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उरला थाना क्षेत्र में चाय-नाश्ते की दुकान से गांजा और अंग्रेजी शराब बरामद, एक युवक गिरफ्तार

उरला थाना क्षेत्र के ग्राम बेंद्री में अवैध नशे के कारोबार का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने एक युवक को गांजा और अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने चाय-नाश्ते की दुकान की आड़ में नशे का सामान बेचता था।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर जिले में अवैध नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत उरला पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम बेंद्री में एक दुकान संचालक द्वारा गांजा और शराब बेची जा रही है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर दुकान में छापा मारा।

छापेमारी के दौरान पुलिस को दुकान से 21 पुड़िया (कुल 65 ग्राम) गांजा और 50 पव्वा अंग्रेजी शराब (ब्रांड गोवा) बरामद हुए। जब्त किए गए मादक पदार्थों की कुल कीमत करीब ₹8200 आंकी गई है।

पुलिस ने मौके से आरोपी युवराज निषाद (उम्र 19 वर्ष), निवासी बेंद्री को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज एक्ट की धारा 20(ए) और छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने बताया कि जिले में नशे के खिलाफ सख्त अभियान आगे भी जारी रहेगा।

निजी स्कूल में दाखिले के लिए फर्जी दस्तावेज का उपयोग, शिकायत पर हुआ खुलासा

पखांजूर: शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूल में नि:शुल्क प्रवेश दिलाने के लिए फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने का मामला सामने आया है, जिससे दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

ग्राम पी.व्ही. 14 के निवासी नितीश मल्लिक द्वारा की गई शिकायत के अनुसार, स्वरूप हालदार ने अपनी बेटी का दाखिला पखांजूर के एक निजी स्कूल में गलत तरीके से कराया। उन्होंने बताया कि स्वरूप हालदार के पास पहले से आधार और राशन कार्ड पर पी.व्ही. 14 का पता दर्ज है, बावजूद इसके उन्होंने पखांजूर नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 8 का फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवाया।

इस प्रमाण पत्र पर नगर पंचायत अध्यक्ष के हस्ताक्षर हैं, और इसी   के आधार पर उनकी बेटी को स्कूल में दाखिला मिला। जबकि नियम के अनुसार, शिक्षा के अधिकार के तहत दाखिले के लिए 2002 और 2007 की बीपीएल सूची में नाम होना आवश्यक है। जांच में पाया गया कि स्वरूप हालदार का नाम इन सूचियों में नहीं है, केवल उनकी मां कल्याणी हालदार का नाम शामिल है।

हालदार वर्तमान में अपने परिवार से अलग रहते हैं और उनका स्वयं का राशन कार्ड है। इसके बावजूद, उन्होंने अपनी मां के राशन कार्ड का हवाला देकर पंचायत सचिव से गरीबी रेखा में नाम होने का प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि मामले की जांच माटोली हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य को सौंपी गई थी, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी गई। बिना सूचना के दस्तावेजों की जांच कर उन्हें सही ठहराया गया। सहायक खंड शिक्षा अधिकारी अमिताभ सरकार ने बताया कि शिकायत को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय भेजा गया था और जांच वहीं से कराई गई है।

इस मामले ने शिक्षा प्रणाली में दस्तावेज सत्यापन और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

राजनांदगांव में चार और तीन पहिया वाहनों की आवाजाही पर रोक, ट्रैफिक सुधार को लेकर कलेक्टर का बड़ा कदम

राजनांदगांव: शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और सड़क हादसों की बढ़ती घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने कड़ा निर्णय लिया है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब शहर के प्रमुख चौराहों से चारपहिया और तिपहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

आदेश के मुताबिक, फव्वारा चौक, महावीर चौक, भगत सिंह चौक और भारत माता चौक से सिनेमा लाइन की ओर चार व तीन पहिया वाहनों का प्रवेश सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक प्रतिबंधित किया गया है। साथ ही भारी वाहनों के लोडिंग-अनलोडिंग पर भी इसी समयावधि में रोक लगाई गई है। इन मार्गों को फिलहाल वन-वे में परिवर्तित किया गया है ताकि जाम की स्थिति पर काबू पाया जा सके।

शहर में लगातार ट्रैफिक जाम की समस्या और अव्यवस्थित पार्किंग के चलते यह निर्णय लिया गया है। आए दिन होने वाले हादसों से निजात पाने के लिए यह प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया गया है।

