RSS प्रमुख मोहन भागवत ने किया कौशल्या माता मंदिर का दर्शन, कांग्रेस नेताओं ने कल दिया था आमंत्रण

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रायपुर: कांग्रेस के निमंत्रण पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत चंदखुरी स्थित कौशल्या माता मंदिर और वीआईपी चौक स्थित राम मंदिर पहुंचे. संघ प्रमुख के साथ संघ के प्रांत संघचालक डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना एवं महानगर संघचालक महेश बिड़ला ने भी कौशल्या माता और राम जी का दर्शन किया. छत्तीसगढ़ के चंदखुरी को माता कौशल्या का जन्मस्थान कहा जाता है. यहां मां कौशल्या का मंदिर है. यह सातवीं शताब्दी का माना जाता है. यहां भगवान श्रीराम की माता कौशल्या की प्रतिमा स्थापित है और रामलला उनकी गोद में विराजमान हैं.दरअसल आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और प्रदेश के 240 से ज्यादा पदाधिकारी रायपुर के जैनम मानस भवन में आयोजित समन्वय समिति की बैठक के लिए रायपुर आए हुए हैं. आरएसएस कि यह बैठक 10 सितंबर से 12 सितंबर तक आयोजित की गई. बैठक के पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरएसएस प्रमुख को कहा था कि वह छत्तीसगढ़ आ रहे हैं तो कौशल्या माता मंदिर और राम मंदिर जाकर जरूर दर्शन करें. आरएसएस की बैठक खत्म होने के बाद सोमवार को आरएसएस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान संघ के सह सरकार्यवाह डॉ मनमोहन वैद्य ने कहा था कि कांग्रेस की तरफ से हमें कोई निमंत्रण नहीं आया है.

कांग्रेस ने आरएसएस पदाधिकारियों को आमंत्रित किया: संघ के सह सरकार्यवाह डॉ मनमोहन वैद्य के निमंत्रण नहीं आने वाले बयान के बाद कांग्रेस नेता गिरीश दुबे ने रायपुर के जैनम मानस भवन जाकर आरएसएस पदाधिकारियों से मुलाकात की. उन्होंने रायपुर के कौशल्या माता मंदिर और राम मंदिर दर्शन करने का निमंत्रण दिया. इसके बाद आज सुबह आरएसएस प्रमुख, संघ के प्रांत संघचालक डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना और महानगर संघचालक महेश बिड़ला के साथ माता कौशल्या और राम भगवान का दर्शन करने पहुंचे.

गौठान देखने के लिए भी आमंत्रित किया: सीएम भूपेश बघेल ने ट्वीट कर कहा है कि ” हमने मोहन भागवत जी को माता कौशल्या मंदिर दर्शन के लिए आमंत्रित किया था. मुझे विश्वास है कि वहां पहुंचकर उन्हें शांति की अनुभूति हुई होगी. मंदिर का नया स्वरूप, मां कौशल्या की ममता, भांचा राम की शक्ति का उन्हें एहसास हुआ होगा.”

सीएम भूपेश बघेल ने ट्वीट कर यह भी कहा है कि ” हम उन्हें गौठान देखने के लिए भी आमंत्रित करते हैं, जिससे गौ माता की सेवा, उन्हें उत्पादकता से जोड़ना जान सकें. संस्कृत अनिवार्य विषय के साथ स्वामी आत्मानंद स्कूल योजना के अंतर्गत तैयार शानदार स्कूल भी यदि देखेंगे तो शिक्षा, संस्कार, आधुनिकता एक साथ जोड़ना भी सीख सकेंगे.”