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ओडिशा से भिलाई तक गांजा तस्करी: 6.140 किलोग्राम मादक पदार्थ के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर में पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के एक मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 6.140 किलोग्राम मादक पदार्थ गांजा जब्त किया गया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20-बी के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

गिरफ्तार आरोपी:

  1. रूद्र किशोर बिशी उर्फ गोलु (28 वर्ष), पिता हिमांचल बिशी, जिला बलांगीर, ओडिशा

  2. बशिष्ठ महानंद (32 वर्ष), पिता अमर महानंद, ओडिशा

  3. मुकेश तांडी (29 वर्ष), पिता मुरारी तांडी, सेक्टर 6, भिलाई नगर

पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर इन तस्करों पर नजर रखी और उचित समय पर कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी ओडिशा से गांजा लाकर भिलाई में खपाने का प्रयास कर रहे थे। उनके पास से बरामद मादक पदार्थ को जब्त कर लिया गया है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20-बी के तहत मामला दर्ज किया है और उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई से स्पष्ट होता है कि पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है।

पुलिस विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इससे समाज में मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

इस मामले में आगे की जांच जारी है, और पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इन आरोपियों का संबंध किसी बड़े तस्करी गिरोह से है। पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ उनकी कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।

छत्तीसगढ़ में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) अनिवार्य: 16 अप्रैल से जुर्माना लागू

छत्तीसगढ़ में वाहन सुरक्षा बढ़ाने और पहचान में सुधार के लिए राज्य सरकार ने हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) को अनिवार्य कर दिया है। वाहन मालिकों को 15 अप्रैल 2025 तक अपनी गाड़ियों में HSRP लगवाने का समय दिया गया है। इसके बाद, 16 अप्रैल से बिना HSRP वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें ₹500 से ₹10,000 तक जुर्माना शामिल है।

मुख्य बिंदु:

  • अंतिम तिथि: 15 अप्रैल 2025 तक HSRP लगवाना अनिवार्य।

  • जुर्माना: निर्धारित तिथि के बाद बिना HSRP वाहन चलाने पर ₹500 से ₹10,000 तक जुर्माना।

  • लागत: HSRP लगाने की कीमत जुर्माने से कम; दोपहिया के लिए ₹365.80, तिपहिया के लिए ₹427.16, हल्के मोटर वाहनों के लिए ₹656.08, और यात्री कारों के लिए ₹705.64 शुल्क निर्धारित।

  • ऑटोमोबाइल डीलरों का शुल्क: प्रत्येक इंस्टॉलेशन के लिए अतिरिक्त ₹100 चार्ज।

HSRP की विशेषताएं:

  • सुरक्षा: टेम्पर-प्रूफ डिज़ाइन, जिससे चोरी और जालसाजी में कमी।

  • पहचान: यूनिक लेजर कोड और होलोग्राम के माध्यम से वाहन की पहचान में आसानी।

  • मानकीकरण: सभी वाहनों के लिए समान मानक, जिससे पहचान प्रक्रिया सरल।

नंबर प्लेट बदलवाने की प्रक्रिया:

  1. ऑनलाइन आवेदन: परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और वाहन के विवरण दर्ज करें।

  2. शुल्क भुगतान: निर्धारित शुल्क ऑनलाइन जमा करें।

  3. स्लॉट बुकिंग: प्लेट इंस्टॉलेशन के लिए समय स्लॉट चुनें।

  4. इंस्टॉलेशन: तय समय पर डीलर सेंटर पर जाकर या घर पर नई नंबर प्लेट लगवाएं।

नोट: वाहन मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे जल्द से जल्द HSRP लगवाएं ताकि जुर्माने से बचा जा सके और वाहन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

Raipur Crime News: चिकन के बंटवारे को लेकर दो भाइयों में चाकूबाजी, दोनों घायल

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी थाना क्षेत्र में एक विचित्र और चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां घर में बने चिकन के बंटवारे को लेकर दो सगे भाइयों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि बात चाकूबाजी तक पहुंच गई। इस हिंसक झगड़े में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 