इस निर्णय को लेकर कलेक्टोरेट सभाकक्ष में एक अहम बैठक भी आयोजित की गई थी, जिसमें महापौर मधुसूदन यादव, जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, चेंबर ऑफ कॉमर्स तथा ट्रक, बस और ऑटो यूनियन के पदाधिकारी शामिल हुए। सभी की सहमति से शहर की यातायात प्रणाली को सुदृढ़ करने हेतु यह निर्णय लिया गया।

प्रशासन का मानना है कि इस कदम से शहरवासियों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।

श्मशान घाट में देर रात पुलिस की छापामार कार्रवाई, 9 जुआरी गिरफ्तार

शहर में सट्टा-जुआ का अवैध धंधा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में सोमनी थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुढ़ीपार स्थित श्मशान घाट में छापा मारा। यहां देर रात स्ट्रीट लाइट की आड़ में ताश के पत्तों पर हार-जीत का दांव खेला जा रहा था। पुलिस ने मौके से 9 आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। इनके कब्जे से 6,210 रुपये नकद, ताश की गड्डी और अन्य सामग्री जब्त की गई है। सभी के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है।

मुखबिर से मिली थी सूचना

मंगलवार रात पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि कुछ लोग मुढ़ीपार श्मशान घाट में स्ट्रीट लाइट के नीचे बैठकर ताश के पत्तों से जुआ खेल रहे हैं। सूचना पर तत्काल एक्शन लेते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और चारों तरफ से घेराबंदी कर आरोपियों को दबोच लिया।

सभी आरोपी नवागांव के निवासी

गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी ग्राम नवागांव, थाना सोमनी क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है उनके नाम इस प्रकार हैं:

1. संजय पटेल पिता आशाराम

2. कृष्णा साहू पिता टीकाराम

3. शनि यादव पिता धनेश यादव

4. ताम्रध्वज साहू पिता देवीलाल

5. टोमन यादव पिता गणेश

6. विनय कुमार साहू पिता पीलू

7. तामेश्वर साहू पिता अग्रहीत

8. राजेश्वर साहू पिता नदकुमार

9. विजय साहू पिता टीकाराम

पुलिस ने सभी के खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत मामला पंजीबद्ध कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

अवैध रेत खनन पर प्रशासन की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई: 10 घंटे में 87 वाहन जब्त, माफियाओं में मची खलबली

जिले में अवैध रेत खनन, परिवहन और भंडारण पर नकेल कसते हुए जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। कलेक्टर जन्मेजय महोबे और पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स ने 17 जून की रात 10 घंटे तक चले अभियान में कुल 87 वाहनों को जब्त किया, जिनमें 77 ट्रैक्टर, 9 हाइवा और एक जेसीबी शामिल हैं। यह एक साथ की गई सबसे व्यापक और कठोर कार्रवाई मानी जा रही है, जिससे रेत माफियाओं में भारी हड़कंप मच गया है।

खनिज अधिकारी अनिल साहू ने जानकारी दी कि इस संयुक्त कार्रवाई में राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग की टीमों ने उन इलाकों को मुख्य रूप से निशाना बनाया, जहां पूर्व में अवैध रेत खनन की शिकायतें मिल चुकी थीं। साथ ही बम्हनीडीह तहसील के तीन गांवों में अवैध खनन और परिवहन के लिए बनाए गए रास्तों को भी बंद कर दिया गया।

प्रशासन ने जिले की सीमाओं पर – कोरबा, सक्ती, बलौदा बाजार और बिलासपुर की ओर – नाकेबंदी कर कड़ी निगरानी रखी। कुल 9 टीमें गठित कर अलग-अलग स्थानों पर तैनात की गईं ताकि अवैध परिवहन को रोका जा सके। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अवैध खनन किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस तरह की कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

ईंट भट्ठों और अवैध भंडारण पर भी हुई कार्रवाई

तहसील जांजगीर के ग्राम कनई और चांपा के महुदा (च) गांव में चल रहे अवैध ईंट भट्ठों पर भी कड़ी कार्रवाई की गई। इस दौरान 15 अवैध भट्ठों से करीब 4.40 लाख ईंटें, और महुदा क्षेत्र से लगभग 2 लाख ईंटें जब्त की गईं। बम्हनीडीह तहसील में 61 ईंट भट्ठों पर छापेमारी कर उन्हें भी जब्त किया गया।

इसके अतिरिक्त ग्राम भादा में 4200 घन मीटर रेत के अवैध भंडारण का मामला सामने आया, जिस पर विभाग ने विधिवत कार्रवाई की है।

