Home Blog Page 154

बिरगांव : नाले की सफाई महीनों से बंद, बदबू और बीमारी से लोग परेशान

बिरगांव। क्षेत्र में फैली गंदगी और नालों की बदहाल स्थिति से आम जनता त्राहिमाम कर रही है। जानकारी के अनुसार, बिरगांव के मुख्य नाले की सफाई कई महीनों से नहीं हुई है, जिसके चलते नाले में भारी मात्रा में कचरा और गंदा पानी जमा हो गया है। इससे इलाके में तेज बदबू फैल रही है और बीमारी का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाले में आसपास के चिकन और मछली दुकानदार भी अपना वेस्ट फेंक देते हैं, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई है। बरसात का मौसम शुरू हो चुका है और पानी भराव के साथ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों के फैलने की आशंका लोगों को सता रही है।

 बिरगांव में इस तरह की गंदगी और अव्यवस्था ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि नगर निगम का ध्यान इस ओर बिल्कुल भी नहीं है। महीनों से नाला जाम है, सफाईकर्मियों की तैनाती नहीं हुई और न ही कोई निगरानी की जा रही है।

स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से मांग की है कि जल्द से जल्द इस नाले की सफाई कराई जाए और नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाए, ताकि बदबू और बीमारियों से राहत मिल सके। अगर समय रहते प्रशासन नहीं जागा तो यहां जनस्वास्थ्य की बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है।

चांदनी चौक की शराब दुकान को लेकर अधिवक्ता संघ ने जताया विरोध, सीएम को सौंपा ज्ञापन

जगदलपुर के चांदनी चौक स्थित शासकीय शराब दुकान को लेकर विवाद तेज हो गया है। स्टेट बैंक रोड, जिसे अब संत झूलेलाल मार्ग के रूप में नामित किया गया है, के प्रवेश बिंदु पर स्थित इस दुकान को लेकर स्थानीय अधिवक्ता संघ ने नाराजगी जाहिर की है। इसी कड़ी में संघ ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपते हुए उक्त दुकान को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है।

धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों के बीच नहीं चल सकती शराब दुकान: अधिवक्ता संघ

जिला अधिवक्ता संघ का कहना है कि यह शराब दुकान धार्मिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थानों से घिरी हुई है, जो जनहित, धार्मिक मर्यादा और सार्वजनिक सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय है। संघ के सचिव लिखेश्वर जोशी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि दुकान के आसपास सेंट जेवियर स्कूल, महारानी अस्पताल, भगवान झूलेलाल मंदिर और राम मंदिर जैसे संवेदनशील संस्थान स्थित हैं। ऐसे में यहां शराब दुकान का संचालन शासन के निर्धारित मानकों के विपरीत है।

शासन के नियमों का उल्लंघन

ज्ञापन में यह भी रेखांकित किया गया है कि सरकार द्वारा तय दिशानिर्देशों के अनुसार मंदिरों, स्कूलों और अस्पतालों के आसपास शराब दुकान चलाना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद इस संवेदनशील क्षेत्र में दुकान का संचालन शासनादेशों का स्पष्ट उल्लंघन है।

जाम और दुर्घटनाओं से जनता परेशान

अधिवक्ता संघ ने यह भी बताया कि शराब दुकान के कारण चौक पर दिनभर भारी भीड़ और अव्यवस्थित ट्रैफिक की समस्या बनी रहती है। पुलिस की तैनाती के बावजूद व्यवस्था बिगड़ी रहती है, जिससे रोज़ाना दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। संघ ने प्रशासन को चेताया कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं और सामाजिक सौहार्द्र भी प्रभावित हो सकता है।

संघ ने मांग की है कि जनहित और कानून के पालन को ध्यान में रखते हुए शराब दुकान को जल्द से जल्द किसी शांत और कम संवेदनशील क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाए।

8 साल से अधूरा स्काईवॉक अब होगा पूरा, जर्जर हिस्सों को हटाकर फिर से शुरू हुआ निर्माण कार्य

