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गर्मी का असर शुरू: जल को तरसते जलाशय, अप्रैल में ही संकट के संकेत

गर्मी ने अप्रैल के मध्य में ही अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के प्रमुख जलाशयों और बांधों का जलस्तर तेजी से गिर रहा है, जिससे मई और जून के लिए जल संकट के गहराने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग, कम बारिश, जलसंसाधनों का अनियंत्रित दोहन, जंगलों की अंधाधुंध कटाई और वर्षा जल का सही संरक्षण नहीं होना इस संकट के मुख्य कारण हैं।

गंगरेल बांध – प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा बांध गंगरेल वर्तमान में केवल 44.17% भराव के साथ संचालित हो रहा है। इसमें अभी कुल 17.033 टीएमसी पानी है, जिसमें से केवल 11.962 टीएमसी उपयोग योग्य है। 15 मार्च से आसपास के जिलों में पानी सप्लाई किया जा रहा है, लेकिन सिंचाई के लिए इस साल पानी नहीं दिया गया है।

तांदुला जलाशय – दुर्ग संभाग का यह प्रमुख जलाशय केवल 29.54% जलभराव के साथ चल रहा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम है। इसी तरह खरखरा जलाशय में 28.31%, सरोदा डैम में 53%, पिपरिया नाले में 59.79%, और मरोदा डैम में 33% पानी शेष है।

घुनघुट्टा बांध – अंबिकापुर को पानी सप्लाई करने वाला यह डेम 62.05 एमसीएम की क्षमता के मुकाबले वर्तमान में केवल 28.5 एमसीएम यानी 46% जल के साथ बचा है।

बस्तर में सबसे खराब हालात – बस्तर के कोसारटेडा जलाशय में पिछले पांच वर्षों में सबसे कम पानी है। वर्तमान में इसमें मात्र 15.07 क्यूबिक मीटर जल है, जबकि पिछले वर्ष यही आंकड़ा 29.21 था।

बिलासपुर संभाग – अरपा भैंसाझार जलाशय में इस समय 39%, घोंघा जलाशय में 38% और खूंटाघाट जलाशय में मात्र 37.78% पानी शेष है। पिछले वर्ष की तुलना में ये आंकड़े काफी नीचे हैं।

गौरतलब है कि देश के कई ग्रामीण इलाकों में महिलाएं अपने सिर पर उतना पानी ढोती हैं, जितना एयरलाइंस में एक यात्री को ले जाने की अनुमति नहीं होती। वहीं, उत्तराखंड की नैनी झील जैसी प्रसिद्ध मीठे पानी की झीलें भी अब सूखने लगी हैं, जिसे विशेषज्ञ ग्लोबल वार्मिंग का परिणाम बता रहे हैं।

इस जल संकट को हर वर्ष नजरअंदाज किया जाता है, लेकिन अब वक्त आ गया है कि जलसंचय, वनीकरण और टिकाऊ जल नीति पर गंभीरता से काम किया जाए, ताकि आने वाले समय में हालातऔर न बिगड़ें।

बस्तर ने पर्यटन क्षेत्र में बनाई नई पहचान, मुख्यमंत्री बोले- वैश्विक स्तर पर बनाएंगे अपनी जगह

छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र ने पिछले 15 महीनों में पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को “विकसित बस्तर की ओर” नामक परिचर्चा के दौरान कहा कि अब समय आ गया है कि बस्तर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा धुड़मारास गांव को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों में शामिल किया गया है, जो क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि बस्तर में और अधिक इको-टूरिज्म गांव विकसित किए जाएंगे। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, और कोटमसर गुफाओं जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर कैनोपी वॉक, ग्लास ब्रिज, और होम स्टे जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

पर्यटन के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने एडवेंचर और सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा देने की बात कही। इसके माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार किए जाएंगे। इस अवसर पर उन्होंने बस्तर के समग्र विकास के लिए एक व्यापक कार्ययोजना भी प्रस्तुत की।

