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दलित युवक को नग्न कर पीटा गया, वीडियो वायरल: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से शर्मनाक घटना

सक्ती, छत्तीसगढ़ | 11 अप्रैल 2025 —

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जहां एक दलित युवक को नग्न कर सार्वजनिक रूप से पीटा गया। यह अमानवीय घटना मालखरौदा थाना क्षेत्र के ग्राम बड़े रबेली की है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

मामला 9 अप्रैल की रात का है, जब युवक अपनी प्रेमिका से मिलने गांव पहुंचा था। लड़की नाबालिग बताई जा रही है। ग्रामीणों ने युवक को देख लिया और उसे पकड़कर पहले जमकर पीटा और फिर अगली सुबह गांव के बीच चौराहे पर नग्न कर बेरहमी से पिटाई की।

युवक के साथ क्रूरता की हदें पार

पीड़ित युवक पानी के लिए गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन किसी ने उसे पीने का पानी तक नहीं दिया। मारपीट से युवक के सिर, आंख और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। उसे गंभीर हालत में रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

गांव बना मूकदर्शक

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मारपीट के समय गांव के अधिकांश लोग मूकदर्शक बने रहे। कुछ लोगों ने जब युवक को बचाने की कोशिश की, तो उन्हें भी वहां से हटा दिया गया।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

सक्ती एसडीओपी मनीष कुंवर ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। पीड़ित का बयान लिया जा रहा है और नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर आक्रोश

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग कर रहे हैं।

यह घटना समाज में फैले जातीय भेदभाव और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त  कार्रवाई की जाएगी।

दिव्यांगों के लिए रायपुर में नि:शुल्क शिविर – 13 अप्रैल को होगा आयोजन

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राजधानी रायपुर के एमजी रोड स्थित जैन दादा बाड़ी में 13 अप्रैल, रविवार को दिव्यांगजनों के लिए एक विशेष नि:शुल्क शिविर आयोजित किया जा रहा है। यह शिविर प्रातः 8 बजे से सायं 5 बजे तक चलेगा। राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त नारायण सेवा संस्थान के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में दिव्यांगजनों की जांच विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा की जाएगी। शिविर में भाग लेने के लिए दिव्यांगजनों को आधार कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, और दो पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाना अनिवार्य है। अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नम्बर 70235-09999 पर संपर्क किया जा सकता है।

विशेषज्ञों की टीम द्वारा जांच और माप प्रक्रिया

नारायण सेवा संस्थान द्वारा आयोजित यह शिविर ‘कुआं प्यासे के पास’ योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया है, जिसमें अनुभवी ऑर्थोटिस्ट एवं प्रॉस्थेटिक डॉक्टर्स की टीम दिव्यांगजनों की जांच करेगी। जिन लोगों ने किसी हादसे या बीमारी के कारण हाथ-पैर गंवाए हैं या पुराने भारी कृत्रिम अंगों के कारण तकलीफ झेल रहे हैं, उन्हें यहां मॉड्यूलर और हल्के कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जाएंगे। शिविर में दिव्यांगों के लिए कास्टिंग और माप प्रक्रिया कराई जाएगी, और लगभग दो माह बाद एक अलग शिविर में उन्हें उनके नाप के अनुरूप नि:शुल्क कृत्रिम अंग फिट किए जाएंगे।

नि:शुल्क भोजन और सुविधाएं

शिविर में आने वाले सभी दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क भोजन, चाय व अल्पाहार की व्यवस्था की गई है। शिविर का उद्देश्य है दिव्यांगों को आत्मनिर्भर और सशक्त जीवन की ओर अग्रसर करना।

40 वर्षों से मानव सेवा में समर्पित संस्थान

1985 से स्थापित नारायण सेवा संस्थान मानवता और दिव्यांग सेवा के क्षेत्र में पिछले 40 वर्षों से कार्यरत है। संस्थान के संस्थापक पद्मश्री कैलाश मानव जी की प्रेरणा से यह संस्था हजारों दिव्यांगों के जीवन में रोशनी ला चुकी है। संस्थान के अध्यक्ष प्रशान्त अग्रवाल ने मेडिकल, शिक्षा, कौशल विकास और खेल अकादमी के माध्यम से लाखों दिव्यांगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा है। संस्थान अब तक 40,000 से अधिक कृत्रिम अंगों का वितरण कर चुका है और छत्तीसगढ़ के दिव्यांगजनों को भी इसका लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

