बड़ी खबर : मेरी हत्या होने की पूरी संभावना… विधायक धर्मजीत सिंह ने अमित जोगी पर लगाए गंभीर आरोप : बीरगांव के सभी पार्षदों और प्रत्यासियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा …

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ विधायक धर्मजीत सिंह को उनकी पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। जिसके बाद विधायक धर्मजीत सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस ली। इस दौरान धर्मजीत सिंह ने अमित जोगी पर कई गंभीर आरोप लगाए और अपनी जान को खतरा बताया। उन्होंने पार्टी के अंदर मतभेत का खुलासा किया। साथ ही कहा कि अब मुझपर कातिलाना हमले होंगे और मेरी हत्या होने की भी पूरी संभावना है।

पार्टी से निष्कासित होने के बाद विधायक धर्मजीत सिंह ने रायपुर प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस ली। इस दौरान विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि जनता कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष रेणु जोगी और प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने मुझे पार्टी से 6 वर्ष के लिए निष्कासित करने का पत्र कुछ आरोपों के साथ जारी किया है। मैं उनके सभी आरोपों को सिरे से खारिज करता हूं और यह निष्कासन अपने कुकर्म को छुपाने के लिए मुझे निष्कासित करने का काम इन लोगों ने किया है।

धर्मजीत सिंह ने कहा कि पार्टी से हटाने के लिए उन पर जो आरोप लगाए हैं वह सारे मनगढ़ंत है असली कारण मैं आपको बताता हूं।

धर्मजीत सिंह ने बताया कि 28 अगस्त 2022 को 12:53 पर अमित जोगी ने मेरी पत्नी को फोन किया और बदतमीजी की जितनी भी सीमा लांग सकते थे वह उन्होंने लांगी। मेरी पत्नी के साथ गंदी शब्दों का इस्तेमाल किया। मेरे बारे में भी गंदी शब्दों का प्रयोग किया गया। मैं जब 1 घंटे के बाद घर आया, मेरी पत्नी रो रही थी उसने बताया कि अमित भैया से मैंने बात की उन्होंने मुझे गाली देकर ऐसी-ऐसी बातें कि जो मैं आपको बता भी नहीं पाऊंगी।

धर्मजीत सिंह ने बताया उनका यह गुस्सा अमित शाह के कार्यक्रम में मैं और प्रमोद शर्मा क्यों गए थे, उसकी बात अमित जोगी को मुझसे करनी थी क्योंकि राजनीति मैं करता हूं और राजनीति में उतार-चढ़ाव भी बहुत देखा हूं। 6 बार विधानसभा चुनाव लड़ा हूं जिसमें से चार बार जीता हूं और दो बार हारा हूं। अमित जोगी की जितनी उम्र है उससे ज्यादा साल से मैं राजनीति कर रहा हूं। अमित जोगी को उम्र की मर्यादा नहीं, महिलाओं के प्रति उसके दिल में सम्मान नहीं है। मेरी पत्नी से उसने दुर्व्यवहार किया। अगर अमित शाह के कार्यक्रम में जाने से उन्हें बहुत ज्यादा पीड़ा थी तो वह मुझसे बात करते। अमित शाह देश के बहुत बड़े नेता हैं, गृह मंत्री हैं और उनके कार्यक्रम में जब मैं गया तो वहां पर कई बड़े लोग थे हमें भी निमंत्रण मिला हम भी गए थे। और कार्यक्रम में शामिल होकर वापस आ गए।

धर्मजीत ने कहा कि राजनीति में सब कुछ बर्दाश्त कर सकता हूं। हार और जीत बर्दाश्त कर सकता हूं लेकिन अपने परिवार के साथ दुर्व्यवहार सहन नहीं कर सकता हूँ।

धर्मजीत सिंह ने व्हाट्सएप का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए खुलासा किया। जिसमें लिखा है- मुझे सूचना मिली है कि स्वर्गीय अजीत जोगी की पार्टी के दो विधायक धर्मजीत सिंह प्रमोद शर्मा अमित शाह से मिलकर उनके साथ विलय करने की पेशकश की है।
अमित शाह ने उनकी इस पेशकश और उसे सिरे से खारिज करने की जानकारी मुझे दी है क्योंकि भाजपा को ज्ञात है कि बिना जोगी के दोनों तथाकथित हीरो जीरो हैं।

ऐसे गद्दारों को मैं पार्टी अध्यक्ष की हैसियत से तत्काल पार्टी की प्राथमिकता सदस्यता से बर्खास्त करता हूं। इन दोनों गद्दारों को अगर दोबारा विधायक बनना है तो वह अपने स्वामी भाजपा के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़े। आज मैं घोषणा करता हूं कि इनके विरुद्ध मैं स्वयं बलौदाबाजार और लोरमी से जोगी पार्टी से चुनाव लड़ूंगा और आप सब के आशीर्वाद से दोनों गद्दारों की जमानत जब्त कराऊंगा।

अमित जोगी के दुर्व्यवहार के लिए रेणु जोगी ने मांगी माफ़ी-

उसके बाद रेणु जोगी ने उन्हें मैसेज लिखकर कहा कि आज के इस घटनाक्रम के लिए मैं अपने परिवार की ओर से हार्दिक खेद प्रकट कर रही हूं। अमित के दुर्व्यवहार के लिए मैं स्वयं बहुत दुखी और शर्मिंदा हूं और आपसे माफी मांगती हूं।

