रायपुर समेत कई जिलों में गरीब और कम शिक्षित लोगों को लालच व बहकावे में लाकर धर्मांतरण कराने का सिलसिला वर्षों से जारी है। 2021 से जून 2025 तक ऐसे 45 मामले दर्ज हो चुके हैं, जबकि 102 शिकायतें पुलिस तक पहुंची हैं। राजधानी की स्लम बस्तियां इस गतिविधि का बड़ा केंद्र बन चुकी हैं, जहां मजदूर और अशिक्षित लोग प्रमुख रूप से निशाने पर हैं। बच्चों को पैसे या गिफ्ट का लालच दिया जा रहा है, वहीं बुजुर्गों को बीमारी ठीक करने का दावा करके प्रभावित किया जा रहा है।
रविवार को कुकुरबेड़ा की बंगाली कॉलोनी में संजू बाघ उर्फ संजू सेनापति के घर में करीब 150 लोग एक विशेष प्रार्थना सभा के लिए जुटे थे, जिसे पास्टर वशिष्ठ भारती संचालित कर रहे थे। बताया गया कि यहां हर रविवार को इस तरह का आयोजन होता था, जिसमें हिंदू देवी-देवताओं को लेकर दुष्प्रचार भी किया जाता था।
स्थानीय निवासी अजय नेताम ने बताया कि उसके भतीजे और परिवार ने हिंदू धर्म छोड़ दिया है, जिससे एक ही घर में दो धर्म के अनुयायी हो गए हैं। इस तरह की स्थिति कई परिवारों में देखने को मिल रही है।
सूचना मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए हनुमान चालीसा का पाठ किया। पुलिस बल की मौजूदगी में प्रार्थना सभा रुकवा दी गई और घर में मौजूद महिलाओं को थाने ले जाया गया। संजू बाघ और पास्टर वशिष्ठ भारती को हिरासत में लिया गया। विरोध के दौरान थाना परिसर में मसीही समाज के एक युवक के साथ मारपीट की गई, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई।
शिकायतों का रिकॉर्ड दर्शाता है कि 2021-22 में 31, 2022-23 में 11, 2023-24 में 16 और 2024-25 में 44 शिकायतें दर्ज हुईं। एएसपी दौलतराम पोर्ते ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। वहीं, विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री बंटी कटरे ने कहा कि गरीब और बीमार लोगों को प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराया जा रहा है और इसका विरोध जारी रहेगा।