डाक्टर की इंजीनियर पत्नी ने अपने दो माह के नन्हें बच्चे को दूध पिलाया और दे दी जान, : सुसाइड नोट में लिखा – मेरी गलती है…

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दुर्ग, रायपुर में CSPDCL (छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी ) में कार्यरत असिस्टेंट इंजीनियर शिल्पा चंद्राकर (21 वर्ष) ने दुर्ग के पंचशील नगर स्थित अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवती शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज में पदस्थ डॉक्टर निखिल कौशिक की पत्नी थी। उसके पास से एक सुसाइड नोट मिला है। उसमें उसने लिखा है कि इट इज माय फॉल्ट, एंड आई एम रिस्पांसिबल फॉर इट( मतलब ये मेरी गलती है, मैं जिम्मेदार हूं)। इतना लिखकर वह फंदे में झूल गई। पद्मनाभपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

प्रशिक्षु आईपीएस वैभव बैंकर ने बताया कि शिल्पा चंद्राकर का शव मंगलवार दोपहर उनके घर में फांसी के फंदे पर लटका मिला था। शिल्पा बीएसपी एंप्लाई कुलेश्वर प्रसाद चंद्राकर की बेटी थी। दो साल पहले 2020 में उसकी शादी डॉ. निखिल कौशिक से हुई थी। निखिल शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज में पदस्थ हैं। डेढ़-दो महीने पहले दोनों की एक बेटा हुआ है।

पुलिस के मुताबिक डॉ. निखिल मंगलवार सुबह 8.20 बजे अस्पताल के लिए निकले थे। शिल्पा ने उन्हें ब्रेकफास्ट भी बनाकर दिया था। इसके बाद लगभग दो घंटे बाद उनके पड़ोसी ने फोन किया वह लोग काफी देर से बेल बजा रहे हैं, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं दे रहा है। इस पर डॉ. निखिल तुरंत अपने घर पहुंचे। उन्होंने घर के अंदर जाकर देखा तो शिल्पा फांसी के फंदे पर लटकी थी।

दूसरे कमरे में सोया था मासूम

पुलिस के मुताबिक शिल्पा ने मरने से पहले दो माह के बेटे को दूध पिलाकर दूसरे कमरे में सुला दिया था। इसके बाद खुद फंदे में लटक गई। उसने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया इसका पता करने के लिए पुलिस परिजनों व पड़ोसियों से पूछताछ कर रही है। फिलहाल पुलिस ने पति पत्नी के बीच किसी भी प्रकार के विवाद की पुष्टि नहीं की है।