Sunday, September 27, 2020
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भूपेश सरकार निजी स्कूलों के लाखों छात्रों के भविष्य से कर रही खिलवाड़ : बृृजमोहन अग्रवाल

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रायपुर। भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश के निजी स्कूलों के बच्चों को स्कूल प्रारंभ होने के 5 माह बाद भी निशुल्क पुस्तक उपलब्ध नहीं होने को गंभीर लापरवाही बताया है।

उन्होंने आरोप लगाया है कि, प्रदेश सरकार निजी स्कूलों के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने पूछा है कि क्या प्रदेश के निजी स्कूलों के बच्चे इस प्रदेश के बच्चे नहीं।

बृजमोहन ने कहा है कि, शासकीय स्कूल के भी 50 प्रतिशत बच्चों को अभी तक पुस्तक नहीं मिल पाई है। जब कोरोना काल में स्कूल ही नहीं खुल रहे हैं और ऑनलाइन पढ़ाई की बात की जा रही है, तो यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि, बिना पुस्तक के ऑनलाइन पढ़ाई कैसे हो रही होगी।

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बच्चे क्या पढ़ रहे होंगे? शासकीय व अशासकीय छोटे-छोटे स्कूलो में पढ़ रहे गरीब बच्चों के पालक इस कोरोना काल में जब आर्थिक मार से गुजर रहे है बाजार से पुस्तक कैसे खरीद पाएंगे।

अग्रवाल ने कहा है कि, प्रदेश में स्कूली बच्चों को निशुल्क पुस्तकों का वितरण की ओर कोई देखने वाला भी नही है। कोई मॉनिटरिंग का सिस्टम नहीं है। डिपों में पुस्तकें पड़ी हुई है, जहां से स्कूलों को पुस्तक वितरण ही नहीं किया जा रहा है।

स्कूलों के संचालक लगातार विभाग व डिपो के चक्कर काटते-काटते थक चुके हैं। अभी भी सितंबर माह में स्कूलों से दुबारा दर्ज संख्या मांगी जा रही है।

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पुस्तक वितरण की बात तो दूर अभी विभाग दर्ज संख्या को लेकर ही उलझी हुई है और लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। अग्रवाल ने कहा कि, यह स्थिति प्रदेश में पहली बार पैदा हुई है कि स्कूली बच्चों को 5-5 माह बाद भी निशुल्क पुस्तक ही नहीं मिल पा रही है, सरकार की इच्छा शक्ति होती तो डाक या कोरियर से भी प्रत्येक बच्चो के घर में पुस्तक पहुंचाया जा सकता था।

अगर बच्चों को पुस्तक उपलब्ध करा दिया जाता तो कम से कम बच्चे स्कूल प्रारम्भ न हो पाने की स्थिति में अपने घरों में पढ़ाई कर पाते। पूरे प्रदेश के 28 जिलों में अमूमन यही स्थिति है और विभाग का इस ओर ध्यान ही नहीं है।

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