रायपुर थाने में हंगामा: ढाबे वाले से विवाद के बाद थाने पहुंचे युवकों ने ASI का कॉलर पकड़ा, FIR दर्ज

रायपुर। शहर के आमानाका थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। गुरुवार देर रात करीब 12 से 1 बजे के बीच थाने में जमकर हंगामा हुआ। ढाबे वाले से विवाद के बाद आधा दर्जन युवक थाने पहुंचे और वहां ड्यूटी पर तैनात एएसआई (ASI) और नाइट पेट्रोलिंग स्टाफ से भिड़ गए। इस दौरान आरोपियों ने एएसआई का कॉलर पकड़ लिया, जिससे वह धक्का लगने के कारण जमीन पर गिर गए।

ढाबे पर हुआ विवाद बना हंगामे की वजह

पुलिस सूत्रों के अनुसार, हर्षदीप, आकाश जांगड़े, राधे यदु और अन्य युवक आमानाका क्षेत्र के एक ढाबे में खाना खाने गए थे। वहां किसी बात को लेकर ढाबा संचालक से कहासुनी हो गई। मामला इतना बढ़ा कि ढाबा संचालक थाने पहुंच गया। उसके पीछे-पीछे सभी युवक भी थाने आ धमके।

थाने में की बदसलूकी, पुलिस पर किया हमला

थाने में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत की। पुलिस जब मामले की जांच कर रही थी, तब आरोपी युवक आक्रोशित हो गए और उन्होंने थाने में मौजूद एएसआई रमेश चंद्र यादव व अन्य स्टाफ के साथ अभद्रता शुरू कर दी। आरोप है कि युवकों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए एएसआई का कॉलर पकड़ लिया और धक्का-मुक्की की। इस झड़प में एएसआई यादव जमीन पर गिर गए।

पुलिस ने दर्ज की FIR, आरोपियों पर सख्त कार्रवाई

थाने में हुए इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हर्षदीप, आकाश जांगड़े, राधे यदु समेत अन्य युवकों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट और शासकीय कर्मचारी से दुर्व्यवहार की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच की जा रही है और आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: सरगुजा संभाग से 800 श्रद्धालु रवाना, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दिखाई हरी झंडी

अंबिकापुर, छत्तीसगढ़ | 10 अप्रैल 2025:

छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत आज सरगुजा संभाग से लगभग 800 श्रद्धालु उज्जैन, ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर जैसे पवित्र तीर्थ स्थलों के दर्शन हेतु रवाना हुए। श्रद्धालुओं को अंबिकापुर रेलवे स्टेशन से भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन के माध्यम से रवाना किया गया।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर यात्रा का शुभारंभ किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह योजना केवल तीर्थ यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य नागरिकों को उनकी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना भी है।

मुख्यमंत्री की विशेष पहल:

मंत्री राजवाड़े ने अपने संबोधन में बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल पर शुरू की गई यह योजना बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, विधवा और परित्यक्ता महिलाओं के लिए आशा की एक नई किरण है।

मंत्री ने की श्रद्धालुओं के साथ यात्रा:

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े स्वयं भी ट्रेन में सवार होकर सूरजपुर तक श्रद्धालुओं के साथ यात्रा की। सूरजपुर स्टेशन से 288 तीर्थ यात्रियों को ट्रेन में सम्मिलित किया गया। इसके बाद बैकुंठपुर स्टेशन से कोरिया एवं मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिलों के श्रद्धालु भी यात्रा में शामिल हुए।

निःशुल्क सुविधाएं:

सरकार द्वारा तीर्थ यात्रा के दौरान भोजन, आवास, स्वास्थ्य सेवाएं समेत सभी आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जाती हैं। इस योजना से न सिर्फ वरिष्ठ नागरिकों को आध्यात्मिक लाभ मिल रहा है, बल्कि उनके मन को भी शांति और संतोष की अनुभूति हो रही है।