मुख्यमंत्री साय ने इस कार्यक्रम में यह भी कहा कि मार्च 2026 तक देश को नक्सल मुक्त करने के लक्ष्य के साथ बस्तर में विकास की रफ्तार और तेज की जाएगी। इस दिशा में “नवा अंजोर” विजन के माध्यम से बस्तर को विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के सपने का आधार बनाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बस्तर के स्वदेशी और जैविक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन उत्पादों को छत्तीसगढ़ की पहचान के रूप में विकसित किया जाएगा ताकि वैश्विक स्तर पर भी बस्तर अपनी खास जगह बना सके।

बैठक के दौरान कृषि, कौशल विकास, पर्यटन और उद्योग जैसे क्षेत्रों में बस्तर की संभावनाओं को लेकर गहन और सार्थक चर्चा हुई। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और स्टेकहोल्डर्स भी शामिल हुए।

बस्तर अब न केवल नक्सलवाद से उबरने की ओर बढ़ रहा है, बल्कि विकास और प्रगति की नई कहानी भी लिख रहा है।

छत्तीसगढ़ में हर जिले में खुलेंगे नालंदा परिसर, रायपुर मॉडल को बनाया गया आधार

राजधानी रायपुर में स्थापित नालंदा परिसर और तक्षशिला मॉडल को देखते हुए अब छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी अत्याधुनिक लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं। इस योजना के तहत राज्य के 12 शहरों में नालंदा परिसर खोले जा रहे हैं, जिनमें रायगढ़ में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और इसके जुलाई 2025 तक लोकार्पण की संभावना है।

9 अन्य शहरों में जारी किए गए टेंडर

शेष 9 शहरों में भी नालंदा परिसर के निर्माण हेतु टेंडर जारी कर दिए गए हैं और निर्माण कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। इन सभी परिसरों में रायपुर के नालंदा परिसर जैसी ही उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

राज्य के हर जिले में बनेगा नालंदा परिसर

राज्य शासन ने प्रत्येक जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक आधुनिक लाइब्रेरी खोलने की योजना बनाई है। नगरीय प्रशासन विभाग के अनुसार, इस वर्ष 32 जगहों पर नालंदा परिसर खोले जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इनमें से 12 प्रस्तावों को वित्त विभाग से अनुमति मिल चुकी है, जबकि 17 और प्रस्तावों की स्वीकृति हेतु प्रक्रिया जारी है। अनुमति मिलते ही इनके लिए भी टेंडर जारी किए जाएंगे।

उन्नत सुविधाएं और ऑनलाइन अध्ययन का विकल्प

रायपुर के नालंदा परिसर की तरह ही अन्य जिलों में बनने वाली लाइब्रेरियों में भी वातानुकूलित कक्ष, ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा, उच्च गुणवत्ता की संदर्भ पुस्तकें और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।

लाइब्रेरी की सदस्यता के लिए मासिक शुल्क ₹500 निर्धारित किया गया है, जबकि प्रवेश के समय ₹2000 कॉशन मनी ली जाती है, जो बाद में वापस की जाती है।

इन शहरों में खुलेंगे पहले चरण के नालंदा परिसर

रायपुर (दो स्थानों पर)

भिलाई

दुर्ग

राजनांदगांव

कुनकुरी

बिलासपुर

मुंगेली

सक्ती

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई

महासमुंद

यह पहल राज्य के युवाओं को एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

सांसद ने किया गजब ‘कब्जा’: सीएम से नहीं मिला बंगला, तो एसएसपी को एलॉट बंगले पर जड़ा अपना नाम – वो भी पांच बार!

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक बार फिर सरकारी बंगले को लेकर विवाद सामने आया है। बीजेपी के राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह देव ने सिविल लाइन क्षेत्र के बस्तरबाड़ा स्थित बंगले पर अपने नाम की एक नहीं बल्कि पांच नेमप्लेट टांग दी हैं। हैरानी की बात यह है कि यह बंगला गृह विभाग द्वारा रायपुर एसएसपी कार्यालय के लिए आवंटित किया गया है।

गृह विभाग ने इस बंगले को एसएसपी कार्यालय को आवंटित करते हुए 30 जनवरी 2025 को आदेश जारी किया था। यह स्थान अस्थायी तौर पर एसएसपी ऑफिस के लिए तय किया गया है, क्योंकि रायपुर कलेक्टोरेट परिसर में नई कम्पोजिट बिल्डिंग का निर्माण कार्य जारी है, जिसमें एसएसपी का स्थायी ऑफिस भी प्रस्तावित है।

