Amazon ने लिया की शुरुआत में 2023 में इतना खराब फैसला, एक साथ 18 हज़ार लोगों पर असर

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सिटी न्यूज़ रायपुर। इस समय यूरोपीय देश आर्थिक मंदी की कगार पर हैं। कई नामचीन कंपनियां और संस्थाएं भी मंदी से जूझ रहीं हैं। इसकी जड़ में दुनिया की सबसे बड़ी ई कॉमर्स वेबसाइट Amazon भी आ गई है। Amazon ने इस साल की शुरुआत में ही अपने कर्मचारियों को एक बड़ा झटका दे दिया है। इस झटके से एक ही पल में 18 हज़ार लोगों की नौकरियां चली जाएंगी और कुछ सड़क पर आने को मजबूर हो जाएंगे। Amazon ने एलान किया है कि कम्पनी में काम करने वाले लगभग 18 हज़ार कर्मचारी 18 जनवरी को अपनी ड्यूटी से मुक्त कर दिए जाएंगे।

Amazon 2023 का सबसे बड़ा Layoff करने जा रहा है। Amazon के इस फरमान से कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई है। दरअसल, विश्वभर की अर्थव्यवस्थाओं पर मंदी के बढ़ते खतरे के बीच छंटनी का सिलसिला लंबे समय से जारी है. अब दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनीयां भी इसकी चपेट में आ गईं हैं। 18 जनवरी 2023 से शुरू होने जा रही इस छंटनी का फरमान कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एंडी जेसी ने एक सार्वजनिक स्टाफ नोट जारी कर सुनाया है. इसके बाद कर्मचारी इस चिंता में हैं कि कहीं उनका नाम तो लिस्ट में नहीं है.

आपको बता दें कि इस बड़ी छंटनी का सबसे ज्यादा असर कंपनी के ई-कॉमर्स और मानव-संसाधन (HR) सेक्शंस में काम कर रहे कर्मचारियों पर पड़ेगा। 18 जनवरी से कंपनी द्वारा प्रभावित कर्मचारियों से संपर्क किया जाएगा. Amazon के मुताबिक अनिश्चित अर्थव्यवस्था को देखते हुए ये कठिन फैसला किया गया है, जबकि हमने पिछले कई वर्षों में तेजी से लोगों को काम पर रखा है. कंपनी में 18,000 लोगों की छंटनी को कॉरपोरेट वर्क फोर्स के हिसाब से देखें तो यह करीब छह फीसदी होता है. अमेजन में इस वर्क फोर्स की तादाद करीब तीन लाख है. Amazon ने इस छंटनी के फैसले के लिए बढ़ती महंगाई और लागत में बढ़ोतरी को भी जिम्मेदार ठहराया है.

हालांकि, ई-कॉमर्स दिग्गज ने पहले से ही इसका ऐलान किया था, लेकिन तब करीब 10,000 लोगों को निकालने की बात कही गई थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 18,000 कर दिया गया है. Amazon ने बीते साल के नवंबर महीने से ही छंटनी की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस छंटनी के ऐलान के बाद Amazon ने प्रभावित कर्मचारियों की मदद का भरोसा भी दिलाया है. सीईओ की ओर से कहा गया है कि जिन कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी उन्हें 24 घंटे पहले नोटिस और सेवरेंस पे दिया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘प्रभावित कर्मचारियों को सेपरेशन पेमेंट के लिए पैकेज का पेमेंट किया जाएगा. इसके अलावा हेल्‍थ इंश्‍योरेंस और नई जॉब खोजने में भी उनकी मदद की जाएगी’.

अमेजन सीईओ Andy Jassy की ओर से ये भी संकेत दिया गया छंटनी के इस तरह के फैसले आगे भी लिए जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि अभी कंपनी काफी मुश्किल भरे दौर से गुजर रही और कारोबार में अनिश्चितता के बादल जब तक खत्‍म नहीं होते, इस तरह के कड़े कदम आगे भी उठाए जा सकते हैं. Amazon के इस फैसले के बाद विश्वभर में उसकी निंदा हो रही है। उसका कारण यह है कि Amazon खुद को नंबर 1 ई कॉमर्स शॉपिंग प्लेटफार्म होने का दावा करता है। अपने प्रचार में करोड़ों रुपए विज्ञापन के लिए खर्च करता है ऐसे में लोगों का कहना है कि लोगों की नौकरी खाने से अच्छा अमेज़न को अपने प्रचार में रोक लगानी चाहिए और विज्ञापन के लिए दिए जाने वाले महंगे पैकेज से बेहतर अपने कर्मचारियों को नौकरी के लिए तनख्वा देनी चाहिए ना की निकाल बाहर करना चाहिए। बहरहाल, देखना होगा कि Amazon का इसपर क्या विचार होता है।