रायपुर के शास्त्री चौक स्थित लंबे समय से अधूरे पड़े स्काईवॉक प्रोजेक्ट को आखिरकार पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए गए हैं। करीब 8 साल से अटके इस प्रोजेक्ट को अब आरएसएए नामक एजेंसी द्वारा 38 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा। एजेंसी ने मेकाहारा चौक के पास अपना बेस कैंप (तंबू) लगाकर काम की शुरुआत भी कर दी है।

लोक निर्माण विभाग (PWD) के ब्रिज डिवीजन ने वर्क ऑर्डर जारी कर एजेंसी को जल्द निर्माण शुरू करने का निर्देश दिया है। शुरुआत में स्काईवॉक के खराब व जर्जर हो चुके हिस्सों को हटाया जाएगा। साथ ही, जिन पिलर्स को पहले काट दिया गया था, उन्हें दोबारा बनाया जाएगा।

इस स्काईवॉक पर अब तक 46 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं और इसके पूरा होने तक कुल लागत 80 से 85 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। हालांकि, शहरवासियों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या वास्तव में लोग इस स्काईवॉक का उपयोग करेंगे।

इस परियोजना की शुरुआत वर्ष 2016 में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की सरकार में की गई थी, जब पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत थे। लेकिन 2018 में सरकार बदलने के बाद इस पर काम रोक दिया गया था। इसके बाद से यह अधूरा ही पड़ा रहा।

समय बीतने के साथ इसमें लगे लोहे के कई हिस्से जंग खा चुके हैं। खासकर मेकाहारा अस्पताल चौक के पास कई पिलर्स काटे जा चुके थे। अब वर्तमान सरकार के मंत्री अरुण साव के नेतृत्व में इसे फिर से शुरू किया जा रहा है और इसे 5 से 6 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, हालांकि क्षेत्र में भारी ट्रैफिक को देखते हुए यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

इस स्काईवॉक की योजना इस सोच के साथ बनाई गई थी कि लोग जयस्तंभ चौक या कलेक्ट्रेट की मल्टीलेवल पार्किंग में गाड़ी खड़ी कर वहां से पैदल ही स्काईवॉक के जरिए कलेक्ट्रेट, तहसील, टीएंडसीपी ऑफिस, शहीद स्मारक भवन और डीकेएस-आंबेडकर अस्पताल तक जा सकें। सुविधा के लिए इसमें 8 स्थानों पर लिफ्ट और चार एस्केलेटर लगाए जाएंगे। इतना ही नहीं, डीकेएस और आंबेडकर अस्पताल के बीच मरीजों को सीधे स्ट्रक्चर के ऊपर से शिफ्ट किया जा सकेगा।

जाति प्रमाण पत्र को लेकर हुआ विवाद, कांग्रेस पार्षद और महिला के बीच मारपीट

दंतेवाड़ा नगर निगम के संजय गांधी वार्ड में जाति प्रमाण पत्र को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। वार्ड की कांग्रेस पार्षद कोमल सेना और निवासी आरती सोना के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए हैं और बोधघाट थाने में शिकायतें दर्ज करवाई हैं।

पुलिस जांच में जुटी, दोनों पक्षों के बयान दर्ज

पुलिस ने दोनों की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है और उनके बयान लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। बोधघाट थाना प्रभारी के अनुसार, जांच के बाद ही मामले में आगे कोई कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ लोगों का मानना है कि आने वाले समय में ऐसे विवाद और बढ़ सकते हैं।

आरती सोना का आरोप: पार्षद और उनके घर की महिलाओं ने की मारपीट

आरती सोना ने आरोप लगाया कि वह तीसरी बार जाति प्रमाण पत्र के लिए संपर्क कर रही थीं, लेकिन कोई सहायता नहीं मिल रही थी। जब उन्होंने इस बारे में पार्षद से शिकायत की तो पार्षद नाराज़ हो गईं और अपने घर की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट की। आरती का दावा है कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें शारीरिक चोटें भी आई हैं।

