Big Breaking : विष्णुदेव साय की जगह अरूण साव बने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष : अब नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के भी बदलने की चर्चा , राज्यपाल के लिए इनके नाम की चर्चा….

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भाजपा के छत्तीसगढ़ प्रभारी अजय जामवाल के 3 दिवसीय प्रवास के बाद छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा संगठन में उथल-पुथल मचा हुआ है।

संगठन के अहम् पदों में बदलाव के बाद अब नेताप्रतिपक्ष को दिल्ली तलब किए जाने से संगठन में बड़े बदलाव की बात सामने आ रही है। बता दें कि आज भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय की जगह बिलासपुर सांसद अरुण साव को प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। एकएका हुए इस बदलाव से भाजपा ही नहीं कांग्रेस को भी चौंका दिया है।

अब खबर है कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक को दिल्ली तलब किया है। बता दें कि धरमलाल कौशिक पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के करीबी हैं। वहीं पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय भी उनके करीबी हैं। लेकिन जिस तरीके से पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने विष्णुदेव साय को हटाकर अरूण साव को प्रदेश की कमान सौंपी है उससे कयास लगाया जा रहा है कि पार्टी ,नेता प्रतिपक्ष का चेहरा बदलने पर भी विचार कर सकती है। हालांकि इस पर भाजपा के प्रदेश के नेता कुछ भी कहने से बच हैं मगर संगठन में बड़े फेरबदल की संभावना से इंकार भी नहीं कर रहे हैं।

सूत्रों की माने तो भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने काफी सोच समझकर बदलाव का फैसला लिया है। अगर ऐसा होता है तो प्रतिपक्ष का पद कुरुद विधायक अजय चंद्राकर दिया जा सकता है। चंद्राकर पिछड़ा वर्ग से आते हैं और विधानसभा के बाहर कांग्रेस पर हमलावार होते रहे है। सूत्रों का ये भी कहना है कि साव और चंद्राकर की जोड़ी भाजपा के मिशन 2023 को पूरा करने में पार्टी के लिए मददगार साबित होगी। ये भी कहा जा रहा है कि चूकिं अरुण साव व धरमलाल कौशिक एक ही जिले से आते हैं इसलिए संगठन के दोनों बड़े पदों में बंटवारा किया जा सकता है।

राज्यपाल के रिक्त पदों पर भाजपा के बड़े चेहरे को किया जाएगा शिफ्ट,बृजमोहन का भी बढ़ेगा कद

सूत्रों की माने तो पार्टी ने छत्तीसगढ़ भाजपा के एक बड़े चेहरे को राज्यों में रिक्त पड़े राज्यपाल के पद नियुक्त कर सकता है, इससे संगठन में गुटबाजी भी घटेगी साथ ही अरुण साव को अपनी टीम चुनने में सहुलियत भी होगी।

बता दें इससे पहले भी पार्टी ने संगठन में नेताओं के बीच बैलेंस लाने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश बैस का त्रिपुरा को राज्यपाल बना दिया था। ये भी बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह को भी राज्यपाल बनाए जाने का आफर दिया जा चुका है। वहीं भाजपा के प्लान बी में विष्णुदेव साय को संगठन में राष्ट्रीय पद दिए जाने की बात भी सामने आ रही है। वहीं संगठन से जुड़े पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन को आने वाले वक्त में चुनाव समिति का अहम जिम्मा दिया जा सकता है।