घटना का विवरण

पुलिस के अनुसार, गुढ़ियारी निवासी अजय मिरी (बड़ा भाई) और साहिल मिरी (छोटा भाई) के बीच चिकन के बंटवारे को लेकर कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि अजय ने गुस्से में आकर साहिल पर चाकू से हमला कर दिया। घायल साहिल ने भी अजय को चाकू मार दिया। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस की कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। गुढ़ियारी थाना में इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों भाइयों के बीच पहले भी विवाद होते रहे हैं, लेकिन इस बार मामला जानलेवा हमला तक पहुंच गया। पुलिस मामले की सभी एंगल से जांच कर रही है।

सामाजिक चिंता

यह घटना न केवल पारिवारिक संबंधों में बढ़ती असहिष्णुता को दर्शाती है, बल्कि समाज में बढ़ती हिंसा की प्रवृत्ति पर भी सवाल उठाती है। छोटे-छोटे विवादों का हिंसक रूप लेना चिंता का विषय है और इसके लिए समाज में जागरूकता और सहिष्णुता बढ़ाने की आवश्यकता है।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोनों भाइयों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों भाइयों के बीच पहले भी विवाद होते रहे हैं, लेकिन इस बार मामला जानलेवा हमला तक पहुंच गया।

इस घटना ने एक बार फिर से यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कैसे पारिवारिक विवादों को समय रहते सुलझाया जाए ताकि ऐसे हिंसक घटनाओं से बचा जा सके।

रायपुर के डब्ल्यू आर एस केंद्रीय विद्यालय (1) की बदहाल स्थिति: पीएम श्री स्कूल योजना के बावजूद प्रबंधन की लापरवाही उजागर

रायपुर के रेलवे क्षेत्र में स्थित डब्ल्यू आर एस केंद्रीय विद्यालय (1), जिसे हाल ही में ‘पीएम श्री स्कूल’ योजना के अंतर्गत चुना गया है, वर्तमान में बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रबंधन की लापरवाही के कारण चर्चा में है।

पीएम श्री स्कूल योजना का उद्देश्य

‘पीएम श्री स्कूल’ योजना का उद्देश्य देशभर के चयनित विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना है, जिसमें स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, विज्ञान प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं और पर्यावरण के अनुकूल अवसंरचना शामिल हैं। इस योजना के तहत, डब्ल्यू आर एस केंद्रीय विद्यालय (1) को भी चुना गया है, जिससे छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और सुविधाएं प्रदान की जा सकें।

वास्तविकता में सुविधाओं की कमी

हालांकि, विद्यालय की वर्तमान स्थिति योजना के उद्देश्यों के विपरीत है। गर्मी के मौसम में छात्रों को धूप में खड़े होकर पानी पीना पड़ता है, क्योंकि पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा, कक्षाओं के पास टूटे हुए फर्नीचर का ढेर लगा हुआ है, जिससे न केवल सौंदर्य बिगड़ता है, बल्कि यह सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक है।

प्रबंधन की उदासीनता

विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। छात्रों और अभिभावकों की शिकायतों के बावजूद, समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि प्राचार्य और अन्य संबंधित अधिकारी इन मुद्दों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे छात्रों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

अभिभावकों और छात्रों की चिंता

अभिभावक और छात्र विद्यालय की इस स्थिति से चिंतित हैं। उनका मानना है कि यदि ‘पीएम श्री स्कूल’ योजना के तहत चयनित विद्यालय की यह स्थिति है, तो अन्य विद्यालयों की स्थिति की कल्पना करना कठिन नहीं है। वे चाहते हैं कि संबंधित अधिकारी इस ओर ध्यान दें और आवश्यक सुधार करें।

आवश्यक कदम

इस स्थिति को सुधारने के लिए आवश्यक है कि शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारी विद्यालय का निरीक्षण करें और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएं। ‘पीएम श्री स्कूल’ योजना के उद्देश्यों की पूर्ति तभी संभव है जब विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं और प्रबंधन अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी से करे।