पार्षद की सफाई: महिला ने की गाली-गलौज और हमला

वहीं, पार्षद कोमल सेना ने बताया कि प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक फार्म खत्म हो चुके हैं और छपाई के लिए भेजे गए हैं। उन्होंने आरती को अगले दिन आने को कहा था, लेकिन आरती ने बदतमीजी शुरू कर दी। कोमल का कहना है कि आरती ने गाली-गलौज करते हुए हमला किया, जिससे उन्हें चेहरे पर चोट लगी। पार्षद ने सवाल उठाया कि यदि जनप्रतिनिधियों के साथ ऐसा व्यवहार किया जाएगा तो वे जनता के कार्य कैसे करवा पाएंगे।

बच्ची के स्कूल एडमिशन के लिए बनवाना था प्रमाण पत्र

मिली जानकारी के अनुसार, आरती सोना अपनी बच्ची के स्कूल दाखिले के लिए जाति प्रमाण पत्र बनवाने पार्षद के पास पहुंची थीं। बातचीत के दौरान दोनों के बीच विवाद हुआ, जो धीरे-धीरे उग्र हो गया और फिर झगड़े में बदल गया।

इस विवाद ने वार्ड में तनाव का माहौल बना दिया है और अब सभी की निगाहें पुलिस जांच के निष्कर्ष पर टिकी हैं।

श्रद्धालुओं के लिए राहतभरी खबर: बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन, कंफर्म सीट की सुविधा

सावन मास में बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने विशेष सुविधा के तहत गोंदिया-मधुपुर-गोंदिया रूट पर श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन 11 जुलाई से 4 अगस्त तक कुल 8 फेरे लगाएगी।

ट्रेन नंबर 08855/08856 शुक्रवार और सोमवार को गोंदिया से रवाना होगी, जबकि वापसी में मधुपुर से शनिवार और मंगलवार को चलेगी। इस विशेष ट्रेन का ठहराव बिलासपुर, बिल्हा, भाटापारा, तिल्दा, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और डोंगरगढ़ जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रहेगा, जिससे छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।

सावन में बाबा धाम के लिए विशेष तारीखें:

11 जुलाई (शुक्रवार)

14 जुलाई (सोमवार)

18 जुलाई (शुक्रवार)

21 जुलाई (सोमवार)

25 जुलाई (शुक्रवार)

28 जुलाई (सोमवार)

1 अगस्त (शुक्रवार)

4 अगस्त (सोमवार)

कोच की संरचना: इस ट्रेन में कुल 18 डिब्बे होंगे जिनमें 2 SLRD, 6 जनरल कोच, 7 स्लीपर, 1 एसी-3 और 2 एसी टू-कम-थ्री एसी कोच शामिल हैं।

बिलासपुर से समय: गोंदिया से आने वाली यह ट्रेन शाम 5:35 बजे बिलासपुर पहुंचेगी और 5:45 बजे रवाना होगी। वापसी में मधुपुर से चलकर यह ट्रेन अगले दिन सुबह 10:35 बजे बिलासपुर पहुंचेगी और 10:45 बजे रवाना होगी।

निर्माण कार्य से ट्रेनों पर असर: कई लोकल ट्रेनें रद्द

रायपुर मंडल के सिलियारी-मांढर सेक्शन में ब्रिज स्लैब और दाधापारा-बिलासपुर के बीच गर्डर लांचिंग कार्य के कारण रेलवे ने 28 और 29 जून को ट्रैफिक सह पावर ब्लॉक की घोषणा की है। इसके चलते 6 लोकल ट्रेनें रद्द की जाएंगी।

रद्द होने वाली ट्रेनें (29 जून को):

58201 बिलासपुर-रायपुर पैसेंजर

58204 रायपुर-कोरबा पैसेंजर

68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू

68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू

68734 बिलासपुर-गेवरारोड मेमू

68733 गेवरारोड-बिलासपुर मेमू

परिवर्तित मार्ग से चलेंगी ये ट्रेनें:

15160 दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस अब गोंदिया-नैनपुर-जबलपुर-कटनी होकर जाएगी।

15232 गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस भी अब नैनपुर-जबलपुर-कटनी मार्ग से चलाई जाएगी।

ये ट्रेनें रहेंगी देरी से:

18241 दुर्ग-अंबिकापुर एक्सप्रेस – 4 घंटे

12833 अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस – 3.30 घंटे

12859 CSMT-हावड़ा एक्सप्रेस – 3.30 घंटे

12860 हावड़ा-CSMT एक्सप्रेस – 3 घंटे

15159 छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस – 1 घंटा

रेलवे का यह विशेष कदम श्रावणी मेले के दौरान यात्रियों की सुविधा और बढ़ती भीड़ को देखते हुए उठाया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को बाबा धाम तक सुगम, आरामदायक और कंफर्म यात्रा का अनुभव मिल सकेगा।

पुरी धाम जैसी रथयात्रा की तैयारियां राजधानी में तेज, कल मनाया जाएगा नेत्रोत्सव

राजधानी के जगन्नाथ मंदिरों में इस बार पुरीधाम जैसी भव्य रथयात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं। शहर के विभिन्न हिस्सों में भगवान जगन्नाथ, उनके भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा के लिए रथों को रंग-बिरंगे आकर्षक रूप में सजाया जा रहा है। गायत्री नगर स्थित मंदिर में नए रथ पर विराजमान होकर भगवान भक्तों को दर्शन देने निकलेंगे।

बीमार हैं महाप्रभु, औषधीय काढ़े का भोग चढ़ाया जा रहा

पौराणिक मान्यता के अनुसार, ज्येष्ठ पूर्णिमा को भगवान जगन्नाथ के अत्यधिक स्नान के कारण वे अस्वस्थ हो जाते हैं। इसके बाद मंदिरों के पट 15 दिनों के लिए बंद कर दिए जाते हैं और पूजा-पाठ स्थगित कर दी जाती है। इस दौरान केवल औषधियों से बने काढ़े का भोग अर्पित किया जाता है। सदरबाजार, टूरी हटरी और गायत्री नगर के मंदिरों में यह परंपरा निभाई जा रही है।

नेत्रोत्सव के बाद निकलेगी रथयात्रा

भगवान के स्वस्थ होने पर सबसे पहले नेत्रोत्सव मनाया जाता है, जिसमें उन्हें स्नान कराकर विशेष श्रृंगार और आरती की जाती है। इसके बाद रथयात्रा निकाली जाती है, जिसमें भगवान अपने भाई-बहन के साथ भक्तों को दर्शन देते हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके साथ चलते हैं।

पुरी जाने वाली ट्रेनें फुल, स्पेशल ट्रेन का संचालन

छत्तीसगढ़ से बड़ी तादाद में श्रद्धालु पुरी की रथयात्रा में भाग लेने जाते हैं। इसी वजह से इस मार्ग की सभी ट्रेनें सप्ताहभर तक पूरी तरह बुक चलती हैं। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे 27 जून से गोंदिया से पुरी तक एक विशेष ट्रेन चला रहा है, जिसमें कुल 18 डिब्बे होंगे।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे परंपरा

रथयात्रा के दिन जब भगवान जगन्नाथ मंदिर से रथ तक जाते हैं, तब राज्यपाल और मुख्यमंत्री पारंपरिक रूप से सोने की झाडू से मार्ग की सफाई करते हैं। यह रस्म महाप्रभु को जगत का सम्राट मानकर निभाई जाती है।

महाप्रभु को चढ़ाया जाएगा स्वास्थ्यवर्धक प्रसाद

गायत्री नगर मंदिर के अध्यक्ष एवं विधायक पुरंदर मिश्रा ने बताया कि चूंकि भगवान अभी अस्वस्थ हैं, इसलिए उन्हें पौष्टिक आहार के रूप में अंकुरित चना और मूंग का भोग अर्पित किया जाता है। यह प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित भी किया जाएगा।