लेकिन राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह देव ने आदेशों को दरकिनार करते हुए बंगले पर ‘कब्जा’ जमा लिया और अपने नाम की पांच नेमप्लेट्स गेट पर लगा दीं। बताया जा रहा है कि उन्होंने पहले मुख्यमंत्री से सरकारी आवास की मांग की थी, लेकिन जब बात नहीं बनी तो उन्होंने यह बंगला अपने लिए उपयुक्त समझा और ‘कब्जा’ कर लिया।

गौरतलब है कि यह बंगला पहले कांग्रेस नेता मोहन मरकाम को आवंटित किया गया था, जो राज्य में पीसीसी अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। मरकाम के बंगला खाली करने के बाद इसे एसएसपी ऑफिस के लिए चिन्हित किया गया था।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू

इस घटनाक्रम के बाद राजनीति भी गरमा गई है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी ने इसे ‘अवैध कब्जा’ बताते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा –

> “सरकारी जमीन और सम्पत्ति पर अवैध कब्जा करने के लिए पहचानी जाने वाली भाजपा सरकार अब पुलिस कप्तान के ऑफिस तक पहुंच गई है। जिस एसएसपी से आम जनता न्याय की उम्मीद करती है, वह खुद अपने ऑफिस के लिए भटक रहा है। यह बेहद शर्मनाक है।”

विकास तिवारी ने गृहमंत्री विजय शर्मा से सवाल किया कि क्या राज्यसभा सांसद ने उनके निर्देश पर यह कब्जा किया है? अगर सांसद एसएसपी के ऑफिस में रहेंगे, तो क्या एसएसपी सड़क पर ऑफिस लगाएंगे?

फिलहाल इस मुद्दे पर शासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यह मामला आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक विवाद बन सकता है।

भिलाई में बुलडोजर कार्रवाई पर बवाल, 60 से ज्यादा घर जमींदोज

भिलाई, छत्तीसगढ़:
भिलाई के खुर्सीपार क्षेत्र स्थित गौतम नगर में सोमवार सुबह नगर निगम की ओर से किए गए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ने तूल पकड़ लिया है। सीवरेज लाइन निर्माण के तहत निगम की टीम ने 60 से अधिक मकानों पर बुलडोजर चला दिया, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।

मकानों के टूटने से प्रभावित लोगों का आरोप है कि कार्रवाई से पहले न तो कोई मुनादी की गई और न ही उन्हें कोई पूर्व सूचना दी गई। अचानक सुबह 6 बजे निगम की टीम पहुंची और मकान तोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इससे कई लोग बेघर हो गए और अपना सामान तक नहीं निकाल सके।

निगम की सफाई:
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट के चलते ये कार्रवाई जरूरी थी और इसकी पहले से योजना बनाई गई थी। हालांकि, भारी विरोध के चलते फिलहाल आगे की कार्रवाई पर रोक लगाने की संभावना जताई जा रही है।

स्थिति तनावपूर्ण:
घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। विधायक ने चेतावनी दी है कि जब तक प्रभावित लोगों का पुनर्वास सुनिश्चित नहीं हो जाता, तब तक एक भी मकान नहीं टूटेगा।

यह घटना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है, और अब यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में इस मामले का समाधान किस तरह से किया जाता है।

नहर में गिरी पिकअप वाहन, दो बच्चों सहित पांच ग्रामीण बहे, एक महिला का शव बरामद

करतला, कोरबा | 14 अप्रैल 2025 — छठ्ठी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे ग्रामीणों से भरी एक पिकअप वाहन रविवार को हसदेव बांयी तट नहर में गिर गई। हादसे के समय वाहन में करीब 25 लोग सवार थे। तेज बहाव के कारण दो बच्चों सहित पांच लोग नहर में बह गए। अब तक एक महिला का शव बरामद किया गया है, जबकि चार अन्य की तलाश जारी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह दुर्घटना विकासखंड करतला के ग्राम मुकुंदपुर के पास उस वक्त हुई जब चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। वाहन सीधे नहर में जा गिरी, जहां पानी का बहाव बहुत तेज था। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और लोग चीखने-चिल्लाने लगे।