जिला प्रशासन की इस सघन एवं समन्वित कार्रवाई ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि अवैध खनन और भंडारण के विरुद्ध अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। आने वाले दिनों में और भी कड़ी कार्रवाइयां देखने को मिल सकती हैं।

कोंडागांव: मक्का के अवैध परिवहन पर मंडी समिति की सख्त कार्रवाई, दो वाहन जब्त

कोंडागांव जिले की कृषि उपज मंडी समिति ने मक्का के अवैध परिवहन पर सख्ती दिखाते हुए दो मामलों में कार्रवाई की है। मंडी सचिव सुरेश कुमार सिंह के निर्देशन में गठित विशेष निरीक्षण दल ने वाहनों की गहन जांच के दौरान बिना वैध दस्तावेजों के मक्का ले जा रहे दो वाहनों को पकड़ा।

जानकारी के मुताबिक, 17 जून 2025 को ग्राम कोन्नापुर तजादूर के निवासी राजकुमार को उड़ीसा सीमा से सटे ग्राम अनतपुर में वाहन नंबर TN05 AA 8098 में 500 बोरी मक्का परिवहन करते हुए रोका गया। इसी प्रकार, ग्राम बड़े घोड़सोड़ा से फर्म प्रिया ट्रेडर्स द्वारा वाहन क्रमांक OD02 AV 7510 में 500 बोरी मक्का ले जाया जा रहा था। दोनों ही मामलों में वैध मंडी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

मंडी अधिनियम 1972 की धारा 23 के तहत, मक्का समेत दोनों वाहनों को जब्त कर अनतपुर थाने में पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया। इसके बाद, अधिनियम की धारा 19(4) के अंतर्गत नियमानुसार देय शुल्क की पाँच गुना राशि, मंडी शुल्क, कृषक कल्याण शुल्क, निराश्रित शुल्क एवं धारा 53 के अंतर्गत प्रशमन शुल्क सहित कुल ₹1,02,080 की वसूली की गई।

मंडी समिति से मिली जानकारी के अनुसार, चालू विपणन सत्र 2025-26 में मक्का के अवैध परिवहन से संबंधित अब तक 7 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इन मामलों में कुल 2737 बोरे (लगभग 1642.20 क्विंटल) मक्का जब्त किया गया, जिसकी कुल अनुमानित कीमत ₹35,37,780 बताई गई है। सभी मामलों में मंडी अधिनियम के अंतर्गत उचित कार्रवाई की गई है।

मंडी समिति ने व्यापारियों से अपील की है कि वे मक्का या किसी भी कृषि उपज के परिवहन के लिए सभी आवश्यक दस्तावेजों को साथ रखें, अन्यथा उनके विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएंगे।

सोशल मीडिया की दोस्ती का काले कारनामे में बदलना: नाबालिग लड़की के साथ ब्लैकमेलिंग, 3 गिरफ्तार

रायपुर, छत्तीसगढ़: सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती करके नाबालिगों को फंसाने और उन्हें ब्लैकमेल करने के एक मामले ने पुलिस का ध्यान खींचा है। इस मामले में तीन आरोपियों, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है, को गिरफ्तार किया गया है।  

क्या हुआ था?

मध्य प्रदेश के सातवीं कक्षा के एक छात्र ने इंस्टाग्राम पर रायपुर की आठवीं कक्षा की एक छात्रा से दोस्ती की। करीब एक साल तक दोनों के बीच बातचीत चलती रही। इस दौरान लड़के ने लड़की से उसके निजी फोटो और वीडियो मांगे। लड़की ने बिना सोचे-समझे अपने कुछ अश्लील फोटो और वीडियो उसे भेज दिए।  

हालांकि, जैसे ही लड़के के हाथ यह सामग्री लगी, उसने लड़की को धमकाना शुरू कर दिया। उसने पैसे की मांग की और धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो वह उसके फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा।  

गिरोह बनाकर किया ब्लैकमेलिंग

इस मामले में नाबालिग लड़के ने दो अन्य साथियों – 20 वर्षीय सिमरन अजनारे (एक होटल कर्मचारी) और 27 वर्षीय दीपक बैरागी (एक पुताई मजदूर) की मदद ली। यह तिकड़ी मिलकर पीड़िता को फोन करके पैसे की मांग करती थी और वायरल होने की धमकी देती थी।  

