछताछ में सभी आरोपियों ने कबूल किया था कि वे न्यू ईयर पार्टी के दौरान इन ड्रग्स को बेचने के लिए ग्राहक ढूंढ रहे थे। इस बीच मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने छापा मारकर उन्हें धर दबोचा।

विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषियों को कोई रियायत देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि समाज में खतरनाक नशे के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए सख्त सजा जरूरी है।

इस केस की जांच तत्कालीन पंडरी थाना प्रभारी दीपक पासवान द्वारा की गई थी।

रजिस्ट्री प्रक्रिया में बाधा, RDA फ्लैट खरीदार हो रहे परेशान

रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) से फ्लैट खरीदने वाले लोगों को रजिस्ट्री कराने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आम नागरिकों की सुविधा के लिए शुरू किया गया ऑटो नामांतरण सिस्टम फिलहाल इन खरीदारों के लिए मुसीबत बन गया है। रजिस्ट्री के लिए अपॉइंटमेंट मिलना मुश्किल हो गया है और लोग तहसील कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

फ्लैट रजिस्ट्री के लिए अपॉइंटमेंट नहीं

नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री होते ही जमीन का नामांतरण अपने आप हो जाता है। हालांकि, यह सुविधा फ्लैट के मामलों में रुकावट पैदा कर रही है। RDA और हाउसिंग बोर्ड से फ्लैट खरीदने वालों को सामान्यतः नामांतरण की जरूरत नहीं होती, फिर भी ऑटोमेटिक सिस्टम के चलते उनकी रजिस्ट्री रुकी हुई है। कमल विहार सहित कई इलाकों में खरीदारों को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

रजिस्ट्री कार्यालय से वापस लौटा रहे लोग

खरीदार जब रजिस्ट्री के लिए पहुंच रहे हैं तो कार्यालय उन्हें तहसीलदार या पटवारी के पास भेज रहा है। बताया जा रहा है कि उनकी अनुमति के बिना रजिस्ट्री नहीं हो सकती, जिससे आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

500 से अधिक नामांतरण प्रकरण लंबित

ऑटो नामांतरण की सुविधा हाल ही में लागू की गई है। इसके तहत रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण भी हो रहा है। लेकिन इससे पहले के करीब 500 नामांतरण के मामले अभी भी तहसील कार्यालय में लंबित हैं। जब तक ये पुराने केस क्लियर नहीं होते, नई रजिस्ट्री प्रक्रियाएं भी बाधित हो सकती हैं।

तकनीकी समस्या, जल्द समाधान का प्रयास

रजिस्ट्रार विनोज कोचे ने जानकारी दी है कि यह एक तकनीकी समस्या है, जिसकी जानकारी एनआईसी, तहसील और अन्य संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है। जल्द ही इस समस्या का समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सम्पत्ति करदाताओं को राहत: समय पर भुगतान पर मिलेगी 6.25% की छूट, नगर निगम ने जारी की जानकारी

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रायपुर। रायपुर नगर निगम के राजस्व विभाग ने सम्पत्ति करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की है कि अगर कोई नागरिक 30 जून 2025 तक अपने सम्पत्ति कर का भुगतान कर देता है, तो उसे 6.25% की छूट दी जाएगी। यह छूट वित्तीय वर्ष 2025-26 के करदाताओं के लिए लागू होगी।

नगर निगम ने करदाताओं की सुविधा के लिए विभिन्न भुगतान विकल्प उपलब्ध कराए हैं। अब करदाता ऑनलाइन माध्यम, व्हाट्सएप, निगम की वेबसाइट पर मौजूद चैटबॉट या क्यूआर कोड के जरिए भी कर जमा कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए संबंधित जोन कार्यालयों के राजस्व विभाग से संपर्क किया जा सकता है।

निगम की जनता से अपील

नगर निगम ने रायपुर के सभी सम्पत्ति करदाताओं से आग्रह किया है कि वे निर्धारित समयसीमा यानी 30 जून 2025 से पहले कर का भुगतान करें और अधिकतम छूट का लाभ उठाएं। अधिक जानकारी नगर निगम की वेबसाइट से भी प्राप्त की जा सकती है।

जलभराव की समस्या पर जोन कमिश्नर ने दिया सफाई का निर्देश

जोन-8 की कमिश्नर राजेश्वरी पटेल ने टाटीबंध के बिजली ऑफिस के पीछे स्थित जलभराव प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने क्षेत्र की सफाई करवाने के निर्देश दिए ताकि बारिश में जलभराव की समस्या न हो। इस दौरान स्वास्थ्य अधिकारी गोपीचंद देवांगन और स्वच्छता निरीक्षक रितेश झा भी मौजूद थे।

