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रायपुर: बिजली के जर्जर पोल से बड़ा हादसा टला, लाइनमैन की सतर्कता से पोल को सुरक्षित किया गया

रायपुर में एक संविदा लाइनमैन की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। मवई चौराहे पर स्थित विद्युत विभाग का लोहे का पोल पिछले 3-4 वर्षों से जर्जर स्थिति में था।

संविदा कर्मी संतोष कुमार ने सोमवार को पोल की खतरनाक स्थिति को देखा और तुरंत कार्रवाई करते हुए अपने 8 सहयोगियों की मदद से पोल को अस्थायी रूप से मजबूत किया। टीम ने पोल को रस्सियों से बांधकर सुरक्षित किया।

संतोष कुमार ने बताया कि मवई चौराहे से पटरंगा जाने वाले मार्ग पर स्थित यह पोल नीचे से पूरी तरह कमजोर हो चुका था। उन्होंने बताया कि अब इसे स्थायी रूप से मजबूत करने की योजना है, जिसके तहत पोल को सरिया का सपोर्ट देकर सीमेंट, बालू और मौरंग से मजबूत किया जाएगा। यह कदम आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया जा रहा है।

“कुसुम तुम लौट आओ…” पति की भावुक अपील का वीडियो वायरल, इंस्टाग्राम पर मिले 10 लाख व्यूज

बिलासपुर (छत्तीसगढ़):
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के एक युवक ने अपनी लापता पत्नी को खोजने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है। पत्नी के लौटने की उम्मीद में बनाए गए भावुक वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। गौतम मन्नेवार नाम के इस युवक की इंस्टाग्राम रील्स को 10 लाख से अधिक बार देखा गया है।

गौतम ने वीडियो में पत्नी कुसुम से अपील की है कि वह घर लौट आए या फिर तलाक दे दे ताकि वह अपने दो छोटे बच्चों की परवरिश अच्छे से कर सके। इस वायरल वीडियो ने उसे इंस्टा पर फेमस बना दिया है और उसके हजारों फॉलोअर्स हो गए हैं।

तीन महीने से लापता है पत्नी, पुलिस नहीं कर रही मदद

गौतम मन्नेवार बिलासपुर के सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम मुड़पार का रहने वाला है और किराना दुकान चलाता है। उसकी पत्नी जनवरी 2025 से लापता है। पहले भी वह एक बार घर छोड़कर जा चुकी है, लेकिन तब उसे पुलिस की मदद से वापस लाया गया था।

इस बार जब वह दोबारा घर से चली गई, तो गौतम ने सीपत थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, मगर पुलिस अब उसे गंभीरता से नहीं ले रही। पुलिस का कहना है कि यह आपसी मामला है, और पहले भी वह खुद ही लौट आई थी।

इंस्टा वीडियो में की अपील: “बच्चों के लिए लौट आओ”

गौतम ने अपनी भावनाएं वीडियो में कुछ इस तरह ज़ाहिर कीं:
“कहां हो कुसुम? छोटे-छोटे बच्चों को छोड़कर तुम कहां चली गई हो? मैं अपना लूंगा, तुम घर आ जाओ वापस…”

इस वीडियो के जरिए उसने न केवल पत्नी से अपील की है, बल्कि प्रशासन से भी मदद मांगी है। उसका कहना है कि वह मानसिक रूप से परेशान हो चुका है और अब बच्चों के साथ अकेले जीवन संभालना मुश्किल हो रहा है।

सोशल मीडिया में बना मज़ाक, लेकिन उम्मीद अभी बाकी

हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद गौतम को हजारों फोन कॉल्स आने लगे, जिनमें से कई लोग उसका मज़ाक उड़ा रहे हैं। इस वजह से उसने फोन साइलेंट मोड पर कर दिया है और कॉल रिसीव करना बंद कर दिया है।

“अगर नहीं लौटना है तो तलाक दे दो” – गौतम की गुहार

गौतम का कहना है कि अगर उसकी पत्नी अब साथ नहीं रहना चाहती, तो तलाक दे दे, ताकि वह अपने और बच्चों के भविष्य के लिए दूसरी शादी कर सके। उसने कहा,
“अब मैं मानसिक रूप से टूट चुका हूं। दो बच्चों की परवरिश अकेले करना आसान नहीं है। कुसुम अगर नहीं लौटना चाहती तो एक साफ़ जवाब दे दे, ताकि मैं अपनी ज़िंदगी दोबारा शुरू कर सकूं।”