परिवार को पता चला, तब पुलिस ने की कार्रवाई

लड़की अपनी मां के मोबाइल से आरोपियों से बात करती थी। जब उस पर ब्लैकमेलिंग का दबाव बढ़ा, तो वह डर गई और उसके व्यवहार में बदलाव आया। परिवार को शक हुआ तो पूछताछ करने पर पता चला कि आरोपियों ने उसके कुछ फोटो इंस्टाग्राम पर भी डाल दिए थे। इसके बाद परिजनों ने पुलिस से शिकायत की।  

साइबर ठगी का नया तरीका

पुलिस के मुताबिक, ऐसे मामलों में आरोपी महिलाओं को विश्वास दिलाकर उनसे निजी सामग्री हासिल करते हैं और फिर ब्लैकमेल करते हैं। कई बार फर्जी वीडियो बनाकर भी धमकी दी जाती है।  

अब पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करके मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही, सोशल मीडिया पर नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

रायपुर एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट का गेट फंसा रहा 40 मिनट तक, पूर्व सीएम बघेल सहित कई नेता रहे अंदर बंद

रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया जब दिल्ली से आई इंडिगो की एक फ्लाइट का मुख्य दरवाजा तकनीकी खराबी के चलते करीब 40 मिनट तक नहीं खुला। इस फ्लाइट में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, रायपुर की महापौर मीनल चौबे और सरायपाली की विधायक चातुरी नंद सहित अन्य यात्री सवार थे।

जानकारी के मुताबिक, विमान ने दोपहर करीब 12 बजे दिल्ली से उड़ान भरी थी और दोपहर 2 बजे रायपुर में सुरक्षित लैंड किया। लेकिन लैंडिंग के बाद एयरक्राफ्ट के दरवाजे को खोलने में समस्या आने लगी। क्रू मेंबर्स ने कई बार प्रयास किया लेकिन ऑटोमैटिक सिस्टम फेल हो जाने के कारण दरवाजा नहीं खुल पाया।

इस स्थिति से यात्रियों में बेचैनी फैल गई। अहमदाबाद में हाल ही में हुई विमान हादसे की याद ताजा हो गई। यात्रियों ने जब क्रू से जानकारी मांगी तो स्पष्ट जवाब नहीं मिला, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। कुछ यात्रियों ने अंदर ही विरोध भी जताना शुरू कर दिया।

एयरपोर्ट अथॉरिटी को जैसे ही इस गड़बड़ी की जानकारी मिली, टेक्निकल टीम को मौके पर भेजा गया। टीम ने मैन्युअली दरवाजा खोलने की कोशिश की और सफल रही। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

फ्लाइट में मौजूद नेताओं ने भी इस घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि तकनीकी खराबी की वजह से दरवाजा नहीं खुला और सभी यात्री करीब 40 मिनट तक विमान के अंदर ही रहे। महापौर मीनल चौबे ने बताया कि स्क्रीन पर कोई जानकारी नहीं दिख रही थी और क्रू मेंबर्स से भी स्पष्ट जवाब नहीं मिला, जिससे यात्रियों में घबराहट बढ़ी। विधायक चातुरी नंद ने कहा कि फ्लाइट की लैंडिंग सुरक्षित रही लेकिन दरवाजा खुलने में देरी से यात्रियों में बेचैनी हो गई थी।

इंडिगो की तरफ से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यात्रियों की सुरक्षा और तकनीकी प्रक्रियाओं को लेकर एयरलाइंस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल, विमान की तकनीकी जांच के बाद उसे दोपहर करीब 3 बजे वापस दिल्ली के लिए रवाना किया गया।

छत्तीसगढ़ सरकार का वादा पूरा: तेंदूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका वितरण का होगा शुभारंभ, CM साय 21 जून को करेंगे योजना की शुरुआत

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 21 जून को जशपुर जिले के तपकरा में आयोजित एक विशाल जनसभा के दौरान राज्य भर के तेंदूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका (फुटवेयर) वितरण योजना की शुरुआत करेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों की महिलाओं को चरण पादुका प्रदान कर इस बहुप्रतीक्षित योजना की विधिवत शुरुआत करेंगे।

यह योजना राज्य सरकार के उस संकल्प का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने चुनाव पूर्व वादा किया था कि बंद की गई चरण पादुका योजना को फिर से शुरू किया जाएगा। अब यह वादा पूरा होने जा रहा है। सरकार द्वारा इस योजना के क्रियान्वयन के लिए 40 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। योजना का लाभ प्रदेश के करीब 12 लाख 40 हजार तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों की महिलाओं को मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों का राज्य की अर्थव्यवस्था और वनोपज-आधारित जीवनशैली में अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि चरण पादुका केवल एक वस्तु नहीं, बल्कि संग्राहक महिलाओं की गरिमा और सम्मान का प्रतीक है।

