Home Chhattisgarh news एनएच पर ट्रक-ट्रेलर की टक्कर में ड्राइवर की दर्दनाक मौत, शव 11 घंटे तक अस्पताल गेट पर पड़ा रहा

एनएच पर ट्रक-ट्रेलर की टक्कर में ड्राइवर की दर्दनाक मौत, शव 11 घंटे तक अस्पताल गेट पर पड़ा रहा

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एनएच पर ट्रक-ट्रेलर की टक्कर में ड्राइवर की दर्दनाक मौत, शव 11 घंटे तक अस्पताल गेट पर पड़ा रहा

सीतापुर (कटनी-गुमला NH): सोमवार देर रात सीतापुर थाना क्षेत्र के बेलगांव नाले के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। कटनी-गुमला नेशनल हाईवे पर ट्रक और ट्रेलर की आमने-सामने टक्कर में ट्रेलर चालक सुनील कुमार (उम्र 37 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि चालक का एक हाथ कटकर अलग हो गया और सिर में गंभीर चोट आने से उसकी तुरंत मौत हो गई।

हादसे के बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतक का शव और घायल ट्रक चालक को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि शव को अस्पताल के चैनल गेट के बाहर ही स्ट्रेचर पर छोड़ दिया गया। मंगलवार सुबह 11 बजे तक शव वहीं पड़ा रहा, जिससे अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों और परिजनों को भारी असुविधा हुई।

बताया गया कि एमआर इंफ्रा लॉजिस्टिक कंपनी के दो ट्रेलर बिश्रामपुर (सूरजपुर) से सामान खाली कर रायगढ़ लौट रहे थे। रात करीब 11 बजे जब ट्रेलर क्रमांक CG 04 PS 3468 बेलगांव नाले के पास पहुंचा, तभी सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक (HR 55 AE 6088) ने सीधी टक्कर मार दी।

ट्रेलर चालक सुनील कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ट्रक चालक को हल्की चोटें आईं। पुलिस ने मृतक के साथी मुकेश कुमार की रिपोर्ट पर ट्रक चालक के खिलाफ धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

सीतापुर अस्पताल के बीएमओ डॉ. शिवनारायण पैंकरा ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शव को गेट पर छोड़ देना बेहद गैरजिम्मेदाराना हरकत थी, शव को पीएम हाउस में रखना चाहिए था। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी पुलिस द्वारा ऐसी लापरवाही सामने आ चुकी है।

पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। लेकिन सवाल उठता है कि आखिर हादसे के बाद शव को मानवीय गरिमा के साथ संभालने में प्रशासन बार-बार लापरवाह क्यों साबित हो रहा है?