रथयात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है और राजधानी में धार्मिक वातावरण बना हुआ है।

ऑपरेशन साइबर शील्ड: अंतरराष्ट्रीय फर्जी सिम रैकेट का भंडाफोड़, 11 आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ पुलिस ने ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ के तहत एक बड़े साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश किया है। रायपुर रेंज की पुलिस ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी सिम कार्ड के जरिए अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध को अंजाम दे रहे थे। पकड़े गए आरोपियों में सिम डिस्ट्रीब्यूटर, पीओएस एजेंट और विक्रेता शामिल हैं।

विदेशों में इस्तेमाल हो रहे थे फर्जी सिम

जांच में सामने आया है कि इन फर्जी सिम कार्डों का इस्तेमाल संयुक्त अरब अमीरात (UAE), श्रीलंका, नेपाल और म्यांमार जैसे देशों में किया जा रहा था। पुलिस को इसके पुख्ता सबूत भी मिले हैं।

शिकायत के बाद हुआ खुलासा

यह कार्रवाई एक साइबर अपराध की रिपोर्ट के बाद शुरू हुई, जो रायपुर के सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराई गई थी। रायपुर रेंज के आईजी अमरेश मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया। जांच के दौरान जब संदिग्ध बैंक खातों में दर्ज मोबाइल नंबरों की पड़ताल की गई, तो पता चला कि संबंधित सिम कार्ड फर्जी तरीके से जारी किए गए थे। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी टीम की मदद से राजस्थान और मध्य प्रदेश में दबिश दी और कई आरोपियों को हिरासत में लिया।

कैसे करते थे धोखाधड़ी

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नए सिम कार्ड जारी करने या सिम पोर्ट कराने के बहाने लोगों की बायोमेट्रिक जानकारी (थंब इम्प्रेशन और आई स्कैन) लेते थे और उनके नाम से फर्जी सिम चालू कर देते थे। कई बार केवल आधार कार्ड की कॉपी लेकर भी डिजिटल केवाईसी के माध्यम से सिम एक्टिवेट कर लेते थे। बाद में यही सिम म्यूल अकाउंट ऑपरेटरों को बेचे जाते थे और इसके बदले कमीशन लिया जाता था।

अब तक 7000 से ज्यादा फर्जी सिम का पता

पुलिस को जांच के दौरान 7000 से अधिक फर्जी सिम कार्डों का पता चला है, जिनका इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर फ्रॉड में किया गया। इसके अलावा 590 से अधिक मोबाइल फोन भी जांच के दायरे में हैं।

गिरफ्तार किए गए आरोपी

1. नितेश कुमार शर्मा (26) – करौली, राजस्थान

2. पीयूष पांडे (28) – सतना, मध्य प्रदेश

3. हरविंदर भाटिया (37) – दुर्ग

4. दिलावर सिंह संधू (23) – भिलाई, दुर्ग

5. उदय राम यदु (31) – रायपुर

6. आशीष कलवानी (30) – रायपुर

7. चंदन कुमार सिंह (25) – रायपुर

8. सचिन गिरी (21) – रायपुर

9. वैभव साहू (25) – दुर्ग

10. सूरज मारकंडे (20) – धमतरी

11. अतहर नवाज (38) – रायपुर

पुलिस की जांच अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े और लोगों की गिरफ्तारी संभव है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ पुलिस की

साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।

ड्रग्स ओवरडोज के शक में युवक की मौत, चलती कार से फेंका, युवक-युवती हिरासत में

रायपुर के कबीर नगर क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। रविवार रात एक युवक को कथित रूप से ड्रग्स देने के बाद चलती कार से बाहर फेंक दिया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में नाकेबंदी की और संदेह के आधार पर एक युवक और एक युवती को हिरासत में लिया है।