इस मामले में फिलहाल पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर लाखों लोग इस वीडियो के जरिए भावनात्मक रूप से जुड़ चुके हैं और कुसुम के लौट आने की उम्मीद कर रहे हैं।

सीनियर सिटिज़नों से बैंकॉक-गोवा टूर के नाम पर 35 लाख की ठगी: रायपुर में महिला आरोपी 10 साल बाद गिरफ्तार

रायपुर |
राजधानी रायपुर में एक दशक पुराना ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें एक ट्रैवल कंपनी ने 20 से 25 बुजुर्गों को बैंकॉक, सिंगापुर, हांगकांग और गोवा ट्रिप के नाम पर ₹35 लाख ठग लिए। इस मामले में महिला आरोपी श्रद्धा राजपूत को 10 साल बाद गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी अब भी फरार है।

यह घटना वर्ष 2015 की है, जब अभिनव सोनी नामक युवक ने सिविल लाइन थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, कमर एजाज अहमद और श्रद्धा राजपूत नामक दो लोगों ने पंडरी बस स्टैंड के सामने श्याम प्लाजा में इमाम टूर एंड ट्रैवल्स नाम से एक ऑफिस खोल रखा था।

इन्होंने विदेशी यात्रा पैकेज (बैंकॉक, सिंगापुर, हांगकांग, गोवा आदि) का प्रचार किया और बुजुर्ग नागरिकों से एडवांस में ₹35 लाख वसूल लिए। लेकिन न तो यात्रा करवाई गई और न ही पैसे लौटाए गए।

गुडियारी से हुई गिरफ्तारी

FIR के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे। हाल ही में पुलिस को सूचना मिली कि श्रद्धा राजपूत गुडियारी इलाके में छिपकर रह रही है। सिविल लाइन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और श्रद्धा को गिरफ्तार कर लिया।

श्रद्धा इस टूर कंपनी में अकाउंटेंट का कार्य देखती थी। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी कमर एजाज अहमद अभी भी फरार है और उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया है।

जांच जारी

पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी की तलाश की जा रही है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार करने की कोशिश की जाएगी। यह गिरफ्तारी उन सीनियर सिटिज़नों को न्याय दिलाने की दिशा में अहम कदम है, जो वर्षों से इस मामले में ठगे गए थे।

भ्रष्ट अधिकारियों को मंत्री ओपी ने दिखाया आईना: मंत्रालय में बुलाकर बोले – तुम्हारी फाइलें मेरे पास हैं,

रायपुर |
छत्तीसगढ़ के पंजीयन एवं स्टांप मंत्री ओपी चौधरी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश देते हुए मंत्रालय में कुछ अधिकारियों को तलब कर सख्त फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि यदि नई रजिस्ट्री प्रक्रिया में कोई बाधा डालेगा, तो उसकी पुरानी गड़बड़ियों की फाइलें ACB और EOW को सौंप दी जाएंगी। यही नहीं, कुछ फाइलों में सिर्फ कोरे कागज थे—लेकिन डर दिखाने के लिए इतना ही काफी था।

फिल्मी अंदाज़ में अफसरों को चेताया

मंत्री चौधरी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि उन्होंने डॉन फिल्म के डायलॉग की तर्ज पर अफसरों को सबक सिखाया। उन्होंने कहा, “कुछ फाइलों में बस कोरे कागज थे, पर जो गलत करता है, उसे डर तो होता ही है।” अफसर इसलिए नाराज़ थे क्योंकि सरकार रजिस्ट्री के तुरंत बाद नामांतरण (mutation) की प्रक्रिया को ऑन-स्पॉट करने की व्यवस्था लागू कर रही है, जिससे रिश्वतखोरी बंद हो रही है।

रजिस्ट्री सिस्टम में बड़े बदलाव

मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि सरकार ने जमीन रजिस्ट्री की डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था तैयार की है, जिससे धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी।

