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विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना महामारी को रोकने के लिए ठोस उपाय नहीं किए जाते हैं तो वैक्सीन के व्यापक प्रयोग से पहले 20 लाख से अधिक लोगों की मौत हो सकती है। डब्ल्यूएचओ  के आपातकालीन स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रमुख माइक रेयान ने कहा कि जब तक हम प्रयास करेंगे 20 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी होगी। कोरोना वायरस से सामने आने के नौ महीनों में ही करीब 10 लाख लोगों की मौत हो गई है।

माइक रेयान ने कहा कि कोरोना वायरस फैलाने के लिए युवाओं को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। बीजिंग से जारी पीटीआइ की खबर के मुताबिक चीन के नेशनल हेल्थ मिशन के अधिकारी झेंग झोंगवेई ने कहा कि चीन ने डब्ल्यूएचओ से कोरोना की प्रायोगिक वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल के लिए जून में ही मंजूरी ले ली थी।

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उस समय तक वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल भी पूरा नहीं हुआ था। इससे पहले डब्‍ल्‍यूएचओ ने कहा था कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि कोई वैक्‍सीन वायरस के खिलाफ पूरी तरह कारगर होगी…

उधर विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की चेतावनियों के बीच अमेरिका ने कहा है कि कोरोना के टीके के साल के अंत तक आने की उम्मीद है। यदि ऐसा होता है तो यह किसी भी वायरस के टीके को विकसित करने में लगा सबसे कम समय होगा।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव केली मेकनैनी ने अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने वाणिज्यिक स्तर पर निर्माण के संबंध में जो किया है वह महत्वपूर्ण है। डोनाल्‍ड ट्रंप ने पहले ही टीकों के निर्माण की क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर ली है। चूंकि वह एक उद्योगपति हैं इसलिए रिकॉर्ड समय में टीकों को लाने के बारे में सोचते हैं

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