बहने वालों में सात साल की तान्या साहू, दो साल का नमन कंवर, इतवारी बाई कंवर (60), मानमति कंवर (70) और जाम बाई कंवर (70) शामिल हैं। इनमें से एक महिला का शव घटनास्थल से लगभग 10 किलोमीटर दूर बरामद किया गया है।

कुछ ग्रामीणों ने तैरकर अपनी जान बचाई, जबकि कुछ को नहर में स्नान कर रहे लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाला। प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। गोताखोरों की टीम अन्य लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

जल संसाधन विभाग ने राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए नहर के बहाव को अस्थायी रूप से रोक दिया है। देर शाम तक सर्च ऑपरेशन जारी रहा।

प्रशासन की अपील

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घटनास्थल के पास भीड़ न लगाएं और रेस्क्यू टीम को अपना कार्य करने दें। साथ ही, किसी भी जानकारी के लिए निकटतम थाने से संपर्क करें।

CricFest 2025: रायपुर में गौतम गंभीर ने बच्चों के सवालों के दिए बेबाक जवाब, कोच ने दिए सफलता के गुरुमंत्र

रायपुर | भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने रविवार को राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित CricFest 2025 का शुभारंभ किया। इस मौके पर उनके साथ छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव और छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के अध्यक्ष जुबिन शाह भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान गंभीर ने एक विशेष जर्सी का अनावरण किया और युवा खिलाड़ियों को हस्ताक्षरित कैप भेंट कर उनका उत्साह बढ़ाया।

गंभीर ने इस मौके पर बच्चों के सवालों के बेबाक और प्रेरणादायक जवाब दिए। उन्होंने बताया कि प्रतिस्पर्धा खेल का हिस्सा है और यह खिलाड़ियों को बेहतर बनने की प्रेरणा देती है। गंभीर ने कहा, “अगर आपका जुनून जीतने की तरफ है, तो आप असली खिलाड़ी हैं।”

बच्चों के सवालों पर गंभीर के प्रेरक जवाब:

1. टीम में प्रतिस्पर्धा कैसी होनी चाहिए?

गंभीर ने कहा, “एक दूसरे से प्रतिस्पर्धा बुरी नहीं है। खिलाड़ी मेहनत से टीम को जिता सकते हैं और 140 करोड़ लोगों को खुश कर सकते हैं।”

2. क्या बड़े मैच का दबाव ज्यादा होता है?

“कोई बड़ा या छोटा मैच नहीं होता, सिर्फ बैट और बॉल की लड़ाई होती है। यह सोच रखेंगे तो दबाव नहीं होगा।”

3. जीत की रणनीति क्या हो?

“खेलते समय सिंपल सोच रखें। जो आपका खेल है, वही खेलें। इससे टीम की जीत तय होती है।”

4. इन-स्विंग गेंद का सामना कैसे करें?

“प्रैक्टिस ही इसका समाधान है। नेट पर अच्छी तैयारी ही बेहतर बल्लेबाज बनाती है।”

5. क्या तकनीक पर निर्भर रहना जरूरी है?

“ओवर-टेक्नीक खिलाड़ियों को बर्बाद कर देती है। बस रन बनाइए, टीम में चयन अपने आप होगा।”

6. खिलाड़ी इमोशन कैसे कंट्रोल करें?

“इंसान क्रिकेट खेल रहा है, रोबोट नहीं। दिल से खेलिए, इमोशन को दबाइए नहीं।”

7. सफलता का सूत्र और पसंदीदा खिलाड़ी?

“सफलता का कोई तय फॉर्मूला नहीं है। मेहनत और ईमानदारी सबसे जरूरी है। मैंने किसी को फॉलो नहीं किया, आप भी खुद की तरह बनिए।”

8. पिच की कंडीशन कितनी मायने रखती है?

“पिच को कोई नहीं पढ़ सकता। खेल मायने रखता है, न कि पिच।”

9. असफलता कैसे मैनेज करें?

“हर खिलाड़ी असफल होता है। अच्छे दिन को बेहतर बनाना सीखिए और खराब दिन को खुद पर हावी मत होने दीजिए।”

10. क्या चयन में राजनीति होती है?