अब IG नहीं DG होंगे EOW के प्रमुख: छत्तीसगढ़ सरकार ने जारी की नई अधिसूचना, देखें 118 विभागों के HOD की लिस्ट 26 मार्च 2025 को जारी हुआ बड़ा प्रशासनिक फैसला

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य प्रशासन में एक बड़ा बदलाव करते हुए 118 विभागों के प्रमुखों की नई लिस्ट जारी की है। इसके तहत कई अधिकारियों को विभागाध्यक्ष (Head of Department) का दर्जा दिया गया है। खास बात यह है कि आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) के प्रमुख पद को लेकर बड़ा फेरबदल किया गया है।

अब तक IG रैंक के अधिकारी EOW का नेतृत्व कर रहे थे, लेकिन सरकार की नई अधिसूचना के अनुसार अब इस पद पर DG यानी महानिदेशक स्तर के अधिकारी तैनात होंगे। इस बदलाव का उद्देश्य आर्थिक अपराधों की जांच को और अधिक प्रभावी व सशक्त बनाना है।

118 HOD की नई लिस्ट जारी

राज्य सरकार की ओर से जारी इस आदेश में कुल 118 अधिकारियों के नाम शामिल हैं, जिन्हें विभागाध्यक्ष के रूप में अधिकृत किया गया है। इन सभी अधिकारियों को अब उनके-अपने विभागों में टॉप पोजिशन पर माना जाएगा और उनके पास अधिक अधिकार और जिम्मेदारियां होंगी।

आदेश की खास बातें:

यह आदेश छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त विभाग द्वारा 26 मार्च 2025 को जारी किया गया है।आदेश को राज्यपाल की मंजूरी के बाद लागू किया गया है।

अधिसूचना को अतिरिक्त सचिव ए.के. सिंह द्वारा राज्यपाल के नाम से नोटिफाई किया गया है।

यह आदेश पुराने नियमों को अपडेट करते हुए जारी किया गया है, जिसमें नए नामों को शामिल किया गया है।

 

इस आदेश की जरूरत क्यों पड़ी?

सरकारी प्रशासन में स्पष्टता लाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह आदेश जारी किया गया है। इससे यह तय हो गया है कि किस विभाग का नेतृत्व कौन करेगा और किसके पास क्या अधिकार होंगे। इससे न केवल प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

​जम्मू-कश्मीर में 83,742 बाहरी लोगों को अधिवास प्रमाण पत्र जारी: क्या यह जनसांख्यिकीय परिवर्तन की शुरुआत?

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जम्मू और कश्मीर सरकार ने पिछले दो वर्षों में 83,742 गैर-स्थानीय निवासियों को अधिवास प्रमाण पत्र जारी किए हैं। राजस्व विभाग के अनुसार, इस अवधि में कुल 35,12,184 अधिवास प्रमाण पत्र जारी किए गए, जिनमें से 83,742 गैर-स्थानीय निवासियों को प्रदान किए गए हैं。

2019 में अनुच्छेद 370 के निरसन के बाद, मई 2020 में जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने ‘जम्मू और कश्मीर अधिवास प्रमाण पत्र (प्रक्रिया) नियम 2020’ अधिसूचित किया, जिसने केंद्र शासित प्रदेश में अधिवास प्रमाण पत्र जारी करने के नियमों को परिभाषित किया। इन नए नियमों के तहत, वे लोग जो जम्मू और कश्मीर में 15 वर्षों से रह रहे हैं या जिन्होंने यहाँ सात वर्षों तक अध्ययन किया है और 10वीं या 12वीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की है, अधिवास प्रमाण पत्र के लिए पात्र हैं।

पूर्व में, जम्मू और कश्मीर के संविधान के अनुसार, केवल स्थायी निवासियों को सरकारी नौकरियों और संपत्ति खरीदने का अधिकार था। हालांकि, नए नियमों के लागू होने के बाद, पश्चिमी पाकिस्तान के शरणार्थियों, सफाई कर्मचारियों और उन महिलाओं के बच्चों को अधिवास प्रमाण पत्र प्राप्त करने की अनुमति मिली, जिन्होंने जम्मू और कश्मीर के बाहर विवाह किया था।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के विधायक वहीद उर रहमान पारा ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की है और मांग की है कि इस प्रक्रिया की जांच की जाए। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि इसे पूरी तरह से रद्द किया जाए। चूंकि प्रमाण पत्र सरकारी नौकरियों के लिए एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है, यहाँ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी हैं जिन्हें अधिवास प्रमाण पत्र प्राप्त करने की आवश्यकता है।”