डब्ल्यू आर एस केंद्रीय विद्यालय (1) की वर्तमान स्थिति एक चेतावनी है कि योजनाएं तभी सफल हो सकती हैं जब उनका सही तरीके से क्रियान्वयन किया जाए। छात्रों के भविष्य के लिए आवश्यक है कि विद्यालयों में शिक्षा के साथ-साथ सुविधाओं पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाए।

जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ में मुठभेड़ के दौरान जैश कमांडर सैफुल्लाह समेत तीन पाकिस्तानी आतंकी ढेर

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जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। 9 अप्रैल से चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के टॉप कमांडर सैफुल्लाह समेत तीन पाकिस्तानी आतंकियों—फरमान और बाशा—को मार गिराया है। इन तीनों पर ₹5 लाख का इनाम घोषित था।

यह मुठभेड़ किश्तवाड़ के छात्रू क्षेत्र के नैदगाम जंगलों में हुई, जहां सेना की 2, 5 और 9 पैरा यूनिट्स, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। सुरक्षाबलों ने आतंकियों को पकड़ने के लिए हेलीकॉप्टर का भी इस्तेमाल किया। मुठभेड़ के बाद मौके से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक भी बरामद किए गए हैं 

इसके अलावा, उधमपुर और किश्तवाड़ जिलों में भी आतंकवादियों के खिलाफ एक और बड़ा ऑपरेशन चल रहा है। बताया जा रहा है कि ये आतंकी कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर के रास्ते अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ कर भारत में दाखिल हुए थे।

 

इस बीच, नियंत्रण रेखा (LoC) पर भी हालात तनावपूर्ण हैं। पाकिस्तानी सेना ने अखनूर के केरी बट्टल सेक्टर में सीजफायर का उल्लंघन किया, जिसमें भारतीय सेना के एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) कुलदीप सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई। भारतीय सेना ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तानी पोस्ट्स पर फायरिंग की।

सुरक्षाबलों का यह अभियान अभी भी जारी है, और अन्य आतंकियों की तलाश में सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के जवान जुटे हुए हैं।

छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार 2025 का प्रथम चरण संपन्न: 1.09 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त

“छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार 2025: प्रथम चरण में 1.09 लाख से अधिक आवेदन, मई में समाधान शिविर”

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित “सुशासन तिहार 2025” का प्रथम चरण 8 से 11 अप्रैल तक सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस चरण में राज्यभर से कुल 1,09,452 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1,06,421 आवेदन विभिन्न मांगों से संबंधित थे, जबकि 3,031 आवेदन शिकायतों के रूप में दर्ज किए गए।

प्रमुख मांगें और योजनाएं

प्रथम चरण में प्राप्त मांगों में निम्नलिखित योजनाओं के लिए सबसे अधिक आवेदन प्राप्त हुए:

  1. प्रधानमंत्री आवास योजना

  2. महतारी वंदन योजना

  3. राशन कार्ड निर्माण

  4. सड़क और नाली निर्माण

  5. शिक्षकों की नियुक्ति

  6. पेंशन योजनाएं

  7. आयुष्मान भारत कार्ड

  8. भूमिहीन किसान सहायता निधि

    आवेदन संग्रहण की प्रक्रिया

    राज्य सरकार ने समाधान पेटियों के माध्यम से ग्राम पंचायतों, नगर निगमों, जनपद पंचायतों, तहसील कार्यालयों और अन्य सरकारी संस्थानों में आवेदन एकत्र किए। इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन स्वीकार किए गए। रायपुर नगर निगम के 70 वार्डों में विशेष रूप से समाधान पेटियों की व्यवस्था की गई थी, जहां नागरिकों ने अपनी समस्याएं और मांगें दर्ज कीं।

    आगामी चरणों की योजना

    • द्वितीय चरण (12 अप्रैल – 4 मई 2025): इस चरण में प्राप्त आवेदनों का स्कैनिंग, सॉर्टिंग और संबंधित विभागों को अग्रेषण किया जाएगा।