1. रजिस्ट्री के साथ नामांतरण

अब रजिस्ट्री होते ही नामांतरण अपने आप हो जाएगा। नागरिकों को अब तहसील के चक्कर नहीं लगाने होंगे।

2. ज़मीन की तस्वीर और लोकेशन रिकॉर्ड में

सुगम एप के जरिए प्रॉपर्टी के सामने खड़े होकर तस्वीर ली जाती है, जो GPS लोकेशन के साथ रिकॉर्ड होती है। इससे एक ही जमीन की दोबारा बिक्री रोकने में मदद मिलती है।

3. आधार से लिंकिंग और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन

अब जमीन बेचने वाले की फिंगरप्रिंट और रेटिना स्कैन से आधार से मिलान किया जाएगा, जिससे फर्जी पहचान से जमीन बेचने की घटनाएं रुकेंगी।

4. डिजिटल डॉक्युमेंट्स और हिस्ट्री

  • लैंड रिकॉर्ड की पूरी हिस्ट्री ऑनलाइन मिलेगी।

  • व्हाट्सएप या डिजिलॉकर में दस्तावेज मिल जाएंगे।

  • अब पटवारी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

भ्रष्टाचार पर लगाम

पहले नामांतरण के लिए 10 से 50 हजार तक की रिश्वत देनी पड़ती थी। प्रक्रिया लंबी और जटिल थी। अब यह पूरी तरह निशुल्क और स्वतः होगी। यह व्यवस्था पहले सिर्फ आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में थी, अब छत्तीसगढ़ देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है जो यह सुधार लागू कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ न्यूज़ रिपोर्ट: “मोर गांव-मोर पानी” महाभियान बना जल संकट से निपटने की मिसाल

रायपुर/बलौदाबाजार:
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट से निपटने हेतु शुरू किया गया “मोर गांव-मोर पानी” महाभियान अब एक सफल और प्रेरणादायी पहल बन चुका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रारंभ किए गए इस अभियान का उद्देश्य गांवों में जल संरक्षण, पुनर्भरण और जल के सतत उपयोग को सुनिश्चित करना है।

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में इस महाभियान के अंतर्गत विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देशानुसार, प्रत्येक अनुविभाग में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अध्यक्षता में समितियाँ गठित की गई हैं। विशेष रूप से सिमगा अनुविभाग में प्रशासन, उद्योग और ग्रामीणों के बीच त्रिस्तरीय समन्वय से उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।

खनन प्रभावित क्षेत्रों में बेहतर जल प्रबंधन:
सिमगा क्षेत्र में खनन गतिविधियों से प्रभावित इलाकों में पारंपरिक जल स्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा था, जिससे भूजल स्तर में गिरावट और जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। एसडीएम सिमगा अंशुल वर्मा के नेतृत्व में समिति द्वारा क्षेत्रीय निरीक्षण कर समस्या की गंभीरता को समझा गया और समाधान के लिए कार्ययोजना बनाई गई।

उद्योगों की सकारात्मक भूमिका:
सीमेंट संयंत्रों ने सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • अल्ट्राटेक सीमेंट, रावन द्वारा ग्राम रावन और पेंड्री में पाइपलाइन के माध्यम से निस्तारी जल आपूर्ति सुनिश्चित की गई।

  • अल्ट्राटेक सीमेंट, हिरमी की माइंस में संचित जल को ग्राम सकलोर एवं परसवानी के तालाबों तक पाइपलाइन से पहुंचाया गया।

  • टैंकरों के माध्यम से जल आपूर्ति, नए बोरवेल की खुदाई और पुराने जल स्रोतों का जीर्णोद्धार भी किया गया।

  • खापराडीह संयंत्र ने ग्राम चंडी के बांध से पानी की निकासी के लिए दो किलोमीटर लंबी कैनाल का निर्माण ग्रामीणों की सहमति से किया।

पेयजल की स्थिति में सुधार:
ग्राम मटिया एवं शिकारी-केसली जैसे क्षेत्रों में जल टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया गया। साथ ही जल जीवन मिशन के तहत बनी टंकियों को नए जल स्रोतों से जोड़ा गया। गंगरेल बांध से जुड़ी नहरों में पानी छोड़कर निस्तारी तालाबों को भरा गया, जिससे ग्रामीणों की टैंकर पर निर्भरता कम हुई।

