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रायपुर के उरला थाना क्षेत्र में नाबालिग बच्ची के साथ दरिंदगी, आरोपी गिरफ्तार

रायपुर, 25 जून 2025: उरला थाना क्षेत्र के ग्राम कनहेरा में एक 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ बलात्कार का मनहूस मामला सामने आया है। घटना आज दोपहर करीब 3 बजे तब हुई जब बच्ची अपने घर के पास खेल रही थी। आरोपी मनी कुर्रे (उम्र 30 वर्ष) ने उसे चॉकलेट देने का लालच देकर अपने घर ले गया और उसके साथ दरिंदगी की।

बच्ची रोती हुई घर पहुंची और अपने माता-पिता को पूरी घटना से अवगत कराया। उस समय माता-पिता काम पर गए हुए थे, लौटने पर बच्ची ने उन्हें यह हृदयविदारक घटना बताई। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद आरोपी मनी कुर्रे को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी शादीशुदा है और उसके तीन बच्चे हैं। उस पर POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस प्रशासन ने बताया कि मामले की गहन जांच चल रही है और आरोपी को कठोर सजा दिलाने के लिए सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।

इस घटना ने पूरे इलाके में रोष फैला दिया है। स्थानीय नागरिकों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून पर भरोसा रखने की अपील की है।

16 साल की नाबालिग के साथ दुष्कर्म का आरोप, आरोपी गिरफ्तार

उरला थाना क्षेत्र ( अछोली), 25 जून: उरला थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपी युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।

घटना क्रम:24 जून की शाम: शाम करीब 6 बजे आरोपी युवक ने नाबालिग लड़की को उसकी माँ के सामने से उठाकर ले गया।रातभर लापता रही: पीड़िता पूरी रात गायब रही, जिसके बाद परिजनों ने थाना पहुँचकर सूचना दी।25 जून को मिली बच्ची: अगली सुबह, बिरगाँव के व्यास तालाब के पास लड़की को ढूँढ़ लिया गया।

मेडिकल जाँच और केस दर्ज: पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज करके पीड़िता का मेडिकल टेस्ट कराया और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

परिवार की माँग:

पीड़िता के परिजनों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। वहीं, पुलिस ने बताया कि वे पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्रवाई कर रहे हैं और आरोपी को सजा दिलाने के लिए पूरी तरह से प्रयासरत हैं।

पुलिस की कार्रवाई:

पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्जआरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गयामेडिकल और फॉरेंसिक जाँच जारी . 

स्थानीय लोगों ने इस घटना पर गहरा आक्रोश जताया है और न्याय की माँग की है। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को कड़ी सजा दिलाने के लिए सभी कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी की जाएँगी।

महामाया इंस्ट्रूमेंट कंपनी में युवक की मौत, परिजनों ने जताई नाराज़गी – सुरक्षा उपायों पर उठे सवाल

 रावभाटा  मेटल पार्क स्थित महामाया इंस्ट्रूमेंट प्राइवेट लिमिटेड में बुधवार को हुए एक हादसे में 21 वर्षीय युवक हेमंत विश्वकर्मा की करंट लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हेमंत वेल्डिंग का काम कर रहा था, तभी उसे विद्युत् झटका लगा, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

मृतक के परिजनों का आरोप है कि हेमंत से ओवरटाइम में रात को भी काम करवाया जा रहा था और कंपनी ने सुरक्षा उपकरणों की उचित व्यवस्था नहीं की थी। परिजनों ने यह भी बताया कि हेमंत ने सुरक्षा जूते की जगह सामान्य चप्पल पहन रखी थी, जिससे हादसे का खतरा और बढ़ गया।

घटना के बाद आक्रोशित मोहल्लेवासियों और छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं ने कंपनी के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने हेमंत के परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। हेमंत विवाहित था और उसकी तीन साल की एक बेटी भी है।

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है।

छत्तीसगढ़ क्रांति सेना का कहना है कि “कंपनी की घोर लापरवाही के कारण एक युवक की असमय मौत हो गई है, और हम इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को न्याय की मांग करते हैं।”

पुलिस अधिकारियों ने बयान जारी कर कहा, “घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ उचित कदम उठाए जाएंगे।”

इस हादसे ने एक बार फिर से औद्योगिक संस्थानों में श्रमिक सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी को उजागर कर दिया है।