सरकार की यह पहल न सिर्फ महिलाओं को बेहतर सुविधा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह कठिन इलाकों में कार्यरत संग्राहक महिलाओं के प्रति सरकार की संवेदनशीलता भी दर्शाता है। योजना के तहत चरण पादुकाओं का निःशुल्क वितरण किया जाएगा।

745 करोड़ रुपये की तेंदूपत्ता खरीदी

इस वर्ष राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य अप्रैल के तीसरे सप्ताह से प्रारंभ हुआ था, जो अब सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है। प्रदेश की 902 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से 10,631 संग्रहण केंद्रों (फड़ों) में संग्रहण कार्य संपन्न किया गया।

हालांकि असमय बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने फसल को प्रभावित किया, फिर भी 11.40 लाख से अधिक संग्राहकों ने 13.54 लाख मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण कर राज्य सरकार को विक्रय किया। इस संग्रहण के लिए सरकार द्वारा कुल 745 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।

इसमें से 300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि संग्राहकों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से जमा कराई जा चुकी है, जबकि शेष राशि के भुगतान की प्रक्रिया जारी है।

यह पूरी पहल यह साबित करती है कि छत्तीसगढ़ सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों की मेहनत को सम्मान देने और उनकी जरूरतों को प्राथमिकता देने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

छत्तीसगढ़ में बसे ईरानी मूल के लोगों की शांति की अपील, बोले – युद्ध नहीं, शांति चाहिए

इज़रायल और ईरान के बीच जारी तनाव और सैन्य हमलों को लेकर छत्तीसगढ़ के ईरानी मूल के नागरिकों में गहरी चिंता का माहौल है। पिछले कुछ दिनों से दोनों देशों के बीच लगातार टकराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे यहां रहने वाला ईरानी समुदाय मानसिक रूप से बेहद व्यथित है।

छत्तीसगढ़ में ईरानी समुदाय की मजबूत उपस्थिति

राजधानी रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के कई जिलों में करीब 5000 भारतीय-ईरानी मूल के लोग निवास करते हैं। अकेले रायपुर में इनकी संख्या लगभग 1000 है। यहां के राजातालाब स्थित ईरानी इमामबाड़ा और सद्दू-मोवा क्षेत्र की कॉलोनियों में इनका प्रमुख निवास है, जिनमें से एक कॉलोनी में लगभग 100 परिवार रहते हैं।

सदियों पुराना रिश्ता और संस्कृति आज भी जीवित

यह समुदाय लगभग 500 से 700 साल पहले ईरान से भारत आया था और आज भी फारसी भाषा, रीति-रिवाज और परंपराएं निभा रहा है। रायपुर में रहने वाले ईरानी अब भी फारसी में बातचीत करते हैं और ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को गहरी आस्था के साथ मानते हैं।

व्यापार से जुड़ा है समुदाय, युद्ध से प्रभावित हो रही है धार्मिक यात्रा

अधिकांश ईरानी मूल के लोग छोटे-छोटे व्यवसायों में लगे हैं। रायपुर के गोलबाजार, एमजी रोड, पंडरी आदि क्षेत्रों में वे चश्मे, घड़ियां, बेल्ट जैसे उत्पाद बेचते हैं। हर साल यह समुदाय धार्मिक यात्राओं के लिए बड़ी संख्या में ईरान जाता है, लेकिन मौजूदा युद्ध जैसे हालातों ने उनकी योजनाओं और मानसिक शांति पर असर डाला है।

शांति की अपील – “युद्ध किसी समस्या का हल नहीं”

ईरानी समुदाय के लोगों ने युद्ध पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “हमारा दिल ईरान में अपने लोगों के लिए परेशान है। हम दोनों देशों से अपील करते हैं कि वार्ता के रास्ते को अपनाएं, ताकि निर्दोष लोगों की जान बच सके और क्षेत्र में शांति बहाल हो।”

छत्तीसगढ़ का यह ईरानी समुदाय अपने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक जुड़ाव के चलते आज भी ईरान से खुद को गहराई से जुड़ा मानता है और इसीलिए वर्तमान हालातों को लेकर उसकी पीड़ा और शांति की पुकार पूरी दुनिया के लिए एक संदेश है।