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मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 14 जिलों में बारिश का अलर्ट, तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की चेतावनी

छत्तीसगढ़ में मानसून अब तेज़ी पकड़ चुका है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के 14 जिलों में आज गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी करते हुए 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की चेतावनी दी है। रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, बस्तर और बीजापुर में हल्की बारिश के आसार हैं।

दंतेवाड़ा में 28 मई से ठहरा मानसून अब आगे बढ़ने को तैयार है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 15 जून तक पूरे छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो सकता है। इसके बाद राज्यभर में समान रूप से वर्षा होने की उम्मीद है, जिससे किसानों और आम लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिलेगी।

गर्मी बरकरार, लेकिन उमस कर रही परेशान

राजधानी रायपुर में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा अधिक है। न्यूनतम तापमान 27.7 डिग्री रहा। हालांकि बारिश की संभावना से लोगों को उमस से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।

बारिश में अब भी बड़ी कमी

1 जून से अब तक प्रदेश में सिर्फ 13.4 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 39.3 मिमी होना चाहिए था। यानी अब तक 66% कम वर्षा हुई है। हालांकि रायपुर में बारिश की स्थिति थोड़ी बेहतर है—यहां अब तक 25.1 मिमी पानी गिर चुका है, जो सामान्य से मात्र 6% कम है।

इस साल मानसून की शुरुआत थोड़ी धीमी रही, लेकिन अब इसकी रफ्तार बढ़ रही है। अगर यह गति बनी रही, तो आने वाले दिनों में अच्छी वर्षा की उम्मीद की जा सकती है।

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने पूर्व मंत्री और दो भाजपा नेताओं को भेजा मानहानि नोटिस, धर्म पर दिए बयान से जताई नाराज़गी

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भारतीय जनता पार्टी के तीन प्रमुख नेताओं – पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम, वर्तमान वन मंत्री केदार कश्यप और सांसद महेश कश्यप – को कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस इन नेताओं द्वारा बैज के धर्म को लेकर की गई कथित टिप्पणी के जवाब में भेजा गया है। बैज ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ झूठे और आधारहीन आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया गया।

दीपक बैज के वकील संदीप दुबे द्वारा भेजे गए इस नोटिस में तीनों नेताओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की गई है। बैज ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर माफी नहीं मांगी गई, तो उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया जाएगा।

नोटिस के अनुसार, 7 जून 2025 को पूर्व मंत्री अरविंद नेताम ने एक बयान में बैज की धार्मिक आस्था पर सवाल उठाते हुए पूछा था कि क्या वे ईसाई धर्म में मतांतरित हो चुके हैं। यह बयान व्यापक रूप से मीडिया में प्रसारित हुआ। बैज का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी से न केवल उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, बल्कि इससे समाज में धार्मिक तनाव भी पैदा हो सकता है।

इसी तरह के आरोपों के चलते वन मंत्री केदार कश्यप और सांसद महेश कश्यप को भी नोटिस भेजा गया है। बैज ने अपने नोटिस में कहा है कि इन बयानों से उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा है और उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान हुआ है।

नोटिस में यह भी कहा गया है कि इस तरह की मनगढ़ंत और भ्रामक बातें न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाती हैं, बल्कि राजनीतिक रूप से उन्हें कमजोर करने की साजिश का हिस्सा हैं। बैज ने इन बयानों को पूरी तरह से अस्वीकार करते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

इस साल आम की कीमतें स्थिर, विभिन्न राज्यों से रायपुर पहुंच रही हैं लोकप्रिय किस्में

इस साल राजधानी रायपुर के बाजारों में आम की कीमतें नियंत्रण में बनी हुई हैं। बेहतर पैदावार और पर्याप्त आपूर्ति के कारण आम की मिठास आम लोगों तक आसानी से पहुंच रही है। व्यापारियों का कहना है कि इस बार आम की फसल अच्छी हुई है, जिससे न केवल थोक व्यापारी संतुष्ट हैं, बल्कि उपभोक्ता भी कम कीमत में स्वादिष्ट आम का आनंद ले पा रहे हैं।