रायपुर में अनोखी पहल: कलेक्टर और एसएसपी ने खुद चलाया ई-रिक्शा, ट्रैफिक जागरूकता अभियान की हुई शुरुआत

रायपुर। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और आम जनता को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक नई पहल की गई है। रायपुर कलेक्टर गौरव कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने बुधवार को इस अभियान का शुभारंभ किया। खास बात यह रही कि इस अभियान की शुरुआत खुद कलेक्टर द्वारा ई-रिक्शा चलाकर की गई, जबकि एसएसपी उनके पीछे की सीट पर बैठे थे। इस दृश्य ने राहगीरों और आम लोगों का खासा ध्यान खींचा।

जागरूकता फैलाएगा ईवी पेट्रोलिंग वाहन

इस पहल के तहत एक विशेष ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) पेट्रोलिंग वाहन को शहर की गलियों, स्कूलों, कॉलेजों और औद्योगिक क्षेत्रों में भेजा जाएगा, जहां यह लोगों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी देगा। वाहन में लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, मोबाइल का इस्तेमाल न करने और नशे की हालत में वाहन न चलाने जैसे जरूरी संदेश प्रसारित किए जाएंगे।

हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत

कलेक्टर कार्यालय परिसर से इस ईवी पेट्रोलिंग वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस मौके पर कलेक्टर गौरव कुमार ने कहा कि वे स्वयं ई-रिक्शा चला रहे हैं ताकि लोगों को यह संदेश दें कि ट्रैफिक नियमों का पालन करना हर किसी की जिम्मेदारी है। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने भी लोगों से अपील की कि वे छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें क्योंकि इससे बड़ा बदलाव संभव है।

नवाचार की सराहना

जी.के. इलेक्ट्रिक ग्रुप के निदेशक पुनीत परवानी और अमर परवानी ने इस नवाचार को एक सकारात्मक कदम बताया जो रायपुर की सड़कों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में मददगार साबित होगा। इस मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) डॉ. प्रशांत शुक्ला, डीएसपी सतीश ठाकुर, गुरजीत सिंह और थाना प्रभारी विशाल कुजूर भी मौजूद रहे।

यह अभियान न सिर्फ शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक कदम है, बल्कि आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनाने की एक प्रेरणादायक कोशिश भी है।

गौमाता के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला: चिचोली गांव में हंगामा, खरोरा थाने में शिकायत दर्ज

खरोरा (छत्तीसगढ़)। तिल्दा-खरोरा ब्लॉक के चिचोली गांव में 24 जून की रात लगभग 12 बजे एक आपत्तिजनक और भावनात्मक मामला सामने आया, जिसने पूरे गांव में आक्रोश फैला दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि एक व्यक्ति को गौमाता के साथ अनुचित अवस्था में देखा गया। घटना के बाद लोगों ने उसे तुरंत पकड़कर खरोरा थाना पुलिस को सौंप दिया।

इस घटना की जानकारी बजरंग दल खरोरा इकाई के कार्यकर्ता पप्पू सेन ने दी। उनके अनुसार, यह घटना बीती रात हुई और स्थानीय लोगों की धार्मिक भावना को गंभीर रूप से ठेस पहुंची है। संगठन ने मांग की है कि आरोपी पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कर ली है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक आरोपों की पुष्टि नहीं की है और फिलहाल मामले की प्राथमिक जांच जारी है।

यह मामला सोशल मीडिया पर भी जोरशोर से वायरल हो रहा है। कई यूजर्स इसे रायपुर के पुरानी बस्ती और शंकर नगर थाना क्षेत्रों में पूर्व में सामने आई घटनाओं से जोड़कर देख रहे हैं। लोग चिंता जता रहे हैं कि अगर गौमाता जैसी पूजनीय और संरक्षित मानी जाने वाली जीव भी सुरक्षित नहीं हैं, तो यह समाज के लिए गंभीर संकेत है।

यह समाचार बजरंग दल के कार्यकर्ता द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है।

बरसात में कांग्रेसियों का शिक्षा नीति के खिलाफ प्रदर्शन, DEO कार्यालय का घेराव

बस्तर। बुधवार सुबह से जारी बारिश के बीच कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय का घेराव करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राज्य सरकार द्वारा स्कूलों और शिक्षकों के “युक्तियुक्तकरण” (rationalization) नीति के विरोध में किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इसे शिक्षा विरोधी कदम बताते हुए राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा।