“खिलाड़ियों के हाथ में सिर्फ खेल है। अगर 100 रन पर चयन नहीं हो रहा, तो 200 रन बनाइए। चयनकर्ता आपको नजरअंदाज नहीं कर सकेगा।”

गंभीर के इन जवाबों ने न सिर्फ युवा खिलाड़ियों को प्रेरित किया बल्कि उन्हें क्रिकेट और जीवन दोनों में संतुलन बनाए रखने की सीख भी दी। CricFest 2025 युवाओं के लिए एक प्रेरणास्त्रोत बनकर उभरा, जहां उन्होंने एक महान खिलाड़ी और कोच से सीधा संवाद किया।

 

प्रतियोगी परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा: एक ने दी परीक्षा, नौकरी करने पहुंचा दूसरा

रायपुर/मुंबई।

प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़े का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब आईबीपीएस (IBPS) द्वारा आयोजित परीक्षा में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। भारत सरकार के अधीन ECGC कंपनी में चयन के लिए हुई परीक्षा एक व्यक्ति ने दी और इंटरव्यू भी उसी ने दिया, लेकिन नौकरी करने कोई और पहुंच गया।

दो महीने तक की नौकरी, फिर फरार

जानकारी के अनुसार, ECGC कंपनी में 70 पदों के लिए 2022 में भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। परीक्षा आईबीपीएस के माध्यम से रायपुर के सरोना स्थित ऑनलाइन सेंटर में आयोजित हुई थी। इसमें राजस्थान के भरतपुर निवासी विनीत कुमार रामदयाल मीणा का चयन हुआ। 20 जनवरी 2023 को उसे ऑफर लेटर जारी कर दिया गया और उसने मुंबई स्थित ECGC कार्यालय में नौकरी ज्वाइन कर ली।

अंग्रेजी में कमजोर, हुआ शक

नौकरी के दौरान विनीत को अंग्रेजी में दस्तावेज़ पढ़ने, लिखने और बोलने में दिक्कतें होने लगीं। इससे अधिकारियों को शक हुआ। जांच शुरू की गई तो सामने आया कि जिसने परीक्षा दी थी, वह व्यक्ति कुछ और था और जो नौकरी कर रहा था, वह कोई दूसरा।

बीमार बताकर ली छुट्टी, फिर लापता

जैसे ही जांच शुरू हुई, विनीत कुमार ने खुद को बीमार बताया और छुट्टी पर चला गया। इसके बाद वह फरार हो गया। आईबीपीएस की जांच में स्पष्ट हुआ कि परीक्षा और इंटरव्यू किसी और ने दिया था और नौकरी कोई और कर रहा था।

मुंबई में एफआईआर, रायपुर पुलिस को जांच

ECGC ने इस फर्जीवाड़े की एफआईआर मुंबई में दर्ज कराई है। लेकिन चूंकि परीक्षा रायपुर में हुई थी, इसलिए यह केस रायपुर के डीडी नगर थाना भेजा गया है। पुलिस ने धोखाधड़ी व अन्य धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है।

बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्र भी निशाने पर

इस बीच, माध्यमिक शिक्षा मंडल ने भी बोर्ड परीक्षार्थियों और उनके पालकों को अलर्ट किया है। धमतरी में फर्जी कॉल के माध्यम से पैसे की मांग की जा रही है। मंडल ने इस तरह की ठगी से सतर्क रहने की अपील की है।

रायपुर में बनेंगी दो नई हाईटेक लाइब्रेरियां, युवाओं को मिलेगा बेहतर अध्ययन और स्टार्टअप का अवसर

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और स्टार्टअप में रुचि रखने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। नगर निगम रायपुर ने दो और हाईटेक लाइब्रेरी खोलने का निर्णय लिया है। नालंदा परिसर और मोतीबाग रीडिंग जोन की तर्ज पर यह नई लाइब्रेरी दलदल सिवनी और नालंदा परिसर के पीछे स्थापित की जाएगी। दोनों स्थानों पर 500-500 सीटों की सुविधा होगी।