फल व्यवसायी विनोद वाधवानी के अनुसार, इस बार बाजार में आम की भरपूर उपलब्धता है और पिछले साल की तुलना में दामों में 10 से 20 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। उदाहरण के तौर पर दशहरी आम इस समय 55 से 60 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रहा है।

शहर की गलियों, फुटपाथों से लेकर बड़े बाजारों तक हर जगह आम की बिक्री जोरों पर है। बैंगनफली, आम्रपाली, दशहरी, तोताफल्ली और लगड़ा जैसी लोकप्रिय किस्में आसानी से उपलब्ध हैं। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों से आम रायपुर के बाजार में पहुंच रहे हैं।

स्थानीय उत्पादन भी अच्छा

सरगुजा संभाग में भी इस साल आम की अच्छी पैदावार हुई है, फिर भी उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल से बड़ी मात्रा में आम आ रहे हैं। छोटे व्यापारियों का कहना है कि बाहर से आने वाले आम के दामों में इस साल 10 से 15 रुपये की गिरावट देखी गई है। बिलासपुर में मुख्य रूप से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से आम की आवक हो रही है, वहीं स्थानीय बागानों से भी आम की आपूर्ति बनी हुई है।

राजनांदगांव और बस्तर जैसे क्षेत्रों में भी स्थानीय आम की फसल अच्छी हुई है, लेकिन बाहरी राज्यों खासकर महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से अधिक मात्रा में आम पहुंच रहे हैं।

खुदरा बाजार में मौजूदा भाव इस प्रकार हैं:

बैंगनफली: ₹75–80 प्रति किलो

आम्रपाली: ₹55–60 प्रति किलो

दशहरी: ₹55–60 प्रति किलो

तोताफल्ली: ₹50–55 प्रति किलो

लगड़ा: ₹60–65 प्रति किलो

लालपुर फल विक्रेता संघ के अध्यक्ष मोहन वाधवानी के मुताबिक, अभी रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा से आम आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश से आम आने में अभी थोड़ा समय लग सकता है। फिलहाल बाजार में आम की कीमतें स्थिर हैं और आम लोगों को इसका भरपूर लाभ मिल रहा है।

पचमढ़ी यात्रा पर निकले युवक की ट्रेन से गिरने से मौत

पचमढ़ी घूमने जा रहे एक युवक की ट्रेन से गिरकर मौत हो गई। यह हादसा मध्य प्रदेश के बनखेड़ी स्टेशन पर हुआ। जानकारी के मुताबिक, युवक अपने दोस्तों के साथ विंध्याचल एक्सप्रेस में यात्रा कर रहा था और बनखेड़ी स्टेशन पर पानी लेने के लिए नीचे उतरा था। इसी दौरान ट्रेन चल पड़ी और वह चढ़ने की कोशिश में गिर गया, जिससे मौके पर ही उसकी जान चली गई।

जीआरपी ने बताया कि मृतक की पहचान नरेंद्र मोहन कुशवाहा के रूप में हुई है, जो रायपुर, छत्तीसगढ़ का रहने वाला था। नरेंद्र अपने दोस्तों के एक ग्रुप के साथ पचमढ़ी जा रहा था, जिसमें चार छात्र और चार छात्राएं शामिल थे।

घटना की जानकारी मिलते ही जीआरपी मौके पर पहुंची। प्रधान आरक्षक योगेश पचौरी के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद शव को मृतक के पिता को सौंप दिया गया। हादसे के बाद मृतक के साथियों से पूछताछ कर आगे की जांच की जा रही है।

ट्रांसपोर्टर्स ने सरकार से की मांग – भाड़ा बढ़ाओ या टोल टैक्स घटाओ, नहीं तो रुक सकता है माल परिवहन

रायपुर-बस्तर परिवहन महासंघ ने राज्य सरकार से मालभाड़ा बढ़ाने या टोल टैक्स में राहत देने की मांग की है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो मालवाहन सेवाएं बाधित हो सकती हैं।

