भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) के 10,450 कर्मचारियों को इस वर्ष भी बोनस (एक्सग्रेसिया) पुराने फार्मूले के अनुसार मिलने की संभावना है। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) प्रबंधन जल्द ही परंपरा के मुताबिक नेशनल जॉइंट कमेटी फॉर स्टील (एनजेसीएस) के यूनियन नेताओं के साथ बैठक करेगा। बैठक के बाद बोनस की तय राशि सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में भेज दी जाएगी।
कर्मचारियों का कहना है कि प्लांट में कर्मचारियों की संख्या लगातार घट रही है, जिसके चलते यूनियन की मांगों का दबाव पहले जैसा प्रभावी नहीं रह गया है। इस वजह से प्रबंधन पर अपेक्षित दबाव बन पाना मुश्किल हो रहा है।
पिछले साल से ज्यादा मुनाफा
वित्त वर्ष 2023-24 में सेल का कर पश्चात लाभ 1,011 करोड़ रुपये था, जबकि 2024-25 में यह बढ़कर 1,178 करोड़ रुपये हो गया। परफॉर्मेंस इंसेंटिव स्कीम (SPIS) के तहत बोनस का भुगतान किया जाता है, जिसमें पिछले और वर्तमान वित्त वर्ष के प्रदर्शन के आधार पर राशि तय होती है।
बोनस बैठक 15 अगस्त के बाद
बोनस को लेकर बीएसपी की संयुक्त यूनियन 15 अगस्त के बाद बैठक करेगी। यूनियन चाहती है कि बोनस फार्मूले को खत्म कर नए सिरे से चर्चा की जाए। हालांकि, प्रबंधन का कहना है कि 2022 में हुए पांच साल के समझौते के तहत मौजूदा फार्मूला लागू रहेगा।
वर्षवार बोनस
-
2024-25: ₹26,500 (बैठक 1 अक्टूबर 2024, बेनतीजा)
-
2023-24: ₹23,000 (बैठक 17 अक्टूबर 2023, बेनतीजा)
-
2022-23: ₹28,000
-
2021-22: ₹21,000
-
2020-21: ₹16,500
-
2019-20: ₹5,500
-
2018-19: ₹13,000
-
2017-18: ₹11,000
इस साल उम्मीद 30 हजार रुपये की
जानकारी के अनुसार इस वर्ष कर्मचारियों को करीब ₹30,000 तक बोनस मिल सकता है। मौजूदा फार्मूले में उत्पादन, उत्पादकता और लाभार्जन के साथ तकनीकी-आर्थिक मानकों को भी शामिल किया गया है। सेलेबल स्टील का 92% टारगेट हासिल करने की शर्त रखी गई है, जिसे तय करने का अधिकार प्रबंधन के पास है। इसी कारण बोनस की गणना भी पूरी तरह प्रबंधन के हाथ में रहती है, जिसका असर कर्मचारियों के लाभ पर पड़ता है।