नतीजे:
इन प्रयासों से ग्रामीणों को अब मीलों दूर पानी लाने की आवश्यकता नहीं है। गांवों में पीने और निस्तारी जल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। “मोर गांव-मोर पानी” महाभियान प्रशासन, उद्योग और समुदाय के त्रिस्तरीय सहयोग का एक आदर्श उदाहरण बन गया है।

सुशासन तिहार का तीसरा चरण 5 मई से: बिलासपुर में 83% आवेदनों का निराकरण, मुख्यमंत्री कर सकते हैं शिविरों का निरीक्षण

बिलासपुर, छत्तीसगढ़:
बिलासपुर जिले में सुशासन तिहार अभियान के पहले दो चरणों में 208438 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 202581 मांगें और 5857 शिकायतें शामिल थीं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि अब तक 170739 मांगों और 2996 शिकायतों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया है। यानी कुल 83 प्रतिशत समस्याओं को सुलझाया जा चुका है।

5 मई से 31 मई तक चलेगा अंतिम चरण
सुशासन तिहार का तीसरा और अंतिम चरण 5 से 31 मई 2025 तक आयोजित होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खुद किसी भी समाधान शिविर का औचक निरीक्षण कर सकते हैं। साथ ही उप मुख्यमंत्री, राज्य मंत्री, मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शिविरों का दौरा करेंगे।

पीएम आवास योजना में सर्वाधिक आवेदन
कलेक्टर के अनुसार, सर्वाधिक आवेदन प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्राप्त हुए हैं। जिले में अब तक 66 हजार पीएम आवास स्वीकृत हो चुके हैं। शेष अतिरिक्त आवेदनों के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध किया है।

शिविरों में भ्रष्टाचार की शिकायतें, होगी जांच
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने यह भी स्वीकार किया कि कुछ शिविरों में भ्रष्टाचार व अनियमितता की शिकायतें सामने आई हैं। भारतमाला योजना के अंतर्गत मुआवजा वितरण में अनियमितताओं की जांच की जाएगी।

मुख्यमंत्री लेंगे योजनाओं का जमीनी फीडबैक
मुख्यमंत्री अपने दौरे में जनता से सीधा संवाद कर योजनाओं के लाभ की स्थिति का फीडबैक लेंगे। इसके साथ ही वे अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे जिसमें लंबित आवेदनों, योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा होगी।

नए आवेदन भी होंगे दर्ज, मौके पर समाधान
तीसरे चरण में पुराने मामलों के साथ-साथ नए आवेदन भी लिए जाएंगे। कुछ मामलों का तत्काल निराकरण शिविरों में ही किया जाएगा।

बहुविभागीय सहभागिता
शिविरों में कृषि, समाज कल्याण, सौर ऊर्जा, श्रम, महिला एवं बाल विकास, पशुपालन, उद्यान, मछली पालन विभाग जैसे विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। ये विभाग अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे और संबंधित आवेदन पत्र व प्रपत्र भी उपलब्ध कराएंगे।

बिलासपुर में अंधड़ से बिजली व्यवस्था ध्वस्त: 24 घंटे से अंधेरे में हजारों घर, 982 पंप बंद; विधायक आवास का घेराव

बिलासपुर, छत्तीसगढ़:
शनिवार रात आई तेज आंधी-तूफान ने बिलासपुर की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर दिया है। 24 घंटे बीतने के बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है, जिससे हजारों घर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। 982 पावर पंप बंद होने से अधिकांश वार्डों में पानी की आपूर्ति रुक गई है।

विधायक बंगले का घेराव, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
बिजली कटौती से परेशान घरों में अंधेरा और नलों में सूखा देख नाराज लोगों ने शनिवार देर रात नगर विधायक अमर अग्रवाल के राजेंद्र नगर स्थित बंगले का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने “जनता जाग रही है, विधायक सो रहे हैं” जैसे नारों के साथ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। हालांकि विधायक बाहर नहीं आए।