    • तृतीय चरण (5 मई – 31 मई 2025): इस चरण में समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जहां नागरिकों को उनके आवेदनों के निवारण की जानकारी प्रदान की जाएगी और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ से अवगत कराया जाएगा।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल को जनता से सीधे संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक नागरिक सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं और उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

    सुशासन तिहार 2025 के अगले चरणों में भी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा की जा रही है, जिससे राज्य में सुशासन की दिशा में ठोस प्रगति हो सके।

बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर लापरवाही से गई जान, हाईकोर्ट ने उठाए सवाल

बिलासपुर (छत्तीसगढ़)। बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर एंबुलेंस सुविधा न मिलने के चलते एक कैंसर पीड़ित महिला की मौत के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इस गंभीर लापरवाही पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका के तहत सुनवाई शुरू की और राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के सचिव तथा रेलवे के डीआरएम से जवाब तलब किया है।

हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि सरकार की ओर से चलाई जा रही मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं कागजों तक सीमित हैं, जबकि ज़मीनी हकीकत यह है कि ज़रूरत के समय आम नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। कोर्ट ने पूछा है कि आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस सेवा क्यों नहीं उपलब्ध हो पा रही है, और अब तक इस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।

इस जनहित याचिका में बताया गया कि रायपुर से बिलासपुर पहुंची एक 62 वर्षीय कैंसर मरीज महिला रानी बाई की ट्रेन में मौत हो गई थी। स्टेशन पर एंबुलेंस ड्राइवर मौजूद नहीं था, और काफी देर बाद जब वह आया भी, तो शव को ले जाने से मना कर दिया। परिजनों को निजी प्रयास से दूसरी एंबुलेंस बुलानी पड़ी, जिससे करीब एक घंटे की देरी हुई।

दूसरी घटना दंतेवाड़ा जिले के गीदम की है, जहां एक गंभीर मरीज को 11 घंटे तक 108 एंबुलेंस सेवा नहीं मिल सकी। लगातार कॉल के बावजूद एंबुलेंस सुबह के बजाय रात में पहुंची, जिससे इलाज में देरी हुई और मरीज की जान चली गई।

इन घटनाओं को हाईकोर्ट ने बेहद गंभीर मानते हुए कहा कि यदि कैंसर मरीजों और आपातकालीन मामलों में भी एंबुलेंस नहीं मिल रही है, तो यह प्रशासनिक विफलता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि रेलवे के पास अपना अस्पताल होने के बावजूद एंबुलेंस सेवा उपलब्ध न होना और स्वास्थ्य विभाग की निष्क्रियता, दोनों ही जनता के जीवन को खतरे में डाल रहे हैं।

कोर्ट ने अगली सुनवाई से पहले विस्तृत जानकारी देने के निर्देश के साथ राज्य सरकार और रेलवे प्रशासन से लिखित जवाब मांगा है।

छत्तीसगढ़ में वक्फ संपत्तियों की जांच के लिए केंद्रीय टीम रायपुर पहुंची

छत्तीसगढ़ में वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर केंद्र सरकार की सख्त कार्रवाई 

रायपुर — वक्फ संशोधन अधिनियम के लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ में वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। दिल्ली से 10 सदस्यीय केंद्रीय टीम रायपुर पहुंची है, जो राज्य में वक्फ संपत्तियों की जांच और निरीक्षण कर रही है। इस टीम में छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज भी शामिल हैं।

शुक्रवार को टीम ने रायपुर के टिकरापारा स्थित फतेह शाह मार्केट सहित अन्य वक्फ संपत्तियों का निरीक्षण किया। डॉ. सलीम राज ने बताया कि छत्तीसगढ़ में वक्फ बोर्ड के पास लगभग 5,000 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जिसमें से 85% से अधिक पर अवैध कब्जा है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज के कुछ वरिष्ठ लोग और तथाकथित ठेकेदार इन संपत्तियों पर कब्जा जमाए हुए हैं।