स्कूल बंदी के खिलाफ कांग्रेस का विरोध

बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार ने चुनाव से पहले 45 हजार शिक्षकों की भर्ती का वादा किया था, लेकिन अब वह 10 हजार से ज्यादा स्कूलों को बंद करने जा रही है। उन्होंने सरकार पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि स्कूल बंद न करने की बात कही जा रही है, जबकि जमीनी सच्चाई कुछ और है। मौर्य के मुताबिक, यह निर्णय दूरदराज के क्षेत्रों—जैसे बस्तर, सरगुजा और जशपुर—की शिक्षा व्यवस्था को गहरा नुकसान पहुंचाएगा।

शिक्षक भर्ती नहीं, पद खत्म किए जा रहे

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव में 57 हजार शिक्षकों की भर्ती का वादा किया था, लेकिन अब तक केवल 33 हजार की भर्ती हुई है। मौजूदा बजट में 20 हजार और हाल में 5 हजार पदों की घोषणा की गई है, मगर 45 हजार शिक्षक पद खत्म कर दिए गए हैं। इससे न केवल शिक्षकों का भविष्य अंधकारमय हो गया है, बल्कि बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है।

“शिक्षा व्यवस्था चौपट कर रही सरकार”

कांग्रेस के ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला ने कहा कि यह नीति शिक्षा के स्तर को गिराएगी। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्ववर्ती रमन सिंह सरकार के दौरान भी करीब 3,000 स्कूल बंद किए गए थे, जिन्हें कांग्रेस सरकार ने फिर शुरू किया था। लेकिन अब एक बार फिर बिना जनसुनवाई के ऐसा निर्णय लिया जा रहा है।

बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल और कांग्रेस नेता रेखचंद जैन ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि उसने शिक्षा को कभी प्राथमिकता नहीं दी। उल्टा शिक्षकों की भर्ती रोक कर और स्कूल बंद कर शिक्षा की गुणवत्ता को कमजोर किया जा रहा है।

प्रदर्शन में कई वरिष्ठ नेता शामिल

प्रदर्शन में पूर्व विधायक राजमन बेंजाम, चंदन कश्यप, पूर्व महापौर जतिन जायसवाल, जाहिद हुसैन, राजेश राय, बलराम यादव, संतोष सेठिया, लक्षमण कश्यप, बीरसिंह, सहदेव नाग, गणेश बघेल समेत कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने मिलकर राज्य सरकार से नीति वापस लेने की मांग की।

रायपुर की बेटियों का बॉलीवुड में जलवा: छोटे शहर से बड़े परदे तक का शानदार सफर

बॉलीवुड की चकाचौंध से भरी दुनिया में अपनी जगह बनाना आसान नहीं होता, खासकर जब आप किसी छोटे शहर से आते हों। लेकिन रायपुर की तीन होनहार बेटियों – अदिति भतपहरी, अदिति संध्या शर्मा और उन्नति दावड़ा – ने इस चुनौती को न सिर्फ स्वीकारा, बल्कि अपनी मेहनत और प्रतिभा से हिंदी सिनेमा में अपनी खास पहचान भी बनाई।

इंजीनियरिंग, लॉ और ब्यूटी कॉन्टेस्ट्स से होते हुए इन्होंने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा और साबित कर दिया कि रायपुर सिर्फ सांस्कृतिक नहीं, अब अभिनय की उभरती राजधानी भी बनता जा रहा है। इनकी कहानियां उन तमाम लड़कियों के लिए मिसाल हैं जो छोटे शहरों से बड़े सपने लेकर निकलती हैं।

फाइटर की फ्लाइट कैडेट बनीं अदिति संध्या शर्मा

रायपुर के होली क्रॉस स्कूल से पढ़ाई करने वाली और पुणे से लॉ ग्रेजुएट अदिति संध्या शर्मा ने मॉडलिंग और ब्यूटी पेजेंट्स में अपना नाम कमाया। 2023 में फेमिना मिस इंडिया छत्तीसगढ़ की फाइनलिस्ट रहीं और 2024 में ‘फाइटर’ फिल्म के जरिए ऋतिक रोशन और दीपिका पादुकोण के साथ बॉलीवुड में डेब्यू किया। इस फिल्म में वे फ्लाइट कैडेट नेहा जोशी के किरदार में नजर आईं। अदिति फिलहाल एक ओटीटी प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं।

