Baghel meets Modi: नरेंद्र मोदी से 5000 करोड़ बकाए की बात करने आए थे छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल, पीएम ने दी एक सलाह, सीएम ने की तारीफ

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भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री से राज्य में विभिन्न नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए केंद्र की सहायता के लिए भी अनुरोध किया।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chhattisgarh chief minister Bhupesh Baghel) ने शनिवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से पांच हजार करोड़ रुपये बकाए की मांग की। उन्होंने केंद्र के पास लंबित 1375 करोड़ रुपये जीएसटी और 4170 करोड़ रुपये कोयला लेवी के रूप में लंबित राज्य के राजस्व हिस्से को जारी करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी से स्थानीय औद्योगिक इकाइयों को कोयले की निर्बाध आपूर्ति के लिए राज्य की नोडल एजेंसी के साथ एक समझौते के लिए SECL को निर्देशित करने और राज्य के माध्यम से चलने वाली यात्री ट्रेनों को रद्द नहीं करने का आग्रह किया।

CM ने दी Millet Mission की जानकारी

मुलाकात के दौरान पीएम मोदी को राज्य में चलाए जा रहे मिलट मिशन (Millet Mission) की जानकारी देते हुए भूपेश बघेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में बाजरा बहुतायत में पैदा होता है। जिसके जवाब में प्रधानमंत्री ने इसकी सराहना की और मुख्यमंत्री को राज्य की राजधानी रायपुर में बाजरा कैफे (Millet Café) खोलने को कहा। राज्य में कोदो कुटकी का समर्थन मूल्य 3000 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है और यहां देश का पहला बाजरा बैंक शुरू किया गया है, जहां 22 प्रकार के बाजरा का उत्पादन होता है।

भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री से राज्य में विभिन्न नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए केंद्र की सहायता के लिए भी अनुरोध किया। सीएम बघेल ने कहा कि 2014 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए गए कोयला ब्लॉकों से अतिरिक्त लेवी की वसूली केंद्र सरकार द्वारा की गई है। सीएम बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के कोयला ब्लॉकों से बरामद 4170 करोड़ रुपये की राशि को हस्तांतरित करने के लिए केंद्र सरकार से कई बार अनुरोध किया गया है।

CM ने की PM की तारीफ …

वहीं भूपेश बघेल ने इस दौरान पीएम मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “हमने छत्तीसगढ़ के मुद्दों को लेकर पीएम से मिलने का समय मांगा था। लेकिन शुक्रवार को पीएम की माता जी के निधन के बाद मैंने बैठक आगे करने का अनुरोध किया। लेकिन जवाब आया कि कार्यक्रम तय समय अनुसार ही होगा। शायद ही ऐसा उदाहरण देखने को मिलता है कि ऐसा होने के बाद भी कोई सारे कार्यक्रम यथावत करे। कल भी सारे कार्यक्रम किए और आज मुझे सबसे पहले समय दिया।”