अमित जोगी ने मांगी माफ़ी

दिनांक 8 सितंबर को घटनाक्रम के बाद अमित जोगी ने शाम 5 बजे के करीब व्हाट्सएप मैसेज किया और लिखा, धर्मजीत सिंह ने कहा कि मम्मी की अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण भावना में बह के आप से कुछ अनुचित बातें हो गई जिसके लिए मैं सदैव आपका छमा प्रार्थी रहूंगा पापा के बाद आप ही हमारे परिवार के मुखिया हैं आशा करता हूं कि आप मेरी गलती को क्षमा करेंगे।

ये सारे खुलासा करते हुए धर्मजीत सिंह ने कहा- मैं रेणु जोगी जी का सम्मान करता हूँ। मेरी बीमार पत्नी के साथ उन्होंने दुर्व्यवहारकिया है। ऐसे लोगों को कभी बर्दाश्त नहीं करूंगा। मैंने विधान सभा के अंदर कहा है,रेणु जोगी जी जहां जाना चाहे अपनी राजनीतिक भविष्य तय कर सकती हैं…. हमारा अगर दुश्मन भी है तो हम उनका सम्मान करते है।

धर्मजीत सिंह होंगे अन्य पार्टी में शामिल?

अन्य पार्टी में जाने को लेकर धर्मजित सिंह ने कहा की मैं जहां जाऊंगा मैं जरूर बताऊंगा लेकिन वहां जाऊंगा जहां मेरी सम्मान जनक रूप से चर्चा होगी।

विधायक प्रमोद शर्मा ने कहा – जनता जोगी कांग्रेस अजीत जोगी के जान के बाद पूरी तरह से पार्टी भंग हो चुकी है. मैं चाहता हूँ। अमित जोगी मुझे निष्काशित कर दें। रात को सपना में अमित जोगी जो फैसल करते है वो सोए से बाथ रूम में फैसला करते हैं। इसके साथ ही प्रमोद शर्मा ने कहा मैं अमित जोगी को कह रहा हूँ अगर उनके में हिम्मत है तो मुझे पार्टी से निष्कासित कर दें।जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जोगी में घट रहे उपरोक्त घटना से विचलित जोगी कांग्रेस के रायपुर जिला पूर्व शहर अध्यक्ष डा. ओमप्रकाश देवांगन ने बताया कि नवनियुक्त रायपुर जिला शहर अध्यक्ष व पार्षद श्री बेदराम साहू, बीरगांव नगर निगम के नवनिर्वाचित पार्षद श्री एवज देवांगन,  पार्षद श्रीमती डिगेश्वरी देवांगन , पार्षद श्री अश्वनी चांद्रे,  बीरगांव ब्लाक अध्यक्ष श्री डोमेश देवांगन,  पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री भीखम देवांगन,  वरिष्ठ नेता नन्हू दीवान, बल्लू बंजारे, सोमती धृतलहरे, डा.  ज्वाला प्रसाद धृतलहरे,  डा.  जांगडे,  यस पाटिल,  जोहन चतुर्वेदी,, चतुर्भुज पवार,  नथेला ध्रुव,  महेन्द्र पांडेय,  श्रीकांत तिवारी,  ओमप्रकाश साहू,  राजकुमार साहू,  वासू मानिकपुरी,  भागवत साहू,  ध्रुव राजपुत  भुपेन्द्र साहू, दुर्गेश साहू, रजत साहू, बीरेन्द्र सेन,  उमेश धीवर, दिलीप निर्मलकर,   रमेश नाग, श्रीमती निशा सिंह,  बीरगांव ब्लाक महिला अध्यक्ष श्रीमती कांति वर्मा सहित सभी पार्षद प्रत्यासियों ने भी सामूहिक इस्तीफा दे दिया है, धरमजीत सिंह जी के अचानक निष्कासन के कारण अल्पसमय में केवल कुछ प्रमुखजनों के साथ बैठकर निर्णय लिया गया. लेकिन सोशल मीडिया के माध्यम से जैसे जैसे बाकी सदस्यों को जानकारी मिल रही है फोन करके सभी मित्रगण भी इस्तीफा दे रहे हैं  !! इस्तीफा देने का प्रमुख कारण बताते हुवे डा. ओमप्रकाश देवांगन ने कहा कि जोगी कांग्रेस के सबसे लोकप्रिय और वरिष्ठ नेता धर्मजीत सिंह, जो कि स्व. अजीत जोगी जी के सबसे करीबी और विश्वासपात्र सच्चे मित्र थे, जिन्होने अजीत जोगी जी के साथ और अजीत जोगी जी के बाद भी जोगी कांग्रेस को मजबूत करने में सबसे अहम योगदान दिया, अजीत जोगी जी की तबीयत खराब थी तब धर्मजीत जी एकमात्र एैसे नेता थे जो पल पल जोगी जी के साथ रहे .श्री अजीत जोगी जी के निधन के बाद कईयों ने पार्टी छोड़ दिया मगर धर्मजीत जी ने अभी तक  जोगी पार्टी और जोगी परिवार दोनों को संभाला,  संबल दिया,  एैसे जिम्मेदार वरिष्ठ नेता को उस पर पिछड़ा वर्ग,  जनजाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों का उपेक्षा करने का आरोप लगाकर  निष्कासित किये जाने से हमारा मन बहुत दुखी हुवा है ,  और सर्वसम्मति से इस्तीफा देने का प्रस्ताव पारित किया गया  !!