विकास कार्यों की धीमी गति पर विधायक का असंतोष

पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक व पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने जीई रोड से एनआईटी मार्ग तक चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने विकास कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जाहिर की और अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने देखा कि डिवाइडर पर अभी तक जाली और लाइट पोल नहीं लगाए गए हैं, वहीं सेंट्रल लाइब्रेरी के पास का कार्य भी अधूरा है। अनुपम उद्यान के पास की साइड रोड पर अनियमित रूप से लगी दुकानों को व्यवस्थित करने के आदेश दिए गए।

स्वीमिंग पूल और कला केंद्र की सफाई व्यवस्था पर जताई नाराजगी

विधायक मूणत ने अंतरराष्ट्रीय स्वीमिंग पूल की सफाई व्यवस्था पर भी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को परिसर को नियमित रूप से साफ-सुथरा बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने चौपाटी और कला केंद्र का भी दौरा कर सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।

इस निरीक्षण के दौरान महापौर मीनल चौबे, सभापति सूर्यकांत राठौर, निगम आयुक्त, जोन अध्यक्ष, स्थानीय पार्षद, स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीओओ और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में ‘संकल्प से सिद्धि’ अभियान का आगाज़, सीएम विष्णु देव साय ने पेश किया विकास का रोडमैप

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को सर्किट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा के ‘संकल्प से सिद्धि’ अभियान की शुरुआत करते हुए केंद्र सरकार की 11 साल की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी ने छत्तीसगढ़ के हर क्षेत्र में तेज़ी से विकास सुनिश्चित किया है और डबल इंजन की सरकार ने नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण पाया है।

सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रधानमंत्री मोदी से गहरा जुड़ाव रहा है। संगठन के कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने प्रदेश के कोने-कोने की यात्रा की थी और आज भी उनका आशीर्वाद राज्य को प्राप्त हो रहा है।

उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के 11 साल के नेतृत्व का जश्न ‘संकल्प से सिद्धि’ अभियान के ज़रिए मनाया जा रहा है, जिसके तहत भाजपा सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा को जनता के सामने रखा जा रहा है।

पिछली सरकार पर आरोप, नई पहलें गिनाईं

मुख्यमंत्री साय ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसने गरीबों के हक को छीना और पीएम आवास जैसी योजनाओं को रोक दिया था। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही पहली कैबिनेट बैठक में पीएम आवास को मंजूरी दी और अब निर्माण कार्य के लिए मिस्त्रियों की कमी हो रही है क्योंकि आवास बड़ी संख्या में स्वीकृत हो चुके हैं।

पारदर्शिता के प्रयास और औद्योगिक निवेश

भ्रष्टाचार पर सख्ती के प्रयासों को रेखांकित करते हुए सीएम साय ने कहा कि कोयला परिवहन की अनुमति प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और राजस्व में वृद्धि होगी। इसी तरह आबकारी विभाग में भी लाइसेंसिंग प्रक्रिया को ऑनलाइन कर पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है।

राज्य में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने नई औद्योगिक नीति बनाई है और अब तक लगभग 5.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं।

किसानों और तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभ

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 26 लाख किसानों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके अलावा तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए भी विशेष योजनाएं लागू की गई हैं।

कांग्रेस का पलटवार

वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा के ‘संकल्प से सिद्धि’ अभियान को ‘झूठ का पुलिंदा’ बताते हुए मोदी सरकार के 11 वर्षों की नाकामियों को उजागर किया। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल, गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोत्तरी, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी ने जनता को परेशान कर रखा है।

दीपक बैज ने मुख्यमंत्री साय को खुली बहस की चुनौती दी है, जिसमें भाजपा और कांग्रेस सरकार के कार्यों की तुलना की जा सके। उन्होंने कहा कि समय, स्थान और मंच तय करें – कांग्रेस पूरी तैयारी के साथ बहस के लिए तैयार है।

“जुमला सरकार” बुकलेट का विमोचन

कांग्रेस ने इस मौके पर मोदी सरकार की असफलताओं पर आधारित ‘जुमला सरकार’ नामक बुकलेट भी जारी की, जिसमें 11 सालों की कथित विफलताओं को सूचीबद्ध किया गया है। प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ला, पूर्व राज्यसभा सांसद छाया वर्मा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।