फिर बढ़ी कीमतें : 11 दिन में डीजल 10.57 रुपए महंगा ; देखें कितनी हुई कीमत; सब्जि, तेल और शक्कर में आई तेजी

01 July 2020,

City News – CN  City news logo

बिलासपुर मंगलवार को मिलाकर कुल 11 दिनों में 10 रुपए 57 पैसे की तेजी के बाद अब डीजल 78 रुपए 57 पैसे हो चुका है। चालू माह की 1 तारीख को यह 68 रुपए प्रति लीटर की दर पर चल रहा था।

अब तेजी के बाद बाजार हलाकान है तो ट्रांसपोर्ट कंपनियां बढ़ते खर्च की पूर्ति के रास्ते तलाश रही है। सराफा बाजार को छोड़कर हर सेक्टर डीजल की बेलगाम कीमतों से परेशान है। बीते 10 दिन में जिस तरह प्रति लीटर भाव बढ़े उसके बाद अंतरप्रांतीय कारोबार में प्रमुख ट्रांसपोर्ट सेक्टर अब माल भाड़ा बढ़ाने में लगा है।

यह भी पढ़ें – असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा – मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्मदाह की कोशिश करने वाले गंभीर युवक को देखने – छत्तीसगढ़ सरकार के कोई भी मंत्री विधायक या नेता अभी तक नहीं पहुंचा अस्पताल …अमीत जोगी ने दिया एक लाख रुपये का चेक…!!

खाद्य पदार्थों के परिवहन किराया में 5 से 7 प्रतिशत बढ़ोतरी के बाद लोडिंग की जा रही है तो सब्जियों में यह भाड़ा 8 से 9 फ़ीसदी तक बढ़ाए जा चुके हैं। एक यही क्षेत्र है जिसने सबसे पहले खुदरा बाजार में सबसे पहले कीमतें बढ़ा दी है।

प्रतिदिन भाव तय करने की छूट के बाद पेट्रोल-डीजल कंपनियों को मानो मनमानी करने की छूट मिल गई है। नियंत्रण के प्रभावी कदम नहीं उठाने के बाद यह क्षेत्र कोरोना संक्रमण काल का फायदा उठाने पर आमादा है।

आपदा को अवसर में बदलने का मौका शायद इससे पहले तेल कंपनियों को नहीं मिला। इसलिए देश के इतिहास में यह शायद पहला मौका है जब डीजल की कीमतें पेट्रोल के बराबर आकर खड़ी हो चुकी है।

यह भी पढ़ें – बड़ी खबर : स्वास्थ मंत्री टीएस सिंहदेव देंगे इस्तीफा ; अगर किसानों को अगली फसल के पहले नहीं मिली राशि

सब्जी भाड़ा में 8 से 9 फ़ीसदी की बढ़ोतरी

डीजल की कीमतें बढ़ने का पहला असर फल और सब्जी मंडी पर पड़ चुका है। जल्द खराब होने की वजह से इसे ज्यादा दिनों तक रखा नहीं जा सकता। लिहाजा डीजल की कीमतों में तीसरी तेजी के बाद ही भाड़ा बढ़ा दिया गया।

अपने प्रदेश में आलू के लिए उत्तर प्रदेश तो लहसुन और प्याज के लिए महाराष्ट्र पर ज्यादा निर्भरता है। कुल मांग की 80 प्रतिशत आपूर्ति इन्हीं राज्यों से होती रही है। लिहाजा इन राज्यों की ट्रांसपोर्ट कंपनियों ने छत्तीसगढ़ के लिए माल भाड़ा 8 से 9 प्रतिशत बढ़ा दिए हैं।

इसलिए सब्जी के अधिकांश किस्मों की मांग की आपूर्ति मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और महाराष्ट्र से हो रही है। भाड़ा बढ़ने के बाद आ रही यह सब्जियां अब खरीदी की सीमा से बाहर होती नजर आ रही है।

यह भी पढ़ें – जानिए बॉलीवुड के स्टार आमिर खान ने क्या कहा जब कोरोना पहुंची उनके घर तक।

इस क्षेत्र में 5 से 7 प्रतिशत बढ़ा भाड़ा

खाद्य तेल, गुड, शक्कर और दाल दैनिक उपयोग की चीजों में सबसे पहले नंबर पर है। इनकी मांग की आपूर्ति के लिए हम महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक पर निर्भर है। गुड़ के लिए जहां उत्तर प्रदेश का मुंह ताकना पड़ता है तो शक्कर के लिए महाराष्ट्र तक दौड़ लगानी पड़ती है।

दाल के लिए हमारी निर्भरता शुरू से कर्नाटक पर रही है तो खाद्य तेलों के लिए आंध्र प्रदेश की मदद की दरकार रहती आई है। हालांकि प्रदेश में काफी हद तक राजनांदगांव से आपूर्ति हो रही है लेकिन ब्रांडेड तेलों के लिए हम अब भी पड़ोसी राज्यों पर निर्भर हैं। इन राज्यों से छत्तीसगढ़ के लिए निकलने वाली ट्रकों ने माल भाड़ा में 5 से 7 प्रतिशत वृद्धि की जानकारी कंपनियों तक पहुंचा दी है।

यह भी पढ़ें – रायपुर में इस जगह जल्द शुरू होगी एक और लैब; अब बढ़ेगी कोरोना सैंपल जांच की क्षमता

Breaking -   कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल बुलेटिन किया जारी - आज प्रदेश में 150 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है. जिसमे रायपुर से 96 , कोरोना से आज 2 मौत भी...

टैक्सटाइल्स में 1 प्रतिशत बढा भाड़ा

कपड़ा बाजार के लिए वैसे भी मानसून का सीजन कम ग्राहकी वाला माना जाता है। लेकिन बाद के त्योहारी दिनों की तैयारियों के लिए ऑर्डर इसी माह से दिए जाने लगते हैं। मूलतः गुजरात और राजस्थान पर कपड़ा के लिए निर्भरता पर भी डीजल की बढ़ती कीमतों का असर पड़ेगा।

ट्रांसपोर्ट कंपनियों ने गुजरात और राजस्थान की टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज को सूचना भेज दी है कि वह आने वाले कुछ दिनों में छत्तीसगढ़ के लिए भाड़ा में एक प्रतिशत की वृद्धि कर रहे हैं।

 ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे

   YOUTUBE चैनल को सब्सक्राइब करें  

           WHATSAPP   ग्रुप से जुड़ें          

Source link

Share on :