12 june 2020

City News – CN

छत्तीसगढ़ की सरगुजा डिविजन के जंगलों में गुरुवार को एक और जंगली हथिनी मृत पाई गई। वन अधिकारियों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अब पिछले तीन दिन में मरने वाली मादा हाथी की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। तीनों हथिनी एक ही दल की बताई जा रही हैं, लेकिन उनकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। अधिकारियों का मानना है कि तीनों की मौत किसी जहरीली वस्तु के सेवन से हुई है।अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अरुण कुमार पांडे के मुताबिक,गुरुवार को हथिनी का शव बलरामपुर जिले की राजपुर फारेस्ट रेंज में पाया गया, जबकि अन्य दो हथिनी के शव 9 और 10 जून को बराबर के सूरजपुर जिले की प्रतापपुर फारेस्ट रेंज में पाए गए थे। 10 जून को मृत मिली हथिनी गर्भवती भी थी। उन्होंने कहा, तीनों हथिनी की मौत का एक जैसा ही कारण लग रहा है।

तीसरी हथिनी के अवशेषों का पोस्टमार्टम कराया गया है। हालांकि प्रथम दृष्टया पहले मरी दोनों हथिनियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तीसरी मृत हथिनी के शव के लक्षण उनकी मौत प्राकृतिक कारणों के बजाय जहर के कारण होने की संभावना दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा, प्राथमिक जानकारी के हिसाब से हाथियों का एक दल हाल ही में राजपुर से प्रतापपुर के जंगल की तरफ गया है।

इस दौरान इस दल ने 6 और 7 जून की दरम्यानी रात में कारवा गांव में कुछ मिट्टी के घरों पर हमला किया था। यह संभावना है कि इस दौरान तीनों हथिनियों ने महुआ के फूल ज्यादा संख्या में खा लिए या फिर उन्होंने ग्रामीणों के घरों में रखे यूरिया खाद को खा लिया, जिससे उनके अंदर जहर फैल गया। हालांकि अभी तक मौत का पुख्ता कारण पता नहीं चला है। उन्होंने कहा कि वन विभाग इन गांवों में जांच चालू कर दी है।

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