मंगलवार को संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ट्रैक्टर लेकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने बिल के विरोध में मोदी सरकार पर निशाना साधा। कहा, केंद्र सरकार की नीयत में ही खोट है। वह सुनियोजित तरीके से जन विरोधी कानूनों को लागू कर रही है। दरअसल, राज्य की भूपेश बघेल सरकार केंद्र के कृषि सुधार बिल के विरोध में मंडी संशोधन विधेयक लेकर आई है। सुबह कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन से ट्रैक्टर लेकर संसदीय सचिव विकास उपाध्याय विधानसभा के लिए निकले।

पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह।

पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह।

विकास उपाध्याय ने कहा, विधानसभा में पारित भूपेश सरकार के नए कृषि कानून को राज्यपाल को मंजूर करना ही पड़ेगा, उन्होंने कहा अनुच्छेद 200 के अनुसार राज्य विधानसभा में पारित कानून को राज्यपाल 14 दिनों से ज्यादा लंबित नहीं रख सकता वह स्वीकृति देगा,पुनर्विचार के लिए लौटाएगा या फिर राष्ट्रपति की अनुमति के लिए आरक्षित रखेगा। विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार अपने पार्टी हित को ध्यान में रख सत्ता में आते ही संविधान में कई अनावश्यक संशोधन कर पूरे देश की प्रजातंत्र को अपने मुट्ठी में करना शुरू कर दिया।

विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत।

विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत।

कोविड से बचने के इंतजाम

कृषि मंत्री रविंद्र चौबे।

कृषि मंत्री रविंद्र चौबे।

विधानसभा में दिनभर की बैठकों के संचालन में कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं। वजह है कोरोना। सदन के अंदर जहां सभी विधायक और सरकार के मंत्री बैठते हैं उन कुर्सियों में कांच के पार्टीशन लगाए गए हैं । इससे एक विधायक से दूसरे विधायक की दूरी बनी रहे और उनमें कोई सीधा संपर्क ना हो इसका ध्यान रखा गया है। वायरस से बचाव के लिए पूरे विधानसभा कैंपस को सैनिटाइज किया जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव।

वक्त- वक्त पर यहां सैनिटाइजर का छिड़काव भी किया जा रहा है। विधानसभा में ज्यादा लोगों को प्रवेश की अनुमति नहीं है। विधायक ही इस सदन की कार्रवाई में हिस्सा लेने पहुंच रहे हैं। एंट्री गेट के पास थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था की गई है । ऑक्सीमीटर से शरीर के तापमान और रक्त संचार की स्थिति को जांचा जा रहा है और थर्मल स्कैनर की मदद से शरीर में बुखार है या नहीं देखा जा रहा है।