टोल टैक्स से बढ़ी ट्रांसपोर्टरों की मुश्किल

रायपुर से जगदलपुर के बीच वर्तमान में चार टोल नाके हैं, जिनसे हर ट्रिप में लगभग 3500 रुपये का खर्च आ रहा है। अब एक और टोल शुरू होने की तैयारी है, जिससे 1600 रुपये और जुड़ जाएंगे। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि चार साल पहले केवल दो टोल थे और तब से अब तक मालभाड़े में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि खर्च में करीब 30 फीसदी तक की वृद्धि हो चुकी है।

सीएम और मंत्रियों से मुलाकात की तैयारी

महासंघ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, ट्रांसपोर्ट आयुक्त, एनएचएआई के अधिकारियों और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराने की योजना बनाई है। ट्रांसपोर्टर्स के अनुसार, बढ़ते टोल टैक्स और अन्य खर्चों के कारण हर ट्रिप में नुकसान उठाना पड़ रहा है।

रायपुर में हुई बड़ी बैठक

रायपुर में आयोजित एक बैठक में 300 से अधिक ट्रांसपोर्टर शामिल हुए

छत्तीसगढ़ में 14 जून से होगी झमाझम बारिश, दंतेवाड़ा में रुका मानसून अब बढ़ेगा आगे

छत्तीसगढ़ में लोगों को मानसूनी बारिश का इंतजार अब खत्म होने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक 14 जून से प्रदेशभर में अच्छी बारिश की शुरुआत हो सकती है। दंतेवाड़ा में पहले ही दस्तक दे चुका मानसून अब आगे बढ़ने को तैयार है। हालांकि राजधानी रायपुर में मानसून के पहुंचने की कोई आधिकारिक घोषणा अब तक नहीं हुई है।

पिछले साल रायपुर में मानसून 21 जून को पहुंचा था, जबकि सुकमा में 7 जून को ही बारिश शुरू हो गई थी। यानी रायपुर पहुंचने में उसे 14 दिन लगे थे। इस साल दंतेवाड़ा में मानसून ने 28 मई को दस्तक दी थी, लेकिन उसके बाद उम्मीद के अनुसार प्रदेश के अन्य हिस्सों में बारिश शुरू नहीं हो पाई।

रायपुर में मंगलवार को हुई तेज बारिश के बाद बुधवार और गुरुवार को मौसम सूखा रहा, हालांकि इससे तापमान में गिरावट आई और गर्मी से राहत मिली।

गर्मी से राहत लेकिन उमस ने बढ़ाई परेशानी

गुरुवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.2 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 27.7 डिग्री रहा, जो सामान्य से थोड़ा अधिक है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है, जिससे दिन की तपन तो कम हो गई है, लेकिन उमस के कारण लोग अब भी परेशान हैं।

शुक्रवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे मानसून आगे बढ़ेगा, बारिश का सिलसिला भी तेज होने की उम्मीद है।

टाइटल: हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र तोमर की पत्नी हिरासत में, पुलिस ने करीबियों पर कसा शिकंजा – यूपी में छिपे हैं दोनों भाई

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राजधानी रायपुर में एक बार फिर हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर और उसके भाई रोहित सिंह तोमर का नाम सुर्खियों में है। पुलिस इन दोनों फरार भाइयों का अब तक कोई सुराग नहीं जुटा पाई है, लेकिन कार्रवाई के तहत वीरेंद्र की पत्नी शुभ्रा सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है।

गुरुवार की शाम एक महिला मीडियाकर्मी और उसके सहयोगी कैमरामैन वीरेंद्र के घर के बाहर कवरेज कर रहे थे, तभी शुभ्रा सिंह, संगीता सिंह और प्रभंजन सिंह ने उन पर हमला कर दिया। तीनों ने मीडियाकर्मियों के साथ मारपीट की, गाली-गलौज की और उनका कैमरा तोड़ डाला। मामले की सूचना मिलते ही पुरानी बस्ती पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया। उनसे पूछताछ जारी है।

इस बीच, पुलिस को जानकारी मिली है कि वीरेंद्र और रोहित सिंह तोमर फिलहाल उत्तर प्रदेश में छिपे हुए हैं। दोनों के खिलाफ रायपुर के पुरानी बस्ती और तेलीबांधा थानों में आर्म्स एक्ट, सूदखोरी और संगठित अपराध के तहत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। इसके बावजूद आज तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है और न ही किसी मामले में उन्हें सजा मिल पाई है।