इन इलाकों में सबसे ज्यादा असर:
तालापारा, मगरपारा, चिंगराजपारा, खमतराई, बहतराई, राजकिशोर नगर और सरकंडा जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बिजली और पानी दोनों की समस्या बनी हुई है। लोगों ने शिकायत की कि दो दिन से बिजली न होने के कारण बोरिंग फेल हो गए हैं और पीने तक का पानी नहीं मिल रहा।

पूर्व विधायक शैलेश पांडे का तंज:
पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “जनता को संकट में छोड़ भाजपा विधायक और मंत्री घरों में चैन की नींद सो रहे हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा सरप्लस बिजली का दावा खोखला है, क्योंकि पहली ही बारिश में शहर अंधेरे में डूब गया

उन्होंने आगे कहा कि बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके से नदारद हैं, जिससे टूटे तार और खंभों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी, तो जनता विधायक आवास का फिर घेराव करेगी।

विधायक अमर अग्रवाल की सफाई:
विधायक अमर अग्रवाल ने ‘दैनिक भास्कर’ से बातचीत में बताया कि शनिवार रात वह रायपुर में थे और रात करीब 11:15 बजे लौटे। उन्होंने कहा कि “10-15 लोग बंगले में आए और गन मैन से झगड़ा किया, पुलिस को भी बुलाना पड़ा।”

उन्होंने यह भी कहा कि आंधी-तूफान के कारण बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं, लेकिन नगर निगम और बिजली विभाग की टीम लगातार काम कर रही है। जैसे-जैसे लाइनें चालू होंगी, बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल हो जाएगी।

मरीजों को मिल रही तारीख पर तारीख”: बंद कार्डियक इंस्टिट्यूट को लेकर बृजमोहन अग्रवाल ने CM को लिखा पत्र

रायपुर, छत्तीसगढ़:
राजधानी रायपुर स्थित सरकारी कार्डियक इंस्टिट्यूट की लंबे समय से बंद पड़ी सेवाओं को लेकर भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को पत्र लिखकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मरीजों को केवल “तारीख पर तारीख” मिल रही है, जबकि सर्जरी जैसी जीवनरक्षक सेवाएं बंद हैं।

गरीब मरीज हो रहे निजी अस्पतालों के भरोसे:
सांसद अग्रवाल ने अपने पत्र में लिखा है कि यह अत्यंत दुखद और चिंताजनक है कि कई बार निर्देश देने और विषय को विभिन्न मंचों पर उठाने के बावजूद भी रायपुर के मेकाहारा अस्पताल स्थित सरकारी कार्डियक इंस्टिट्यूट में सर्जरी सेवाएं ठप पड़ी हुई हैं।
इससे प्रदेश की गरीब जनता को न केवल इलाज से वंचित रहना पड़ रहा है, बल्कि वे मजबूरी में महंगे निजी अस्पतालों का रुख करने को मजबूर हैं, जिससे आर्थिक शोषण भी हो रहा है।

प्रशासनिक उपेक्षा का लगाया आरोप:
पत्र में सांसद ने लिखा, “इस विषय को पहले भी स्वशासी परिषद की बैठकों सहित कई मंचों पर उठाया गया था, लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के चलते आज तक कोई समाधान नहीं निकला। कई मरीज इलाज न मिलने के कारण दम तोड़ चुके हैं और कुछ गरीब परिवार इलाज के लिए अपना सब कुछ बेचने की स्थिति में पहुंच चुके हैं।”

CM से उच्चस्तरीय बैठक बुलाने की मांग:
बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस गंभीर विषय को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उच्चस्तरीय बैठक बुलाई जाए, ताकि कार्डियक इंस्टिट्यूट में सर्जरी सेवाएं तत्काल शुरू की जा सकें और गरीब मरीजों को जीवनदायिनी चिकित्सा सुविधा मिल सके।

पृष्ठभूमि:
मेकाहारा रायपुर का कार्डियक इंस्टिट्यूट प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण संस्थानों में से एक माना जाता है, जहां हृदय संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए खासतौर पर गरीब वर्ग निर्भर रहता है। सेवाएं बंद होने से हजारों मरीजों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।

रायपुर में जल संकट गहराया: कैपिटल सिटी फेज-2 के रहवासियों का विरोध प्रदर्शन, बोले “पानी नहीं तो टैक्स नहीं”