‘हमारे बारह’ की मजबूत बेटी बनीं अदिति भतपहरी

इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद अभिनय की ओर रुख करने वाली अदिति भतपहरी ने सामाजिक मुद्दे पर बनी फिल्म हमारे बारह में ‘अल्फिया’ का मुख्य किरदार निभाया। फिल्म में उन्होंने एक साहसी बेटी की भूमिका अदा की, जो अपनी मां और बहनों के हक के लिए आवाज उठाती है। अदिति के मुताबिक, वे कुछ और फिल्मों के लिए बातचीत कर रही हैं जो जल्द फाइनल होंगी।

मणिकर्णिका की मुंडार बनीं उन्नति दावड़ा

2010 में फेमिना मिस इंडिया ईस्ट का खिताब जीत चुकीं उन्नति दावड़ा भी रायपुर की ही बेटी हैं। उन्होंने 2019 की ऐतिहासिक फिल्म मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी में ‘मुंडार’ का दमदार किरदार निभाया। उन्नति ने ब्यूटी पेजेंट्स, फैशन शोज, बंगाली-पंजाबी फिल्मों और टीवी शो डर सबको लगता है (2016) में भी काम किया है।

इन तीनों ने दिखा दिया कि हुनर और आत्मविश्वास हो, तो कोई मंज़िल दूर नहीं। रायपुर की ये बेटियां अब मायानगरी में चमकते सितारे बन चुकी हैं।

आईसीयू के बाहर महिला मरीज के साथ शर्मनाक चोरी, सिक्योरिटी गार्ड की करतूत सीसीटीवी में कैद

रायपुर के अंबेडकर अस्पताल (ACI) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला मरीज के साथ शर्मनाक चोरी की घटना हुई है। यह घटना 25 जून की रात करीब 12 बजे की है, जब आईसीयू के बाहर बने कॉरिडोर में तैनात एक सिक्योरिटी गार्ड ने अस्पताल में भर्ती महिला मरीज के ब्लाउज में छिपाकर रखे पर्स और मोबाइल फोन को चुपचाप चोरी कर लिया। महिला उस समय नींद में थी और गार्ड की पूरी हरकत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिससे अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों में गुस्सा है और यह चिंता भी गहराने लगी है कि क्या ऐसी घटनाएं हर रात होती हैं?

इस शर्मनाक घटना के बाद भी अब तक अस्पताल प्रशासन या सुरक्षा एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या दोषी गार्ड को सजा मिलेगी। 

राजधानी सूखी, जिलों में झमाझम बारिश! आज फिर मौसम का मिजाज बदलेगा, अलर्ट जारी

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बीते 24 घंटों के दौरान केवल हल्की फुहारें देखने को मिलीं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी में 10 घंटे में सिर्फ 0.4 मिमी और 24 घंटे में कुल 2 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं, प्रदेश के अन्य हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश दर्ज की गई।

प्रदेश में बारिश की अलग तस्वीर

जहां राजधानी लगभग सूखी रही, वहीं बहनीडीह में 8 सेमी, जांजगीर और जनकपुर में 7-7 सेमी बारिश हुई। कांसाबेल और भोपालपट्टनम में 6-6 सेमी, कुटरू, दर्री, अकलतरा, अंतागढ़ और पखांजूर में 5-5 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा भटगांव, कापू, बागबाहरा, सरिया, रतनपुर, धर्मजयगढ़, पामगढ़, बीजापुर, गंगालूर, जैजैपुर और सिलतरा में 3-3 सेमी वर्षा हुई।

सबसे ज्यादा भीगा कौन?