पुलिस ने हाल ही में वीरेंद्र के करीबी माने जाने वाले रविंदर सिंह और ऋषभ सिंह के घर छापा मारा। वहां से कई दस्तावेज बरामद हुए, जिनसे पता चला कि दोनों के पास करीब 40 करोड़ रुपये की संपत्ति है।

गौरतलब है कि वीरेंद्र सिंह राष्ट्रीय करणी सेना का प्रदेश अध्यक्ष है और उस पर लंबे समय से संगठित अपराधों में संलिप्त होने के आरोप हैं। रोहित सिंह भी अपराध की दुनिया में सक्रिय रहा है। वह हाल ही में हाइपर क्लब फायरिंग और गुढ़ियारी अपहरण व ब्लैकमेलिंग जैसे मामलों में जमानत पर रिहा हुआ है।

पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि अब तक इन दोनों अपराधियों को न तो जिलाबदर किया गया है और न ही उनकी जमानत रद्द करवाई गई है। कोर्ट में चल रहे मामलों में भी गवाहों की पेशी नहीं हो पा रही है, जिससे केस कमजोर हो रहे हैं।

जहां हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह और रोहित सिंह तोमर पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, वहीं पुलिस अब उनके करीबियों पर शिकंजा कस रही है। शुभ्रा सिंह और उसके साथियों की गिरफ्तारी इसी कार्रवाई का हिस्सा है। देखना होगा कि क्या यह दबाव पुलिस को दोनों फरार आरोपियों तक पहुंचा पाएगा या मामला फिर पुराने ढर्रे पर ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

विजय भाटिया को 12 दिन की न्यायिक हिरासत, 24 जून को अगली सुनवाई

शराब घोटाले में गिरफ्तार कारोबारी विजय भाटिया को विशेष अदालत ने 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) द्वारा पूछताछ पूरी किए जाने के बाद गुरुवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि पूछताछ समाप्त हो चुकी है, और मामले की जांच को ध्यान में रखते हुए न्यायिक हिरासत की मांग की गई थी। अदालत ने यह मांग स्वीकार करते हुए 12 दिन की रिमांड को मंजूरी दी। अब भाटिया को 24 जून को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।

25 जून को होगी भारतमाला घोटाले की सुनवाई

भारतमाला परियोजना में हुए 48 करोड़ रुपए के घोटाले की सुनवाई 25 जून को होगी। इस मामले में ईओडब्ल्यू ने 25 अप्रैल को करीब 20 ठिकानों पर छापेमारी की थी। तलाशी के दौरान कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए, जिसके आधार पर जमीन दलाल हरमीत, केदार तिवारी, उनकी पत्नी उमा तिवारी और विजय जैन को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

जांच में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं उजागर हो रही हैं, और एजेंसी को संदेह है कि इस घोटाले में अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है। इसलिए सभी आरोपियों की रिमांड अवधि बढ़ाने की मांग की गई है, जिससे जांच को और आगे बढ़ाया जा सके।

बीए-बीएड और बीएससी-बीएड में प्रवेश को लेकर असमंजस, SCERT ले सकता है अहम निर्णय

छत्तीसगढ़ में बीए-बीएड और बीएससी-बीएड पाठ्यक्रमों में इस शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है। इन कोर्सों में प्रवेश के लिए जिम्मेदार संस्था राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने छत्तीसगढ़ व्यापमं को परीक्षा आयोजित कराने के लिए 29 मई को पत्र लिखा था, लेकिन अब तक व्यापमं की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।

SCERT अधिकारियों के अनुसार, नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) की गाइडलाइन के तहत ही इन कोर्सों में दाखिला सुनिश्चित किया जाएगा। अगर व्यापमं परीक्षा आयोजित करने में असमर्थता जाहिर करता है, तो परिषद मेरिट आधारित (12वीं के अंकों) के आधार पर प्रवेश प्रक्रिया अपनाने पर विचार कर सकती है।