रायपुर, छत्तीसगढ़:
राजधानी रायपुर में गर्मी के साथ ही जल संकट की समस्या एक बार फिर गहराने लगी है। सड्डू स्थित कैपिटल सिटी फेज-2 कॉलोनी के सैकड़ों रहवासियों ने रविवार को नगर निगम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने मिट्टी के मटके तोड़े और “पानी नहीं तो टैक्स नहीं” के नारे लगाए।

पानी की मांग पर बरसों से सुनवाई नहीं:
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि पिछले 4 वर्षों से कॉलोनी में पानी की किल्लत है, लेकिन नगर निगम ने अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया। रहवासी मजबूरी में महंगे दामों पर टैंकरों से पानी खरीदने को मजबूर हैं, जबकि पास की अन्य कॉलोनियों में नल कनेक्शन उपलब्ध हैं

एक प्रदर्शनकारी महिला ने कहा, “हमने कई बार शिकायत की, लेकिन निगम के अधिकारी सिर्फ मजबूरियां गिनाते हैं। क्या हम टैक्स सिर्फ शिकायत करने के लिए दे रहे हैं?”

700 से अधिक लोगों को है परेशानी:
कैपिटल फेज-2 में 300 से अधिक परिवार और 700 से ज्यादा लोग निवास करते हैं। सभी समय पर नगर निगम को टैक्स जमा करते हैं, लेकिन पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि अब टैक्स का बहिष्कार करेंगे, जब तक कि नल कनेक्शन और जल आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की जाती।

निगम कार्यालय घेराव की चेतावनी:
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पानी की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे परिवार सहित नगर निगम मुख्यालय का घेराव करेंगे। कॉलोनीवासियों ने यह भी मांग की कि उन कॉलोनियों की जांच की जाए जहां मोटर से पानी खींचा जा रहा है, ताकि जल वितरण में न्याय हो।

जल संकट हर साल दोहराव बनता जा रहा है:
हर साल गर्मियों में रायपुर के कई इलाकों में जल संकट की समस्या सामने आती है, और नगर निगम के तमाम वादों के बावजूद समाधान अधूरा ही रहता है।

रायपुर में भाजपा नेता पर महिला से मारपीट और रेप की धमकी का आरोप, गंज थाने में दर्ज हुई FIR

रायपुर, छत्तीसगढ़:
राजधानी रायपुर के गंज थाना क्षेत्र में भाजपा नेता पर गंभीर आरोप लगे हैं। एक महिला ने थाने में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया है कि मोहल्ले में कुत्तों के भौंकने को लेकर हुए विवाद के बाद भाजपा नेता ने शराब के नशे में न केवल डंडे से सिर पर हमला किया, बल्कि मां-बेटी को रेप करवा देने की धमकी भी दी।

पीड़िता रानी गुप्ता ने बताया कि घटना 2 मई की रात डेढ़ बजे की है। वह अपनी मां के साथ राठौर चौक स्थित घर में सो रही थीं, तभी मोहल्ले में कुत्तों के भौंकने की आवाजें आने लगीं। बाहर निकलने पर उन्होंने देखा कि सोनू राजपूत और मोनू राजपूत, दोनों भाई, कुत्तों को पत्थर मार रहे थे।

जब रानी ने उन्हें ऐसा करने से रोका और नगर निगम में शिकायत करने की सलाह दी, तो आरोपी भड़क गए। उन्होंने महिला पर आवारा कुत्तों को पालने का आरोप लगाया और बहसबाजी करने लगे। इसके बाद गुस्से में आकर डंडे से रानी के सिर पर हमला कर दिया, जिससे उन्हें माथे पर चोट आई।

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान आरोपियों ने उनके घर में घुसकर रेप करवाने की धमकी दी। घायल महिला ने गंज थाने में मामला दर्ज कराया है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

आरोपियों की सफाई:
आरोपी सोनू राजपूत, जो भाजपा से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि मोहल्ले में कुत्तों ने कई बच्चों को काट लिया है और उन्होंने उसी के विरोध में पत्थर फेंके थे। उन्होंने महिला के खिलाफ भी झूठे आरोप लगाने की शिकायत थाने में दर्ज कराई है।

पुलिस जांच जारी:
गंज थाना पुलिस मामले की दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है। महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है।