बलरामपुर और जशपुर जिलों में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई। बलरामपुर में 216.7 मिमी और जशपुर में 210.9 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से कहीं ज्यादा है। इसके विपरीत रायपुर में केवल 41.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 62 प्रतिशत कम है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने बताया है कि अगले 24 घंटों में बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर कम दबाव का क्षेत्र विकसित होगा। इसके असर से प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में व्यापक बारिश के आसार हैं, जिसमें कई जगहों पर भारी वर्षा भी हो सकती है।

जिलों की बारिश स्थिति (मिमी में)

जिला बारिश (मिमी) सामान्य से अंतर (%)
बलरामपुर 216.7 +134
जशपुर 210.9 +30
बीजापुर 144.1 -14
दंतेवाड़ा 129.8 +5
कोरिया 128.1 +15
रायगढ़ 119.6 -10
रायपुर 41.6 -62
बेमेतरा 22.9 -79
धमतरी 37.4 -71
दुर्ग 46.4 -65
राजनांदगांव 23.7 -80
सुकमा 45.1 -69

राजधानी का तापमान

रायपुर में बुधवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.3 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री रहा, जो औसत से थोड़ा ऊपर था।

कुल वर्षा आंकड़ा

अब तक प्रदेश में औसतन 138.6 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अभी केवल 93.1 मिमी ही दर्ज की गई है, यानी 33% की कमी।

निष्कर्ष:
राजधानी रायपुर में मानसून की रफ्तार धीमी है, लेकिन प्रदेश के अन्य जिलों में बारिश ने जोर पकड़ लिया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में व्यापक और भारी वर्षा की संभावना जताई है, लिहाजा लोगों को सतर्क रहने की रहने की सलाह दी गई है।  

एमबीबीएस छात्रों के लिए हॉस्टल बनेगा विधायक विश्राम गृह, स्वास्थ्य मंत्री को लिखा गया पत्र, कमेटी ने किया निरीक्षण

पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए अब तक हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध नहीं है। कॉलेज के डीन ने इस गंभीर समस्या को देखते हुए टैगोर नगर स्थित विधायक विश्राम गृह को हॉस्टल में बदलने का प्रस्ताव स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल को पत्र के माध्यम से भेजा है। पत्र के बाद कॉलेज की वार्डन टीम ने स्थल का निरीक्षण भी किया।

इस समय नए हॉस्टल का निर्माण कार्य अधूरा है, जबकि पुराने हॉस्टल को तोड़ दिया गया है। ऐसे में एडमिशन प्रक्रिया अगस्त से शुरू होने जा रही है, और 150 से अधिक छात्रों को रहने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। छात्र और छात्राएं फिलहाल देवेंद्रनगर के निजी मकानों में रह रहे हैं, जहां उन्हें 5,000 से 8,000 रुपये तक किराया देना पड़ रहा है।

कॉलेज प्रशासन पिछले एक साल से सुविधायुक्त आवास की तलाश में जुटा है। डीन ने फुंडहर स्थित कामकाजी महिलाओं के हॉस्टल का निरीक्षण भी किया था, लेकिन वहां कोई कमरा उपलब्ध नहीं होने से उन्हें निराशा हाथ लगी। इसके अलावा देवेंद्रनगर और आसपास के इलाकों में भी उपयुक्त जगह नहीं मिल सकी।

अगर विधायक विश्राम गृह को हॉस्टल के रूप में उपयोग की अनुमति मिलती है, तो छात्रों के लिए बस सेवा, सुरक्षा और वार्डन की व्यवस्था भी की जाएगी।

पूर्व में पुराने स्वास्थ्य संचालनालय भवन को हॉस्टल में बदलने की योजना थी, लेकिन वहां अब तहसील कार्यालय स्थानांतरित हो चुका है। इसी तरह नवा रायपुर शिफ्ट हुए डीएमई कार्यालय भवन को भी हॉस्टल के रूप में विकसित करने की योजना बनी थी, परंतु अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस भवन में लगभग 20 बड़े कमरे हैं, जो छात्रों के रहने के लिए उपयुक्त माने जा रहे हैं। हालांकि, ग्राउंड फ्लोर पर पैरामेडिकल डायरेक्टर और प्रथम तल पर नर्सिंग काउंसिल का दफ्तर संचालित हो रहा है। इन्हें स्थानांतरित कर भवन को हॉस्टल में बदले जाने की योजना है।

एमबीबीएस पाठ्यक्रम में गरीब और जरूरतमंद छात्र भी प्रवेश लेते हैं, जिन्हें महंगे किराए के कारण आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। जब तक नया हॉस्टल पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था को शीघ्र लागू करना अनिवार्य हो गया है।