फिलहाल प्रदेश के केवल तीन महाविद्यालयों में यह इंटीग्रेटेड कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। जब व्यापमं से इस मामले में संपर्क किया गया, तो उन्होंने भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

इस बीच, छत्तीसगढ़ के प्राइवेट प्रोफेशनल अनएडेड कॉलेजेस की एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि छात्रों के हित में प्रवेश प्रक्रिया 12वीं के अंकों के आधार पर शुरू की जाए। उनका तर्क है कि समय पर दाखिला शुरू न होने से छात्रों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है।

अब सभी की नजरें SCERT के अगले फैसले पर टिकी हैं, जो व्यापमं की चुप्पी के चलते जरूरी निर्णय ले सकता है।

अहमदाबाद विमान हादसे के बाद रायपुर से उड़ानें स्थगित, यात्रियों में मची अफरा-तफरी, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने जताया शोक

अहमदाबाद में हुए विमान हादसे के मद्देनज़र रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से अहमदाबाद के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो की फ्लाइट को अगले आदेश तक रद्द कर दिया गया है। डीजीसीए के निर्देश पर इंडिगो एयरलाइंस ने इस निर्णय की जानकारी दी और ट्रैवल एजेंसियों को नए टिकट बुक न करने के निर्देश दिए गए हैं।

यात्रियों में दहशत और आक्रोश

हादसे की खबर मिलते ही रायपुर एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया। फ्लाइट में बैठ चुके यात्रियों को अचानक विमान से उतारने के आदेश दिए गए, जिससे टर्मिनल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यात्रियों को किसी भी तरह की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई, जिससे वे नाराज हो गए। काफी देर बाद हादसे की जानकारी दी गई, जिसके बाद यात्रियों को शांत किया गया।

विकल्प दिए गए, यात्रियों को किया शिफ्ट

फ्लाइट रद्द होने के बाद एयरलाइन ने यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत वाया मुंबई और दिल्ली होकर बड़ौदा और राजकोट भेजा। लगभग 35 यात्रियों को दूसरी फ्लाइट में स्थानांतरित किया गया, जबकि 40 यात्रियों ने टिकट रद्द कराया, 42 ने आगे की तारीख चुनी और कुछ ने होल्ड पर रखा। टिकट रद्द करने पर पूरा किराया वापस किया गया और अन्य यात्रियों को बिना अतिरिक्त शुल्क के अन्य फ्लाइट्स में शिफ्ट किया गया।

यात्रियों की प्रतिक्रिया

रायपुर के शंकर नगर निवासी एक व्यक्ति ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि वे अपनी बेटी से मिलने अहमदाबाद जा रहे थे लेकिन अचानक की स्थिति से डर गए। वहीं, देवेन्द्र नगर के जोशी परिवार ने बताया कि वे रिश्तेदारों से मिलने जा रहे थे, लेकिन हादसे के चलते अपनी यात्रा स्थगित कर दी।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने जताया शोक

राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इस दुर्घटना को अत्यंत दुखद बताया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ईश्वर से मृतकों की आत्मा की शांति और परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।

उड़ानों पर रोक, शेड्यूल में बदलाव

रायपुर से अहमदाबाद के लिए प्रतिदिन उड़ान भरने वाली इंडिगो की फ्लाइट को अहमदाबाद हादसे की सूचना मिलने के बाद रोक दिया गया। एयरपोर्ट और एयरलाइन प्रबंधन को देशभर से छत्तीसगढ़ आने-जाने वाली उड़ानों को फिलहाल स्थगित करने के निर्देश दिए गए हैं।

बिना जानकारी उड़ान रोकी गई

एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच और बोर्डिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब फ्लाइट टेक-ऑफ की तैयारी में थी, तभी पायलट को तत्काल सूचना देकर उड़ान को रोका गया। यात्रियों को विमान से नीचे उतारा गया, लेकिन हादसे की जानकारी तत्काल नहीं दी गई। काफी देर बाद जब टर्मिनल में यात्री पहुंचे तब उन्हें पूरी जानकारी दी गई।