पुलिस के अनुसार रात करीब 8 बजे एक तेज रफ्तार कार वाल्मीकि नगर इलाके से गुजरते हुए आगे एक कचरा डंपिंग स्थल के पास रुकी, जहां से एक बेहोश युवक को बाहर फेंक दिया गया। कार सवार फिर तुरंत वहां से फरार हो गए। राहगीरों ने इस घटना को देखकर पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल युवक को तत्काल एम्स अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृत युवक की पहचान प्रारंभिक रूप से “मनदीप सिंह” के रूप में हुई है, जो उसके हाथ पर लिखे नाम के आधार पर की गई। पुलिस को आशंका है कि युवक की मौत ड्रग्स की अत्यधिक मात्रा लेने के कारण हुई है। उसके शरीर पर किसी भी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं, जिससे हत्या की आशंका फिलहाल कम मानी जा रही है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असल कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

 

पुलिस ने देर रात हिरासत में लिए युवक संतोष मिश्रा (44) और युवती साधना अग्रवाल उर्फ भूरी (19) से पूछताछ शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मृत युवक भी उन्हीं के साथ था और तीनों संभवतः एक ही ग्रुप का हिस्सा थे।

बताया जा रहा है कि हीरापुर, कबीर नगर, आमानाका और कुम्हारी जैसे इलाकों में ड्रग्स की तस्करी और सेवन का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह हत्या एक साजिश थी या फिर ड्रग्स के ओवरडोज का मामला है।

फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस पूरे घटनाक्रम की तहकीकात में लगी है और ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

रेलवे ने फिर 6 ट्रेनें की रद्द, कुछ बदले रूट से, कुछ समय से चलेंगी

रेलवे ने एक बार फिर यात्रियों को झटका देते हुए 6 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इसके अलावा कई ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा जबकि कुछ निर्धारित समय से देरी से रवाना होंगी। रेलवे के अनुसार, सिलयारी-मांढर खंड के रेलवे ब्रिज नंबर 403 पर स्लैब बदले जाने और दाधापारा-बिलासपुर खंड में गर्डर लांचिंग कार्य के चलते ट्रैफिक और पावर ब्लॉक लिया गया है, जिससे यह बदलाव जरूरी हो गया है।

सावन में यात्रियों के लिए विशेष ट्रेन सुविधा

सावन के पवित्र माह में बाबा धाम (बाबाधाम, देवघर) जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने गोंदिया और मधुपुर के बीच श्रावणी स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन गाड़ी संख्या 08855/08856 के तहत 16 फेरे लगाएगी।

08855 गोंदिया-मधुपुर स्पेशल ट्रेन हर शुक्रवार और सोमवार को 11 जुलाई से 4 अगस्त 2025 तक गोंदिया से दोपहर 12:30 बजे चलेगी और रायपुर में 2:40 बजे 5 मिनट के लिए रुकेगी। यह ट्रेन अगले दिन दोपहर 12:30 बजे मधुपुर पहुंचेगी।

08856 मधुपुर-गोंदिया स्पेशल ट्रेन हर शनिवार और मंगलवार को 12 जुलाई से 5 अगस्त तक दोपहर 2:30 बजे मधुपुर से चलेगी और अगले दिन दोपहर 12:55 बजे रायपुर पहुंचेगी, फिर शाम 5 बजे गोंदिया पहुंचेगी।

इस ट्रेन में कुल 18 कोच होंगे जिनमें 2 एसएलआरडी, 6 जनरल, 7 स्लीपर, 1 एसी-3, 2 एसी-3 सह एसी-2 शामिल हैं।

29 जून को रद्द रहने वाली ट्रेनें

1. 58201 बिलासपुर-रायपुर पैसेंजर

2. 58204 रायपुर-कोरबा पैसेंजर

3. 68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू

4. 68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू

5. 68734 बिलासपुर-गेवरारोड मेमू

6. 68733 गेवरारोड-बिलासपुर मेमू

28 जून को देरी से चलने वाली ट्रेनें

18241 दुर्ग-अम्बिकापुर एक्सप्रेस – 4 घंटे की देरी

12833 अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस – 3 घंटे 30 मिनट की देरी