इन परिवर्तनों के परिणामस्वरूप, अब गैर-स्थानीय निवासी भी जम्मू और कश्मीर में सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन कर सकते हैं और संपत्ति खरीद सकते हैं, जो पहले संभव नहीं था।

क्या नवा रायपुर बनेगा नया इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी? छत्तीसगढ़ सरकार की बड़ी योजना आई सामने

छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रॉनिक्स और ईवी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर में अत्याधुनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना!

नवा रायपुर, अप्रैल 2025: छत्तीसगढ़ सरकार ने नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में अत्याधुनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) की स्थापना की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में शुरू की गई यह पहल राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण क्षेत्र को गति देगी।

3.23 एकड़ में फैले इस सेंटर में पीसीबी प्रोटोटाइपिंग, 3डी प्रिंटिंग, ईएमसी परीक्षण और विश्वसनीयता परीक्षण जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। यह सेंटर सेमीकंडक्टर, एलईडी लाइटिंग, सोलर चार्ज कंट्रोलर, ईवी कंपोनेंट्स, ऑटोमेशन सिस्टम और एससीएडीए पैनल निर्माण जैसी इकाइयों को सहयोग प्रदान करेगा।

108.43 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार की EMC 2.0 योजना के तहत वित्त पोषित किया गया है, जिसमें ₹75 करोड़ केंद्र से और ₹33.43 करोड़ राज्य सरकार से योगदान दिया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह सेंटर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएगा और तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करेगा। यह छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में देशभर में अग्रणी राज्य बनने की दिशा में ले जाएगा।

​माहभर में तीन छात्रों की आत्महत्या: मोबाइल देखने पर पिता की डांट से 9वीं के छात्र ने फांसी लगाई

अंबिकापुर/ सीतापु

सरगुजा जिले के सीतापुर क्षेत्र के ग्राम कसाइडीह में एक 16 वर्षीय छात्र ने अपने पिता द्वारा मोबाइल देखने से मना करने और परीक्षा देने के लिए कहने पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

हाल के समय में, मोबाइल फोन के उपयोग को लेकर माता-पिता और बच्चों के बीच तनाव बढ़ा है, जिसके परिणामस्वरूप कई दुखद घटनाएं सामने आई हैं:

  • सागर, मध्य प्रदेश (जनवरी 2021): 12 वर्षीय लड़के ने मोबाइल गेम खेलने से मना करने पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

  • कर्नाटक (नवंबर 2023): नौवीं कक्षा के छात्र ने माता-पिता द्वारा मोबाइल फोन की लत को लेकर डांटे जाने के बाद आत्महत्या कर ली।

  • अनूपपुर, मध्य प्रदेश (अगस्त 2023): स्कूल नहीं जाने पर पिता की डांट से नाराज होकर 9वीं कक्षा के छात्र ने फांसी लगाकर जान दे दी।

  • अजमेर, राजस्थान (फरवरी 2024): पिता द्वारा मोबाइल छीनकर पढ़ाई करने के लिए कहने पर 9वीं कक्षा की छात्रा ने आत्महत्या कर ली।

  • गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश (दिसंबर 2024): पढ़ाई के बजाय सोने पर पिता की डांट से नाराज होकर 17 वर्षीय लड़की ने आत्महत्या कर ली।

  • बिजनौर, उत्तर प्रदेश (दिसंबर 2024): मां द्वारा मोबाइल चलाने से मना करने पर 11वीं कक्षा के छात्र ने पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

  • नोएडा, उत्तर प्रदेश (दिसंबर 2023): पिता द्वारा मोबाइल के अधिक उपयोग पर डांटने से नाराज 17 वर्षीय किशोर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

  • बलिया, उत्तर प्रदेश (दिसंबर 2023): पिता द्वारा मोबाइल देखने से मना करने पर 12वीं कक्षा के छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 

  • इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि मोबाइल फोन के उपयोग को लेकर परिवारों में तनाव बढ़ रहा है, जो गंभीर परिणामों का कारण बन रहा है।

बिरगांव: ‘सतनामी मोहल्ला’ नाम मिटाने पर भड़का समुदाय, पुलिस में शिकायत दर्ज

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रायपुर के बिरगांव क्षेत्र में एक बार फिर शरारती तत्वों द्वारा आपत्तिजनक हरकत को अंजाम दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, सतनामी मोहल्ला नामक इलाके के मुख्य बोर्ड से बार-बार ‘सतनामी मोहल्ला’ का नाम मिटाया जा रहा है। इस घटना से सतनामी समाज में रोष व्याप्त हो गया है।

समुदाय के लोगों ने इस मामले की शिकायत उरला थाने में दर्ज कराई है। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि घटना की गंभीरता से जांच की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह कार्रवाई किसी खास समुदाय की भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाने के लिए की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों की पहचान कर उन्हें कानूनी सजा दी जाए।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में बलौदा बाजार में भी इस तरह की घटना के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए थे, जहां प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया था। ऐसे में बिरगांव के लोग चाहते हैं कि प्रशासन समय रहते आवश्यक कदम उठाए, जिससे शांति और आपसी सौहार्द बना रहे।

रायपुर में क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई: हुक्का कारोबारी के घर छापा, 75 लाख का नशे का सामान जब्त

रायपुर, छत्तीसगढ़। राजधानी रायपुर के राजीव नगर क्षेत्र में मंगलवार को क्राइम ब्रांच और खम्हारडीह थाना की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने अशोक मंधानी नामक व्यक्ति के आवास पर छापा मारते हुए लगभग 50 से 75 लाख रुपये की कीमत का हुक्का और संबंधित नशीला सामान जब्त किया।


घर के अंदर छिपाकर रखा गया था सामान

छापेमारी के दौरान पुलिस को अशोक मंधानी के घर के विभिन्न कमरों में बने गुप्त रैक में छिपाकर रखे गए हुक्का, फ्लेवर, चारकोल और तंबाकू के सैकड़ों पैकेट मिले। जब्त सामान की मात्रा इतनी अधिक थी कि क्राइम ब्रांच को उसे ले जाने के लिए तीन अलग-अलग वाहनों की व्यवस्था करनी पड़ी।


आरोपित पर पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

यह पहली बार नहीं है जब अशोक मंधानी पुलिस के शिकंजे में आया है। उससे पहले भी दो बार हुक्का तस्करी के मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक बार पूरे ट्रक भरकर हुक्का सामग्री जब्त की गई थी।

इसके बावजूद, आरोपी ने फिर से अवैध कारोबार को शुरू कर दिया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह नियमों और कानून की अवहेलना करने में जरा भी नहीं झिझकता।


प्रदेश में हुक्का पर पूर्ण प्रतिबंध

छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने हुक्का के निर्माण, बिक्री, सेवन और भंडारण पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसके बावजूद प्रदेश में अवैध हुक्का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है, जो युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है।

ashok mandhani hukka trader – 

प्रदेशभर में फैला था हुक्का नेटवर्क

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अशोक मंधानी पूरे राज्य में हुक्का की सप्लाई करता था। उसका नेटवर्क न केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित, बल्कि ग्रामीण इलाकों तक फैला हुआ था। वह हुक्का पाइप, फ्लेवर, चारकोल और तंबाकू की आपूर्ति बड़े पैमाने पर करता था।


ऑनलाइन होम डिलीवरी भी करता था

आश्चर्य की बात यह है कि आरोपी हुक्का की होम डिलीवरी भी करता था। इसके लिए वह ऑनलाइन प्लेटफार्मों और सोशल मीडिया का सहारा लेता था। इससे पहले की जांचों में खुलासा हुआ था कि आरोपी के पास ग्राहकों की सूची थी, जिससे संपर्क कर वह सीधे उनके घरों तक हुक्का उत्पाद पहुंचाता था।


📌 पुलिस अब आरोपी के पूरे नेटवर्क की छानबीन में जुट गई है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन शामिल है।