युवाओं को प्रतियोगी परीक्षा और स्टार्टअप में मिलेगा सहारा

नगर निगम का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक युवाओं को पढ़ाई और रोजगार के अवसर दिए जाएं। इसी को ध्यान में रखते हुए रायपुर के जयस्तंभ चौक मल्टीलेवल पार्किंग बिल्डिंग, कलेक्ट्रेट पार्किंग बिल्डिंग और नए बस टर्मिनल में चल रहे को-वर्किंग सेंटरों की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। इन केंद्रों के जरिए युवाओं को स्टार्टअप का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें

नए बस स्टैंड सेंटर में बनेंगे मीटिंग हॉल

स्टार्टअप और कॉर्पोरेट संवाद को बढ़ावा देने के लिए नए बस स्टैंड सेंटर में एक मीटिंग हॉल भी प्रस्तावित है। इसमें कंपनियों के प्रतिनिधि और युवा एक साथ बैठकर चर्चा कर सकेंगे और उन्हें विभिन्न सेक्टरों में ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

आउटर एरिया के युवाओं को भी मिलेगा लाभ

अब तक लाइब्रेरी की सुविधाएं मुख्य रूप से जीई रोड और मोतीबाग तक सीमित थीं, जिससे आउटर इलाकों के छात्रों को परेशानी होती थी। लेकिन अब दलदल सिवनी क्षेत्र में बनने वाली नगर निगम की पहली हाईटेक लाइब्रेरी इस कमी को दूर करेगी

महापौर मीनल चौबे की पहल

इस योजना को नगर निगम के बजट में शामिल किया गया है। महापौर मीनल चौबे ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है, और नालंदा परिसर की वर्तमान क्षमता अब पर्याप्त नहीं रह गई है। इसलिए उसी क्षेत्र में एक और आधुनिक लाइब्रेरी का निर्माण किया जाएगा।

 

 

छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदला, गरज-चमक और बारिश के साथ तापमान में उतार-चढ़ाव की संभावना

छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम का मिजाज

छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। अगले कुछ दिनों में प्रदेश में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम वर्षा की गतिविधियों में वृद्धि देखी जा सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 14 अप्रैल से मौसम अधिक सक्रिय रहेगा और कई स्थानों पर वज्रपात व अंधड़ की संभावना भी जताई गई है।

तापमान में उतार-चढ़ाव के संकेत

राज्य में आगामी 48 घंटों के भीतर अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। इसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि संभावित है। हालांकि, अगले पांच दिनों में तापमान में बहुत अधिक परिवर्तन की संभावना नहीं है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में हल्की गिरावट देखी जा सकती है।

बारिश और गरज-चमक के आसार

मौसम विभाग ने बताया है कि आने वाले पांच दिनों तक प्रदेश के एक-दो स्थानों पर मेघ गर्जन, तेज हवाएं और हल्की वर्षा हो सकती है। विशेष रूप से 14 अप्रैल से गरज-चमक की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में वज्रपात और अंधड़ चलने की भी चेतावनी दी गई है।

बीते 24 घंटों का मौसम हाल

पिछले 24 घंटों के दौरान दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। प्रमुख आंकड़ों के अनुसार लोहंडीगुडा और देवभोग में 1 सेमी वर्षा हुई है।

तापमान के ताज़ा आंकड़े

राजनांदगांव में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 42.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रहा।

राजधानी रायपुर के लिए विशेष पूर्वानुमान

रायपुर में 14 अप्रैल को आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

सक्रिय वायुमंडलीय प्रणालियाँ

मौसम में यह परिवर्तन कई सक्रिय वायुमंडलीय प्रणालियों के कारण हो रहा है। इनमें 5.8 किमी की ऊंचाई तक सक्रिय एक पश्चिमी विक्षोभ, 0.9 किमी की ऊंचाई पर दक्षिण-पूर्व मध्य प्रदेश के ऊपर स्थित एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण, और तेलंगाना तक विस्तारित एक द्रोणिका शामिल है। साथ ही, बिहार से उड़ीसा तक फैली एक अन्य द्रोणिका भी सक्रिय है।

जनजीवन पर असर और सतर्कता की आवश्यकता

इन सभी मौसमीय गतिविधियों के कारण प्रदेश में जनजीवन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में नागरिकों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।