12859 सीएसएमटी-हावड़ा एक्सप्रेस – 3 घंटे 30 मिनट की देरी

12860 हावड़ा-सीएसएमटी एक्सप्रेस – 3 घंटे की देरी

15159 छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस – 1 घंटे की देरी

परिवर्तित मार्ग से चलने वाली ट्रेनें (28 जून)

15160 दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस – अब यह ट्रेन गोंदिया, नैनपुर, जबलपुर, कटनी होकर छपरा जाएगी।

15232 गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस – इसका मार्ग भी बदला गया है, यह नैनपुर, जबलपुर, कटनी होकर बरौनी पहुंचेगी।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य ले लें, ताकि किसी असुविधा से बचा जा सके।

21 महिलाओं से 10.50 लाख की धोखाधड़ी, कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

छत्तीसगढ़ के डौंडी थाना क्षेत्र के ग्राम कुआंगोदी और झुरहाटोला की 21 महिलाएं एक बड़े आर्थिक धोखाधड़ी की शिकार हो गई हैं। आरोप है कि दो महिलाओं ने फर्जी स्वयं सहायता समूह बनाकर निजी कंपनी से 10 लाख 50 हजार रुपये का लोन लिया और अब उसकी किश्तें भरने से मुकर रही हैं। इस वजह से बाकी महिलाएं भारी कर्ज के बोझ तले दब गई हैं और पिछले एक साल से किस्तें भरने को मजबूर हैं।

पुलिस नहीं सुन रही, जनदर्शन में पहुंची महिलाएं

पीड़ित महिलाओं का कहना है कि उन्होंने 19 सितंबर 2024 को डौंडी थाने में शिकायत करने की कोशिश की थी, लेकिन तत्कालीन थाना प्रभारी ने इसे आपसी मामला बताकर FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया और उन्हें अदालत जाने की सलाह दे दी। इससे निराश होकर महिलाएं मंगलवार को जनदर्शन में कलेक्टर के पास पहुंचीं और आरोपी महिलाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

धोखाधड़ी का आरोप पूजा और सिंधिया पर

शिकायत में महिलाओं ने बताया कि दल्लीराजहरा निवासी पूजा भारद्वाज और सिंधिया गुलेन्द्र ने झूठे वादे कर समूह बनवाया और ऋण लिया। दोनों ने यह भरोसा दिलाया था कि वे समय पर किश्तें जमा करेंगी। उन्होंने 50 रुपये के स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र भी दिया, लेकिन बाद में अपना वादा तोड़ दिया। अब समूह की अन्य महिलाएं हर माह करीब 52 हजार रुपये की किश्त भरने को मजबूर हैं।

धान, चावल और गहने बेचने की नौबत

कर्ज चुकाने के लिए पीड़ित महिलाओं को अपने घर का धान, चावल और यहां तक कि गहने तक बेचने पड़ रहे हैं। आर्थिक तंगी की वजह से उनके घरों में विवाद, झगड़े और तनाव की स्थिति बन गई है। महिलाएं कहती हैं कि अगर जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

न्याय की उम्मीद में प्रशासन के सामने गुहार

जनदर्शन में चंद्रिका बाई, लता बाई, लक्ष्मी बाई, टिकेश्वरी, ललिता, कमिता, ख़ोमिन, सुनोतिन और सुशील बाई सहित कई महिलाएं उपस्थित रहीं। उन्होंने कलेक्टर से निवेदन किया कि दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें इस आर्थिक संकट से राहत दिलाई जाए।

> मुख्य मांगे

🔸 आरोपी महिलाओं के खिलाफ FIR दर्ज हो

🔸 ऋण की किश्तें भरने से पीड़ित महिलाओं को रोका जाए

🔸 दोषियों से वसूली कर समूह को

आर्थिक सहायता दी जाए