वक्फ बोर्ड ने अवैध कब्जों को हटाने के लिए कलेक्टर और पंजीयन रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर फर्जी रजिस्ट्रियों को शून्य घोषित करने की मांग की है। डॉ. सलीम राज ने कहा कि वक्फ संपत्तियों को भूमाफियाओं से मुक्त कराकर मुस्लिम समाज के कल्याण के लिए उपयोग में लाया जाएगा।

विधायक अनुज शर्मा ने वक्फ संशोधन अधिनियम को ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि इससे वक्फ संपत्तियों पर पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि अब वक्फ ट्रिब्यूनल के निर्णयों को न्यायालय में चुनौती दी जा सकेगी, जो पहले संभव नहीं था।

केंद्र सरकार की यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में वक्फ संपत्तियों पर पारदर्शिता लाने और अवैध कब्जों को हटाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

रेलवे का बड़ा कदम: छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र को 240 किमी डबल लाइन परियोजना की सौगात

केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के रेल नेटवर्क को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के गोंदिया-बल्लारशाह सेक्शन में रेल लाइन के दोहरीकरण की परियोजना को मंजूरी दे दी गई है। यह 240 किलोमीटर लंबी डबल लाइन परियोजना अब आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस महत्वाकांक्षी परियोजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना पर करीब 4,819 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके तहत छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र का तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से रेल संपर्क बेहतर होगा, जिससे क्षेत्रीय और अंतर्राज्यीय आवागमन को नई गति मिलेगी।

परियोजना से जुड़े लाभों की चर्चा करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि यह डबल लाइन योजना माल और यात्री परिवहन की गति और सुविधा में वृद्धि लाएगी। ट्रेनों की रफ्तार बढ़ने से यात्रा समय में कमी आएगी और भीड़भाड़ की समस्या से भी राहत मिलेगी।

इसके अलावा, इस दोहरीकरण परियोजना को क्षेत्रीय विकास के लिए भी महत्वपूर्ण बताया गया है। रेल संपर्क बेहतर होने से औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

यह परियोजना न केवल रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में सहायक होगी, बल्कि देश के समग्र विकास एजेंडे को भी आगे बढ़ाएगी।

छत्तीसगढ़ जेलों में भीड़ पर हाईकोर्ट सख्त, बेमेतरा में मई तक शुरू होगी ओपन जेल, जून 2025 तक मांगा विस्तृत जवाब

बिलासपुर।

प्रदेश की जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों की भीड़ और अमानवीय जीवन परिस्थितियों को लेकर दायर जनहित याचिका पर शुक्रवार को बिलासपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य शासन ने कोर्ट को जानकारी दी कि बेमेतरा में 500 कैदियों की क्षमता वाली ओपन जेल का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और इसे मई 2025 के अंत तक शुरू किया जाएगा।

शासन ने अदालत को बताया कि रायपुर और बिलासपुर में नई विशेष जेलों का निर्माण भी जारी है। रायपुर में 4000 और बिलासपुर में 1500 बंदियों की क्षमता वाली जेल बनाई जा रही है। कोर्ट ने रायपुर और बिलासपुर में जेल विस्तार कार्य की प्रगति रिपोर्ट भी मांगी है।

हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने अगली सुनवाई जून 2025 के लिए तय करते हुए निर्देश दिया कि शासन इस मामले में विस्तृत प्रगति रिपोर्ट पेश करे। अदालत ने स्पष्ट किया कि जेलों में भीड़भाड़ की समस्या को लेकर सरकार को गंभीर और प्रभावी कदम उठाने होंगे।

यह याचिका प्रदेश की जेलों में बदतर स्थिति, ओवरक्राउडिंग और कैदियों के मूलभूत अधिकारों के उल्लंघन को लेकर दायर की गई थी। मामले की अगली सुनवाई तक हाईकोर्ट ने शासन को सभी संबंधित योजनाओं की अद्यतन स्थिति और भावी योजनाओं की जानकारी देने को कहा है।