• मुकेश अम्बानी,गौतम अडानी, श्री श्री रविशंकर, बाबा रामदेव, उमा भारती जैसी 200 हस्तियों की लिस्ट में प्रदेश से सिर्फ शद्दानी दरबार संत का नाम
  • संत युद्धिष्ठिर लाल ने कहा मुझे न्योता मिला है, जाने की तैयारी कर रहा हूं, 5 अगस्त को तय है कार्यक्रम
  • 01 AUGUST 2020
  • City news – Chhattisgarh

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राम मंदिर भूमिपूजन समारोह के लिए छत्तीसगढ़ से एकमात्र संत युधिष्ठिर को न्यौता मिला है। उन्होंने मिडिया से कहा कि मुझे अयोध्या में हो रहे कार्यक्रम का निमंत्रण मिला है, मैं वहां जाने की तैयारी में हूं ।

5 अगस्त को राम मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन होना है। शदाणी दरबार के संत युधिष्ठिर ने बताया कि कुछ दिनों पहले उनका कोरोना टेस्ट किया गया था रिपोर्ट निगेटिव आई है।

इसलिए आने-जाने में अब कोई कठिनाई नहीं हैं। अयोध्या में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में कोरोना संकट के मद्देनजर सीमित लोगों को ही आमंत्रित किया गया है।

देश भर से केवल 150 संतों को आमंत्रित किया गया है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ से अकेले संत युधिष्ठिर लाल को ही आमंत्रित किया गया है।

छत्तीसगढ़ से भगवान राम का नाता

छत्तीसगढ़ का भगवान राम के साथ एक अलग प्रकार का नाता है। माना जाता है कि छत्तीसगढ़ भगवान राम का ननिहाल है।

यहां रायपुर से करीब 20 किलोमीटर दूर मंदिर हसौद के समीप ग्राम चंद्रखुरी में रामजी की माता कौशल्या का जन्म स्थल है। चंद्रखुरी में प्राचीन माता कौशल्या मंदिर भी है।

इसे नए सिरे से बनाने की तैयारी कांग्रेस सरकार ने पूरी कर ली है। प्रदेश में राम वन गमन को लेकर एक टूरिस्ट सर्किट भी बनाया जा रहा है।

यह सर्किट इस मंदिर से होते हुए उन जगहों से गुजरेगा जिन जगहों को लेकर मान्यता है कि भगवान राम ने वनवास के दौरान यहां समय बिताया।

इसलिए बुलाया संत युधिष्ठिर को

संत युधिष्ठिर ने बताया कि उन्हें राममंदिर निर्माण के लिए बनी समिति के पदाधिकारी चंपत राय ने फोन कर न्योता दिया है।

उनसे कहा गया है कि वे 4 अगस्त की रात तक अयोध्या आ जाएं। संत युधिष्ठिर ने कहा कि वे अपने साथ दो भक्तों को भी लेकर जाएंगे।

शद्दाणी दरबार से जुड़े ललित जैसिंघ के मुताबिक दरबार छत्तीसगढ़ का एक तीर्थ है। यहां के प्रमुख होने की वजह से संत युधिष्ठिर को बुलाया गया। पाकिस्तान से भी श्रद्धालु यहां आते हैं।

संत युधिष्ठिर के मुताबिक वे पिछले 40 साल से विश्व हिंदू परिषद की उच्च अधिकार समिति से जुड़े हुए हैं। छत्तीसगढ़ की संस्कृति से जुड़ी कुछ चीजें भी वो अपने साथ अयोध्या ले जाएंगे।

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