राष्ट्रपति चुनााव : आजाद भारत की प्रथम आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनी श्रीमती द्रोपदी मुर्मु …

713

छत्तीसगढ़ की एक मात्र क्षेत्रीय राजनीतिक दल JCCJ ने भी दिया था समर्थन….

नई दिल्ली। देश के 15वें राष्ट्रपति के नाम का इंतजार अब से कुछ देर में खत्म हो जाएगा। राष्ट्रपति चुनाव में पहले राउंड के वोटों की गिनती पूरी हो गई है। इसमें सांसदों के वोटों की गिनती हुई है। चुनाव अधिकारी ने बताया कि द्रौपदी मुर्मू को 540 और यशवंत सिन्हा को 208 सांसदों का वोट मिला है। 15 वोट रद्द हो गए हैं।
द्रौपदी मुर्मू का वोट वैल्यू 3 लाख 78 हजार है जबकि यशवंत सिन्हा का वोट वैल्यू 1 लाख 45 हजार 600 है। संसद के कमरा नंबर 63 में सांसदों के वोटों की गिनती पूरी होने के बाद अब राज्यों के वोटों की काउंटिंग शुरू हो गई है। इसके बाद जीते हुए प्रत्याशी का ऐलान किया जाएगा।एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का जीतना लगभग तय है। अगर ऐसा होता है तो वे देश की पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति होंगी। इधर, काउंटिंग के बीच द्रौपदी मुर्मू के गांव में जश्न शुरू हो गया है। लोग ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के जरिए मुर्मू की जीत के आधिकारिक ऐलान का इंतजार कर रहे हैं। ओडिशा के रायरंगपुर में मुर्मू के गांव और ससुराल में लड्डू भी बनकर तैयार है।रायपुर,  जोगी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा कि  आज का दिन ऐतिहासिक और गौरव का क्षण है। आज पहली बार आजाद भारत में ओडिशा राज्य की एक आदिवासी बेटी देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति का चुनाव जीती है जिससे ना सिर्फ आदिवासी बल्कि सम्पूर्ण भारतवासी गर्व महसूस कर रहे है।  स्व. अजीत जोगी जी के विचारधारा के अनुरूप ही हमारी पार्टी ने श्रीमती द्रोपदी मुर्मु को राष्ट्रपति पद के लिए अपना भी समर्थन दिया और अपनी छोटी सी भूमिका निभाते हुए छत्तीसगढियो का मान बढ़ाया ।